झूठे आँसू और साज़िश: मरियम जमाल की चाल और डॉक्टर बख्श की भोली मोहब्बत

 


मरियम जमाल की चाल 

वाह डॉक्टर बख्श बहुत ही भोले हैं आप। 

मैंने थोड़ी इमोशनल एक्टिंग क्या कि आप तो मेरी बात को सही समझने लगे।

वह अस्पताल के बैड से टेक लगाए अपने  एक पैर पर दूसरे पैर को रखे हुए।

सीने पर हाथ बन्धकर शातिराना मुस्कुराहट के साथ हंस रही थी।

कैसे मेरे झूठे आंसुओं को अपने सच समझ लिया।

डॉक्टर बख्श   मरियम जमाल अपनी अक्ल की दाद देते हुए सोच रही थी।

अब देखिए मैं किस तरह से आपको कंदील से अलग करती हूं।

जितने दिन आपको रहना था कंदील  के साथ रह लिए आप। 

लेकिन अब मैं आपको कंदील के साथ नहीं रहने दूंगी।

मरियम जमाल का दाव डॉक्टर बख्श पर बिल्कुल फिट बैठा था। 

जैसा कि उसने सोचा था सब उसके प्लान के मुताबिक ही हो रहा था।

इन 6 सालों को बहुत मुश्किल से गुजरा है मैंने आपकी जुदाई में डॉक्टर बख्श।

अब 6 साल बाद भी मैं अगर आपके पास आकर  ये देखू के आप  अपनी उस चीप बीवी के साथ।

लाइफ एंजॉय कर रहे हैं।

यह  मुझे कैसे बर्दाश्त होगा डॉक्टर बख्श? 

आपके साथ कोई और है।

  ये मै  बर्दाश्त नहीं कर सकती हू। 

कंदील तुम्हें डॉक्टर बख्श की जिंदगी से बाहर निकलना होगा।

  मरियम जमाल अपने आप से बात कर रही थी।

मरियम जमाल डॉक्टर बख्श की जिंदगी में दोबारा इसलिए आई  थी ।

कि वह कंदील को दूर करके खुद डॉक्टर बख्श के साथ रह सके।

वाह मरियम जमाल वाह  क्या गजब की एक्टिंग करती हो तुम? 

तुम्हारी एक्टिंग का कोई जवाब ही नहीं है।

थोड़ी सी गलती हो गई  मुझसे एक्टिंग करते में खुद को तकलीफ देना पड़ गई? 

खुद पर चाकू से वार करना आसान बात नहीं होती है ना। क्योंकि अगर चाकू का वार ज्यादा गहरा नहीं होता।

तो डॉक्टर बख्श को कैसे मेरी बात पर यकीन होता?

और फिर वो बेहोश होने की एक्टिंग 🤣🤣🤣😂😂😂😂वाह मरियम जमाल वाह 

वो अपनी एक्टिंग पर खुद ही हंसने लगी। 

अगर उसके पास कोई  शख्स इस वक्त मौजूद होता ।

तो यह समझता कि यह पागल हो गई है।

अभी तो मेरी और झूठी बातों का आपको सामना करना पड़ेगा डॉक्टर बख्श। 

क्योंकि मुझे पता है मेरा यह भोला चेहरा इसे मैं कितना भी झूठ बोलूं ।

लेकिन आप उसको सच ही समझोगे? 

मरियम जमाल ने अपने चेहरे पर हाथ फेरते हुए कहा।

आप बहुत भोले हो डॉक्टर बख्श बहुत भोले हो।

हाए मेरा ये भोला भाला चेहरा।

मरियम जमाल भोले बनने की एक्टिंग करने लगी।


                           ,,,,,,,,,,,,

सुबह के वक्त कंदील वॉशरूम में से निकलकर सोफे पर बैठी हुई कुछ सोच रही थी। 

तभी डॉक्टर बख्श वॉशरूम से निकाल कर आए।

और कंदील को इस तरह  बैठा हुआ देखकर वह भी कंदील के नजदीक आकर सोफे पर बैठ गए।

लेकिन उन्होंने देखा कि कंदील अभी भी गहरी सोच में ही गम थी।

एवरीथिंग इज ओके वाइफी।

डॉ बख्श ने आकर कंदील के  कान  पास कहां?

कंदील को लगा जैसे किसी गहरी सोच से जागी  हो वो? 

जी जी हां सैफ आई एम ओ के।

कंदील ने  कहा। 

फिर इतनी गहरी सोच में कैसे डूबी हुई हो तुम?

डॉ बख्श बोले।

डॉक्टर बख्श मैने किसी मकसद के,लिए आगा जान को कॉल किया था।

तो उन्होने मैं मुझे यह कहा था कि शाम तक उसका जवाब देंगे।

कंदील ने कहा। 

अरे हां कंदील कल आगा जान की कॉल मेरे पास भी आई थी। 

डॉक्टर बख्श को जैसे याद आ गया तो उसने कंदील से कहा। 

आगा जान की कॉल आपके पास  क्यों आई थी? 

कंदील ने माथे पर बाल डालते हुए कहा।

वह बोल रहे थे कि वकील के हाथ तुम्हारा नाम जितनी प्रॉपर्टी है  उन सब के पेपर्स वह  मुझे भेजेंगे। 

अच्छा फिर आपने क्या कहा? 

कंदील ने डॉक्टर बख्श की बात पर कहा।

कहना  क्या था कंदील  उस प्रॉपर्टी कि मुझे जरूरत नहीं है?

तो मैंने क्लियर उनसे कह दिया आप जाने और कंदील  मुझे इस बीच में नहीं डालें तो बेहतर होगा।

डॉक्टर बख्श ने कंदील को  बात बताते हुए कहा। 

मगर सैफ जो चीज मेरी वह आपकी भी  है ना। 

और वह प्रॉपर्टी मेरी है इसलिए वह आपकी है। 

कंदील ने कहा।

हां कंदील तुम अपनी जगह ठीक कह रही हो।

बट कंदील ये  प्रॉपर्टी वरोपर्टी के चक्कर से मुझे दूर ही रखो तो बेहतर है। 

डॉ बख्श ने कहा।

सैफ आप रात को जिस जमीन की बात कर रहे थे ना।

जो हॉस्पिटल के जस्ट बराबर वाली जमीन है।

कंदील  ने डॉक्टर बख्श को बताते हुए कहा। 

हां क्या हुआ उस जमीन को?

डॉक्टर बख्श ने कहा।

हुआ कुछ नहीं , बस मै ये यह बताना चाहती हूं।

कि वह जमीन आगा जान की है।

और वह जमीन मेरे नाम पर है।

कंदील ने पूरी बार डॉक्टर बख्श को बताते हुए कहा।

व्हाट वह जमीन तुम्हारे आगा जान की है।

डॉ बख्श कंदील के मुंह से यह बात सुनकर चौंक गए थे।

जी हां सैफ वह जमीन आगा जान की है ।

और वह जमीन मेरे नाम पर है। 

कंदील ने  डॉक्टर बख्श से कहा।

फिर तो यार मेरी टेंशन ही खत्म हो गई बहुत बड़ी टेंशन थी।

उस जमीन को लेकर मेरे मन में।

क्योंकि कंदील तुम नहीं जानती जस्ट हॉस्पिटल के बराबर में ऐसा प्रोजेक्ट तैयार करना एक बहुत बड़ी विक्ट्री है।

हमारे लिए? डॉक्टर बख्श कंदील को समझा रहे थे। 

जी हां डॉक्टर बख्श में अच्छी तरह से यह बात समझ रही हूं ।

इसीलिए मैंने कल आपसे कहा था।

कंदील बोली।

और मैंने आगा जान से बात कर ली है।

उस जमीन के बारे में, और खुशी की बात तो यह आगा जान रेडी हो गए हैं वह जमीन देने के लिए।

मगर उसमें भी एक प्रॉब्लम क्रिएट हो रही है।

कंदील ने कहा। 

वह क्या कंदील?

डॉक्टर बख्श ने कहा

वह प्रॉब्लम आगा जान ने मुझे क्लियर नहीं समझाइ। 

उन्होंने कहा है कि मैं हवेली पर आऊंगी तो सारी डिटेल में मुझे बता देंगे। 

कंदील ने कहा।

ओके कंदील तुम उनसे जाकर हवेली पर मिल लेना। 

डॉ बख्श ने कहा।

डॉक्टर बख्श दिल ही दिल मे बहुत खुश हो रहे थे ।

क्योंकि कंदील ने उनके बहुत बड़ी प्रॉब्लम को यूं

चुटकियो क्यों सॉल्व कॉल कर दिया था?

डॉक्टर बख्श मुतमईन हो गए थे कंदील की बात से




आगे कहानी में क्या हो सकता है (Next Short Part)

कंदील हवेली जाने की तैयारी करती है ताकि आगा जान से जमीन के बारे में पूरी बात जान सके।

लेकिन उसे यह नहीं पता कि मरियम जमाल पहले ही अपनी नई चाल चल चुकी है।

मरियम जमाल डॉक्टर बख्श के सामने कंदील के खिलाफ ऐसी कहानी बनाती है कि डॉक्टर बख्श के दिल में शक का बीज बो दिया जाए।

उधर हवेली में आगा जान कंदील को एक ऐसा राज बताते हैं जो उसकी पूरी जिंदगी बदल सकता है।

वह राज सिर्फ जमीन का नहीं होता…

बल्कि उस प्रॉपर्टी से जुड़ा एक पुराना पारिवारिक सच भी सामने आता है।

और उसी वक्त मरियम जमाल डॉक्टर बख्श के सामने ऐसा सबूत पेश करने वाली होती है जिससे डॉक्टर बख्श को लगने लगता है कि कंदील ने उनसे कुछ बहुत बड़ा सच छुपाया है।

अब सवाल यह है —

क्या डॉक्टर बख्श सच्चाई समझ पाएंगे?

या मरियम जमाल की साज़िश कामयाब हो जाएगी?

 इस कहानी से हमें क्या सीख मिलती है

इस कहानी से हमें कई अहम बातें सीखने को मिलती हैं:

हर रोने वाला इंसान सच्चा नहीं होता, कभी-कभी आँसू भी साज़िश का हिस्सा होते हैं।

रिश्तों में भरोसा सबसे मजबूत चीज होती है, लेकिन अगर भरोसे में शक आ जाए तो रिश्ता टूट सकता है।

सच देर से सामने आता है, लेकिन एक दिन जरूर सामने आता है।

किसी की बात पर यकीन करने से पहले सच्चाई जानना बहुत जरूरी होता है।

. Readers के लिए Thank You Message
Writing

प्रिय पाठकों,

इस कहानी को पढ़ने के लिए आपका दिल से धन्यवाद।

आपका समय, प्यार और सपोर्ट ही किसी भी लेखक की असली ताकत होता है।

उम्मीद है कि आपको यह कहानी पसंद आई होगी।

आगे के हिस्सों में कहानी और भी दिलचस्प मोड़ लेने वाली है, जहाँ सच्चाई, साज़िश और रिश्तों की असली परीक्षा देखने को मिलेगी।

अगर आपको यह कहानी अच्छी लगी हो तो इसे अपने दोस्तों के साथ भी ज़रूर शेयर करें।

आपका प्यार और साथ यूँ ही बना रहे।

धन्यवाद।


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