Doctor Bakhsh Aur Kandeel Ki Emotional Kahani
डॉक्टर बख्श ने कंदील को अपनी बाहो मे उठाकर हवेली के अंदर ले जाकर सोफे पर लिटा दिया।
वहा मौजूद सारी लेडी और जेन्स डॉक्टर बख्श और कंदील की तरफ ही देख रहे थे।
कंदील कंदील उठो कंदील डॉक्टर बख्श कंदील को उठाने की कोशिश करने लगे थे।
फिर ताई अम्मी ने पानी लाकर कंदील के मुंह पर डाला जिससे कंदील कसमसा कर उठने लगी।
कंदील खौफ भरी नजरो से यहा मौजूद लोगो को देखने लगी।
ताई अम्मी क्या हुआ है यहा पर किसका,,,कंदील ने देखा ताई अम्मी और डॉक्टर बख्श कंदील के नजदीक ही है ।
तो उसने उनसे पूछा।
ताई अम्मा उसकी आवाज सुनकर खामोश हो गई ।
और अपनी नजरों को झुका लिया।
तभी कितनी जेंट्स की आवाज आई फातिहा का टाइम हो गया सब अपनी जगह पर ठीक से बैठ जाएं।
बताइए ताई अम्मी किसकी फातिहा हो रही है ।
किसका इन्तेकाल हुआ है, बताइए मुझे प्लीज बताइए। कंदील उनका हाथ पकड़ कर।
रोते हुए बोली।
कंदील बेटा संभालो खुद को तुम्हारी तबीयत खराब हो सकती है।
वो उसके सर हाथ फिराने लगी।
ताई अम्मी कौन नही रहा हमारे बीच मे कौन इस दुनिया से हमेशा के लिए चला गया।
वो ताई अम्मी से लिपट कर रोने लगी।
आगा जान कंदील आगा जान का दो दिन पहले हार्ट अटैक से इन्तेकाल हो गया है।
और आज आगा जान की सोयम की फातिहा है।
वो उनके सीने ये लगी रो रही थी
ताई अम्मी उसके सर को सहला रही थी।
आप लोगो ने क्यो नही बताया मुझे क्यो मै अपने आगा जान का आखरी बार भी चेहरा नही देख पाई।
कंदील की हिचकिया कम नही हो रही थी।
डॉक्टर बख्श खामोश खडे थे।
उन्हे लग रहा था के इस वक्त कंदील का रोना बेहतर है।
मेरी बच्ची चुप हो जाओ ।
तुम्हारे नसीब मे नही था आगा जान को आखरी बार देखना।
डॉक्टर बख्श को पता थी ये बात मगर बेगम साहिब ने मना कर दिया था।
के तुम्हे आगा जान के फौत होने के बारे मे ना बताया जाए।
क्योकी तुम प्रेग्नेंट थी और उसी दिन तुम्हारा ऐक्सीडेनट
हो गया था
हम नही चाहते थे के हमारी बच्ची की सेहत पर कुछ बुरा असर हो।
वो उसको अपने सीने से हटा कर कंदील के चेहरे से ऑसू साफ करने लगी थी।
कंदील बेटा खुद को संभालो तुम अपने बच्चे के लिए
इस तरह सदमा करने से आने वाले बच्चे की सेहत खराब हो जाएगी
जाने वाला चला गया अब इस तरह रोकर तुम अपने बाबा जान को भी तकलीफ पहुंचा रही हो।
ताई अम्मी उसे समझा रही थी।
मगर ताई अम्मी रह रह कर मुझे अफसोस
हो रहा है के मै आखरी बार उन्हे देख लेती मेरे
दिल को सर्ब आ जाता।
उसकी ऑखे और चेहरा रोने से लाल हो गया था।
बेगम साहिबा कहा है ताई अम्मी कंदील ने उनके बारे मे पूछा।
वो आगा जान के रूम मे है और हवेली बाकी के सारे लोग भी उनके पास है।
बेटा बहुत समझदार हो तुम तुमसे गुजारिश करती हू ।
उनके सामने मत रोना नही तो तुम्हे रोता हुआ देखकर बेगम साहिबा परेशान हो जाएंगी।
ताई अम्मी उसे समझा रही थी।
इस वक्त ताई अम्मी और कंदील दोनो ही डॉक्टर बख्श की आमद को भूल चुके थे।
ताई अम्मी कंदील का हाथ पड़कर उसे
आगा जान के रूम मे ले गई डॉक्टर बख्श वहा से हट कर जेन्स के दरमियान आकर बैठ गए थे।
बेगम साहिबा की हालत भी बहुत ज्यादा खराब हो रही थी।
आगा जान का छोड़कर जाने का सदमा उनके दिल पर लगा था।
ज्यादा किसी से बात भी नहीं कर रही थी ।
बस खामोशी रह रही थी।
कंदील उनके पास गई और जाकर उनके बराबर में बैठ गई।
उन्होंने एक नजर कंदील की तरफ देखा।
और फिर खामोशी से अपनी नजरों को झुका कर बैठ गई।
कंदील बेटा तुम्हें किसने बताया।
तुम क्यों आ गई यहां पर?
पता है ना तुम्हारी हालत इस वक्त क्या है ।
तुम पर और तुम्हारे बच्चे पर क्या असर होगा इस चीज का?
बेगम साहिबा को इतने बड़े सदमे में भी कंदील की सेहत का ख्याल आ रहा था।
मैं ठीक हूं बेगम साहिबा बिल्कुल ठीक हूं।
आप मेरी फिक्र मत कीजिए।
कंदील ने बेगम सहिबा से कहा।
वो उनके कंधे से टिक्कर वहीं बैठ गई थी।
घरवाली सब आसपास ही बैठे हुए थे।
आगा बाबा जान की गैर मौजूदगी में यह रूम बिल्कुल। वीरान लग रहा था।
कहने को यहां पर हवेली के सारे लोग ही मौजूद थे।
बस एक आगा जान नहीं थे तो ऐसा लग रहा था।
कि यहां कोई मौजूद नहीं है।
आगा जान की वो कड़कती हुई आवाज।
बो दबदबे वाला लहजा।
इस कमरे में अब वो शख्स मौजूद नही था ।
इतनी खामोशी थी यह कमरा मे, जिस कमरे में आगाजन की आवाज गूंजती थी।
आज इस कमरे में खामोशी पसरी हुई थी।
सब एक दूसरे की शक्ल देख रहे थे, और खामोश हो जा रहे थे।
कंदील आगा जान तुम्हारे लिए कुछ वसीयत कर गए हैं। उन्होंने तुम्हारी प्रॉपर्टी के पेपर तुम्हें देने के लिए कहा था मुझे।
ताया जान ने कहा।
उन्होंने मुझे बताया था कि उन्होंने डॉक्टर बख्श से भी वह पेपर लेने के लिए कहा था।
लेकिन डॉक्टर बख्श ने साफ मना कर दिया ।
कि डॉक्टर बख्श को वो पेपर नहीं चाहिए।
डॉक्टर बख्श ने कहा था ये आपका और कंदील का आपसी मेटर है ।
तो आप लोग इसे आपस में ही सुलझाया तो ज्यादा बेहतर है।
वो पूरी बात कंदील से कह रहे थे।
कंदील इस वक़्त खामोश बैठी थी, वह कोई किसी बात का जवाब नहीं दे रही थी।
उसके दिमाग में बार-बार यही बात आ रही थी।
कि काश वह आगाजन को एक ,बार आखरी बार देख लेती।
तो उसके इस बेचैन दिल को तसल्ली मिल जाती।
मगर अफसोस करने से कोई फायदा नहीं था।
आगा जान तो जा चुके थे।
इस बात को लेकर वो पछता सकती थी ।
और कुछ नहीं कर सकती थी।
ताया जान ने जब देखा कंदील कुछ रिएक्ट नही कर रही है इस बात पर।
तो वो भी खामोश हो गए थे।
कंदील ने एक नजर यहा पर बैठे सब लोगो पर डाली।
सबका चेहरा उदास था।
Is Kahani Me Aage Kya Ho Sakta Hai
Kandeel dheere dheere Aaga Jaan ki kami ko mehsoos karte hue emotional breakdown ka shikar ho sakti hai।
Doctor Bakhsh uska sabse bada sahara ban sakte hain।
Property papers ko lekar haveli me tension ya family conflict shuru ho sakta hai।
Begum Sahiba aur Kandeel ke beech rishta aur gehra ho sakta hai।
Kandeel apne hone wale bachche ke liye khud ko mazboot banane ki koshish karegi।
Ho sakta hai Aaga Jaan ki kisi purani sachchai ya wasiyat ka bada raaz saamne aaye।
Isse Hame Kya Sikh Milti Hai
Apno ki qadar unke hote hue karni chahiye।
Zindagi ka koi bharosa nahi hota।
Mushkil waqt me sabr aur family support bahut zaroori hota hai।
Dard ko chhupane ke bajaye apno ke saath baantna chahiye।
Mohabbat sirf lafzon se nahi, khamosh saath nibhane se bhi hoti hai।
Next Short Part
Kandeel khamoshi se Begum Sahiba ke paas baithi thi।
Uski aankhon se aansu ruk hi nahi rahe the।
Tabhi haveli ke ek naukar ne aakar dheemi awaaz me kaha—
“Taaya jaan… bahar koi aadmi aaya hai। Wo keh raha hai ke uske paas Aaga Jaan ki amanat hai…”
Sabki nazrein ek dusre par tik gayi।
Doctor Bakhsh ne gehri nazar se us aadmi ko dekha।
Aur usi pal haveli ka mahaul ek baar phir se bechain ho gaya…
Readers Ke Liye Shukriya SMS
“Shukriya mere pyare readers ❤️
Aap sabka pyaar aur support hi meri writing ki asli taqat hai।
Aap har episode ko itni mohabbat dete hain, uske liye dil se thankful hoon।
Apni duaon me yaad rakhiye aur isi tarah meri kahaniyon ka saath dete rahiye। 🤍✨”
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