“डॉक्टर बख्श और कंदील का रहस्यमयी एक्सीडेंट: मरियम जमाल की वापसी से बढ़ा सस्पेंस”

 



मॉम और डैड दोनों का फेस देखकर ऐसा लग रहा था।

जैसे वो दोनो बहुत ज्यादा टेंशन में आ गए हैं। 

उन्हें कंदील और डॉक्टर बख्श की फिक्र होने लगी थी।

डॉक्टर बख्श मॉम डैड को कंदील के पास छोड़कर बाहर की तरफ आ गए थे।

डॉक्टर बख्श कैसी है इस वक्त कंदील की तबीयत। 

डॉक्टर बख्श  कंदील के रूम के बाहर चेयर पर बैठे हुए कुछ सोच रहे थे ।

जब डॉक्टर इकरा ने उनसे आकर पूछा। 

पहले से तो बेहतर है डॉक्टर इकरा, कंदील की तबीयत। 

मगर अभी उसको वह बात नहीं बताई है जिससे उसे बहुत बड़ा शॉक्ड लग सकता है।

डॉक्टर बख्श बोले।

आप ठीक कह रहे है डॉक्टर बख्श 

क्योंकि अगर उसे वह बात बता दी तो वह ज्यादा टेंशन लेगी जिससे उसकी? तबीयत और ज्यादा बिगड़ सकती है। 

डॉ इकरा ने कहा।

डॉक्टर इकरा ने देखा इस वक्त डॉक्टर बख्श का चेहरा मुरझाया हुआ लग रहा था। 

कोई बात नहीं डॉक्टर बख्श आप हिम्मत रखिए। 

और कंदील को बाद में बता देना आप इस बात को।

जब वह थोड़ा रिलैक्स महसूस करें। 

डॉ इकरा ने डॉक्टर बख्श को बताते हुए कहा। 

जी हां डॉक्टर ऐसा ही करना पड़ेगा। 

डॉ बख्श ने कहा।

मगर डॉक्टर एक बात क्लियर बता दी थी पुलिस ने। 

जो एक्सीडेंट हम दोनों का हुआ था। 

यह कोई नेचुरल बात नहीं थी।

एक जानबूझकर करवाया गया एक्सीडेंट था। 

डॉ बख्श इकरा से कह रहे थे। 

व्हाट डॉक्टर बख्श। 

जानबूझकर करवाया गया एक्सीडेंट। 

डॉ इकरा की आंखें फट गई थी यह बात सुनकर।

जी हां डॉक्टर इकरा क्योंकि पुलिस ने? उस ट्रक ड्राइवर को पकड़ लिया है। 

और उसका कहना यह है कि एक्सीडेंट उसे करवाने के लिए किसी ने पैसे दिए थे। 

डॉक्टर बख्श के चेहरे की तास्सुरात  बदल रहे थे।

मतलब डॉक्टर बख्श कोई आप दोनों की जान के पीछे पड़ा हुआ है। 

डॉ इकरा ने कहा।

जी हां डॉक्टर इकरा एक्सीडेंट से तो ऐसा ही महसूस हो रहा है ।

कोई हम दोनों की जान के पीछे पड़ रहा है। 

डॉ बख्श बोले। 

वह जो कोई भी होगा ना डॉक्टर बख्श। 

जरूर पकड़ा जाएगा। 

डॉ इकरा ने कहा। 

ठीक है डॉक्टर बख्श में इस वक्त चलती हूं मुझे न्यू प्रोजेक्ट की डिटेल। 

डॉक्टर फरहान को सबमिट करनी है। 

डॉ इकरा यह कहकर आगे बढ़ गई थी। 

और डॉक्टर बख्श अभी इन्हीं उलझन में उलझे हुए थे।

उनकी समझ में नहीं आ रहा था कि उनका एक्सीडेंट कौन करवा सकता है? 

और उससे भी बड़ी टेंशन यह थी कि कंदील को अगर सच्चाई  पता चल गई। 

उसके साथ अस्पताल में क्या हुआ है? 

तो कंदील को बहुत बड़ा शॉक्ड लगेगा।

डॉक्टर बख्श सोच रहे थे।

तभी डॉक्टर उसकी नजर सामने से आती हुई मरियम जमाल के ऊपर पड़ी। 

जैसे ही डॉक्टर बख्श ने उसको देखा डॉक्टर बख्श के माथे पर बल पड़ गए थे।

डॉ बख्श अपनी जगह से खड़े हुए। 

और मरियम जमाल के नजदीक पहुंचे। 

तुम इस वक्त इस अस्पताल में क्या कर रही हो ,मरियम जमाल? 

डॉक्टर बख्श को गुस्सा आ गया था मरियम जमाल को यहां देख कर।

डॉ बख्श आप ठीक है ना। 

मुझे पता लगा कि आपको एक्सीडेंट हो गया है। 

डॉ बख्श ने मरियम जमाल के चेहरे को देखा उसको देखकर ऐसा लग रहा था कि मरियम जमाल, बहुत परेशान है इस वक्त। 

डॉक्टर बख्श मरियम जमाल के बाजू को कसके पकड़ के। 

उसे एक साइड में कोने में ले गए। 

तुम्हें यहां आने की क्या जरूरत थी।

किसने कहा था तुम्हे इस अस्पताल में आने के लिए? 

जब तुमसे मैं कह चुका हूं कि तुमसे मुझे कोई रिश्ता नहीं रखना है। 

तो तुम इस तरह से मुझे परेशान क्यों कर रही हो? 

डॉक्टर बख्श ने मरियम जमाल से कहा। 

प्लीज डॉक्टर बख्श ऐसे मत कहिए ।

मुझे आपकी फिक्र हो रही थी ,कि कहीं आपको चोट ज्यादा तो नहीं लगी है। 

इसलिए मुझसे खुद को रोका नहीं गया ।

तो मैं आपका हाल जानने के लिए इस अस्पताल में आ गई। 

मरियम जमाल की आंखों में आंसू थे।

ठीक है अब देख लिया ना कि मैं ठीक हूं। 

अब तुम यहा से  चली जाओ अंडरस्टैंड। 

डॉक्टर बख्श ने अपने दांत दबाते हुए कहा।

और दोबारा कभी हॉस्पिटल में मत दिखाई पढ़ना। 

डॉ बख्श को इस वक्त मरियम जमाल की आमद बुरी महसूस हो रही थी ।

उन्होंने अपने लहजे को दबाते हुए उससे कहा।  

उनके लफ्ज दवे हुए थे  अगर बहुत तेज बोलते तो लोग उन दोनों की तरफ ही देखते। 

मगर डॉक्टर बख्श मेरी बात तो सुनिए आप। 

मरियम जमाल डॉक्टर बख्श से कुछ बोल रही थी। 

मरियम जमाल इस वक्त मैं तुम्हारी फालतू बातें सुनने के बिल्कुल मूड में नहीं हूं ।

मेरा माइन्ड बहुत ज्यादा खराब है। 

डॉक्टर बख्श ने कहा।

बट डॉक्टर बख्श में आपसे कोई ऐसी बात नहीं कहूंगी जिससे आपको गुस्सा आए,मरियम जमाल डॉक्टर बख्श से बोली। 

मरियम जमाल तुम्हारा फेस देखकर ही मुझे तेज गुस्सा आने लगता है।

डॉक्टर बख्श गुस्से भरी नजरो से मरियम जमाल की तरफ घूर कर देख रहे थे।

मरियम जमाल उनके इस तरह देखने पर डर गई थी ।

डॉक्टर बख्श से।

मैंने तुमसे कहा ना मरियम जमाल तुम इस वक्त चली जाओ ।

मुझे अपनी बीवी की तबीयत की वजह से बहुत टेंशन हो रही है। 

और इस वक्त मेरा माइंड काम नहीं कर रहा है। 

डॉ बख्श ने कहा। 

ओके डॉक्टर बख्श चली जाती हूं मैं। 

लेकिन मैं बाद में आपसे मिलने जरूर आऊंगी। 

मरियम जमाल ने इस वक्त हॉस्पिटल से जाना ही बेहतर समझा।

वह कहकर स्टॉल से अपना मुंह छुपाते हुए डॉक्टर बख्श के नजदीक से चली गई थी। 

डॉक्टर बख्श को इस लड़की मरियम जमाल पर बहुत ज्यादा गुस्सा आ रहा था। 

डॉक्टर बख्श नहीं चाहते थे ,कि उनके और मरियम जमाल  के रिश्ते के बारे में किसी को पता चले।

लेकिन वह लड़की बार-बार सामने आ रही थी। 

डॉक्टर बख्श को डर था डॉक्टर बख्श के और मरियम जमाल के रिश्ते के बारे मे किसी को यह पता ना चल जाए।

जब से मरियम जमाल डॉक्टर बख्श की लाइफ मे दोबारा से आई थी।

डॉक्टर बख्श की परेशानियो मे दिन बा दिन ईजाफा हो रहा था।

अभी वो मरियम जमाल की परेशानी से बाहर नही निकल पाए थे। 

डॉक्टर बख्श और कंदील का एक्सीडेंट हो गया।

और दूसरी प्रॉब्लम कंदील की लाइफ की इतनी बडी खुशी 

छीन गई थी उससे🥺🥺🥺🥺




कहानी में आगे क्या हो सकता है

पुलिस को पता चल सकता है कि ट्रक ड्राइवर को पैसे देने वाला कोई ऐसा इंसान है जो डॉक्टर बख्श के बहुत करीब है।

मरियम जमाल का अचानक अस्पताल आना किसी बड़े राज की तरफ इशारा हो सकता है।

कंदील को धीरे-धीरे उस सच्चाई का पता चल सकता है जिससे उसे बहुत बड़ा सदमा लगेगा।

डॉक्टर बख्श को शक हो सकता है कि मरियम जमाल इस एक्सीडेंट से किसी तरह जुड़ी हुई है।

कहानी में सस्पेंस बढ़ेगा और असली दुश्मन सामने आने लगेगा।

इस कहानी से हमें क्या सीख मिलती है

जिंदगी में हर चमकती चीज़ सच्ची नहीं होती, कभी-कभी अपने ही लोग धोखा दे सकते हैं।

मुश्किल समय में इंसान की असली हिम्मत और सच्चा प्यार सामने आता है।

सच चाहे जितना छुपाया जाए, एक दिन सामने जरूर आता है।

Next Short Part

डॉक्टर बख्श अभी भी अस्पताल के कॉरिडोर में खड़े हुए गहरी सोच में डूबे हुए थे।

उन्हें बार-बार मरियम जमाल का चेहरा याद आ रहा था।

“कहीं… इस एक्सीडेंट के पीछे मरियम तो नहीं?”

डॉक्टर बख्श के दिल में एक अजीब सा शक पैदा होने लगा था।

उसी वक्त एक नर्स तेजी से उनके पास आई।

“डॉक्टर बख्श… कंदील को होश आ गया है।”

यह सुनते ही डॉक्टर बख्श के कदम तेजी से कंदील के कमरे की तरफ बढ़ गए।

कंदील ने जैसे ही आंखें खोलीं उसकी नजर सीधे डॉक्टर बख्श पर पड़ी।

“डॉक्टर बख्श… हमारे साथ क्या हुआ था?”

कंदील ने कमजोर आवाज में पूछा।

डॉक्टर बख्श एक पल के लिए खामोश रह गए।

क्योंकि उन्हें समझ नहीं आ रहा था कि कंदील को सच बताएं या अभी भी उससे यह बात छुपा लें।

लेकिन उन्हें नहीं पता था कि कमरे के बाहर कोई खड़ा उनकी हर बात सुन रहा था…

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