डॉक्टर बख्श की दोहरी ज़िंदगी का सच”

 


doctor Bakhsh or hotel k room

डॉक्टर बख्श ने जब होटल के रूम में आकर देखा। 

तो रूम में सारी चीज बिखरी हुई पड़ी थी। 

और नीचे जमीन पर मरियम जमाल लेटी हुई थी।

उसके पेट से खून बह रहा था।

डॉक्टर बख्श ने जब यह मंजर दिखा तो उनकी आंखें फटी रह गई।

इस वक्त मरियम जमाल बेसुध जमीन पर पड़ी हुई थी। उसको अपना होश नहीं था। 

उसके आसपास खून पडा हुआ था ,सारे कमरे की चीज उलट-पुलट हुई थी।

डॉक्टर बख्श  मरियम जमाई जमाल के नजदीक आए। उन्होंने मरियम जमाल की नवज चेक की। 

जो अभी आहिस्ता चल रही थी।

और उसकी सांसे  भी अटक-अटक कर चल रही थी। 

डॉ बख्श ने मरियम जमाल को अपनी बाहों में उठाया। मरियम जमाल का चेहरा इस वक्त पीला पड़ चुका था।


क्योंकि फर्श पर काफी खून बह चुका था मरियम जमाल का? 

उसके नाजुक से वजूद को संभालते हुए डॉक्टर बख्श जल्दी-जल्दी उसको लेकर होटल के रूम से बाहर आए। वो लाबी में लगभग भागते हुए मरियम जमाल को लेकर चल रहे थे ।

डॉ बख्श अपनी गाड़ी के नजदीक आए और उन्होंने गाड़ी खोलकर। मरियम जमाल को पीछे की सीट पर लिटाया। और खुद ड्राइवर वाली सीट पर आकर बैठ गए। 

गाड़ी की स्पीड को बहुत तेज कर के अस्पताल की तरफ बढ़ाया।

डॉक्टर बख्श गाड़ी को बहुत तेज स्पीड में चला रहे थे इसलिए वह बहुत जल्दी हॉस्पिटल पहुंच गए। 

अस्पताल पहुंचते ही उन्होंने। 

नर्स नर्स डॉक्टर बख्श ने नर्स को आवाज़ लगाई। 

जैसे नर्स ने डॉक्टर बख्श के गोद में एक लड़की को देखा वह सिचुएशन को समझ गई।

और स्ट्रेचर  लाकर उस लड़की को उसे पर लिटाने में डॉक्टर बख्श की मदद की। 

डॉक्टर बख्श उसे  स्ट्रेचर से ऑपरेशन थिएटर की तरफ ले गए।

यह रात का वक्त था इसलिए अस्पताल में ज्यादा रशक नहीं था।

डॉ बख्श मरियम जमालकर ट्रीटमेंट कर रहे थे। 

किसी ने मरियम जमाल के पेट में चाकू घोपा था। 

जिसका जख्म काफी गहरा था। 

जिसे काफी खून बह गया था।

और उसे खून की वजह से मरियम जमाल बेहोश हो गई थी।

डॉ बख्श ने मरियम जमाल की ड्रेसिंग करके।

पट्टी बंधी थी। 

मरियम जमाल के इस वक्त ड्रिप लगी हुई थी। 

डॉ बख्श ने उसका ब्लड प्रेशर हार्टबीट सब चेक किया जो कि नॉर्मल थी इस वक्त।

डॉ बख्श उसके नजदीक चेयर खींच कर बैठ गए थे। उसके चेहरे को बहुत गौर से देखने लगे।

देखने में मरियम जमाल काफी खूबसूरत थी। 

उसकी नीली आंखें थी। रंगत भी दूध  जैसी सफेद थी। और उसके गोल्डन ब्राउन बाल थे वह देखने में अंग्रेज लगती थी।

आखिर इस पर हमला किसने किया होगा। 

यहां तो इसको जानने वाला भी कोई नहीं है।

डॉक्टर बख्श सोचने लगे थे।

आखिर ये लड़की मरियम जमाल इंडिया से वापस चली क्यों नहीं जाती है?

इसने मेरी जिंदगी में आकर मुझे डिस्टर्ब कर दिया है। डॉक्टर बख्श उसको देखकर सोचने लगे थे।

के डॉक्टर बख्श उसके नजदीक से उठकर बाहर की तरफ आ गए।

ये जो पेशेंट अंदर लेती है इनको होश आने के बाद इन्हें इंजेक्शन दे देना।

डॉ बख्श ने नर्स से कहा। 

और इनका अच्छे से ख्याल रखना।

यस सर ,नर्स ने डॉक्टर बख्श की बातों को मानते हुए कहा।

डॉक्टर बख्श वहां से निकलकर बाहर आ गए थे।

और अपनी गाड़ी में बैठकर। 

अपने घर की तरफ उन्होंने गाड़ी को बढ़ा दिया।




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कंदील अपने रूम में इधर-उधर डालकर चक्कर लगा रही थी। कंदील की नजर बार-बार वॉल क्लॉक पर जा रही थी। 4:00 बज गए थे लेकिन अभी तक डॉक्टर बॉक्स का कुछ पता नहीं था। कंदील की बेचैनी बढ़ती ही जा रही थी। क्या अचानक से दरवाजा खुलने की आवाज आई? कंदील ने दरवाजे की तरफ देखा। डॉ बख्श दरवाजे को बहुत आहिस्ता से खोलकर अंदर आ रहे थे।

डॉक्टर बॉक्स की नजर बद पर गई। जहां कंदील मौजूद नहीं थी। वह इधर-उधर देखकर कंदील को तलाश कर रहे थे। डॉ बक्समी दरवाजे को भी इसीलिए से आहिस्ता से खोला था कि अगर तेज आवाज से दरवाजा खोल उन्होंने तो कहीं कंदील की नींद ना खुल जाए। अचानक से कंदील आकर उनसे लिपट गई। डॉ बक्श सॉफ्ट हो गए। कंदील क्या हुआ? डॉक्टर बॉक्स ने उसे अपनी बाहों में लेते हुए कहा। कंदील खामोशी रही उसने कुछ नहीं कहा। कंदील खामोशी हो तुम क्या हुआ है? डॉ बक्श ने कहा तो कंडी ले और तेजी से डॉक्टर बॉक्स को जाकर दिया। डॉक्टर पक्ष को कंदील की शिक्षक ने की आवाज आ रही थी। अरे गांधी तुम रो क्यों रही हो? क्या हुआ यार? डॉ बक्श ने कैंडिल को खुद से अलग करते हुए कहा। लेकिन इतनी देर में कंदील किस चीज किया बन गई थी।

ओहहहह कंदील 

डॉक्टर बॉक्स उसका हाथ पकड़ कर। ले आए और उसे बेड पर बैठना। और खुद उसके सामने बैठ गए।

क्या हुआ है गांधी तुम क्यों रो रही हो? डॉक्टर बॉक्स कोर्स करो ना बुरा लग रहा था। डॉ बॉक्स में पिछले 2 घंटे से बहुत परेशान हो रही हूं। बताइए आप बिना बताए मुझे कहां गए थे? और फोन कर रही थी आपका तो फोन भी रिसीव नहीं हो रहा था। व्हाट्सएप में बहुत बुरी तरह डर गई थी। कंदील कहकर दोबारा डॉक्टर पक्ष के सीने से लग गई। अब डॉक्टर बस उसके सर पर आहिस्ता आहिस्ता हाथ फैला रहे थे। सॉरी यार। तुम सो रही थी तो तुम्हें जगह। जगन मैं ठीक नहीं समझा। और अस्पताल में एक इमरजेंसी पेशेंट आया था। तुम्हें हॉस्पिटल गया था वहां से कॉल आई थी। शायद मैं उसे स्टेशन का ट्रीटमेंट कर रहा होगा तो तुमने कॉल की होगी। मैंने फोन देखा नहीं होगा। डॉ बख्श उसको समझते हुए कह रहे थे। फिर भी डॉक्टर बॉक्स अगर आप एक बार मुझे बता देते तो बेहतर होता। मेरा ख्याल जाने किधर-किधर जा रहा था। मुझे लग रहा था कहीं आपको कुछ। गांधी ने यह बात अधूरी छोड़ दी थी।

आई एम रियली सॉरी यार आइंदा ऐसा नहीं होगा। डॉ बक्श ने कैंडिल को अपने सीने से हटकर। अपने दोनों हाथों से अपने कानों को पकड़ते हुए कहा। रो रो कर कंदील की नाक सुराख हो गई थी। और आंखें भी गुलाबी हो रही थी। जिसे इस वक्त कंदील क्यूट लग रही थी।

से प्लीज आप मुझे अपनी लाइफ की सारी बातें बताई कीजिए। कंदील ने डॉक्टर बॉक्स से कहा। डॉक्टर बॉक्स कंदील को बहुत प्यार से देखने लगे।

जब से कंदील प्रेग्नेंट हुई थी वह पहले से भी ज्यादा खूबसूरत लगने लगी थी। और अब तो उसकी बॉडी भी थोड़ी भरी हुई लग रही थी। जोशी और हसीन बन रही थी। कंदील आइंदा इस तरह मत रोना। अच्छी तरह जानती हो ना तुम इस तरह से रोने पर बच्चे पर कितना असर पड़ेगा। डॉक्टर बॉक्स कंदील से कह रहे थे। अभी आइंदा कोई बात। मुझे बिना बताए कहीं नहीं जाना। कंदील ने अपनी नाक से गिरते हुए का। ओके यार मैं दोबारा ऐसी गलती नहीं करूंगा। डॉक्टर बॉक्स मुस्कुराते हुए। कंदील की नाक को टच करते हुए बोले।

इसी बात का तो मुझे डर लग रहा है कंदील की जो इतनी  सालों पुरानी बात है।

इसके बारे में अगर तुम्हें पता चल गया। 

तो तुम कैसे रिएक्ट करोगी?

वह मरियम जमाल जिसे आज से पहले मैंने ठीक से देखा तक नहीं। 

अगर तुम जान जाओगी कि वह मेरी जिंदगी में शामिल है। बीवी है वह मेरी।

तो तुम्हारा रिएक्शन क्या होगा कंदील? 

यह बातें सोच कर ही मेरा दिमाग आउट हो रहा है।

डॉ बख्श सोचने लगे।


ये कहानी अभी जारी है।


मेरे प्यारे दोस्तो मेरी इस कहानी को भी जरूर पढ़े  ,,,,ईश्क का जरिया,,,,


केसर की जब आंख खुली तो वह बैड पर लेटी हुई थी कमरे में चारों तरफ अंधेरा छाया हुआ था। 

बस हल्की-हल्की रोशनी हो रही थी जिससे कमरे का जायजा लिया जा सकता था।

केसर ने अपने सर पर हाथ को रखा और उठने की कोशिश करने लगी। 

कुछ लम्हो के लिए तो उसे समझ में नहीं आया कि वह कहां है और उसके साथ क्या हुआ है?

उसका सर घूम रहा था।

  फिर केसर को दोपहर का वाकया किसी फिल्म के सीन की तरह उसकी आंखों के सामने लहराने लगा। 

जब दो लोगों ने उसे पकड़ कर जबरदस्ती गाड़ी में बैठाया था। 

और फिर उसमें से ही एक आदमी ने उसके मुंह पर रुमाल रखा था।

जिसमें कोई दवाई थी।

जिसकी वजह से केसर बेहोश हो गई थी।

जैसे यह सब कुछ केसर को याद आया उसके जिस्म में थोड़ी जान आई।

वह बैड से उठी और नीचे उतरी। 

उसने दरवाजे पर दस्तक देना शुरू की।

प्लीज हेल्प मी ,हेल्प मी। 

कोई दरवाजे को खोलो। 

केसर चीख रही थी।

मगर उधर से कोई रिस्पांस नहीं आ रहा था। 

केसर उसी दरवाजे से टेक लगाकर।

नीचे की तरफ बैठ गई।

कौन है यह लोग जिन्होंने मुझे अगवा किया है? 

केसर सोचने लगी थी।

यह कमरा केसर को बहुत खौफनाक नजर आ रहा था

इस कमरे का फर्श कच्ची टाइप का था दिवारी भी टूटे हुए थी।

बेड भी पुराने जमाने का नजर आ रहा था। नीचे एक तरफ पानी का भरा हुआ खड़ा रखा था। ऐसा महसूस हो रहा था कि यह जगह शहर से कभी दूरी पर है। जो इसकी हालत थी उसे देखकर तो केसर यही अंदाजा लगा सकती थी। पानी का घड़ा देखकर केसर को प्यास लगी थी। वह पानी के घड़े के पास गए और उसमें से पानी निकाल कर पी लिया।

उसने दोपहर को भी खाना नहीं खाया था इस वजह से उसे बुक का भी सीधा एहसास हो रहा था। उसने कमरे में चारों तरफ नजर दुदाई। मगर उसे कुछ खाने की चीज नहीं मिली। हुमायूं सो कर बेड पर आकर बैठ गई थी।

वह जैसे ही बेड पर आकर बैठी। दरवाजा खुलने की बहुत तेज आवाज आई। ऐसा लग रहा था जैसे सामने वाले ने दरवाजे को खोल नहीं हूं गुस्से में तोड़ा हो। कैसे हमने चोदते हुए दरवाजे की तरफ देखा? उसे शब्द का चेहरा केसर को दिखाई नहीं पड़ा। क्योंकि वहां अंधेरा था? और उसे शख्स के हाथ में टॉर्च थी। जो उसने केसर के मुंह पर लाइट मेरी। जैसे ही टोर्च की लाइट केसर के मुंह पर पड़ी केसर ने अपने मुंह पर हाथ रख लिया था।

खाना खा लिया था इसने। उसे शख्स ने दूसरे साथ वाले आदमी से पूछा। उसकी आवाज केसर को जानी पहचानी लगी थी। नहीं सर अभी उसने खाना नहीं खाया है। उसे आदमी ने कहा। कोई बात नहीं मैं उसको अच्छी तरह से खाना खिला दूंगा। वह कहकर आगे की तरफ बड़ा। पूजा से नजदीक आ रहा था टोर्च की लाइट भी नजदीक आ रही थी केसर के।

वह शख्स केसर के बिल्कुल नजदीक आकर खड़ा हो गया था।

बहुत शौक है ना तुम्हे चीखने चिल्लाने का लोगो की 

इंसल्ट करने का। अब देखता हूं मैं तुम किस तरह से इंसल्ट करती हो।

वह उसके मुंह को अपने हाथ से डर पकड़ता हुआ बोला।

केसर पहचान गई थी।

उसकी उसकी आवाज को भी पहचान लिया था केसर ने। इस वक्त  अंधेरा था उसके बाद भी केसर ने उसकी आवाज पहचान लिया था?

वो केसर का क्लासमेट था जिसको उसने कल बहुत बुरा भला सुनाया था।

सारे क्लास के सामने जिसकी इंसल्ट की थी केसर ने।

चीखो केसर चीखो और  इतनी तेज चिखो की तुम्हारी आवाज लोगों तक पहुंच सके। 

क्योंकि जिस जगह तुम मौजूद हो यहां जानवरों के अलावा लोगों का बसेरा नहीं है?

हाहाहाहाहाह  उसने केसर के मुंह को दबाकर उसे बैड पर गिरा दिया।




🔮 आगे कहानी में क्या हो सकता है?

1️⃣ मरियम को होश आ सकता है

वह हमलावर का नाम बता सकती है — और शायद यह हमला डॉक्टर बख्श के अतीत से जुड़ा हो।

2️⃣ कंदील को सच्चाई का पता चल सकता है

अगर उसे पता चलता है कि मरियम डॉक्टर बख्श की बीवी है, तो:

विश्वास टूट सकता है

रिश्ता हिल सकता है

भावनात्मक तूफान आ सकता है

3️⃣ केसर की हिम्मत जाग सकती है

वह डरने के बजाय दिमाग से काम ले सकती है।

या कोई उसकी तलाश शुरू कर चुका हो सकता है।

4️⃣ क्लासमेट का असली चेहरा

यह सिर्फ बदला नहीं, बल्कि जुनून या मानसिक अस्थिरता भी हो सकती है।

🌿 इस कहानी से हमें क्या सीख मिलती है?

झूठ और राज़ कभी ज्यादा दिन छिपते नहीं।

बदला इंसान को इंसान नहीं रहने देता।

रिश्ते भरोसे पर टिके होते हैं।

सच देर से सही, सामने जरूर आता है।

मुश्किल हालात में हिम्मत ही सबसे बड़ी ताकत होती है।

❄️ Next Short Part (अगला छोटा भाग)

केसर का दिल ज़ोर-ज़ोर से धड़क रहा था।

लेकिन इस बार उसने चीखना बंद कर दिया।

उसकी खामोशी ने उसे उलझा दिया।

वह थोड़ा ढीला पड़ा।

उसी पल—

केसर ने पूरी ताकत से उसे धक्का दिया।

टॉर्च जमीन पर गिर गई।

कमरे में फिर अंधेरा छा गया।

केसर दरवाज़े की तरफ भागी।

पीछे से गुस्से भरी आवाज आई—

“रुको!”

लेकिन इस बार डर से ज्यादा ताकत उसके अंदर थी।

और उसी समय…

दूर कहीं कुत्तों के भौंकने की आवाज और एक गाड़ी के रुकने की आहट सुनाई दी।

क्या कोई आ गया था?

या किस्मत ने करवट ली थी?

💌 पाठकों के लिए शुक्रिया संदेश

मेरे प्यारे पाठकों,

आपका दिल से धन्यवाद कि आपने इस कहानी को समय दिया।

आपकी हर पढ़ाई, हर प्रतिक्रिया, हर इंतज़ार — इस कहानी को ज़िंदगी देता है।

अगर इस कहानी ने आपको थोड़ा भी सोचने पर मजबूर किया,

तो समझिए मेरा लिखना सफल हुआ।

आगे की कहानी में और भी बड़े राज़ खुलने वाले हैं।

बने रहिए मेरे साथ।

दिल से शुक्रिया 🤍


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