खतरनाक मोहब्बत का जाल: डॉ. बख्श, कंदील और मरियम जमाल की साज़िश | थ्रिलर लव स्टोरी

 




कंदील आज तुम बहुत अच्छी लग रही हो। 

डॉ बक्श तिरछी निगाह करके कंदील की तरह देखते हुए बोले।

थैंक्स सैफ  कंदील  ने मुस्कुरा कर उनसे कहा।

आप भी बहुत स्मार्ट लग रहे हैं डॉक्टर बख्श। 

कंदील ने कहा। 

ओ रियली कंदील डॉ बख्श  के  लबों पर बहुत गहरी मुस्कुराहट आ गई थी।

कंदील की बात को सुनकर। 

ऑफ  कोर्स डॉक्टर बख्श यू आर लुकिंग सो वेरी स्मार्ट। कंदील ने उनकी तारीफ करते हुए कहा।

थैंक यू थैंक यू सो मच मैडम। 

डॉ बख्श ने अपने सीने पर हाथ रखकर झुकते 

हुए कहा।

कंदील मै तुम्हारा शुक्रगुजार रहूंगा लाइफ टाइम के लिए। डॉक्टर बख्श ने कहा।

ऐसा क्यों डॉक्टर बख्श? कंदील ने सवालियां नजरों से डॉक्टर बख्श की तरफ देखते हुए पूछा।

डॉ बख्श बहुत रिलैक्स होकर गाड़ी चला रहे थे, इस वक्त अपने साथ कंदील की आमद उन्हें बहुत स्पेशल  और अच्छी लग रही थी।

मेरी लाइफ में आने के लिए और मेरी लाइफ को खूबसूरत बनाने के लिए कंदील। 

मैं तुम्हारा लाइफ टाइम तक शुक्रगुजार रहूंगा। 

उन्होंने एक प्यार भरी नजर ने कंदील पर डालीं।

कंदील ने मुस्कुराते हुए अपनी नजरों को नीचे झुका लिया।

कंदील एक बात जानती हो तुम ,तुमसे पहले  मेरी जिंदगी में कभी कोई लड़की आई ही नहीं।

और तुम्हारे आने के बाद महसूस होता है कि तुमसे बेहतर कोई हो भी नहीं सकती थी।

डॉ बख्श ने कंदील से कहा। 

अच्छा ऐसी बात है सैफ।

तो अगर कोई अमेरिका में आपको मुझसे बेहतर मिल जाती है ।

जो देखने में भी मुझसे बेहतर होती ।

और जिसका नेचर भी मुझसे बेहतर होता फिर आप क्या करते हैं?

कंदील ने  अपने दोनों हाथों को अपने सीने पर बांधकर डॉक्टर बख्श की तरफ देखते हुए कहा।

अचानक से यह सवाल किया था कंदील ने जिसको सुनकर एक लम्हे के लिए डॉक्टर बख्श खामोश हो गए। 

उनके मन में मरियम जमाल का ख्याल आ गया था।

इस वक्त मरियम जमाल का ख्याल आना उन्हें बहुत नागवार गुजरा था। 

क्योंकि वह कंदील को बाहर इसलिए लेकर आए थे ।

ताकि उसके साथ कुछ टाइम स्पेंड कर सके? 

और यहां पर मरियम जमाल का जिक्र उसके माइन्ड में आ गया था।


कंदील  ने देखा डॉक्टर बख्श सीरियस हो गए थे।

कंदील की बात पर 

अरे सैफ आप  तो सीरियस हो गए कंदील खिलखिला कर हंसती हुई बोली।

नहीं कंदील कभी ऐसा नहीं हो सकता तुम्हारे जैसा कोई है ही नहीं। 

और मुझे तुम्हारे अलावा कोई दूसरा चाहिए भी नहीं जरूरत महसूस नहीं होती इस दिल को। 

डॉ बक्श ने बहुत सीरियस होकर कंदील की बात का जवाब दिया था।

कंदील बहुत अच्छी तरह से जानती थी कि डॉक्टर बख्श उससे कितनी मोहब्बत करते हैं।

इसलिए उसको उनकी हर बात पर ही यकीन

था।

कंदील बात करते-करते सामने मिरर की तरफ देखने लगी।

सामने से  एक ट्रक सीधा उनकी गाड़ी की तरफ आ रहा था जो बहुत तेजी में । 

डॉक्टर बख्श संभालिए, कंदील  ने डॉक्टर बख्श से जैसे ही यह बात कही। 

वो सामने से आता हुआ ट्रक सीधा उनकी गाड़ी से टकरा गया।

कंदील एक चीख के साथ बेहोश हो चुकी थी।

उसका सर स्टीयरिंग पर लगा।

डॉ बख्श  का सर भी स्टीयरिंग पर जा कर लगा। 

और उनके सर पर जख्म हो गया।

इतनी तेज टक्कर लगी थी ट्रक की के दोनों ही बेहोश हो गए।

तभी वहां पर काफी सारे लोग जमा हो गए। 

भीड़ में से कुछ लोगों ने निकाल कर डॉक्टर बख्श को उठाने की कोशिश की।

डॉक्टर बख्श जैसे ही होश में आए।

सबसे पहले उन्हें कंदील का ख्याल आया।

कंदील ,कंदील उठो, डॉक्टर बख्श एक हाथ अपने सर पर रखे हुए थे उनके सर से खून बह रहा था।

और दूसरे हाथ से वो कंदील को हिलाकर  उसको उठाने की कोशिश की करने लगे।

लेकिन वह शायद इस टाइम बेहोश हो चुकी थी। 

उसके सर से भी खून बह रहा था।

डॉक्टर बख्श ने भीड़ में से ही लोगों की हेल्प लेकर कंदील को, दूसरी गाड़ी में अस्पताल भेजा। 

और खुद भी कंदील के साथ रवाना हो चुके थे।

उनकी गाड़ी का टूट कर कचूमर बन चुका था।

ट्रक की टक्कर ही इतनी तेज थी।

बस खुदा ने उन दोनों की जान को बचा लिया था।


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🤣🤣🤣🤣🤣🤣हाहाहाहाहाह। 

यह तो तुमने बहुत अच्छी खबर सुनाई है रॉकी। 

कि उसका बहुत बुरी तरह एक्सीडेंट करवा दिया है तुमने। मरियम जमाल हंसते हुए बोली।

वह कोई बात नहीं , ऐसा तो होना  ही था गेहूं के साथ घून तो पिस्ते ही है ना। 

मरियम जमाल के लहजे मे इस वक्त जहर भरा हुआ था।

मरियम जमाल फोन पर उस दूसरे शख़्स से बात कर रही थी।

बस कुछ भी करो किसी भी तरह उसको नुकसान पहुंचाओ।

इतना ख्याल रखना कि उस डॉक्टर बख्श की और मेरी लाइफ से कंदील बाहर निकलना है। 

तुम पर बहुत भरोसा करके यह काम मैंने तुम्हें सौपा है। मरियम जमाल कह रही थी।

मगर रॉकी एक बात बताओ कहीं डॉक्टर बख्श को ज्यादा चोट तो नहीं लगी है। 

क्योंकि उनका दर्द मुझसे बर्दाश्त नहीं होता? 

हां, मैं उन्हे थोड़े से दर्द में भी नहीं देख सकती। 

एकदम से मरियम जमाल के चेहरे पर सीरियसपन आ गया था। 

ठीक है तुम अपने काम को ठीक तरह से अंजाम दो।

मैं फोन को कट करती हूं।

मरियम जमाल ने कहकर फोन को कट दिया।

तो डॉक्टर बख्श आप ही अच्छी तरह से समझ लीजिए आपके और मेरे दरमियां जो कोई भी आएगा।

उसे में इसी तरह से निकाल कर बाहर फेंक दूंगी।

चाहे वह आपके पैरेंट्स हो या फिर वह आपकी वाइफ हो। 

मरियम जमाल के चेहरे पर इस वक्त बहुत सीरियस तास्सुरात  नजर आ रहे थे।

मैं यह भी जानती हूं कि इस डेंजर खेल में आपको भी तकलीफ हो सकती है।

लेकिन मैं क्या करूं डॉक्टर बख्श , आपको हासिल करने के लिए मेरे पास इसके अलावा कोई दूसरा रास्ता ही नहीं है?

जब तक कि आपकी जिंदगी से कंदील जफर चली नहीं जाती।

आप अपनी जिंदगी में मुझे वह जगह ही नहीं देंगे। 

और यह मैं नहीं चाहती हूं। 

इसलिए यह कोशिश कर रही हूं कि जल्द-से-जल्द मरियम  कंदील जफर को आपकी लाइफ से निकाल कर बाहर फेंक दूं।

मरियम जमाल होटल के रूम में अपने आप से बातें करते हुए सोच रही रही थी।


कितनी घटिया हरकत पर उतर आई थी ।

मरियम जमाल कन्दील को डॉक्टर बख्श की लाइफ से बाहर करने के लिए 

वो कन्दील को मारने तक के लिए तैयार थी।




इस कहानी में आगे क्या हो सकता है

अस्पताल में डॉक्टर कंदील की हालत बहुत नाज़ुक बताते हैं।

डॉक्टर बख्श को शक होने लगता है कि यह एक्सीडेंट सिर्फ हादसा नहीं था।

पुलिस ट्रक ड्राइवर को पकड़ती है और उससे पूछताछ होती है।

धीरे-धीरे यह राज़ खुलने लगता है कि इसके पीछे मरियम जमाल का हाथ है।

डॉक्टर बख्श को एक बड़ा फैसला लेना पड़ेगा —

मोहब्बत बचानी है या साजिश से लड़ना है।

इस कहानी से हमें क्या सीख मिलती है

सच्ची मोहब्बत हमेशा इम्तिहान से गुजरती है।

जलन और जुनून इंसान को खतरनाक हद तक ले जा सकता है।

किसी की जिंदगी में जबरदस्ती जगह बनाने की कोशिश तबाही ला सकती है।

सच्चा प्यार हमेशा सच और भरोसे पर टिकता है।

Next Short Part

अस्पताल के बाहर डॉक्टर बख्श बेचैनी से टहल रहे थे।

उनकी आंखों के सामने बार-बार वही मंजर घूम रहा था —

कंदील का बेहोश होकर गिरना।

अचानक ऑपरेशन थिएटर का दरवाज़ा खुला।

डॉक्टर बाहर आए।

“डॉक्टर… कंदील कैसी है?”

डॉक्टर बख्श ने घबराकर पूछा।

डॉक्टर ने गंभीर आवाज़ में कहा,

“अभी खतरा टल नहीं पाया है… लेकिन हम पूरी कोशिश कर रहे हैं।”

इतना सुनते ही डॉक्टर बख्श की आंखें नम हो गईं।

उन्होंने आसमान की तरफ देखते हुए धीमे से कहा—

“या खुदा… मेरी जान ले ले लेकिन कंदील को बचा ले।”

उन्हें नहीं पता था कि इसी वक्त

कहीं दूर होटल के कमरे में बैठी मरियम जमाल

इस खबर का इंतजार कर रही थी।

Readers के लिए Shukriya Message
Writing

Dear Readers,

आप सभी का दिल से शुक्रिया कि आपने इस रोमांचक और भावनाओं से भरी कहानी को पढ़ा।

आपका प्यार, कमेंट और सपोर्ट ही इस कहानी को आगे बढ़ाने की ताकत देता है।

अगर आपको यह कहानी पसंद आई हो तो इसे अपने दोस्तों के साथ जरूर शेयर करें और अगला पार्ट पढ़ने के लिए जुड़े रहें।

आपका साथ ही इस कहानी की असली ताकत है।

Thank you for being part of this journey.



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