दुल्हन के पीछे छुपा सच: कंदील की खामोश पीड़ा
डॉक्टर बख्श की दुल्हन बनी कन्दील
बस कंदील एक लास्ट टच बाकी है।
उसके बाद तुम पूरी तरह से तैयार हो जाओगी।
आई कैन्ट' बिलीव इट कंदील के ये तुम हो।
लाएबा उसे बहुत प्यार से देख रही थी।
वहीं दूसरी तरफ ब्यूटीशियन अपने काम को अंजाम दे रही थी।
जिल्ले हुमा और जेबा भी कंदील के पास ही बैठी थी।
ब्यूटीशियन ने कंदील के फेस पर स्प्रे किया।
कंदील की आंखें अभी बंद थी।
लो हो गई हमारी दुल्हन बिल्कुल रेडी।
ब्यूटीशियन ने कहा।
फिर लाएबा और जेबा कंदील को, दोनों कंधों से पकड़ कर मिरर के सामने ले गई।
जिल्ले हुमा वही बैड पर बैठकर कंदील को देखकर मुस्करा रही थी।
कंदील की आंखें अभी बंद थी।
कंदील ने गोल्डन कलर का ब्राइडल लहंगा पहना था।
जिस पर बहुत बारीक जरी जरदोजी का काम हुआ था। कंदील अब तुम अपनी आंखें खोल सकती हो।
लाएबा ने कहा।
कंदील ने जैसे ही अपनी आंखों को खोला।
उसकी नजर सामने मिरर पर गई।
कुछ लम्हे वह खुद को यूं ही देखती रही।
उसे यकीन नहीं हो रहा था, कि यह वही है।
कंदील हैवी कपड़े से काफी दूर रहती थी।
ज्यादा हैवी मेकअप किया नहीं था उसने।
मगर आज हैवी मेकअप में, वह बहुत ज्यादा हसीन लग रही थी।
माशाल्लाह, अल्लाह नजर बद से बचाए मेरी जान को।
लाएबा ने कंदील के गाल पर हल्के से किस करते हुए कहा।
ऐसा लग रहा है कंदील, की मैं तुम्हें भगा कर अपने साथ कहीं दूर ले जाऊं।
जेबा उस के कान में खुसर पुसर करने लगी।
अरे जेबा यार अगर तुमने ऐसा कर दिया, तो फिर डॉक्टर बख्श का क्या होगा?
आफ्टर ऑल 6 साल इंतजार किया है डॉक्टर बख्श ने कंदील का।
लाएबा मुस्कुराते हुए बोली।
यार मुझे इन कपड़ो में अनकंफरटेबल फील हो रहा है। कंदील अपने हैवी लहंगे पर हैवी ज्वेलरी को देखकर बोली।
ओहो तो अब दुल्हन को भी ऐसे कपड़े ना पहनाया जाए उनका हैवी ड्रेसअप ना किया जाए तो वह दुल्हन कैसे लगेगी?
कुछ देर की बात है डॉक्टर बख्श के घर पर जाकर चेंज कर लेना।
जेबा ने शरारत भरे लहजे मे कह कर आंख मारी।
कंदील की नजर खुद झुक गई इस बात पर।
ओके यार हम लोग चलते हैं, हमें भी तैयार होना है ।
काफी टाइम लग जाएगा हम लोगों को भी तैयार होने में। लाएबा ने कहा।
जिल्ले हुमा और जेब भी तैयार होने के लिए रूम से बाहर निकल गई।
कंदील समझ नहीं पा रही थी, इस सिचुएशन को।
कि वह खुश हो या अफसोस मनाए।
क्योंकि एक फॉर्मेलिटी थी जो निभाई जा रही थी?
सब इस फॉर्मेलिटी के बारे में नहीं जानते थे।
कंदील उस शख्स के साथ विदा की जा रही थी।
जिसे वह नफरत करने लगी थी।
एक लड़की की जब शादी होती है वह दुल्हन बनती है तो हजारों ख्वाब उसकी आंखों के आगे लहराते हैं।
बहुत उम्मीदे होती है उसे अपने हस्बैंड से।
लेकिन कंदील के दिल में ऐसी कोई बात नहीं चल रही थी।
उसे सिर्फ इस बात की तसल्ली थी, कि सही टाइम पर यह रुखसती हो जाएगी।
वह शुक्र कर रही थी खुदा से, की किसी को यह नहीं पता चला के वो प्रेग्नेंट है?
कंदील मिरर में खुद को हर एंगल से देखने की कोशिश कर रही थी।
एक आदत होती है लड़कियों में कि जब वह तैयार होती है ।तो हर एंगल से खुद को देखने की कोशिश करती है।
और यही कंदील कर रही थी।
अचानक से कंदील के फोन पर रिंग बजने लगी।
कंदील अपना लहंगा संभालती हुई, अपनी बेड के पास रखे मेज के पास गई।
वहां से उसने अपने फोन को उठाया।
उस पर समीर की कॉल आ रही थी।
इसने इस वक्त मुझे कॉल क्यों की है?
कंदील अपने माथे पर बाल डालते हुए सोचा।
फोन को रिसीव करके उसने अपने कान से लगाया।
हेलो, कंदील बोली।
हेलो कंदील, दूसरी तरफ से आवाज आई।
तुम तो बहुत फास्ट निकली डॉक्टर कंदील।
मैंने तो उस दिन मजाक में बात कही थी।
कि तुम कितने डॉक्टर को फसाओगी अपने जाल में।
और तुमने वह बात पूरी भी करके दिखा दी।
वाऊ , ग्रेट तुम डॉक्टर बख्श से शादी कर रही हो।
अब मेरी समझ में आया कि उस दिन डॉक्टर बख्श अस्पताल में तुम्हारी वजह से मुझसे लड़ाई क्यों कर रहे थे?
वझह यह थी कि तुम दोनों के दरमियान अफेयर चल रहा था।
डॉ समीर ने कहा।
डॉ समीर अपनी बकवास बंद कीजिए ।
और यह बताइए आपने मुझे इस वक्त कॉल क्यों किया है? कंदील को गुस्सा आ गया था ,उसकी फालतू की बात पर। कूल बेबी कूल।
इतना अकड़ने की जरूरत नहीं है ओके।
डॉ समीर ने कहा।
तुम्हारे कुछ फोटोग्राफ्स मेरे पास है, जो मैंने छुप कर खींचे थे।
तुम्हें इल्म भी नहीं है इस बात का।
किन-किन पोजीशन में मैंने तुम्हारे वह फोटो खींचे है।
डॉ समीर ने कहा।
डॉ समीर क्या बकवास कर रहे हो तुम?
मेरे फोटो तुम्हारे पास।
इतनी चीप हरकत की तुमने।
कंदील ने कहा।
हाहाहाहाहा वो शैतान की तरह हसा।
हां तुम्हारे कुछ फोटो मेरे पास है।
जो ऐसी पोजीशन में है जिन्हें देखकर मैं अपनी आंखों को तसल्ली देता रहता हूं।
तुम समझदार हो कंदील जो बात मैं कहना चाह रहा हूं।
कि किस-किस पोजीशन में मैंने तुम्हारे फोटो खींचे है।
डॉ समीर ने कहा।
ओके डॉक्टर समीर।
मैं समझ गई लेकिन अब आप यह बताइए कि आप क्या चाहते हैं?
कंदील ने कहा।
मैं बस यही कहना चाहता हूं, कि अपने रिसेप्शन के बाद मुझे
आकर अपने वह फोटो ले जाना।
अब तुम्हारी शादी हो जाएगी, तो मुझे उन फोटो की कोई जरूरत नहीं।
अब तो तुम डॉक्टर बख्श के साथ,,,,,।
समीर ने बात को अधूरा छोड़ते हुए कहा।
शट अप डॉक्टर समीर।
बंद कीजिए अपनी गंदी लैंग्वेज से बात करना।
ओके जब मेरा रिसेप्शन हो जाएगा तो मैं आपसे मिलकर खुद अपने फोटोग्राफ ले लूंगी।
कंदील ने कहकर फोन को कट कर दिया।
हां बेबी मैं भी यही चाहता हूं ।
की रिसेप्शन के बाद तुम मुझसे मिलने आओ।
मैं तो सिर्फ तुमसे झूठ बोल रहा था।
मेरे पास तुम्हारी कोई भी फोटो है ही नहीं।
यह तो तुम्हें अपने पास बुलाने का तरीका है।
तुम्हें बदनाम करने के लिए।
फोन कट होने के बाद डॉक्टर समीर कंदील को बदनाम करने की मंसूरी सोचने लगा।
कंदील ने फोन कट करके जैसे ही दरवाजे की तरफ देखा। आगा जान दरवाजे से टिके हुए खामोशी से कंदील की तरफ ही देख रहे थे।
अरे आगा जान आप।
कंदील उनको यहां पर देखकर चौंक गई थी।
आगा जान ने कुछ नहीं कहा, बस वह खामोशी से कंदील को देखने लगे।
कंदील आहिस्ता आहिस्ता चलते हुए अपने लहंगे को संभालती हुई।
आगा जान के नजदीक आ गई।
कंदील ने आगा जान को बहुत गौर से देखा।
उन्हें देखकर ऐसा लग रहा था, कि वह कंदील से नाराज है।
आगा जान इस तरह मुझे मत देखिए।
मैने उस दिन जो कुछ भी आपसे कहा उसके लिए मुझे बहुत शर्मिंदगी महसूस हो रही है।
मगर इस तरह से आपका देखना मुझे अजनबी पन का एहसास दिला रहा है।
कंदील आगा जान के कंधे से टिक गई थी।
आगा जान ने अपना दूसरा हाथ कंदील के सर पर रखा। और उसके सर पर एक किस किया।
नहीं कंदील बेटा मैं तुमसे नाराज नहीं हूं ।
मैंने तुम्हारी किसी बात का बुरा नहीं माना।
हां उसे दिन मुझे तुम्हारी बहुत बातों से इतना अफसोस हुआ था।
मैंने जिंदगी में कभी यह नहीं सोचा था तुम इस तरह से मुझसे बात करोगी।
आगा जान आहिस्ता आहिस्ता कंदील से कह रहे थे।
आगा जान के लहंजे में बहुत लाचारी नजर आ रही थी।
मगर फिर मैंने बात को दूसरे तरीके से सोचा।
तो पता चला तुम तो कहीं गलत नहीं हो।
और ना ही जिल्ले हुमा गलत है।
मेरी एक गलती की वजह से तुम दोनों यतीम हो गई।
और जल्ले हुमा को तो इतनी सख्त सजा मिली।
कंदील मुझे अपनी हर गलती का एहसास है।
मुझे अफसोस हो रहा है इन बातो का मैंने अब तक बहुत गलत फैसले के लिए है।
आगा जान ने कहा
ऐसा नहीं आगा जान ऐसा मत कहिए।
जो गुजर गया वह पुरानी बातें थी।
हमें आने वाली जिंदगी में तो अपने वही आगा जान चाहिए।
जो सबकी खुशियों को देखकर खुश होते थे।
कंदील ने उनके कंधे पर से हटाकर उनकी तरफ देखते हुए कहा।
हां मेरी बेटी मैं समझ गया हूं।
और मुझे माफी मांगनी है उसे बच्ची से भी।
जिसका बचपन से लेकर जवानी मैंने सजा में बिता दिया।
वो जिल्ले हुमा के बारे में बोल रहे थे।
आई मिस यू आगा जान बहुत याद आओगे आप।
कंदील की आंखों में आंसू झिलमिला ने लगे।
तुम भी हमें बहुत याद आओगी बेटा।
उन्होंने कंदील के माथे पर बोसा देते हुए कहा।
फिर आगा जान ने अपने हाथ में पकड़ा हुआ बॉक्स। कंदील की तरफ बढ़ते हुए कहा।
कंदील यह तुम्हारे लिए है।
कंदील ने बो बॉक्स उनके हाथ से ले लिया।
इसमें क्या आगा जान?
कंदील उसको खोलकर देखने लगी।
उसमें डायमंड के जाडाऊ कंगन थे।
यह मेरे लिए है आगा जान।
वह कंगन कंदील को बहुत पसंद आए थे।
हां बेटा यह कंगन तुम्हारे लिए और यह तुम्हारी वालिदा के कंगन है।
आगा जान ने कहा।
क्या यह मेरी वालिदा के कंगन है?
कंदील आंखें फाढ़ते हुए आगा जान की तरफ देखकर बोली।
हां कंदील यह तुम्हारी वालिदा के कंगन है।
आगा जान ने कहा।
कंदील उनका हाथ में लेकर इस तरह से देखने लगी।
जैसे कंगन नहीं उसकी वालिदा उसके सामने खड़ी है। आगा जान यह कंगन, मैं अपने पास बहुत संभाल के रखूंगी।
कंदील ने उन कंगन को सीने से लगाते हुए कहा।
बेटा मैं बाहर चलता हूं , येएक बहुत जरूरी काम था जो। मैंने कर दिया ।
तुम्हारी अमानत मेरे पास रखी हुई थी।
आगा जान कहकर बाहर चले गए।
और कंदील अपने वालिदा के कंगन को प्यार से देखने लगी।
🔮 इस कहानी में आगे क्या होगा?
आगे की कहानी में कंदील की ज़िंदगी और उलझेगी।
डॉ. समीर की साज़िश धीरे-धीरे सामने आएगी और वह कंदील को बदनाम करने की कोशिश करेगा।
डॉ. बख्श को कंदील के व्यवहार से शक होने लगेगा।
सबसे बड़ा तूफ़ान तब आएगा, जब कंदील की प्रेग्नेंसी और समीर की ब्लैकमेलिंग एक-दूसरे से टकराएंगी।
🌱 इस कहानी से हमें क्या सीख मिलती है?
इस कहानी से हमें यह सीख मिलती है कि:
हर दुल्हन खुश नहीं होती।
खामोशी के पीछे भी गहरा दर्द छुपा होता है।
ग़लत फैसलों का असर पूरी ज़िंदगी पर पड़ता है।
औरत की ताक़त उसके सब्र में होती है।
सच चाहे देर से सामने आए, लेकिन आता ज़रूर है।
✍️ अगला छोटा पार्ट (Next Short Part)
अगला भाग: खुशियों के शोर में दबा डर
कंदील ने अपनी वालिदा के कंगनों को सीने से लगाए रखा।
कमरे के बाहर शहनाइयों की आवाज़ थी,
और कमरे के अंदर उसका दिल काँप रहा था।
आईने में वह एक दुल्हन थी,
मगर उसके अंदर एक डरी हुई लड़की बैठी थी।
डॉ. समीर की बातें उसके ज़ेहन में ज़हर की तरह घुल रही थीं।
कंदील समझ चुकी थी —
यह शादी उसकी तकलीफ़ों का अंत नहीं,
बल्कि एक नई शुरुआत है।
और कहीं न कहीं…
एक सच्चाई उसका इंतज़ार कर रही थी।
💌रीडर्स के लिए मैसेज
मेरी इस कहानी को पढ़ने के लिए आपका दिल से शुक्रिया।
आपका प्यार और साथ ही मेरी लिखावट की सबसे बड़ी ताक़त है।
उम्मीद है यह कहानी आपके दिल को छू पाई होगी।
कृपया अपना साथ और दुआएँ बनाए रखें। 🤍
https://www.indiapulsedaily.com/2026/01/the-bakery-where-broken-hearts-heal.html
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