डॉक्टर बख्श का छुपा हुआ राज: मरियम जमाल की खतरनाक साजिश और कंदील पर मंडराता खतरा
डॉक्टर बख्श ने इतनी बेइज्जती करके मुझे हॉस्पिटल से बाहर निकाला ये आप ने ठीक नही किया डॉक्टर बख्श आपने ठीक नही किया ।
मरियम जमाल इस वक्त बहुत गुस्से मे थी।
डॉक्टर बख्श इस बार तो मेरा वार चूक गया आपकी वो कंदील आपकी वाइफ बच गई।
मगर अब ऐसा नही होने दून्गी मै नही होने दूंगी।
मरियम जमाल अपने रूम के समान को गुस्से मे इधर उधर फेक रही थी।
नही डॉक्टर बख्श नही अब मै ऐसा नही होने दूंगी।
कंदील को जाना पढेगा आप की लाइफ से
निकाल फेकून्गी उसे मै बाहर चाहे उसके लिए मुझे कन्दील को जान से ही क्यों ना मारना पड़े?
मैं उससे भी पीछे नहीं हटूंगी।
इस बार में ऐसा दाव फेंकूंगी।
कन्दील बची नहीं पाएगी।
मरियम जमाल कंदील को मारने की प्लानिंग बना रही थी। और उसे इस वक्त उसका चेहरा किसी चुड़ैल से काम नहीं लग रहा था।
उसके मनसूबे बहुत खतरनाक थे।
कंदील तुम्हे मरना होगा मरना ही होगा।
समझी कंदील वह अपने रूम में अकेले चीख रही थी।
ऐसा लग रहा था कि आज वो पागल हो चुकी है
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डॉक्टर बख्श कंदील के नजदीक बैठे थे।
कंदील ने हाथ बढ़ाकर में मेज पर से फोन
उठाया।
किसको कॉल कर रही हो कंदील।
डॉ बख्श ने अपने फोन पर से नजर हटाकर कंदील के ऊपर ध्यान देते हुए कहा।
कंदील हॉस्पिटल से घर आ गई थी।
डॉक्टर बख्श का सारा ध्यान इन दो दिनो मे पूरी तरह कंदील पर ही था।
डॉक्टर बख्श मुझे आगा जान की याद आ रही है ।
ना जाने क्यों ऐसा लगता है कि आज मुझे आगा जान से बात करनी चाहिए?
कंदील का चेहरा इस वक्त कुछ परेशान सा लग रहा था।
डॉक्टर बख्श ने देखा कंदील के चेहरे पर अजीब तरह के तास्सुरात हो रहे थे।
आगा जान का नाम सुनकर डॉक्टर बख्श की आंखें फटने लगी थी।
आगा जान को फोन मत करो।
डॉ बख्श ने घबराकर कंदील के हाथ से फोन ले लिया था। लेकिन डॉक्टर बख्श क्यों आगा जान से बात क्यों ना करूं मैं?
दिल चाह रहा उनसे बात करने का।
कंदील को उम्मीद नहीं थी, के डॉक्टर बख्श उसके हाथ से फोन छीन लेंगे?
कंदील तुम आराम करो आगा जान से फिर बात कर लेना डॉक्टर बख्श बोले।
कंदील ने देखा डॉक्टर बख्श के चेहरे पर हवाईया ऊढने लगी थी।
डॉक्टर बख्श मै तो आराम ही कर रही हू बात कर ने से मेरे आराम मे क्या खलल पढ़ेगी।
कंदील ने डॉक्टर बख्श को बहुत गौर से देखते हुए कहा।
डॉक्टर बख्श का हलक सूखने लगा था कंदील की बात सुनकर।
कंदील तुम्हे भी जिद्द हो गई है मै बोल रहा हू तुम रिलैक्स होकर आराम करो आगा जान से बाद मे भी बात कर सकती हो।
लेकिन तुम्हे तो बात ही नही माननी है मेरी क्योकी मेरी बात की कोई वैल्यू नही समझती हो।
डॉक्टर बख्श को गुस्सा आ गया था।
वो जितना चाह रहे थे कंदील उस एक बात से दूर रहे कंदील उसे ही जानने के लिए आगा जान को
कॅल कर रही थी।
कंदील डॉक्टर बख्श को गुस्से मे देखकर
उनके गुस्से से डर गई थी।
सॉरी डॉक्टर बख्श अगर मेरी वजह से आपको हर्ट हुआ है। तो मुझे माफ कर दीजिए।
मैं नहीं कर रही हूं आगा जान को कॉल।
कंदील ने डॉक्टर बख्श से सॉरी कहा।
कंदील करवट दूसरी साइड में लेकर लेट गई थी।
पता नहीं डॉक्टर बख्श को क्या हुआ है?
आखिर क्यों इस तरह की हरकत कर वो रहे हैं मेरे साथ? सिर्फ आगा जान से कॉल कर बात करने के लिए तो कहा था मैंने।
उस बात पर इतना नाराज हो गए।
कंदील करवट बदलकर सोचने लगी थी।
मेरी गत फीलिंग कह रही है, कि कोई ना कोई बात जरूर है।
जिसको डॉक्टर बख्श मुझसे छुपाने की कोशिश कर रहे हैं?
नहीं तो डॉक्टर बख्श का बिहेवियर मेरे साथ अब ऐसा नहीं रहा है।
वो मेरी बहुत केयर करने लगे हैं।
कंदील सोच रही थी।
क्योंकि जिस तरह से डॉक्टर बख्श बिहेव करे कर रहे थे।
उस तरह से कंदील को सोचने पर मजबूर कर रहा था।
कि शायद कोई बात है जिसे डॉक्टर बख्श कंदील को छुपाने की कोशिश कर रहे हैं?
डॉक्टर बख्श रूम से निकाल कर बाहर की तरफ आ गए थे।
कंदील का फोन उनके हाथ मे ही था।
डॉक्टर बख्श ने बाहर आ कर देखा ,मॉम और डैड बैठकर बातें कर रहे थे।
डॉक्टर बख्श भी जाकर उनके नजदीक बैठ गए।
मॉम ने नोट किया कि डॉक्टर बख्श इस वक्त बहुत परेशान नजर आ रहे थे।
क्या बात है सैफ बेटा तुम इतना परेशान क्यों हो रहे हो?
मॉम ने उसके कंधे पर हाथ रखकर पूछा।
मॉम अब बहुत मुश्किल हो गया, कंदील से वह बातें छुपाना।
मेरी पहुंच के बाहर है अब ये बात।
डॉ बख्श अपने सर को दोनों हाथों में पकड़ कर कह रहे थे।
मगर बेटा अगर अभी कंदील को उस बारे में बताया।
तो उसको बहुत बड़ा शॉक्ड लग सकता है।
वह इस हालत में नहीं है कि कोई भी शॉक्ड बर्दाश्त कर सके।
मॉम डॉक्टर बख्श की बात को सुनकर परेशान हो गई थी।
मॉम मैं पिछले दो दिन से यही कोशिश कर रहा हूं।
कि किसी तरह से कंदील को उस बात के बारे में अभी पता ना चले।
जब वो ठीक हो जाएगी तो खुद-बा खुद उसे यह बात पता चल जाएगी की।
लेकिन अभी उसको यह बात बताना ठीक नहीं है।
डॉक्टर बख्श की आंखें अभी भी बंद थी।
इतना परेशान होने की जरूरत नहीं है बेटा ।
हिम्मत से काम लो अल्लाह सब कुछ ठीक कर देगा।
वह उन्हें समझ रही थी।
जाओ तुम कन्दील रूम मे जाकर उससे कुछ बात वगैरा करो जिससे उसका दिल हल्का हो जाए।
डैड ने मॉम से कहा।
आप ठीक कह रहे हैं ,मैं अभी जाती हूं कंदील के पास।
वो अपने शौहर के कहने पर फौरन उठ गई थी ।
कंदील के पास जाने के लिए?
सैफ बेटा तुम इतनी टेंशन क्यो ले रहे हो सब ठीक हो जाएगा
डॉक्टर बख्श के वालिद उन्हे समझा रहे थे।
डैड कंदील की हालत की वजह से मै हवेली भी नही जा पाया।
डॉक्टर बख्श अपने दोनो हाथो पर अपनी थोड़ी टिकाते हुए बोले।
वो लोग भी सोच रहे होन्गे इतनी बड़ी बात हो गई ।
और मैने एक कॉल भी नही किया।
उन सबके पास ठीक मैसेज नही गया होगा इस बात से
डॉक्टर बख्श कह रहे थे।
आखिर ऐसी कौन सी बात थी, जिससे डॉक्टर बख्श कंदील को दूर रखना चाह रहे थे।
कहानी में आगे क्या हो सकता है
मरियम जमाल की नफरत अब जुनून में बदल चुकी है। वह कंदील को डॉक्टर बख्श की जिंदगी से हटाने के लिए किसी भी हद तक जा सकती है।
संभव है कि वह कंदील के खिलाफ कोई नई साजिश रचे, जिससे कंदील की जान खतरे में पड़ जाए।
दूसरी तरफ डॉक्टर बख्श जिस राज को छुपा रहे हैं, वह शायद कंदील के अतीत से जुड़ा हो सकता है।
शायद आगा जान से जुड़ा कोई ऐसा सच है जो कंदील की जिंदगी को पूरी तरह बदल सकता है।
आने वाले अध्याय में यह भी हो सकता है कि कंदील को डॉक्टर बख्श के इस अजीब व्यवहार पर शक होने लगे और वह खुद उस सच्चाई तक पहुंचने की कोशिश करे।
लेकिन उसी बीच मरियम जमाल की खतरनाक चाल कहानी को और भी खतरनाक मोड़ दे सकती है।
इस कहानी से हमें क्या सीख मिलती है
1. नफरत इंसान को अंधा बना देती है।
मरियम जमाल की जलन उसे एक खतरनाक इंसान बना रही है।
2. सच्चे रिश्ते में भरोसा बहुत जरूरी होता है।
डॉक्टर बख्श कंदील से कुछ छुपा रहे हैं, जो आगे चलकर उनके रिश्ते में गलतफहमी पैदा कर सकता है।
3. सच चाहे जितना छुपाया जाए, एक दिन सामने आ ही जाता है।
4. गुस्से और बदले की भावना इंसान को गलत रास्ते पर ले जाती है।
Next Short Part (कहानी का अगला छोटा भाग)
कंदील अपने कमरे में चुपचाप लेटी हुई थी।
उसकी आंखें बंद थीं, लेकिन नींद उससे कोसों दूर थी।
उसके मन में बार-बार डॉक्टर बख्श का बदला हुआ व्यवहार घूम रहा था।
“आखिर ऐसी कौन सी बात है जो डॉक्टर बख्श मुझसे छुपा रहे हैं…?”
कंदील धीरे से खुद से बुदबुदाई।
उसी वक्त उसका फोन अचानक बज उठा।
कंदील ने फोन उठाकर स्क्रीन की तरफ देखा।
नंबर अनजान था।
उसने धीरे से कॉल रिसीव की।
दूसरी तरफ से एक ठंडी आवाज आई—
“अगर तुम्हें अपनी सच्चाई जाननी है… तो हवेली आ जाओ।”
कंदील का दिल जोर-जोर से धड़कने लगा।
“कौन हो तुम…?” उसने घबराकर पूछा।
लेकिन तब तक कॉल कट चुकी थी।
कंदील को बिल्कुल अंदाजा नहीं था कि यह कॉल उसकी जिंदगी को हमेशा के लिए बदलने वाली थी।
Readers के लिए धन्यवाद संदेश (Shukriya SMS)
प्रिय पाठकों,
मेरी कहानी पढ़ने के लिए आपका दिल से धन्यवाद।
आपका प्यार और समर्थन ही मुझे नई-नई कहानियां लिखने की प्रेरणा देता है।
उम्मीद है आपको यह कहानी पसंद आ रही होगी।
आने वाले अध्याय में और भी रोमांचक मोड़ आपका इंतजार कर रहे हैं।
अपना प्यार और समर्थन ऐसे ही बनाए रखें।
धन्यवाद ❤️
– अफसाना वाहिद



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