. मजबूर मोहब्बत और साजिश की शादी: जफर, समरा और नूर की दर्दनाक कहानी
आगा जान की घिनौनी साजिश
नवाब साहब ने जफर साहब को अमेरिका पढ़ने के लिए। भेजा था।
जफर साहब ने पढ़ाई के साथ-साथ अमेरिका में अपना बिजनेस भी सेटल कर लिया था।
और उनका बिजनेस वहां अच्छी तरह चल रहा था।
जफर साहब को अपनी एक क्लासमेट समरा से प्यार हो गया था।
उनकी वह क्लासमेट बहुत ही प्यारी थी।
थी तो वह हिंदुस्तान की, लेकिन उसके नएन नक्श इस तरह के थे जिससे वह बिल्कुल अंग्रेज लगती थी।
उसकी सुनहरी बड़ी आंखें सुनहरे लंबे बाल और जिस्म संगमरमर जैसा सफेद था।
और सबसे बढ़कर उसकी शख्सियत और उसका नेचर था जिस पर जफर साहब फिदा हो गए थे।
जफर साहब ने समरा से वादा किया था, कि वह शादी उसी से ही करेंगे।
अगर जान की अर्जेंट कॉल आने पर जफर साहब को हिंदुस्तान वापस आना पड़ा था।
और यहां वापस आते ही आगा जान ने; उन्हें यह फैसला सुनाया था।
कि उन्होंने जफर साहब की शादी, नूर, नाम की एक लड़की से तय कर दी है।
जफर साहब किसी कीमत पर इस शादी के लिए तैयार नहीं थे क्योंकि वह समरा से वादा करके आ चुके थे?
यहां आकर जफर साहब आगा जान के बनाए हुए जाल में फंस चुके थे।
यहां से जाना चाहा तो उनकी वालिदा ने अपनी मोहब्बत का वास्ता देकर उन्हें रोक लिया था।
मैंने आगा जान को समझाना की बहुत कोशिश की मगर उन्होंने मेरी बात को नही माना, उन्होंने एक शर्त रखी है।
बेगम साहिबा ने आगा जान का फैसला जफर को सुनते हुए कहा।
कैसी शर्त बेगम साहिबा।
जफर के समझ में नहीं आया के उसके सामने कौनसी शर्त रख रहे हैं आगा जान?
आगा जान का फैसला है तुम नूर से मंगनी कर लो।
तयशुदा वक्त पर , शादी मत करना।
बेगम साहिबा ने कहा।
बेगम साहिबा कैसी अजीब सी शर्त है, कि मैं उस लड़की से मन्गनी करलू किसी के जज्बात के साथ खेल लू मै।
आप कैसे बच्चों वाली बातें कर रही है।
शादी किसी से और मन्गनी किसी और से ,क्या आपने मेरी जिंदगी का मजाक बना कर रख दिया है?
जफर को इस बात पर गुस्सा आने लगा।
बेटा तुम हमारी बात समझने की कोशिश करो ,हम इसलिए यह कह रहे हैं।
के अगर अभी तुम आगा जान की बात मान लेते हो ,और उस लड़की से मंगनी कर लेते हो?
तो वह तुम्हें अमेरिका वापस जाने की इजाजत दे देंगे।
लेकिन अगर तुमने मंगनी नहीं कि उस लड़की से।
फिर आगा जान तुम्हें यहां से जाने की इजाजत नहीं देंगे। बेगम साहिबा ने पूरी बात जफर को समझाते हुए कहा।
मगर बेगम साहिबा आप खुद ही सोचिए मैं कैसे कर सकता हूं उस लड़की से मंगनी?
जफर बस एक ही बात पर अड़े हुए थे।
बेटा सिर्फ मंगनी ही तो हो रही है ,निकाह थोड़ी हो रहा है जो तुम इतना परेशान हो रहे हो।
तुम्हारी मंगनी हो जाएगी ,तो आगा जान का मुंह खुद बंद हो जाएगा वह कुछ नहीं कहेंगे।
क्योंकि उन्होंने तुम्हारी और नूर की मंगनी के कार्ड छपवा कर सारी बिरादरी में बाट दिए हैं?
इसलिए अगर तुम नूर से उस तयशुदा वक्त पर मंगनी नहीं करोगे।
तो हमारे घर की और नूर के घर की बदनामी होगी सारी बिरादरी के सामने।
बेगम साहिबा में जफर को समझाते हुए कहा।
काफी देर समझाने के बाद जफर बेगम साहिबा की बात को मान गए थे।
उन्हें इस उलझन से निकलने का दूसरा कोई रास्ता नजर नहीं आ रहा था।
लिहाजा उन्होंने फैसला कर लिया था ,कि वह नूर से मंगनी कर लेंगे।
जब बेगम साहिबा ने नवाब साहब को जफर का फैसला सुनाया कि वह मंगनी के लिए तैयार हो गए हैं।
तो नवाब साहब बहुत ज्यादा खुश हो गए थे।
उन्होंने मांगने की तैयारी करना शुरू कर दि।
तयशुदा वक्त पर जफर और नूर की मंगनी हो गई थी।
यह मंगनी नूर के वालिदैन की मर्जी के मुताबिक हुई थी फेस टू फेस।
अंगूठी पहनते वक्त, जफर ने कुछ लम्हे के लिए नूर को देखा।
बहुत खूबसूरत थी वह लड़की नूर।
मगर जफर साहब के दिल में तो कोई और ही बसी हुई थी।
उन्हें कोई फर्क नहीं पड़ रहा था इस बात का ,कि वह कितनी खूबसूरत है।
उन्होंने तो बेगम साहिबा के कहने पर सिर्फ एक रस्म अदा की थी।
नूर से मांगनी करने के 2 दिन बाद ही जफर साहब अमेरिका रवाना हो गए।
और उन्होंने अमेरिका जाते ही अपने चांद दोस्तों की मौजूदगी में, समरा बुखारी से निकाह कर लिया।
समरा बुखारी और जफर दोनों ही इस निकाह से बहुत खुश थे।
जफर साहब समरा के साथ इतने खुश थे, की कुछ दिन के लिए वह आगा जान बेगम साहिबा, और हवेली को भूल गए थे।
अपनी जिंदगी में मगन होकर अपना बिजनेस सेटलमेंट भी देख रहे थे।
और फिर एक दिन समरा बुखारी ने उन्हें खुशखबरी सुनाई।
जफर बाप बनने वाला थे।
यह सुनकर उन्होंने समरा बुखारी को खुशी से अपनी गोद में उठा लिया।
वह समरा बुखारी की और ज्यादा केयर करने लगे थे। मोहब्बत तो वह उनसे बेपनाह करते थे।
लेकिन इस वक्त उनकी केयर समरा बुखारी के लिए बहुत जरूरी थी।
फिर ये नौ महीने कब गुजर गए पता ही नही चला।
समरा बुखारी ने एक बहुत ही प्यारी ,खूबसूरत सी बेटी को जन्म दिया।
जो हू बा हू समरा बुखारी जैसी ही थी।
जफर ने उसकी गोद में उठाकर, उसके गालों पर किस किया।
समरा यह मेरी प्यारी बेटी ,बिल्कुल तुम्हारी ही जैसी है। उन्होंने समरा की तरफ देखकर कहा।
इस बात पर समरा मुस्कुराने लगी।
अभी वह अपनी बेटी को प्यार करने में मसरूफ थे।
के अचानक से उनके जेब में रखे फोन की बेल बजने लगी?
उन्होंने फोन उठाकर, नंबर देखा तो उस पर आगा जान का नंबर शो हो रहा था।
उन्होंने फोन को रिसीव किया।
आगा जान बहुत ज्यादा घबराए हुए थे ,उन्होंने जफर से कहा कि वह फौरन ही इंडिया वापस आ जाए बेगम साहिबा की बहुत ज्यादा हालत खराब है।
कहीं ऐसा ना हो कि तुम लेट हो जाओ और बेगम साहिबा।
इस दुनिया से ही चली जाए।
यह बात सुनकर जफर का दिल ढहल गया।
उन्होंने सारी सूरत हाल, समरा को समझाइए।
जफर आप मेरी फिक्र मत कीजिए आप बेगम साहिबा के पास चली जाइए ।
मेरे पास मेरी सिस्टर है जो मेरा ख्याल रख सकती हैं।
समरा ने बहुत समझदारी वाला कदम उठाया था।
जफर बिना देर किए, हिंदुस्तान वापस आ गए थे
लेकिन जब वह इंडिया वापस आए तो उन्होंने देखा।
हवेली में हर तरफ शादी की तैयारी हो रही थी।
और बेगम साहब को तो पता भी नहीं था कि आगा जान ने झूठ बोलकर जफर को इंडिया वापस बुलाया था।
जफर इस बात को समझ चुके थे, जबरदस्ती नूर से शादी करने के लिए उन्होंने यह झूठ बोला था ।
और जफर को इंडिया वापस बुलाया था।
आगा जान आप समझने की कोशिश कीजिए मैं एक शादीशुदा इंसान हूं ।
और मेरी बीवी ने अभी मेरी प्यारी सी बेटी को जन्म दिया है। यह कहते वक्त जफर के होठों पर मुस्कुराहट आ गई ।
उसे अपनी बेटी का ख्याल आ गया था।
मैं किसी और से शादी कैसे कर सकता हूं?
जफर साहब ने कहा।
जफर हम तुम्हारी शादी को नहीं मानते।
हमने जिस लड़की से तुम्हारी शादी तय की है उस लड़की से तुम्हारी शादी होकर रहेगी।
चाहे इसके लिए हमें कुछ भी करना पड़े।
आगा जान ने जफर को धमकी देते हुए कहा।
आगा जन में भी आपकी औलाद हूं।
मैं ये शादी हरगिज नहीं कर सकता।
जफर भी इस वक्त आगा जान से बिल्कुल नहीं डर रहे थे।
ठीक है तो जफर तुम्हें हमारी जायदाद में से एक पैसा भी नहीं मिलेगा।
तुम जाओ उस लड़की के साथ ही रहो।
आगा जान ने गुस्से में अपनी कुर्सी से खड़े होते हुए कहा।
मुझे आपकी दौलत मे से एक पैसे की कोई भी जरूरत नहीं है।
अल्लाह ने मेरे बच्ची के नसीब से मेरा बिजनेस बहुत अच्छा बना दिया है।
जफर साहब ने कहा।
जफर दफा हो जाओ हमारी नजरों के सामने से।
आगा जान गुस्से में दहाड़ते हुए बोले।
जफर ने मुस्कुराते हुए आगा जान की तरफ देखा, और उनके कमरे से बाहर निकल गये।
जफर अपने कमरे में जाकर अपने कपड़ों की पैकिंग करने लगे।
वह अपने बैग को अपने कंधे पर टाक ही रहे थे।
अचानक से एक मुलाजिम ने आकर कहा।
आगा जान आपको बुला रहे हैं।
जफर ने वह बैग नीचे रखा।
और आगाजान के रूम की तरफ चल दिए।
आगा जान का फरमान सुनाने के लिए।
जफर साहब आगा जान की पहुंच को नहीं जानते थे।
वह इतने पावरफुल इंसान थे ,कि बैठे-बैठे ही।
कहीं पर भी कुछ भी करवा सकते थे।
और यही इस वक्त हुआ था।
वह किसी से वीडियो कॉल पर बात कर रहे थे ।
उन्होंने अपनी तरफ से कैमरा ऑफ कर रखा था। आगा जान ने फोन जफर को थमाया।
जैसे ही जफर ने सामने का मंजर देखा उसकी आंखों में आंसू आ गये।
वह घुटनों के बल बैठकर, वीडियो कॉल पर देखने लगा। उसके सामने उसकी बीवी और उसकी बेटी थी।
जिनको नकाबपोश बदमाश, बंदूक के घेरे में लिए हुए थे।
आगा जान यह सब क्या है, क्या कर रहे हैं आप उनके साथ?
जफर ने रौन्धी हुई आवाज से आगा जान की तरफ देखते हुए कहा।
जाफर अगर तुमने नूर से शादी नहीं की, तो तुम्हारी बच्ची और बीवी को, यह गनमैन अभी के अभी खत्म कर देंगे। आगा जान लहजे में जरा सी नरमी नहीं थी।
मगर आगा जान वह कोई और नहीं वह पोती है ,आपकी और वह बहू है आपकी।
जफर ने आगा जान को उनके रिश्ते का हवाला देते हुए कहा।
नहीं जफर इनसे मेरा कोई रिश्ता नहीं, मैं नहीं मानता इस शादी को।
वो गुरूर से बोले।
जल्दी फैसला करो जफर तुम्हारे पास ज्यादा वक्त नहीं है। अगर तुमने देर की।
तो अपनी बीवी और बच्ची को खो दोगे।
इस वक्त उसके आगा जान उसे जल्लाद से कम नहीं लग रहे थे।
जो फांसी पर लटकते वक्त कुछ नहीं सोचता है।
ठीक है आगा जान मैं तैयार हूं।
नूर से शादी करने के लिए।
आप मेरी बच्ची और बीवी को कुछ मत कीजिएगा।
उसने आगा जान के सामने हार मानते हुए कहा।
जफर की आंखों से आंसू बह रहे थे।
यह हुई ना मर्दों वाली बात जाओ जाकर दूल्हा बनने की तैयारी करो।
उन्होंने जफर की कंधे पर हाथ मारते हुए कहा।
जफर को डरा धमका कर आगा जान ने नूर से जफर की शादी करवा दी थी।
आगा जान की सोचो का दौरा और लंबा हो सकता था।
अगर दरवाजे पर कोई दस्तक नहीं देता।
कौन है?
आगा जान ने दरवाजे पर दस्तक देते हुए शख्स से पूछा।
आगा जान मैं हूं हाशिम।
हाशिम ने आगा जान को बाहर से आवाज देकर कहा।
आगा जान ने अपनी शेरवानी की जेब से रुमाल निकाला। और अपनी आंखों में आए हुए पानी को साफ करने लगे।
अंदर आ जाओ हाशिम।
उन्होंने वह रुमाल अपनी जेब में वापस रखते हुए कहा।
(Next Short Part) —
जफर रूम में खड़ा सब कुछ समझने की कोशिश कर रहा था।
“बोलो… क्या खबर है?”
आगा जान ने ठंडे लहजे में पूछा।
हाशिम ने धीमी आवाज़ में कहा —
“समरा और बच्ची को उसी जगह शिफ्ट कर दिया गया है, जहाँ तक जफर की पहुँच कभी नहीं हो पाएगी।”
यह सुनते ही जफर के पैरों तले ज़मीन खिसक गई।
उसका चेहरा पीला पड़ गया, आँखों के सामने अंधेरा छा गया।
“आपने वादा किया था…”
जफर की आवाज़ काँप रही थी।
आगा जान ने सख़्त नज़र से उसकी तरफ देखा —
“मैं वादा निभाता हूँ… मगर अपने तरीक़े से।”
जफर समझ चुका था —
ये शादी सिर्फ़ एक शुरुआत थी…
असली क़ैद अब शुरू होने वाली थी।
— जारी रहेगा…
✅ Readers ke liye Message
✨ प्रिय पाठकों,
अगर आपको जफर, समरा और नूर की यह कहानी पसंद आई हो तो इसे अपने दोस्तों के साथ ज़रूर शेयर करें ❤️
कमेंट करके हमें जरूर बताएं कि आपको यह कहानी कैसी लगी और आप इसे किस देश से पढ़ रहे हैं 🌍
आपका एक कमेंट ही हमारे लिए सबसे बड़ी ताक़त है 🙏
धन्यवाद ❤️



Comments
Post a Comment