“जब सच्चाई सामने आई: कंदील की ज़िंदगी का सबसे मुश्किल फैसला”



 Kandeel ka darr sach sabit hua

कंदील अपने मुंह पर हाथ रखी हुई थी उसकी आंखों से आंसू बह रहे थे। 

काफी देर तो उसे यह समझने में लगा कि यह हुआ क्या है?

फिर उसने खुद को संभाला, और अपनी आंखों से आंसू को साफ किया।

  जो टेस्ट  कंदील ने करवाए थे उसकी रिपोर्ट अपने हाथ में उठाई। और अपने केबिन से बाहर निकल गई।

केबिन से बाहर निकालने के बाद लंबे-लंबे डिग भरती हुई।

वो डॉक्टर बख्श के केबिन के बाहर पहुंची।

डॉक्टर बख्श की केबिन के बाहर पहुंचकर 1 मिनट के लिए कन्दील दरवाजे के बाहर रूक गई। 

फिर उसने  कुछ सोच कर डॉक्टर बख्श के केबिन का दरवाजा खोला।

जैसे ही दरवाजे की आवाज हुई डॉक्टर बख्श ने, फाइल पर से नजर हटाते कर सामने दरवाजे की तरफ देखा।

अपने सामने कंदील को देखकर वह हैरान हो गए थे। 

हाऊ डेयर यू कन्दील जफर

तुम्हारी हिम्मत कैसे हुई मेरे केबिन में बिना इजाजत के आने की? 

जब कंदील दरवाजे के अंदर आ गई थी तो डॉक्टर बख्श ने कहा।

आप तो जाने क्या-क्या कर देते हो, मेरी इजाजत भी नहीं लेते हो? 

और आज  मै आपकी बिना इजाजत की आपकी केबिन में दाखिल हुई हू, तो आपको इतना गुस्सा आ रहा है।

डॉक्टर बख्श ने देखा कंदील की आंखें लाल हो रही थी। 

उसे देखकर लग रहा था कि वह अभी-अभी रो कर आई है। 

छोड़ो यह फिजूल बात बताओ यहां पर क्यों आई हो तुम? डॉक्टर बख्श अपने एक पैर पर दूसरा पैर रखते हुए कुर्सी से टेक लगाकर कंदील की तरफ देखते हुए बोले।

ग्रेट डॉक्टर बख्श कमाल कर दिया आपने। 

कंदील थोड़ा और नजदीक आकर, वह पेपर्स डॉक्टर बख्श के मुंह पर फेंकते हुए बोली।

कंदील क्या तुम्हारा दिमाग खराब है? या फिर तुम अपने होश में नहीं हो।  

जानती हो तुम्हारी इस हरकत की वजह से मैं तुम्हारे साथ क्या कर सकता हूं?

जब कंदील ने डॉक्टर बख्श के मुंह पर पेपर्स फेक तो डॉक्टर बख्श को बहुत तेज गुस्सा आ गया।

वह अपनी जगह पर से उठते हुए बोले। 

उन्होंने अपना हाथ बहुत तेज  अपनी टेबल पर मारा।

हां डॉक्टर बख्श मेरा दिमाग खराब हो गया ।

पागल हो गई हूं मैं। 

इसकी वजह हो आप। 

कंदील ने कहा।

खोलकर देखिए इन पेपर्स को, कंदील बोली।

डॉक्टर बख्श ने एक नजर कंदील पर डाली। 

और वह पेपर्स  उठाकर पढ़ना शुरू किया।

जैसे ही डॉक्टर बख्श ने पेपर्स को पढ़ाना शुरू किया। 

उनके चेहरे के तास्सुरात बदल रहे थे? 

कंदील बहुत गौर से उनको नोट कर रही थी।

गुस्से से एकदम डॉक्टर बख्श के चेहरे पर स्माइल आ गई थी।

कंदील यू आर प्रेगनेंट।

डॉक्टर बख्श बहुत खुश नजर आ रहे थे।

वह अपनी जगह से उठाते हुए कंदील के पास आ गए।

क्या यार मिसेज बख्श मुझे पापा बनने की खुशी इतनी रूडली दे रही हो?

डॉक्टर बख्श ने कंदील के कंधों पर हाथ रखते हुए कहा।

कंदील ने अपना मुंह  नफरत से दूसरी तरफ घूम लिया ।

उसकी आंखों से ऑसू गिरने लगे।

आई एम सो हैप्पी कंदील के में मैं बाप बनने वाला हूं।

डॉक्टर बख्श सच में बेहद खुश हो गए थे।

इस वक्त वह यह भी भूल गए थे कि उन्होंने कंदील से नफरत  करना शुरू कर दिया था।

दूर रहिए डॉक्टर बख्श मुझसे दूर रहिए। 

मैं बहुत नफरत करती हूं आपसे। 

कंदील अपने कंधों पर से डॉक्टर बख्श के हाथ को हटाते हुए बोली।

सुना आपने आई हेट यू।

कन्दील ने ऑखे कर फाढ़ते हुए डॉक्टर बख्श की तरफ देखा।

आई नो दैट कंदील के तुम मुझसे  नफरत करती हो।

मगर मैं तुम्हें बता नहीं सकता कि इस वक्त तुमने मुझे कितनी बड़ी खुशी से नवाजा है। 

डॉक्टर बख्श ने कहा।

डॉक्टर बख्श आपने मेरी ईगो को हर्ट किया ।

आपने मेरे साथ रेप किया। 

और आपने मेरा रेप किया उसकी वजह से यह बच्चा आ रहा है।

मै इस बच्चे को दुनिया में नहीं ला सकती। 

कंदील ने कहा।

कंदील क्या बेतूकी की बात बोल रही हो तुम?

मैं शौहर हूं तुम्हारा ,मैंने कुछ गलत नहीं किया तुम्हारे साथ। 

एक हस्बैंड वाइफ में ऐसा होना नॉर्मल बात है।

यह मेरा बच्चा है, और इसे तुम्हें दुनिया में लाना ही पड़ेगा। डॉक्टर बख्श को कंदील की बात बहुत बुरी लगी थी।

मुझे अच्छी तरह से पता है, कि एक हस्बैंड और वाइफ के बीच में ऐसा होना नॉर्मल बात है। 

मगर उस वक्त जब वह दोनों राजी हो। 

आपने मेरे साथ जबरदस्ती किया था।

मुझे पता है कि आप मेरे शौहर हो, लेकिन इस तरह जबरदस्ती अपनी बीवी के साथ कौन करता है? 

और वह भी उस गलती की वजह से  जिसमें मेरी कहीं से कहीं कोई गलती ही नहीं थी।

उस गलती की सजा दी आप ने मुझे।

जी नहीं डॉक्टर बख्श में हरगिज इस बच्चे को दुनिया में नहीं लाऊंगी।

मैं अपना ऑपरेशन करवा रहा हूं ,मुझे नहीं चाहिए यह बच्चा।

कंदील ले अपने ऑसुओ को साफ करते हुए कहा।

कंदील मेरी बात सुनो मुझसे गलती हो गई ।

मैंने जो किया मैं तुमसे उसके लिए माफी मांगता हूं ।

मैं गलत था, मगर यह बच्चा इस बच्चे को दुनिया में आने दो कंदील प्लीज, रिक्वेस्ट मी। 

डॉक्टर बख्श कंदील के सामने अपने हाथ जोड़ने लगे।

वाह डॉक्टर बख्श आपकी भी कोई मिसाल नहीं है। 

आज जब  आपको यह पता चला के आप पापा बनने वाले है 

उसके लिए आप कुछ भी करने को तैयार हो।

उस वक्त क्यों कुछ क्यों नहीं सोचा? 

जब आपने मेरे साथ जबरदस्ती की थी। 

क्यों नहीं रख सकते थे उस वक्त आप अपने गुस्से पर काबू डॉक्टर बख्श?

कंदील की रही थी। 

कंदील प्लीज समझने की कोशिश करो। 

मैं मानता हूं मैंने उस वक्त बहुत बड़ी गलती की, लेकिन उससे भी बड़ी गलती तुम्हारी थी। 

तुमने उन डायवर्स पेपर पर क्यों साइन की है?

उस वजह से मुझे बहुत गुस्सा आ गया और मैंने यह नहीं देखा कि मैं क्या गलत कर रहा हूं, और क्या सही? 

डॉक्टर बख्श अपनी गलती को एक्सेप्ट कर रहे थे।

बट डॉक्टर बख्श में इतनी महान नहीं हूं।

के आपने मेरे साथ इतना गलत किया और मैं आपको माफ कर दू? 

मै वह सब कुछ नहीं भूल सकती हू। 

बहुत दर्द देती है मुझे वह बातें। 

कंदील की आंखों से फिर से आंसू बहने लगे।

मै आपको किल्यरली  बता रही हूं, कि मैं इस बच्चे को पैदा नही करूंगी। 

कंदील ने कहा।

डॉ कंदील जफर कभी भी तुम्हारे दिमाग में सीधी साधी बात नहीं आती है। 

यह मेरा बच्चा है, कोई नाजायज बच्चा नहीं जिसको तुम गिरा दोगी। 

और मैं भी देखता हूं, कि तुम मेरे बच्चे को किस तरह नुकसान पहुंचती हो। 

अगर मेरे बच्चे को किसी भी तरह का कोई नुकसान पहुंचा।

तो तुम जानती हो कि मैं क्या कर सकता हूं?

डॉ बख्श ने फिर कंदील को धमकाया।

क्या कर सकते हैं , बताइए क्या कर सकते हैं आप?

डॉ बख्श आपको धमकाने के अलावा कुछ नहीं आता है। आप हर बार मुझे धमका कर डरा कर, अपनी मनमानी करते हैं।

लेकिन डॉक्टर बख्श, इन सारी बातों का बदला में अब लूंगी आपसे। 

कंदील ने कहा।

आप मेरे घर वालों के सामने यह साबित करना चाहते हो कि मैं कैरक्टरलेस हूं।

जरा सोचिए किसी को क्या जवाब दूंगी ,मैं के ये बच्चा किस तरह से आया?

सोचिए डॉक्टर बख्श क्या मैं लोगों से यह कहूंगी कि आपने मेरे साथ जबरदस्ती की?

हमारा जो रिश्ता है वह सबको नहीं पता है डॉक्टर बख्श।

जवाब दीजिए डॉक्टर बख्श।

कंदील डॉक्टर बख्श को झिनझोडते हुए कह रही थी। और डॉक्टर बख्श इस वक़्त खामोश थे।

मैं सबको जवाब देने के लिए तैयार हूं कंदील। 

मेरे पास हर सवाल का जवाब है। 

डॉ बक्श ने  कुछ देर बाद खामोशी को तोड़ते हुए कहा। कंदील के हाथ अपने कॉलर पैसे हटाते हुए कहा।

डॉक्टर बख्श आई हेट यू डॉक्टर बख्श, आई हेट यू। कंदील डॉक्टर बख्श से कह रही थी। 

उसका रोना किसी तरह कम नहीं हो रहा था।

वह अपने आंसुओं को साफ करती हुई डॉक्टर बख्श के केबिन से बाहर निकल गई।हवेली आकर कंदील डायरेक्ट अपने  रूम में आई। 


रूम का दरवाजा बंद करके वह बिस्तर पर लेट गई। कंदील की समझ में नहीं आ रहा था  कि वह क्या करें?

वह समझदार लड़की थी अपना अच्छा बुरा सोच सकती थी। 

उसे डॉक्टर बख्श पर गुस्सा तो बहुत आ रहा था। 

लेकिन ऐसा कभी भी नहीं कर सकती थी। 

वह अपना ऑपरेशन करवाने के बारे में सोच भी नहीं सकती थी।

क्योंकि  ये उसका भी बच्चा था?

जब कंदील को पता चला था, कि वह प्रेग्नेंट है।

तो एक पल के लिए वह हैरान और परेशान हो गई थी। लेकिन उसके  दिल में उस वक्त भी ये ख्याल नहीं आया था ,कि वह ऑपरेशन करवाएगी ।

अपने बच्चों को गिराएगी, सिर्फ डॉक्टर बख्श को गुस्सा दिलाने के लिए उसने वह बात बोली थी।

और क्यों गिरने के बारे में सोचती वो अपने बच्चों को उसका बच्चा कोई नाजायज नहीं था? 

सही कह रहे थे डॉक्टर बख्श। 

लेकिन डॉक्टर बख्श से उसे बहुत नफरत हो गई थी।

इस नफरत को वह कैसे कम कर सकती थी?

अब सबसे बड़ा मसला कंदील के आगे यह था।

कि वह घर वालों को इस बात के बारे में कैसे बताएं? 

इस बात को जल्द से जल्द उसे  हवेली वालो को बताना पड़ेगा ,।

क्योंकि  ये कोई ऐसी बात नहीं थी जो छुपा के रखी जाती? 

काफी देर वो इन सब चीजों के बारे में सोचती रही, कि उसे क्या करना चाहिए?

फिर उसने जो फैसला लिया ,अपने लिए वही बेहतर लगा हालांकि कंदील इस फैसले के लिए बिल्कुल तैयार नहीं थी। 

लेकिन अपने बच्चों की खातिर उसे ऐसा करना पड़ता। वो हार मान गई थी कंदील। 

क्योंकि उसका का बच्चा बीच मे आ गया था?

जिसकी फीलिंग को फील  करके कंदील को अलग ही खुशी महसूस हो रही थी। 

कंदील ने सोच लिया कि अब जल्द-से-जल्द उसे घर वालों से और आगा जान से बात करनी पड़ेगी।

वो ये फैसला लेकर मुतमईन हो गई थी।


🔹 आगे कंदील की ज़िंदगी में क्या हो सकता है?

कंदील की ज़िंदगी अब उस मोड़ पर खड़ी है

जहाँ हर रास्ता आसान नहीं,

लेकिन हर रास्ता उसे मज़बूत बना सकता है।

आने वाले वक़्त में कंदील के लिए सबसे बड़ी जंग

किसी और से नहीं—

ख़ुद से होगी।

उसे अपने डर, अपने ज़ख़्म

और अपने टूटे हुए भरोसे के साथ जीना सीखना होगा।

मुमकिन है कि

आगा जान और घरवालों के सामने

उसे सख़्त सवालों का सामना करना पड़े,

शक, तानों और ख़ामोश इल्ज़ामों से गुज़रना पड़े।

लेकिन इसी अंधेरे में

कंदील के अंदर की माँ

उसे नई ताक़त देगी।

हो सकता है कि

वो पूरी तरह खुश न हो पाए,

लेकिन अब वो कमज़ोर भी नहीं रहेगी।

कंदील की ज़िंदगी अब

एक मजबूर लड़की की नहीं,

बल्कि एक ऐसी औरत की कहानी बनेगी

जो हालात से हारती नहीं

बल्कि उन्हें सहते हुए आगे बढ़ती है।

🔹 इस कहानी से क्या सीख मिलती है?

यह कहानी हमें सिखाती है कि—

हर रिश्ता सिर्फ़ नाम से पाक नहीं होता,

इज़्ज़त और रज़ामंदी

किसी भी रिश्ते की असली बुनियाद होती है।

औरत की ख़ामोशी

उसकी कमज़ोरी नहीं,

बल्कि कई बार उसकी सबसे बड़ी मजबूरी होती है।

माँ बनना सिर्फ़ खुशी नहीं,

कई बार यह एक इम्तिहान भी होता है।

समाज अक्सर सवाल

पीड़िता से करता है,

गुनहगार से नहीं।

और सबसे अहम बात—

हालात चाहे कितने भी मुश्किल क्यों न हों,

ज़िंदगी रुकती नहीं

उसे जीना ही पड़ता है।

कंदील की कहानी

हमें यह एहसास दिलाती है कि

हर दर्द दिखाई नहीं देता,

और हर मुस्कुराहट के पीछे

एक अधूरी चीख़ छुपी होती है

जिसे सिर्फ़ अल्लाह सुनता है।


🔹 Next Short Part

Next Short Part – एक अनकहा डर

हवेली की दीवारें आज कंदील को और ज़्यादा भारी लग रही थीं।

कमरे की खामोशी उसके दिल की धड़कनों से टकरा रही थी।

उसने धीरे-से अपने पेट पर हाथ रखा—

एक अजीब-सी हलचल…

एक नन्ही-सी जान,

जो उसकी तकलीफ़ों से बेख़बर थी।

“मैं मज़बूत बनूंगी…”

कंदील ने खुद से कहा,

“अपने बच्चे के लिए।”

लेकिन अगला ही पल

उसके ज़हन में आगा जान का चेहरा उभर आया—

सख़्त, सवालों से भरा हुआ।

क्या वो मेरी बात समझ पाएंगे?

या एक और इल्ज़ाम मेरा इंतज़ार कर रहा है?

दरवाज़े के बाहर किसी के क़दमों की आहट आई—

कंदील संभल कर बैठ गई।

शायद…

अब इस सच को छुपाने का वक़्त खत्म हो चुका था।

(जारी रहेगा…)

🔹 Readers ke Liye Shukriya SMS 💌

Dear Readers 🤍

दिल से आप सभी का शुक्रिया

जो मेरी इस कहानी को इतना प्यार दे रहे हैं।

आपकी दुआओं, कमेंट्स और सपोर्ट की वजह से

आज ये कहानी 40 देशों में पढ़ी जा रही है 🌍✨

कंदील की तकलीफ़, उसकी ख़ामोशी

अगर आपके दिल तक पहुंची—

तो मेरी मेहनत कामयाब हो गई।

यूँ ही साथ बनाए रखिए,

क्योंकि आगे की राह

और भी जज़्बातों से भरी है।

आपकी मोहब्बत ही मेरी ताक़त है 🤍



https://www.indiapulsedaily.com/2025/12/zoboriya-decision-truth-betrayal-love-story.html


https://timespeakestruth.blogspot.com/2025/12/tata-harrier-safari-petrol-launch-2025.html

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