मोहब्बत, गलतफहमियाँ और एक नए ख्वाब की शुरुआत
doctor Bakhsh ki mom
वह कंदील का हाथ खींचकर अपने साथ अपने रूम में ले गई।
उन्होंने वहां उसे बेड पर बिठाया।
और कंदील के माथे पर बोसा दिया।
उनके इस तरह बोसा देने पर कंदील की आंखें नम हो गई थी।
क्योंकि उसने अपनी मां को नहीं देखा था?
इस तरह पहली बार किसी ने इतने प्यार से उसे बोसा दिया था।
देखो बेटा यह तुम्हारा फर्स्ट टाइम है इसलिए अभी तुम्हें इसके बारे में ज्यादा जानकारी नहीं है।
तो कुछ बातों को मैं तुम्हें समझाना चाहती हूं।
मॉम के बात करने का अंदाज ऐसा था कि उनकी लहजे में बहुत मिठास महसूस होती थी कंदील को।
कंदील ने उन्हें देखने लगी।
अपने खाने पीने का और अपनी दवाई वगैरा का बहुत ख्याल रखो बेटा। और जितना हो सके हेल्दी फूड का इस्तेमाल करो।
खुश रहो स्ट्रेस लेने की बिलकुल जरुरत नहीं है।
उन्होंने कंदील के सर पर हाथ फेरा।
कंदील ने गर्दन को हां में हिला दिया।
कंदील सैफ तुमसे बेहद मोहब्बत करता है।
उनसे 6 साल तुम्हारा इंतजार किया।
और इन 6 सालों में एक लम्हा में उसने तुम्हें खुद से दूर नहीं होने दिया।
उसके मोबाइल पर स्क्रीन पर हमेशा तुम्हारी पिक रहती थी कंदील।
मॉम आज पहली मर्तबा कंदील को डॉक्टर बख्श के बारे में यह बातें बता रही थी।
कंदील उन्हीं को देख रही थी और उनकी बातों को गौर से सुन रही थी।
और मुझे बहुत खुशी होती थी तुम्हारे लिए उसकी मोहब्बत देखकर।
मगर उस वक्त मुझे बेइंतहा अफसोस हुआ।
जब मैंने सैफ के मोबाइल से तुम्हारी पिक को डिलीट देखा।
क्योंकि इन 6 सालों में पहली बार ऐसा हुआ था।
कि सैफ ने तुम्हारी पिक अपने मोबाइल से डिलीट कर दी थी?
मुझे लग रहा था यह कोई छोटी बात नहीं है कंदील।
मैंने सैफ को समझाया था ,अगर तुम लोगों के बीच में कोई छोटा-मोटा झगड़ा हो गया है, तो तुम उसको सॉल्व कर लो।
क्योंकि गलतफहमियों के दरमियान जिंदगी नहीं गुजारी जा सकती?
और अगर किसी रिश्ते में गलतफहमी हो तो पहले उनको दूर करना बेहतर है।
वह कंदील से कह रही थी ,और यह बात सुनकर कंदील ने अपनी नजरों को नीचे कर लिया था।
मगर अब अल्लाह का लाख-लाख बार शुक्र है कंदील की तुम दोनों फिर से एक साथ हो।
और तुमने हम घर वालों को इतनी बड़ी खुशी से नवाजा है।
उनके चेहरे पर फिर से इस्माइल आ गई थी।
बेटा अगर कभी किसी रिश्ते में कोई गलतफहमी आ जाए या कोई तलख बात का सामना करना पड़े हमें।
तो उसके लिए बेहतर होता है कि हम आपस में बात करें। और उस गलतफहमी और तल्ख हकीकत को अपने रिश्ते के दरमियान से निकाल कर बाहर फेंक दे।
इससे यह बेनिफिट होगा कि हमारा जो रिश्ता है वह भी मजबूत होगा।
जो गलतफहमी है वह खत्म हो जाएगी।
वह बहुत ड्रेसिंग में स्मार्ट खातून लग रही थी इस वक्त। कंदील को उनसे बात करके काफी हल्का महसूस हो रहा था।
जी मॉम मैं आपकी बातों को हमेशा याद रखूंगी।
कंदील ने कहा।
मुझे तुमसे यही उम्मीद है बेटा।
वो फिर से स्माइल करते हुए बोली।
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डॉ बक्श अपने केबिन में बैठे हुए अपने हॉस्पिटल के न्यू प्रोजेक्ट को चेक कर रहे थे।
डॉ फरहान उन्हें सारी डिटेल समझ रहे थे।
तभी आगा जान की कॉल डॉक्टर बख्श के फोन पर आई।
आगा जान उनकी कॉल मेरे फोन पर।
डॉक्टर बख्श सोचने लगे।
फिर उन्होंने कॉल को रिसीव कर लिया।
अस्सलामो अलैकूम।
डॉ बख्श ने आगा जान को सलाम किया।
वालेकुम अस्सलाम बारखुरदार।
आगा जान ने बड़ी खुशदिली से डॉक्टर बख्श की बात का जवाब दिया।
और ऐसा पहली बार हुआ था कि आगा जान ने इतना खुश होकर डॉक्टर बख्श से बात की थी।
खैरियत का आगा जान अपने कॉल किया मुझे।
डॉ बख्श ने आगा जान से सवाल किया।
जी हां बारखुरदार खैरियत ही खैरियत है।
वह अपनी रौबदार आवाज में हंसते हुए बोले।
मैंने इसलिए तुम्हें कॉल किया है ,ताकि मैं तुम्हें यह बता सकूं कि कंदील की जितनी प्रॉपर्टी है।
उसके पेपर्स में अपने वकील के हाथ तुम तक पहुंचा दूंगा। आगा जान ने कहा।
डॉक्टर बख्श को समझ में नहीं आया था कि आगा जान इस तरह से बिहेव क्यों कर रहे हैं?
और इस प्रॉपर्टी से तो डॉक्टर बख्श का कोई मतलब ही नहीं था।
आगा जान आप वो पेपर्स मेरे पास बिल्कुल नहीं भेजे आप वह पेपर अपने ही पास रखें तो बेहतर रहेगा।
और यह कंदील का और आपका आपसी मसाला है। प्लीज अगर इसमें आप मुझे ना लेकर आए।
डॉ बक्श ने बात क्लियर करते हुए कहा।
हम अच्छी तरह जानते थे बेटा कि तुम हमसे इसी तरह की बात कहोगे मगर अब तुमसे शादी करने के बाद यह कंदील का और तुम्हारा आपसी मसाला है।
इन प्रॉपर्टीज के पेपर पर मेरा कोई हक नहीं है।
आगा जान बोले।
फिर भी आगा जान
आप इस मसले का डिस्कशन कंदील से करें तो बेहतर होगा।
मेरे लिए इतनी कुछ इंपॉर्टेंट नहीं है यह बात।
डॉक्टर बख्श ने कहा।
ठीक है बेटा हम कंदील से बात कर लेंगे।
उन्होंने कहा कर फोन को कट कर दिया था।
बड़ी अजीब सी शख्सियत के मालिक है ।
यह आगा जान भी।
न जाने दिमाग में क्या बात चल रही है जो प्रॉपर्टी का मसाला लेकर आ गए?
डॉक्टर बख्श सोचने लगे।
डॉ बख्श हमारे हॉस्पिटल का यह न्यू प्रोजेक्ट लगभग पूरा हो चुका है।
और इसकी बजट में हमें काफी दिक्कत का सामना करना पड़ सकता है।
डॉक्टर बख्श सोच में डूबे हुए थे ,जब डॉक्टर फरहान ने उनसे कहा।
यू आर राइट डॉक्टर फरहान मैं भी यही सोच रहा हूं।
हमें यह जो दिक्कत होने वाली है इस प्रोजेक्ट के बजट में ही होगी।
डॉ बख्श सीने पर हाथ बनते हुए कहा।
घबराने की बिलकुल जरुरत नहीं है डॉक्टर फरहान। अल्लाह इस मसले का हाल भी निकल ही देगा।
डॉ बख्श डॉ फरहान को देखकर स्माइल करते हुए बोले। दुरूस्त कहा अपने डॉक्टर बख्श।
अल्लाह हर मसले का हाल निकलने वाला है।
डॉ फरहान ने कहा।
डॉक्टर बख्श अगर इस हॉस्पिटल के ये बराबर वाली जमीन हम ले लेते है।
तो आप जो कैंसर के पेशेंटो की लिए स्पेशल हॉस्पिटल बनाने के बारे मे सोच रहे।
वो यहा बहुत बेहतर रहेगा।
डॉक्टर फरहान ने डॉक्टर बख्श को मशवरा देते हुए कहा।
बात तो आपकी सही है डॉक्टर फरहान।
मै सोचता हू इस बारे मे डॉक्टर बख्श ने कहा
इस कहानी में आगे क्या हो सकता है
आने वाले हिस्से में मुमकिन है कि आगा जान खुद कंदील से प्रॉपर्टी के बारे में बात करें।
यह बात कंदील के दिल में कई सवाल पैदा कर सकती है, क्योंकि उसने कभी दौलत या जायदाद को अहमियत नहीं दी।
दूसरी तरफ डॉक्टर बख्श अपने अस्पताल के नए प्रोजेक्ट को लेकर और भी गंभीर हो सकते हैं।
वह कैंसर के मरीजों के लिए एक खास अस्पताल बनाने का ख्वाब पूरा करना चाहते हैं।
लेकिन इस रास्ते में पैसों की दिक्कतें और कुछ पुराने दुश्मन नई परेशानियाँ खड़ी कर सकते हैं।
इस कहानी से हमें क्या सीख मिलती है
यह कहानी हमें सिखाती है कि
किसी भी रिश्ते में गलतफहमी सबसे बड़ा खतरा होती है।
अगर हम आपस में खुलकर बात करें तो बहुत सी समस्याएँ हल हो सकती हैं।
सच्ची मोहब्बत सब्र, भरोसे और समझदारी से मजबूत होती है।
इंसान का असली मकसद सिर्फ अपनी जिंदगी नहीं बल्कि दूसरों की मदद करना भी होना चाहिए।
Next Short Part (अगले भाग की झलक)
उस रात कंदील अपने कमरे में बैठी हुई मॉम की बातों के बारे में सोच रही थी।
उसे महसूस हो रहा था कि जिंदगी अब धीरे-धीरे आसान हो रही है।
मगर उसी वक्त डॉक्टर बख्श अस्पताल की खिड़की के पास खड़े उस खाली जमीन को देख रहे थे, जहाँ वह कैंसर के मरीजों के लिए एक नया अस्पताल बनाना चाहते थे।
तभी उनका फोन बजा।
स्क्रीन पर नाम देखकर उनके चेहरे का रंग बदल गया।
यह कॉल आगा जान की थी।
और इस बार उनकी आवाज में एक अजीब सी गंभीरता थी।
“डॉक्टर बख्श… कंदील की जायदाद के बारे में एक ऐसी बात है जो आपको जाननी चाहिए।”
डॉक्टर बख्श का दिल जोर से धड़कने लगा।
उन्हें एहसास हो गया था कि यह बात आगे चलकर बहुत बड़ा मोड़ ला सकती है।
Readers के लिए Shukriya SMS
प्यारे पाठकों,
आपका दिल से शुक्रिया कि आपने इस कहानी को पढ़ा और अपना कीमती वक्त दिया।
आपकी मोहब्बत, दुआएं और हौसला अफजाई ही हमें और बेहतर लिखने की ताकत देती है।
उम्मीद है कि आने वाले हिस्से भी आपको उतने ही पसंद आएंगे।
कहानी के अगले भाग के लिए जुड़े रहिए।
बहुत-बहुत शुक्रिया।



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