कंदील की खामोश जंग | एक मां बनने का डर, टूटे रिश्ते और बहनों का रिश्ता
Kandeel ki badhti bechaini
कंदील की समझ में नहीं आ रहा था कि वह हवेली वालो से किस तरह से बात करें।
और आगा जान तो बिल्कुल नहीं मानेंगे इस बात के लिए यही सोच सोच कर कंदील का दिमाग खराब हो रहा था। कंदील ने अपने फोन को अपने हाथ में लिया।
और नेट ऑन किया।
जैसे ही नेट ऑन किया।
ऊपर से काफी सारे मैसेज डॉक्टर बख्श के दिखाई पड़े। कंदील उन मेसेज को सीन करने के लिए व्हाट्सएप पर गई।
कंदील प्लीज मैं अपनी हर गलती की माफी चाहता हूं।
मैंने बहुत बड़ी गलती की है ।
मुझसे गलती हो गई ,कि मैंने तुम्हारे साथ वह सब कुछ किया।
लेकिन प्लीज प्लीज कंदील हम्बल रिक्वेस्ट यू, कि तुम मेरे बच्चे को कोई नुकसान ना पहुंचाओ।
मैं कुछ भी करने के लिए तैयार हूं ।
अपने बच्चों को हासिल करने के लिए।
डॉक्टर बख्श के मैसेज थे।
उसके साथ हाथ जोड़ने वाले और उदास होने वाले भी स्टीकर थे।
कंदील ने रिप्लाई में कुछ नहीं कहा।
फिर कंदील के फोन पर डॉक्टर बख्श की कॉल आने लगी।
कंदील ने फोन की रिन्ग को बजने दिया।
लेकिन कॉल रिसीव नहीं की।
डॉ बख्श बार-बार कंदील को कॉल कर रहे थे ।
लेकिन कंदील उनकी कॉल को इग्नोर कर रही थी।
डॉक्टर बख्श को गुस्सा आने लगा।
कंदील अब अगर तुमने मेरी कॉल रिसीव नहीं की।
तो मै सीधा तुम्हारी हवेली पर आ जाऊंगा।
डॉ बक्श का मैसेज था, गुस्से वाले स्टीकर के साथ।
कंदील ने जैसे ही मैसेज देखा।
फिर अपनी तरफ से डॉक्टर बख्श को कॉल बैक किया। क्योंकि वह अच्छी तरह से जानती थी।
कि डॉक्टर बख्श अपनी बात के कितने पक्के हैं?
और यहां पर उनका आना बहुत आसान था ।
और वह यह नहीं चाहती थी ,कि इस वक्त डॉक्टर बख्श उसके रूम में आए।
जी बोलिए क्या कहना है आपको?
कंदील के फोन करने पर डॉक्टर बख्श ने फोन रिसीव किया तो कंदील ने कहा।
कंदील आई एम सॉरी माफ कर दो मुझे।
मुझे अपनी हर गलती का एहसास हो रहा है।
कि मैंने तुम्हारे साथ बहुत गलत किया।
मगर मेरे लिए इतनी बड़ी खुशी है।
बाप बनने वाली ,तो मैं तुमसे हाथ जोड़कर विनती करता हूं ।
यह खुशी मुझसे मत छीनों कंदील ,प्लीज कंदील ट्राय टू अंडरस्टैंड मी।
डॉ बख्श की आवाज से लग रहा था कि वह बहुत उदास है।
डॉक्टर बख्श कैसे बताइए, कैसे मैं आपको माफ कर दूं? आपने इतनी बड़ी गलती की है।
मुझे हर्ट किया है मेरी ईगो को फना किया है ।
कैसे माफ करूं डॉक्टर बख्श में आपको?
कंदील की आंखों में आंसू झिलमिला ने लगे थे।
मुझे माफ कर दो कंदील में अपनी गलती की तलाफी करने के लिए तैयार हूं ।
तुम जो भी सजा मुझे दोगी मैं उस सजा के लिए तैयार हूं। बस मेरे बच्चे को इस दुनिया में आने से मत रोको।
डॉक्टर बख्श के लहजे में बहुत रिक्वेस्ट थी।
डॉक्टर बख्श मैं आपसे सुबह बात करूंगी।
अभी मेरे सर में दर्द हो रहा है।
मैं सोना चाहती हूं।
कंदील का दिल नहीं हो रहा था ,डॉक्टर बख्श से बात करने का।
ठीक है कंदील तुम आराम करो ,और अपना ख्याल रखना।
डॉ बख्श ने कहकर फोन को कट कर दिया।
कंदील सोचने लगी कल तक जिस शख्स को मुझे इतनी नफरत हो गई थी।
आज अपने बच्चों के लिए वह मेरे आगे कैसे गिड़गिड़ा रहा है?
कैसे विनती कर रहा है यह शख्स मुझसे?
तो क्या सिर्फ इसलिए मुझसे माफी मांग रहा है।
कि इसको अपने बच्चों से मतलब है?
इसे सही सलामत अपना बच्चा चाहिए।
कंदील सोचने लगी।
एक बहुत बड़ी परेशानी में डाल दिया था ।
डॉक्टर बख्श ने कन्दील को।
अगर यह नॉर्मल बात होती तो कंदील की खुशी का ठिकाना नहीं होता।
क्योंकि एक मां बनना बहुत बड़ी प्रायोरिटी होती है?
बहुत बड़ी खुशी होती है एक लेडी के लिए।
लेकिन इस तरह से जबकि वह अपने घर से रुखसत ही नहीं हुई।
लोगों को तो यह भी नहीं पता है कि कंदील का निकाह डॉक्टर बख्श के साथ हो गया है।
और अगर लोगों को यह बात पता चल जाती।
की कंदील प्रेग्नेंट है तो उस पर 10 तरह के लोग उंगलियां उठाते।
कंदील के कैरेक्टर को गलत साबित करते ।
यही सोच कंदील का दिमाग खराब कर रही थी।
और यह ऐसी बात थी,कंदील लाएबा से भी शेयर नहीं कर सकती थी।
कंदील ने सोच लिया था ,जो भी होगा देखा जाएगा।
लेकिन वह आगा जान से डायरेक्ट बात करेगी ,इस बारे में कन्दील इस फैसले पर पहुंच कर मुतमईन हो गई
थी।
कंदील अपने रूम से बाहर निकाल के अपना दरवाजा लॉक कर रही थी।
तभी उसकी नजर, बराबर वाले कमरे के बाहर खड़ी जल्ले हुमा पर गई।
व्हाइट कलर के सूट में दुपट्टा सर से उड़ी हुई।
हाथों में मैचिंग चूड़ी पहने।
और उसके दुपट्टों में से बालों की लटे दिखाई पड़ रही थी। जो जिल्ले हुमा की शख्सियत को और निखार रही थी। कंदील जिल्ले हुमा को देखकर मुस्कुराने लगी।
और उसके कदम अपने आप ही जिल्ले हुमा की तरफ बढ़ गए।
जिल्ले हुमा का ध्यान अभी कंदील पर नहीं था।
वह अपने कमरे के अंदर देख रही थी।
जिल्ले हुमा, कंदील ने उसे आवाज लगाई।
कंदील की आवाज लगाने पर जल्ले हुमा का ध्यान कंदील की तरफ गया।
जिल्ले हुमा ने पहले कंदील को चौक कर देखा।
फिर वह भी उसको देखकर मुस्कुराने लगी।
कुछ देर वह दोनों एक दूसरे को देखकर मुस्कुराने लगी।
फिर अचानक से कंदील आगे बढ़कर जिल्ले हुमा के गले लग गई।
जिल्ले हुमा ने भी कंदील को कस के पकड़ लिया।
जल्ले हुमा मुझे तुमको देखकर और तुमसे मिलकर बहुत खुशी हुई।
मैं कई दिन से तुमसे मिलना चाह रही थी, लेकिन ऐसी नौबत नहीं आ रही थी।
कि ठीक है मैं तुमसे मिल सकूं।
कंदील की आंखों में आंसू थे।
जल्ले हुमा भी रोने लगी।
जल्ले हुमा सच में तुम बहुत खूबसूरत हो।
कंदील उससे अलग होते हुए, उसको देखकर बोली।
ठीक कहा तुमने कंदील, मैं बिल्कुल अपनी बहन जैसी खूबसूरत हूं।
वह बहुत खुश होते हुए बोली।
दोनों एक दूसरे को देखकर हंसने लगी थी।
जल्ले हुमा कम से कम में लोगों से यह तो का सकूंगी कि मेरी भी एक बहन है।
कंदील ने कहा।
मगर कंदील मैं तुम्हारी, सगी बहन नहीं हूं।
जल्ले हुमा एकदम उदास हो गई थी।
खामोश हो जाओ जिल्ले हुमा।
आइंदा यह लफ्ज मुंह से मत कहना।
तुम मेरी बहन हो यह मेरे लिए इंपोर्टेंट है।
मैं इन सब चीजों को नहीं मानती हूं, कि तुम मेरी सौतेली बहन हो या सगी बहन हो।
जो कुछ भी हुआ उसमें आगा जान की गलती थी।
हम दोनों को अपना बचपन अपने वालिदैन के बगैर गुजरना पड़ा है।
इसका एहसास तुम्हारे और मेरे अलावा कोई नहीं कर सकता।
कंदील फिर से जल्ले हुमा के गले लग गई।
हुमा ने भी कंदील का पूरा साथ दिया था।
दोनों खामोशी से अपने आंसू बहा रही थी।
वाऊ फैमिली ड्रामा, हाशिम अपने रूम से बाहर निकाल।
तो उसने जिल्ले हुमा और कंदील को दोनों को गले लगे हुए देखा।
दोनों ने जब हाशिम की आवाज सुनी तो दोनों एक दूसरे से फिर से अलग हो गई।
क्या कर रही थी तुम दोनों?
हाशिम ने बारी-बारी दोनों की तरफ देखते हुए कहा।
यह हम दोनों का पर्सनल मेटर है हम दोनों बहने हैं।
तो आपको इसमें दखलअंदाजी करने की कोई जरूरत नहीं जरूरी नहीं है कि हम आपको बताएं कि हम क्या कर रहे थे? कंदील ने हाशिम की बात का जवाब दिया।
ओहहो तो यह आप दोनों बहनों का पर्सनल मेटर है।
हाशिम को यह सुनकर अच्छा लगा था।
जी हां हाशिम साहब आपने ठीक सुना ये हम लोगों का पर्सनल मेटर है।
और हां हाशिम साहब में मॉर्निंग दे रही हूं, आपको के आपने किसी भी तरह से अगर मेरी बहन को परेशान करने की कोशिश की?
तो फिर आप सोच लीजिएगा मैं आपके साथ क्या कर सकती हूं?
कंदील उंगली उठाते हुए ,हाशिम से कह रही थी।
अच्छा, मैडम तो यह बात है।
तो आप अपनी बहन की साइड लेगी तब।
हाशिम ने अपने होठों को सिकुड़ते हुए कहा।
बिल्कुल मैं अपनी बहन की साइड लूंगी।
कंदील बोली।
शादी मुबारक हो आप दोनों को आप दोनों एक साथ बहुत अच्छे लगते हैं।
कंदील ने बारी-बारी दोनों को देखते हुए कहा।
थैंक यू सो मच डॉक्टर कंदील।
हाशिम ने जवाब दिया।
बेसिकली आजकल कहां होती हो दिखाई नहीं पड़ रही हो? हाशिम ने कहा।
वह अस्पताल में कुछ जरूरी काम होता है जल्दी जाना पड़ता है।
इसलिए किसी से मुलाकात नहीं होती।
कंदील ने कहा।
वह तीनों एक साथ चलने लगे नीचे जाने के लिए।
इस दरमियान जल्ले हुमा खामोशी रही ,उसने कुछ नहीं कहा।
वैसे जिल्ले हुमा को हवेली के सब लोगों से मिलकर बहुत अच्छा लगा था।
लेकिन जब उसे कंदील ने अपने गले लगाया था ।
उसे बहुत अपनेपन का एहसास हुआ था।
और कंदील ने ठीक कहा था ।
उन दोनों की फीलिंग को सिर्फ वह दोनों ही समझ सकते हैं।
हाशिम की जिन्दगी मे आकर जिल्ले हुमा बहुत खुश थी।
🔮 आगे कहानी में क्या होने वाला है?
कहानी अब अपने सबसे नाज़ुक मोड़ पर पहुँच चुकी है।
कंदील आगा जान से सीधे बात करने का फैसला करेगी।
डॉक्टर बख्श की बेचैनी जिद और दबाव में बदल सकती है।
कंदील का छुपा सच धीरे-धीरे सबके सामने आने के करीब पहुँच जाएगा।
जिल्ले हुमा, कंदील की सबसे बड़ी ताकत बनकर उसके साथ खड़ी होगी।
एक फैसला कंदील की इज़्ज़त भी बचा सकता है
और एक गलती उसकी ज़िंदगी तोड़ भी सकती है।
🌸 कंदील की इस कहानी से हमें क्या सीख मिलती है?
इस कहानी से हमें यह सीख मिलती है कि —
हर खामोशी कमज़ोरी नहीं होती।
औरत का सम्मान हालात से बड़ा होता है।
माफी मांगना आसान है, लेकिन माफ करना बहुत मुश्किल।
समाज सबसे पहले औरत के किरदार पर उंगली उठाता है।
सच्चा रिश्ता खून से नहीं, साथ निभाने से बनता है।
कंदील हमें सिखाती है कि
हिम्मत वही है जो दर्द के बावजूद सही फैसला ले सके।
✨ अगला छोटा हिस्सा – फैसले की सुबह
उस रात कंदील की आँखों में नींद नहीं थी।
कमरा शांत था,
लेकिन उसका दिल शोर मचा रहा था।
उसने अपने पेट पर हाथ रखा,
आँखों से आँसू बह निकले।
“यह बच्चा बेगुनाह है…”
उसने खुद से कहा।
सुबह की पहली अज़ान के साथ
कंदील उठ खड़ी हुई।
उसने दुपट्टा ठीक किया,
आँसू पोंछे
और आईने में खुद को देखा।
“अब चुप नहीं रहूँगी…”
उसने तय कर लिया।
नीचे हवेली में
आगा जान दिन की तैयारी कर रहे थे —
उन्हें क्या पता था
कि आज एक सच उनके सामने आने वाला है।
💌 रीडर्स के लिए शुक्रिया मैसेज
प्यारे रीडर्स 🤍
कंदील की इस कहानी को
इतना प्यार देने के लिए
दिल से धन्यवाद।
आपके कमेंट्स, मैसेज और दुआएँ
इस कहानी की सबसे बड़ी ताकत हैं।
आपका साथ ही
इस कहानी को ज़िंदा रखे हुए है।
यूँ ही प्यार बनाए रखिए 🤍
https://www.indiapulsedaily.com/2026/01/after-the-silence-of-the-haveli-abuzarr-zoboriya-safwan.html
https://timespeakestruth.blogspot.com/2025/12/tata-harrier-safari-petrol-launch-2025.html




Comments
Post a Comment