“कंदील की सच्चाई: आगा जान का सबसे खौफनाक राज़ और जफर की मौत का सच”
Bebas aaga jaan😔
हाशिम आगा जान के रूम में के अंदर दाखिल हुआ तो उसने देखा।
आगा जान जफर चाचा की फोटो के पास खड़े हुए थे। हाशिम को समझने में देर नहीं लगी, के इस वक्त आगा जान शिद्दत से जफर चाचा को याद कर रहे थे।
क्या हुआ आगा जान आप ठीक तो है ना?
हाशम ने आगा जान के नजदीक आते हुए आगा जान से यह सवाल किया।
जी छोटे नवाब साहब , हम बिल्कुल ठीक हैं।
आगा जान ने बमुश्किल मुस्कुराने की कोशिश की, आगा जान हाशिम से बहुत प्यार करते थे।
इसलिए वो हाशिम को छोटे नवाब कहकर बुलाते थे।
हाशिम को लग रहा था, कि इस वक्त आगा जान बड़े ही दर्द की कैफियत से गुजरे हो।
लगता है आपको अपने सबसे छोटे बेटे की याद आ गई है।
हाशिम बहुत गौर से उनकी तरफ देखता हुआ बोला।
आगा जान ने मुस्कुराते हुए अपने सर को नीचे कर लिया जैसे वह अपना दर्द छुपाने की कोशिश
कर रहे हो।
क्या बात है, आगा जान आप मुझे बता सकते हैं ।
अपना दोस्त समझ कर, अपना राजदार समझ कर?
मैं प्रॉमिस करता हूं, कि मैं आपकी बात किसी से नहीं कहूंगा।
आपके राज को राज ही रखूंगा अपने दिल में।
हाशिम चाहता था, कि वह जो बात उनके दिमाग में चल रही है वह हाशिम को बताकर
अपने दर्द को हल्का करें।
आओ बारखुरदार यहां बैठो हमारे पास सोफे पर।
वह अपनी छड़ी से टेक लगाते हुए।
अपने पुश्तैनी सोफे पर बैठे हुए बोले।
उनके साथ हाशिम भी बैठ गया।
फिर आगा जान ने जफर की जिंदगी का बहुत बड़ा सा जो उन्होने सबसे छुपा कर रखा था।
वह हाशिम को बता दिया।
और हाशिम ये बात सुनकर शॉक्ड हो गया।
इसका मतलब है आगा जान, के जफर चाचा ने दो शादी की थी।
हाशिम बोला।
हा ,नवाब साहब ने अपनी गर्दन को हां में हिलाया।
फिर अब उनकी बेटी और उनकी बीवी कहां है ,आगा जान?
हाशिम सच्चाई तक पहुंचाना चाहता था।
हाशिम इस वक्त आया तो आगा जान के रूम में जिल्ले हुमा के बारे में जानने के लिए था।
लेकिन आगा जान ने इतनी बड़ी सच्चाई से उसे आगाह किया था।
वो जिल्ले हुमा की बात भूल गया था।
हाशिम ने जैसे ही यह बात कही।
आगा जान फूट-फूट कर रोने लगे।
नहीं आगा जान आप बहुत बहादुर हो।
इस तरह मत रोइए, मैंने जिंदगी में आपको कभी हारते हुए और कभी रोते हुए नहीं देखा।
आज पहली बार मैंने इतनी बेबसी से आपको रोते हुए देखा है।
हाशिम को बहुत अफसोस हो रहा था ,उनके इस तरह रोने पर।
क्योंकि आज वह शख्स हाशिम के सामने रो रहा था।
जिसने? जिंदगी में इतने बहुत से फैसले किए थे ।
और जिसको अपने फैसले पर कभी पछतावा नहीं हुआ था।
जिसकी आंखों में पानी तक नहीं आया था ।
आज वह इंसान इस तरह रो रहा था।
जैसे कोई गुनाह किया हो उसने।
जफर जब 2 साल बाद अमेरिका वापस गया।
तो उसे पता चला कि उसकी बीवी को उसके जुदा होने का इतना सदमा हुआ है।
के वो दिन पर दिन घुलती ही जा रही है?
तब जफर अपनी बेटी और बीवी को इंडिया वापस लेकर आ गया था।
मगर मेरा हुक्म था, कि उसकी बीवी और बच्ची इस हवेली में कभी नहीं आएंगे।
उस पर भी उसने मेरे को हुक्म की ताबेदारी की ,वह अपनी बीवी और बच्चे को कभी हवेली में लेकर नहीं आया।
उसने हवेली से दूर एक दूसरा घर ले लिया था।
जिसमें वह अपनी बीवी और बच्चे के साथ रहता था।
और उसकी दूसरी बीवी नूर से हमने यह कह दिया था।
वह अमेरिका में ही अपना बिजनेस देख रहा है, बहुत जल्द इंडिया वापस आ जाएगा।
मगर जफर अब हवेली वापस नहीं आना चाहता था।
और मेरे गलत फैसले की सजा नूर को मिल रही थी।
नूर शरीफ और कम बोलने वाली लड़की थी।
उसको भी यह समझ में आ रहा था।
कि हम लोगों ने उससे कुछ छुपाया है।
मगर फिर भी उस लड़की ने कुछ नहीं कहा।
फिर एक दिन।
आगा जान बताते हुए कुछ लम्हों के लिए खामोश हो गए। बताइए आगा जान फिर क्या हुआ?
आगा जान जब खामोश हो गए, तो हाशिम ने उनसे पूछा।
फिर एक दिन नूर ने हमें हाशिम से फोन पर बात करते हुए सुन लिया था।
उस वक्त कंदील की पैदाइश होने वाली थी।
नूर ये सुन कर फर्श पर गिर गई।
और उसके लीवर पेंट होना शुरू हो गए।
हवेली के सारे लोग घबराकर नूर को अस्पताल में लेकर चले गए।
हम उस वक्त जफर से इतना गुस्से थे।
कि हम अस्पताल की जगह सीधे जफर
के घर चले गए।
हमें लग रहा था, यह सब जफर की बीवी और बच्ची की वजह से हुआ है।
नूर की हालत के जिम्मेदार वह लोग ही हैं।
हाशिम बहुत ध्यान से और खामोश होकर आगा जान की बात को सुन रहा था।
हाशिम के तो वहमो गुमान में यह बात नहीं थी ,कि आगा जान इस तरह से कोई गलत फैसला भी कर सकते हैं।
उसने तो उन्हें हमेशा सही फैसला करते हुए देखा था।
हम जब उसके घर पर पहुंचे।
तो सारे मुलाजिमों के हाथ में बंदूके थी।
जफर कि वह बेटी बहुत प्यारी थी, बिल्कुल गुड़िया की तरह।
आगा जान बता रहे थे, मगर उ उस वक्त हमें उस पर बिल्कुल प्यार नहीं आया।
उस वक्त हमें, वह बहुत बुरी लग रही थी।
जफर की बेटी उसके गोद में थी, हमने बहुत गुस्से से उसकी बेटी को उसकी गोद से छीन लिया।
आगा जान क्या कर रहे हैं, आप कहां लेकर जा रहे हैं मेरी बेटी को?
जफर ने सवाल किया उसके पीछे उसकी बीवी भी डरी हुई खामोश खड़ी थी।
उसकी बच्ची हूं बा हू उसकी बीवी जैसी थी।
आगा जान के होठों पर हल्की सी मुस्कुराहट आई थी, उस बच्चों को याद करके।
जफर जैसे ही अपनी बच्ची को लेने के लिए आगे बढ़ा, सारे मुलाजिमो ने उसकी बीवी पर और जफर पर बंदूक तान ली थी।
मैं उसकी बच्ची को छीन कर गाड़ी में लेकर आगे बढ़ गया। वह बंदूक वाले मुलाजिम भी मेरे साथ ही आ गए थे।
जफर अपनी बीवी के साथ दूसरी गाड़ी में हमारे पीछे आ रहा था।
अचानक से एक ट्रक आया और उनकी गाड़ी से टकरा गया। और वह दोनों ही।
आगा जान बोलते बोलते फिर रूक गए
उन दोनों का वहीं पर इंतकाल हो गया।
आगा जान कहकर।
फिर से फूट-फूट कर रोने लगे।
ओहहहहह हाशिम की ऑखे फट गई ये सुनकर
क्योंकि हाशिम और हवेली के सारे लोगों को सिर्फ यह बात मालूम थी ।
जफर का एक्सीडेंट प्लेन क्रैश होने की वजह से हुआ था? और उसका वहीं पर इंतकाल हो गया।
फिर कुछ देर बाद ये खबर मिली के नूर की भी एक बेटी की पैदाइश हुई है।
कंदील की पैदाइश होते ही नूर का भी इन्तेकाल हो गया।
उसके आगे क्या हुआ उन सब बातों से तुम वाकिफ ,हाशिम आगा जान ने कहा।
आगा जान के लहंजे से आज ऐसा लग रहा था ,जैसे वह बहुत दूर का सफर तय करके आए हो।
और उन्हें सख्त थकान का एहसास हो रहा हो।
जफर चाचा की दूसरी बेटी कहां है आगा जान?
हाशिम ने आगा जान से सवाल किया।
हाशिम के सवाल पर आगा जान अपनी जगह से खड़े हो गए।
और अपने हाथ पीछे करके।
फिर से जफर की फोटो के पास आ गए।
वो लड़की ,, आगा जान ने जैसे ही अपने मुंह से लफ्ज निकले।
उनके फोन पर रिंग बजने लगी।
उन्होंने अपनी जेब से फोन निकाल।
सामने उस नंबर को देखकर।
उन्हें शदीद गुस्सा आने लगा।
मैं तुमसे मना किया है ना ,कि मेरे फोन पर कॉल मत किया करो।
लेकिन तुम बेगैरत और जलील इंसान हो बार-बार मेरे फोन पर कॉल करते हो।
तुम्हें पता है ना मैं तुमसे कितनी नफरत करता हूं।
आगा जान बहुत गुस्से में उस शख्स से बात कर रहे थे।
हां देखो जो मैंने कहा था वह मैंने करके दिखाया।
देख लिया ना तुमने कंदील का फैसला किया था।
अभी भी तुम्हारी समझ में नहीं आया।
आगा जान जोर जोर से बात कर रहे थे।
हाशिम की समझ में नहीं आया, कि आगा जान इतने गुस्से में किस से बात कर रहे हैं।
आखिर कौन था यह शख्स, जिसके फोन पर बात करने से ही आगा जान को बहुत तेज गुस्सा आ रहा था?
और कंदील का नाम लेकर।
आगा जान उससे बात कर रहे थे।
और कितनी पहेलियां है इस कहानी में।
जानने के लिए पढ़ते रहिए
कंदील।
🔥 Next Short Part (Hook / Teaser)
— अगला भाग —
आगा जान का फोन अभी भी उनके हाथ में कांप रहा था।
वो गुस्से में नहीं… अब डर में थे।
हाशिम ने पहली बार उनकी आँखों में खौफ देखा।
“आगा जान…” उसने धीमे से कहा,
“वो दूसरी बेटी… वही है ना… जिसके फोन पर आप बात कर रहे थे?”
आगा जान की आँखें अचानक लाल हो गईं।
उन्होंने भर्राई हुई आवाज़ में बस इतना कहा—
“अगर वह हवेली तक पहुँच गई…
तो कंदील की मौत का सच पूरी दुनिया जान जाएगी…”
और उसी पल हवेली के बाहर एक गाड़ी के ब्रेक की तेज़ आवाज़ गूँज उठी…
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