“सच बनाम धोखा: कंदील की हिम्मत”
कंदील ने अपना फोन उठा कर किसी को एसएमएस किया।
और गाड़ी स्टार्ट करके समीर के घर की तरफ का रख लिया।
वह आज समीर से सारी बात क्लियर करने वाली थी।
वह उससे मिलकर समझाना चाह रही थी।
कि वह जो कर रहा है वह सब गलत है।
ऐसा करने से उसे कुछ हासिल होने वाला नहीं है।
यही बातों को सोचते हुए वह गाड़ी को ड्राइव कर रही थी। कुछ मिनट के बाद उसने गाड़ी को एक घर के आगे रोका।
कंदील गाड़ी से नीचे उतर गई।
घर के गेट पर गेट कीपर खड़ा हुआ था।
कंदील उसके नजदीक गई।
मुझे डॉक्टर समीर से मिलना है।
उसने गेट कीपर से कहा।
गेट कीपर ने डॉक्टर समीर को कॉल लगाया।
और उससे कहा कि सर आपसे कोई मैम मिलने आई है। उनको अंदर भेज दो मेरे रूम में।
डॉ समीर ने गेट कीपर से कहा।
गेट कीपर ने फोन कट करते ही कंदील से कहा।
आपको सर अपने रूम में बुला रहे हैं।
और सर का रूम सीधे जाकर लेफ्ट में है।
गेट कीपर ने कंदील से कहा।
कंदील ने अपनी गर्दन को हां में हिलाया और दरवाजे के अंदर चली गई।
वह गेटकीपर के बताए हुए रास्ते पर चल रही थी।
काफी बड़ा था डॉक्टर समीर का घर।
लेकिन बड़ी हैरान करने वाली खबर यह थी ।
कि वह इस घर में अकेला रहता था।
कंदील समीर के रूम के बिल्कुल नजदीक आ गई थी।
और वो दरवाजे के बाहर खड़े होकर कुछ सोचने लगी।
फिर उसने अपना फोन निकाल कर कोई नंबर डायल किया। फोन को वापस अपने कोर्ट की ऊपर वाली जेब में रख लिया।
फिर उसने अपना हाथ दरवाजे पर रखा।
तो उसका हाथ रखते ही दरवाजा खुद ब खुद खुल गया। मतलब दरवाजा अंदर से बंद नहीं था।
वेलकम स्वीटहार्ट।
आई एम वेटिंग फॉर यू।
डॉक्टर समीर रूम के सामने ही सोफे पर बैठा अपने एक पैर के ऊपर दूसरे पर को रखे हुए।
शातिराना हंसी के साथ हंस रहा था।
डॉ समीर मैंने तुमसे पहले भी कहा कि इतने गंदे लफ्जों से मुझे मत बुलाया करो।
कंदील रूम के अंदर दाखिल हो चुकी थी
कंदील ने डॉक्टर समीर से कहा।
ओह डियर आज बहुत खुश हूं मैं तुम्हारे यहां आने पर। यकीन मानो कि मेरे कब की मुराद पूरी हो गई हो आज? डॉक्टर समीर बोला।
ओके मैं तुम्हारी बात पूरी करदी है यहां आकर तुम्हारी बात मान ली है।
अब मैं तुमसे हम्बल रिक्वेस्ट करती हूं कि तुम लाएबा का पीछा छोड़ दो।
उसके जज्बातों से मत खेलो तुम।
उसे जब तुम्हारी असलियत पता चलेगी तो उसका दिल टूट जाएगा।
कंदील डॉक्टर समीर से कह रही थी।
हो यार कंदील इतनी भी क्या जल्दी है जाने की?
अभी तो तुम यहां पर आई हो।
अभी तो हमारी बातचीत होना बाकी है।
डॉ समीर सोफे पर से उठकर खड़ा हो गया।
और अपनी शर्ट को ठीक करता हुआ कंदील की तरफ बढ़ने लगा।
सच में यार कंदील तुम्हारी बहन बहुत सीधी है।
यह यूं भी कह सकते हैं कि वह बहुत बड़ी बेवकूफ है।
मैंने चांद मोहब्बत भरे लफ्ज उससे बोले।
और वह मेरी दीवानी हो गई।
हाहाहाहाहाह
समीर हंसने लगा।
मेरी बहन बेवकूफ नहीं है।
बस वह थोड़ी भोली है उसे सही गलत और अच्छे बुरे की पहचान नहीं है अभी।
और ना ही तुम जैसे चीप इंसान से आज तक उसका सामना हुआ है।
इसलिए तुम जैसे शातिर इंसान की बातों में आ गई वो। कंदील ने कहा।
ओके ,ओके कंदील।
अब तुम जिसके लिए यहा आई हो ,मैं अपने उस मकसद को पूरा करता हूं।
डॉक्टर समीर के चेहरे पर शातिराना
मुस्कुराहट थी।
कंदील अच्छी तरह से उसकी इरादों
को समझ रही थी।
तो स्वीटहार्ट तुम तैयार होना मेरे साथ इंजॉय करने के लिए।
डॉ समीर बिल्कुल कंदील के नजदीक आ चुका था।
डॉ समीर तुम्हें आखिरी बार वार्निंग दे रही हूं मैं।
इस तरह के नाम से मुझे मत बुलाना।
और भूल कर भी मुझे टच करने की कोशिश मत करना। कंदील ने गुर्राते हुए समीर की तरफ देखकर कहा।
वाह कंदील जफर कमल का कॉन्फिडेंस है तुम्हारे अंदर।
तुम मेरे घर में खड़े होकर मेरे पर्सनल रूम में आकर।
मुझे ही धमकी दे रही हो।
वेरी गुड डॉ समीर ताली बजाते हुए बोला।
अभी तुम्हारी गलतफहमी दूर करता हूं तुम्हें टच करके दिखाता हूं ।
और देखता हूं कि तुम क्या कर लोगी?
डॉ समीर ने कन्दील को हाथ लगाने के लिए अपना हाथ आगे बढ़ाया।
कंदील दो कदम पीछे हट गई।
कंधे लिए क्या नया ड्रामा है तुम अच्छी तरह से जानती हो कि मैं तुम्हें यहां पर क्यों बुलाया था?
अगर यह सब नहीं करना था ,तो तुम्हें आने की जरूरत क्या थी?
डॉ समीर को कंदील की हरकत अच्छी नहीं लगी थी।
मेरा यहां आना बहुत जरूरी था।
क्योंकि अगर मैं यहां नहीं आती, तो तुम्हारे चेहरे से नकाब नहीं हटता डॉक्टर समीर?
जो खोल तुमने खुद के ऊपर चढ़ा रखा है।
उस खोल से तुम कभी बाहर नहीं निकलते।
कंदील ने डॉक्टर समीर से कहा।
प्लीज कंदील मेरे साथ यह खेल मत खेलो नहीं तो फिर तुम पछताओगी।
तुम सोच भी नहीं सकती हो कि मैं तुम्हारे साथ क्या कर सकता हूं?
डॉक्टर समीर ने कहा।
डॉ समीर तुम कुछ नहीं कर सकते हो।
क्योंकि तुम्हें नहीं पता है कि तुम पूरी तरह फस चुके हो?
कुछ देर बाद तुम्हें इस बात का एहसास होगा।
कि तुमने अपने घर में मुझे बुलाकर कितनी बड़ी गलती की है डॉक्टर समीर।
कंदील के चेहरे पर मुस्कुराहट आ गई थी।
क्या मतलब है तुम्हारा कंदील?
डॉक्टर समीर अपने माथे पर बाल डालते हुए बोला।
यू आर फिनिश्ड डॉक्टर समीर।
तुम्हारा खेल खत्म हो गया है।
कंदील ने कहा।
कंदील इस तरह की बातें करके मुझे गुस्सा मत दिलाओ और साफ-साफ बताओ कि क्या किया है तुमने?
डॉक्टर समीर ने कहा।
मैं तुम्हें कुछ नहीं बताऊंगी डॉक्टर समीर।
बल्कि तुम्हें खुद-ब-खुद पता चल जाएगा कि क्या हुआ है?
कंदील ने कहा उसके चेहरे पर इस वक्त बहुत इत्मीनान नजर आ रहा था।
बहुत हो गया तुमसे प्यार से बात करना तुम्हारी समझ में नहीं आ रहा।
अब देखो कंदील जफर के मैं तुम्हारे साथ कैसे जबरदस्ती करता हूं।
और अब तो तुम्हें यहा बचाने वाले डॉक्टर बख्श भी मौजूद नहीं है।
देखता हूं मेरे घर में तुम्हें कौन बचाता है किसकी पनाह में जाओगी तुम?
डॉ समीर ने कंदील को कंधों से पढ़ते हुए कहा।
यू आर अंडर अरेस्ट डॉक्टर समीर।
दरवाजे के बाहर से आवाज आई। जहां पुलिस वाले और हाशिम एक साथ खड़े थे।
कंदील के आने के बाद डॉक्टर समीर ने दरवाजा बंद नही किया था।
डॉ समीर ने चौक ते हुए पहले पुलिस और फिर कंदील की तरफ देखा।
यू , तुमने इतना बड़ा गेम प्लान किया मेरे साथ कंदील।
डॉ समीर हक्का-बक्का होकर कंदील से पूछ रहा था।
ठीक है तुमने इतना बड़ा गेम खेला है तो इसमें तुम मुझसे नहीं जीत सकती हो कंदील।
सिर्फ पुलिस को बुलाने से तुम मुझे गिरफ्तार तो करवा सकती हो।
लेकिन लाएबा की नजरों में कैसे गिराओगी तुम कंदील?
वह तो मेरे खिलाफ एक लफ्ज नहीं सुन सकती है।
डॉ समीर ने बहुत कॉन्फिडेंट से मुस्कुराते हुए कहा।
मुझे पता था डॉक्टर समीर।
कि तुम्हारी ऐसी ही कुछ सोच होगी।
इसलिए इसका भी इंतजाम मैंने कर लिया था।
कंदील ने अपने कोर्ट की जेब से अपना मोबाइल को निकाल कर दिखाया।
दूसरी तरफ वीडियो कॉलिंग पर लाएबा थी।
और जो कुछ भी कन्दील और समीर के दरमियान बातें हो रही थी।
उन सबको वह सुन रही थी और देख रही थी।
अब डॉक्टर समीर के चेहरे की तास्सुरात बदल चुके थे।
उसने फोन छीनने के लिए कंदील की तरफ हाथ बढ़ाने की कोशिश की।
इतनी देर में पुलिस के सिपाहियों ने डॉक्टर समीर को दोनों तरफ से पकड़ लिया।
कंदील तुमने बिलकुल अच्छा नहीं किया।
मैं तुम्हें इतनी आसानी से नहीं जाने दूंगा।
इसका बदला मैं तुमसे जरूर लूंगा कंदील।
डॉ समीर कंदील को धमकी दे रहा था।
ले जाओ इस मुजरिम को यहां से।
इंस्पेक्टर ने कहा।
तो सिपाही उसको खींचते हुए वहां से ले गए।
तो लाएबा तुमने सब कुछ अपनी आंखों से देख लिया और सुन लिया।
अब क्या कहना चाहोगी तुम?
कंदील लाएबा से बोल रही थी।
मुझे माफ कर दो कंदील मुझसे गलती हो गई है।
लाएबा रो रही थी।
रिलैक्स लाएबा रोने की जरूरत नहीं है।
खुद को संभालो।
और अल्लाह का शुक्र अदा करो कि अल्लाह ताला ने तुम्हें इतनी बड़ी आफत में जाने से पहले बचा लिया।
कंदील ने लाएबा को समझाते हुए कहा।
थैंक यू सो मच कंदील थैंक यू सो मच हाशिम भाई।
लाएबा ने उन दोनों का शुक्रिया अदा करते हुए कहा।
ठीक है हम लोग घर पर आकर बात करेंगे।
कंदील ने कहकर फोन को कट कर दिया।
थैंक यू वेरी वेरी मच हाशिम।
अगर आप मेरा साथ नहीं देते।
तो आज डॉक्टर समीर का चेहरा लाएबा के सामने नहीं आता।
कंदील ने हाशिम का शुक्रिया अदा करते हुए कहा।
कंदील शुक्रिया बोलकर मुझे शर्मिंदा मत करो तुम।
यह मेरा फर्ज था जो मैंने निभाया।
हाशिम ने मुस्कुराते हुए कहा।
चलो अब यहां से चलते हैं।
हाशिम ने कंदील से कहा।
तो वो दोनों वहां से चल दिए।
🔹 इस कहानी में आगे क्या हो सकता है? (Future Plot – Reader Hook)
डॉक्टर समीर की गिरफ्तारी के बाद उसकी सच्चाई मेडिकल सर्कल में फैलने लगती है।
लाएबा को धीरे-धीरे अहसास होता है कि अंधा भरोसा कितना खतरनाक हो सकता है।
कंदील को धमकियां मिलती हैं, जिससे कहानी में नया सस्पेंस और खतरा पैदा होता है।
हाशिम और कंदील की बॉन्डिंग और मजबूत होती है—एक ऐसा रिश्ता जो भरोसे और हिम्मत पर टिका है।
डॉक्टर बख्श की एंट्री होती है, जो इस केस को कानूनी और नैतिक मोड़ देता है।
कहानी यह दिखाएगी कि सच सामने आने के बाद लड़ाई खत्म नहीं होती—असली परीक्षा तब शुरू होती है।
🔹 इस कहानी से हमें क्या सीख मिलती है? (Moral / Lesson)
हर मीठी बात करने वाला इंसान सच्चा नहीं होता।
जब बात इज़्ज़त और सुरक्षा की हो, तो खामोशी नहीं, हिम्मत ज़रूरी होती है।
परिवार का एक सही फैसला, किसी की पूरी ज़िंदगी बचा सकता है।
सच्चाई को जितना भी दबाया जाए,
वह किसी न किसी दिन सामने ज़रूर आती है।
एक मजबूत और समझदार औरत,
अकेले भी शातिर इंसान को मात दे सकती है।
🔹 Next Short Part (Mini Continuation)
अगला भाग – छोटा सा दृश्य
पुलिस की गाड़ी दूर जाती चली गई।
घर के बाहर खड़ी कंदील ने
एक लंबी सांस ली।
आज वह जीत गई थी—
लेकिन उसे पता था,
यह जीत आसान नहीं थी।
दूर कहीं,
डॉक्टर समीर की आंखों में
नफरत अब भी जिंदा थी।
और कंदील जानती थी—
कहानी अभी खत्म नहीं हुई है।
कुछ जंगें
सच के सामने आने के बाद
और भी खतरनाक हो जाती हैं।
🔹 Readers Ke Liye Shukriya Message
इस कहानी को यहां तक पढ़ने के लिए
दिल से धन्यवाद।
यह कहानी उन सभी के लिए है
जो गलत के खिलाफ खड़े होने की हिम्मत रखते हैं,
और उन बहनों के लिए
जो आज भी सच और झूठ के बीच फंसी हुई हैं।
आपका साथ और प्यार
इस कहानी की सबसे बड़ी ताक़त है।
कहानी जारी है…
साथ बने रहिए ✨
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