“पुलिस के दबाव में एक-दिन की शादी: एक डॉक्टर, एक अजनबी और एक खतरनाक झूठ”

 



1 मिनट ऑफिसर जरा मैं अपनी वाइफ से अकेले में जाकर कुछ बात कर सकता हूं। 

डॉक्टर बख्श ने उस ऑफिसर से कहा। 

जो मरियम जमाल के साथ बाकी के पुलिस वालों को लिए खड़ा हुआ था।

जी हां बिल्कुल। 

उस ऑफिसर ने डॉक्टर बख्श को  ईजाजत देते हुए कहा। 

डॉ बख्श मरियम जमाल का हाथ पड़कर लगभग खींचते हुए।

पुलिस वालों की पहुंच से थोड़ा दूर एक कोने में ले गए। 

व्हाट इस दिस

एन्ड हु आर यू। 

कोने मे ले जाकर कर डॉक्टर बख्श ने उस लड़की का हाथ छोड़ते हुए गुस्से से उसकी तरफ देखकर कहा। 

डॉक्टर बख्श प्लीज ट्राय टू अंडरस्टैंड मी। 

सर मै बुरी तरह फस गई हू। 

और मुझे सिर्फ आप ही बचा सकते हैं इस मुसीबत से। 

वो लड़की रिक्वेस्ट करते हुए डॉक्टर बख्श से बोली। 

ना तो मैं तुम्हें जानता हूं ना पहचानता हूं। 

यहां तक कि मुझे तुम्हारा नाम भी नहीं मालूम है। 

कौन सी आफत में फंसा रही हो तुम मुझे बोलो। 

डॉक्टर बख्श गुस्से में दबी आवाज से उस लड़की से कह रहे थे।

वो अगर ज्यादा जोर से बोलते तो वो पुलिस वाले सुन लेते।

उनकी नजर अभी भी डॉक्टर बख्श और मरियम जमाल पर टिकी हुई थी

डॉक्टर बख्श में आप ही के अस्पताल में रिसेप्शन पर काम करती हूं।

और आपको अच्छी तरह से जानती हूं मैं।

मेरी फ्रेंड ने मुझे फासाने  की कोशिश की।

वह मेरे साथ गाड़ी में थी और एक्सीडेंट उसके ही हाथों हुआ था।

लेकिन गलती से इन्होंने मुझे पकड़ लिया और वह अपने आप को बचाकर निकल गई। 

ये लोग मेरी बात किसी भी तरह मानने को तैयार नहीं थे।

मेरे मुंह से यह निकल गया कि आप मेरे होने वाले शौहर हैं।

और मेरे बारे में आप  सब  जानते हैं। 

वह लड़की बैठे-बैठे डॉक्टर बख्श को बता रही थी।

और जो गाड़ी में और मेरी दोस्त चला रही थी।

वह गाड़ी आपका नाम पर ही रजिस्टर्ड है डॉक्टर बख्श। 

इसलिए मेरे मुंह से यही लफ्ज निकले  कि आप मेरे होने वाले शौहर हो।

ओ माय गॉड मेरी गाड़ी तुम लोग चला रहे थे।

डॉक्टर बख्श कि ऑखे हैरानी  से बडी हो  गई।

तुम लोगों को मेरी गाड़ी किसने दी।

डॉ बख्श ने पूछा।

सर वह वह आपके ड्राइवर ने मरियम जमाल ने हकलाते हुए बताया।

चलो मैंने मान लिया तुमने खुद को बचाने के लिए मेरा नाम इस्तेमाल किया । 

लेकिन मैं तुमसे शादी क्यों करूं?

तुम जानती हो कि मैं शादीशुदा हूं।

डॉ बख्श ने मरियम जमाल से कहां?

सॉरी सर यह सब कुछ मैं नहीं जानती।

बस इस वक्त मेरे मुंह से जो बात निकल गई। 

अब ये पुलिस ऑफिसर उसको हकीकत होते हुए देखना चाहते हैं।

मरियम जमाल ने कहा।

प्लीज सर मैं आपके हाथ जोड़ती हूं मुझे बचा लीजिए। 

नहीं तो अगर इन्होंने मुझे जेल में डाला तो सारी जिंदगी  मेरी वहां गुजर सकती है। 

क्योंकि उन्होंने मेरा पासपोर्ट छीन लिया है।

और मेरे साथ कोई नहीं है, मैं बिल्कुल यहां तन्हा हूं? 

उसकी खूबसूरत नीली आंखों से पटपट आंसू बहने लगे थे।

डॉ बख्श ने देखा भोला भाला चेहरा था उस लड़की का, उसके चेहरे से सच्चाई झलक रही थी।

डॉक्टर बख्श को उस के चेहरे पर तरस आ गया। 

ठीक है मैं तैयार हूं तुमसे शादी करने के लिए। 

बट सिर्फ एक दिन के लिए ठीक है। 

उसके बाद ना मैं तो मैं जानता हूं और ना तुम मुझे। 

डॉ बख्श ने कहा। 

ठीक है सर, थैंक यू वेरी मच। 

उसने अपने आंसू साफ करते हुए कहा।

डॉक्टर बख्श अगर आप फारिग हो गए हो बात करके।

तो प्लीज वापस यहां आ जाइए। 

ऑफिसर ने आवाज लगाते हुए कहा।

तो डॉक्टर बख्श और मरियम जमाल दोनों उसे ऑफिसर के पास चले गए।

अभी हम लोग जा रहे हैं लेकिन 1 घंटे बाद हम वापस आएंगे यह देखने के लिए के आपने अब तक इनसे शादी की है या नहीं?

अगर आपने इनसे शादी नहीं कि या यह झूठ बोल रही थी। 

तो मजबूरन हमें इनके साथ आपको भी लॉकअप में बंद करना पड़ेगा।

क्योंकि यह आपकी गाड़ी चला रही थी गैर कानूनी तरीके से?  इनका ड्राइविंग लाइसेंस भी नहीं था।

इन्होंने क्राइम किया है।

क्योंकि गाड़ी आपकी थी, इसलिए इसकी जिम्मेदार आप भी होंगे? 

वह ऑफिसर डॉक्टर बख्श से कहकर वहां से चले गए थे। डॉक्टर बख्श को रह रहकर इस लड़की पर गुस्सा आ रहा था। 

जो बेवजह की मुसीबत उनके सर पर डाल गई थी।

चलो मेरे साथ। 

डॉक्टर बख्श मरियम जमाल का हाथ खींचते हुए ले जा रहे थे।

वह उसका हाथ पकड़ते हुए लगभग खींचते हुए। 

अस्पताल के थोड़ी दूर तक ले गए।

जहां उनका घर था वह अपने घर में मरियम जमाल को ले आए।

और एक झटके से लगभग मरियम जमाल को सोफे पर फेंकते हुए। 

उसका हाथ अपने हाथ से छुड़ा लिया।

यही खामोश होकर बैठो तुम।

इस वक्त देखा जा सकता था कि डॉक्टर बख्श कितना गुस्से में है।

मरियम जमाल देख रही थी कि वह किसी को कॉल लगा रहे थे।

हेलो, जी हां आप अभी इसी वक्त मेरे घर पर आ जाइए। डॉक्टर बख्श किसी से फोन पर बात कर रहे थे। 

उन्होंने इतना कहते ही फोन को कट कर दिया। 

और गुस्से भरी नजर मरियम जमाल के ऊपर डाली।

दिल तो कर रहा है के अभी इसी वक्त तुम्हें अपने हाथों से गला घोट कर मार डालू? 

क्योंकि जो बेवकूफो वाली हरकत तुम्हें दिखाई है इस वक्त? 

उसके लिए यह सजा तुम्हारी बनती है।

डॉ बख्श बोले।

आई एम रियली सॉरी सर। 

मरियम जमाल ने कहा।

ओह  शटअप डफर डॉक्टर बख्श गुस्से मे चीखे।

मरियम जमाल मुजरिमों की तरह अपना मुंह नीचे करके बैठ गई थी। 

क्योंकि यह मरियम जमाल की गलती थी।

उसने बहुत बड़ी मुसीबत में डॉक्टर बख्श को और खुद को डाल दिया था?

अब डॉक्टर बख्श इस गलती को सुधारना चाह रहे थे।




इस कहानी में आगे क्या हो सकता है? (Future Plot Hint)

आगे संभावित मोड़:

• डॉ. बख्श को पता चल सकता है कि मरियम की “दोस्त” ने जानबूझकर उसे फँसाया था।

• ड्राइवर अचानक गायब हो सकता है, जिससे मामला और रहस्यमय बन जाएगा।

• मरियम वास्तव में निर्दोष निकल सकती है — और कोई ताकतवर व्यक्ति उसे फँसा रहा हो।

• इस एक-दिन की शादी के दौरान, डॉ. बख्श को उसकी सच्चाई दिखने लगेगी और उन्हें अपने गुस्से पर पछतावा होगा।

• पुलिस को दुर्घटना से जुड़ा कोई बड़ा अपराध पता चल सकता है।

• नकली शादी धीरे-धीरे असली भावनाओं में बदल सकती है।

📚 इस कहानी से हमें क्या सीख मिलती है?

यह कहानी हमें सिखाती है कि:

• सच देर से ही सही, सामने आ ही जाता है।

• जल्दबाजी में बोला गया झूठ ज़िंदगियाँ बर्बाद कर सकता है।

• दया और इंसानियत किस्मत बदल सकती है — जैसा कि डॉ. बख्श ने किया।

• कभी-कभी दोस्त ही सबसे बड़ा धोखा दे सकते हैं।

• एक गलत फैसला पूरी ज़िंदगी बदल सकता है।

✍️ कहानी का अगला छोटा हिस्सा (Next Short Part)

डॉ. बख्श खिड़की के सामने खड़े थे, पीठ मरियम की तरफ थी। बाहर गिरती बारिश उनके दिल के तूफ़ान से मेल खा रही थी।

मरियम चुपचाप सोफे पर बैठी थी, अपने दुपट्टे को कसकर पकड़े हुए। उसके गालों पर आँसू अब भी सूखे नहीं थे। वह खोई हुई, डरी हुई और बिल्कुल अकेली लग रही थी।

तभी दरवाज़े की घंटी बजी।

डॉ. बख्श ने अपना कोट ठीक किया और दरवाज़ा खोला। सामने एक गंभीर चेहरा लिए वकील खड़ा था।

“डॉक्टर साहब, क्या आप शादी के काग़ज़ात के लिए तैयार हैं?” वकील ने शांत स्वर में पूछा।

डॉ. बख्श ने एक पल मरियम की ओर देखा — इस बार गुस्से से नहीं, बल्कि गहरी उलझन से।

मरियम ने धीरे से नजर उठाई… यह महसूस करते हुए कि अब उसकी पूरी ज़िंदगी डॉ. बख्श के फैसले पर टिकी है।

(क्रमशः…)

💌 डियर रिडर्स 

इस भावनात्मक और रोमांचक सफ़र में मेरे साथ चलने के लिए धन्यवाद। आपकी मोहब्बत इस कहानी को ज़िंदा रखती है। सच, धोखा और तक़दीर के नए मोड़ देखने के लिए जुड़े रहिए। पढ़ते रहिए, महसूस करते रहिए और अपना प्यार बनाए रखिए। आगे और बड़े ट्विस्ट आने वाले हैं! 💙


अफ़साना वाहिद


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