प्यार के बीच छुपा एक राज: डॉ. बख्श, कंदील और एक नई ज़िंदगी का छिपा हुआ सच
कंदील को बहुत ज्यादा थकान महसूस हो रही थी।
इसलिए वो बैड पर आकर लेट गई।
वो जैसे ही बैड पर आकर लेती उसकी आंख लग गई।
उसकी बॉडी में कुछ दिन से कमजोरी और थकान महसूस होने लगी थी।
वह बैड पर भी बेखबर सो रही थी।
जब डॉक्टर बख्श आए।
उनकी नजर कंदील के भोले चेहरे पर पड़ी।
वहा कंदील जहां से बेखबर नींद के वीडियो में खोई हुई थी।
डॉक्टर बख्श बेइरादा ही चलते हुए कंदील के नजदीक आ गए?
ए,सी ऑन था वो ब्लैंकेट को अपने ऊपर लपेटकर सो रही थी।
डॉ बख्श ने जाकर आहिस्ता से उसके माथे पर किस कर लिया।
माथे पर किस करने से कंदील थोड़ा सा कसमसा सही थी।
कंदील इस वक्त सोती नहीं थी ,
मगर आज कंदील को थकान महसूस हो रही थी
इसलिए वह नींद में बेखबर सो रही थी।
डॉक्टर बख्श उसके नजदीक ही बैठ गए थे।
उसके माथे पर हाथ फिराने लगे।
वह आहिस्ता तो उसके माथे पर हाथ फिरा रहे थे कि कहीं वह उठ ना जाए।
इस वक्त सोई हुई कंदील डॉक्टर बख्श को बहुत प्यारी लग रही थी।
डॉक्टर बख्श को अपनी प्यारी सी बीवी को इस तरह से देखकर दिल में ख्याल आ रहा था।
के डॉक्टर बख्श ने सब कुछ मरियम जमाल के हवाले से कंदील को बता दिया?
तो कंदील का चैन सुकून हीं सब गारत हो जाएगा।
डॉक्टर बख्श कंदील के ऊपर झुके हुए थे।
अचानक से सोते हुए में कंदील ने डॉक्टर बख्श के कोर्ट को अपनी मुट्ठियों में भिच दिया था।
नहीं डॉक्टर बख्श आप मुझे छोड़कर मत जाइए प्लीज डॉक्टर बख्श।
कंदील नींद में बडबड़ा रहे थे।
आपके बगैर में नहीं रह सकती मैं अकेली हो जाऊंगी।
प्लीज डॉक्टर बख्श नहीं जाईऐ मुझे छोड़कर।
उसने और तेजी से भीच कर डॉक्टर बख्श के कोर्ट को अपने हाथो की मुठ्ठी में भर लिया था।
और डॉक्टर बख्श को अपनी तरफ खींचने लगी।
जिससे डॉक्टर बख्श उसके बिल्कुल नजदीक हो गए थे।
डॉक्टर बख्श को कंदील की इस हरकत पर हंसी आ रही थी।
डॉक्टर बख्श ने अपनी बाहो का घेरा खोला और कंदील को बड़े ही प्यार से अपनी बाहो मे भर लिया।
डॉक्टर बख्श ने महसूस किया, डॉक्टर बख्श के बाहो मे भरने से कंदील पुरसुकून होकर दोबारा बेखबर नींद मे सो गई थी।
डॉक्टर बख्श कंदील को बाहो मे भरे बैड पर टिक गए थे।
कंदील का सर डॉक्टर बख्श के सीने को टच कर हा था।
डॉक्टर बख्श ने दोबारा से कंदील के माथे पर किस कर लिया
डॉक्टर बख्श कंदील को यू ही तकने लगे थे।
कुछ देर बाद जब
कंदील की ऑख खुली तो उसे महसूस हुआ वो डॉक्टर बख्श की बाहो मे महफूज है।
कंदील ने थोड़ा सा पीछे हट कर डॉक्टर बख्श की तरफ देखा।
डॉक्टर बख्श भी कंदील को अपनी तरफ देखने का ही इंतजार कर रहे थे।
दोनों की नजर एक दूसरे से मिलने लगी।
सैफ आप कंदील ने डॉक्टर बख्श को देखकर कहा।
जी हां सैफ की जान मै, डॉ बख्श ने बड़े ही प्यार से कंदील के बालों को संम्भालते हुए कहा।
आप कब आए? और यह क्या अपने कपड़े भी चेंज नहीं किये।
और ऐसे ही बिस्तर पर लेट गए? कंदील ने डॉक्टर बख्श के कपड़ों को देखकर कहा।
माय डियर वाइफ मै अभी कुछ देर पहले ही आया हूं।
मैंने देखा कि मेरी वाइफ को मेरी बहुत ज्यादा जरूरत है।
तो मैंने अपने कपड़े की चेंज नहीं किये।
अपनी वाइफ को संभालने के लिए उसके नजदीक आकर उसे अपनी बाहों में भर लिया।
डॉक्टर बख्श बहुत ही रोमांटिक अंदाज में कंदील से कह रहे थे।
क्या मतलब डॉक्टर बख्श कंदील उनकी बातों का मतलब नहीं समझी थी?
मतलब यह माय डिअर वाइफ आप नींद में भी मुझे याद कर रही थी।
डॉक्टर बख्श गौर से कंदील को देखते हुए बोले।
इस वक्त सोने की वजह से कंदील की आंखों का काजल खराब हो गया था।
जो उसे और ज्यादा हसीन बन रहा था।
अच्छा नींद में आपको याद कर रही थी।
कंदील ने बिल्कुल बच्चों वाले अंदाज में डॉक्टर बख्श की तरफ देखते हुए कहा।
तो डॉक्टर बॉक्स में कंदील की नींद में कहे हुए अल्फाज कंदील को सुना दिए।
ओहहहह सैफ कंदील ने अपने सर को वापस डॉक्टर बख्श के सीने से लगा लिया था।
मैं ऐसे लफ्ज बोल रही थी सोते में।
कंदील बोली।
जी हां मोहतरमा आप ऐसे ही लफ्ज बोल रही थी ,सोते में।
डॉ बख्श ने कहा।
डॉन्ट वरी कंदील, यह सांसे थम सकती है।
दिल धड़कना भूल सकता है।
दुनिया इधर से उधर हो सकती है कुछ भी हो सकता है।
लेकिन मैं जीते जी तुम्हें छोड़कर कभी नहीं जाऊंगा।
यह बात अपने जहन में बसा लो कंदील।
डॉक्टर बख्श की पकड़ कंदील पर और टाइट हो गई थी।
सैफ बस यही दुआ है मेरी के आप हमेशा मेरे साथ रहे कंदील ने कहा।
कंदील डॉक्टर बख्श की बहो मे खुद को महफूज महसूस कर रही थी।
ओ के मैडम अब आपकी क्लास लेने का टाइम होता है।
डॉक्टर बख्श ने कंदील को अपनी बाहो से आज़ाद करते हुए कहा।
क्या मतलब डॉक्टर बख्श
डॉक्टर बख्श के अलग करने पर कंदील ने
सवालिया नजरो से डॉक्टर बख्श की तरफ देखकर सवाल किया।
मतलब ये आपने सुबह दवाई टाइम पर खाई थी ना।
डॉक्टर बख्श ने कंदील की आंखों में देखकर उसे सवाल किया।
डॉक्टर बख्श के इस सवाल पर कन्दील अपनी नजरों को चुरा गई।
सारी सैफ भूल गई मै।
कंदील ने अपने गुनाह का एतराफ करते हुए कहा
उफफफफफफ कंदील तुम भी ना इतनी समझकर लड़की और अच्छी डॉक्टर होने के बाद खुद के लिए इतनी लापरवाही करती हो।
डॉक्टर बख्श कंदील से नाराज होते हुए बोले।
फिर दोपहर में भी यही हरकत की होगी तुमने।
डॉक्टर बख्श ने कंदील को घूर कर देखा।
नही सैफ, दोपहर मे मॉम ने अपने हाथो से मुझे दवाई दी थी।
उन्होंने कहा था टाइम से खाना खाने के बाद दवाई भी टाइम से लेना चाहिए बेबी की सेहत के लिए बेहतर रहता है।
कंदील ने बताया।
व्हाट मॉम ने कहा ये, डॉ बख्श मॉम का नाम लेने पर उछल पड़कर बैड पर सीधे बैठ गए थे।
जी हां सैफ कंदील बोली।
मतलब उनको पता चल गया है तुम प्रेग्नेंट हो डॉक्टर बख्श ने कहा।
जी हा पता चल गया है उन्हे कंदील मुस्कुरा कर बोली।
कंदील मॉम का रिएक्शन क्या था तुम्हारी प्रेग्नेंसी की खबर सुनकर।
डॉ बख्श ये बात जानना चाहते थे।
सैफ उनको यकीन नही हो रहा था के इतनी जल्दी ऐसा हो गया मै प्रेग्नेंट हो गई हू।
मॉम बहुत खुश हो रही थी ये खबर सुनकर कंदील डॉक्टर बख्श को मॉम के दिल की कैफियत बता रही थी।
ओहहहह डॉक्टर बख्श के मुंह से ये लफ्ज निकले थे।
कंदील हॉस्पिटल का न्यू प्रोजेक्ट भी पूरा हो गया है।
उन्होंने कंदील को कन्धो को पकड़ते हुए उसे अपने नजदीक बैठाते हुए कहा।
वेरी गुड डॉक्टर बख्श ये तो बहुत अच्छी बात है कि अस्पताल का न्यू प्रोडक्ट कंप्लीट हो गया है।
कंदील को खुशी हुई थी यह बात जानकर।
बट एक प्रॉब्लम आ रही है।
डॉक्टर बख्श इस वक्त बहुत सीरियस नजर आ रहे थे।
डॉक्टर बख्श कैसी प्रॉब्लम डॉक्टर बख्श कंदील बोली।
कंदील उनके बिल्कुल बराबर में उनके कंधे पर सर को टिके हुए बैठी हुई थी।
तुम इस बात से बात से वाकिफ नहीं हो कंदील लेकिन एक प्रोजेक्ट में और स्टार्ट करना चाहता हूं।
एक अस्पताल बनना चाहता हूं, कैंसर पेशेंट के लिए।
उसके लिए अस्पताल के जस्ट बराबर वाली जमीन।
देख रखी है डॉक्टर समीर ने।
डॉक्टर बख्श ने कहा।
तो इसमें क्या प्रॉब्लम आ रही है डॉक्टर बख्श।
कंदील ने उनसे कहा?
प्रॉब्लम ये आ रही है कि अभी तक उसके मालिक से बात नहीं हुई है डॉक्टर समीर की।
आप हॉस्पिटल के जस्ट बराबर वाली जमीन की बात कर रहे हो।
कंदील के चेहरे पर एकदम चमक आ गई थी।
हा कंदील में उसी जमीन की बात कर रहा हूं।
फिर तो आप समझी कि आपका काम बहुत आसान हो जाएगा।
कंदील खुश होते हुए बोली।
वह कैसे कंदील?
डॉक्टर बख्श उसके खुश होने का राज नहीं समझ पा रहे थे।
यह बात मैं आपको दो या चार दिन में बताती हूं।
कंदील ने डॉक्टर बख्श से कहा।
ओके जैसे तुम्हारी मर्जी।
डॉ बख्श ने कहकर बात को वही खत्म कर दिया।
आगे कहानी में क्या हो सकता है
कहानी को आगे कई दिलचस्प मोड़ मिल सकते हैं:
1. जमीन का बड़ा राज
जिस जमीन पर कैंसर हॉस्पिटल बनना है, वह जमीन असल में कंदील के परिवार की हो सकती है या उससे जुड़ा कोई पुराना राज सामने आ सकता है।
2. मरियम जमाल का सच
डॉ बख्श की दूसरी शादी का सच धीरे-धीरे कंदील के सामने आ सकता है, जिससे कहानी में इमोशनल तूफान आ सकता है।
3. कंदील की प्रेग्नेंसी का खतरा
कंदील की सेहत कमजोर है, इसलिए डॉक्टर उसे बहुत संभाल रहे हैं। आगे चलकर उसकी सेहत या बच्चे को लेकर कोई मुश्किल आ सकती है।
4. अस्पताल प्रोजेक्ट से नई कहानी
कैंसर अस्पताल का प्रोजेक्ट किसी ऐसे व्यक्ति से जुड़ सकता है जो डॉ बख्श के अतीत को जानता हो।
कहानी से क्या सीख मिलती है
इस कहानी से हमें कई बातें सीखने को मिलती हैं:
✨ प्यार में भरोसा बहुत जरूरी होता है।
✨ छोटी-छोटी लापरवाहियां बड़ी परेशानी बन सकती हैं।
✨ सच्चा जीवनसाथी वही होता है जो हर हालत में साथ दे।
✨ जिंदगी में खुशी और जिम्मेदारी साथ-साथ आती है।
Next Short Part (Next Scene)
एक अनजाना सच
दो दिन बाद…
कंदील खिड़की के पास खड़ी थी।
उसकी नजर उसी जमीन पर थी जिसके बारे में डॉक्टर बख्श ने बात की थी।
तभी उसकी मां कमरे में आई।
“कंदील बेटा… तुम उसी जमीन को देख रही हो ना?”
कंदील ने हैरानी से मां की तरफ देखा।
“मॉम… आपको कैसे पता?”
मां कुछ देर खामोश रही।
फिर धीरे से बोली—
“क्योंकि वो जमीन…
तुम्हारे अब्बू की थी।”
कंदील की आंखें हैरानी से फैल गईं।
“क्या…?”
और उसी वक्त कमरे के दरवाजे पर खड़े डॉक्टर बख्श ने भी यह बात सुन ली।
उनके चेहरे का रंग अचानक बदल गया।
क्योंकि उन्हें एहसास हो गया था…
यह जमीन सिर्फ जमीन नहीं है।
यह एक ऐसा राज है
जो उनकी पूरी जिंदगी बदल सकता है।
Readers ke liye Thank You Message
Writing
Dear Readers,
Thank you so much for reading this story and giving your valuable time. Your support and interest mean a lot. Every reader is the true strength of a writer.
I hope this story touched your heart and kept you connected with the emotions of the characters. Stay with us for the next part, because many secrets are still waiting to be revealed.
Your love and support keep this journey alive.
Thank you for reading.



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