“कंदील का सबसे बड़ा फैसला: बच्चे की खातिर आगा जान के सामने खड़ी हुई”



 Agaa jaan ki herani

कंदील हुमा और हाशिम तीनों टेरिस से नीचे उतरकर आ चुके थे।

और सामने ही हाल में घर के सारे लोग मौजूद थे। 

ठीक बीच वाले सोफे पर आगा जान बैठे हुए थे। 

जिनकी नजर जिल्ले हुमा  और हाशिम पर पड़ी।

तो उन्होंने अपने माथे पर बल डाल लिया ,और अपनी नजर को दूसरी तरफ घूमा लिया। 

हाशिम ने इस बात को नोट किया था।

हाशिम और हुमा एक साथ सोफे पर बैठ गए थे।

कंदील दूसरी तरफ सोफे पर बैठ गई थी।

कंदील सोच रही थी कि ये सही मौका है ।

आगाजान से बात करने का वह अपनी उंगलियों को मरोड़ने लगी।

उसके समझ में नहीं आ रहा था की बात कहां से शुरू करें?

बहुत हिम्मत करके उसने आगा जान से बात करने का फैसला लिया।

आगा जान मुझे आपसे कुछ बात करनी है। 

कंदील ने कहा तो आगा जान ने कंदील की तरफ देखा। कंदील अपनी उंगलियों को मरोड़ रही थी ,वह बहुत कंफ्यूज लग रही थी, आगे जान को।

कहो कंदील क्या कहना चाहती हो तुम? 

आगा जान ने अपनी गर्दन को सीधे करते हुए कहा।

बाकी के सारे लोग भी आगा जान की बात पर कंदील की तरफ देखने लगे थे।

आगा जान आप मुझे अच्छी तरह से जानते हैं। 

आगा जान  आप तो जानते है मै घुमा फिरा कर बात नही  करती हू। 

इसलिए मैं आपसे डायरेक्ट बात करना चाहती हूं।

कंदील ने कहा।

जो भी कहना है कंदील तुम कह सकती हो। 

आगा जान अपने चेहरे पर स्माइल लाते हुए बोले।

आगा जान जैसे कि आपको भी पता है, और हवेली के सारे लोग भी जानते हैं। 

6 साल पहले मेरा निकाह डॉक्टर बख्श के साथ हो चुका है। 

कंदील यह कहकर खामोश हुई। 

और उसने एक निगाह घर के सारे लोगों की तरफ डाली। 

सब लोग बहुत गौर से कंदील को सुन रहे थे।

आगे बोलो कंदील क्या कहना चाहती हो तुम? 

आगा जान ने कहा।

आगा जान मैं कहना चाहती हूं ,कि आप डॉक्टर बख्श के साथ मुझे रुखसत कर दें।

इसी में मेरी भलाई है।

कंदील ने कहकर अपनी नजरों को नीचे झुका लिया। 

कंदील क्या बेतूकी की बात बोल रही हो तुम? 

तुम अच्छी तरह से जानती हो, हम कितनी नफरत करते हैं उस सैफ हारून बख्श से। 

और उससे तो नफरत तुम भी करती हो ना। 

आगा जान ने अपनी आंखों को छोटी करते हुए कंदील की तरफ देखकर कहा। 

आगा जान बात मेरी नफरत करने की या आपकी नफरत करने की नहीं है।

सैफ हारून बख्श मेरे शौहर है।

  कानूनी  और शरीयत ही तौर पर मुझे उनके साथ रहना पड़ेगा। 

जो एग्रीमेंट मैंने उस वक्त साइन किया था।

उसकी मियाद भी पूरी हो चुकी है।

कंदील ने कहा।

कंदील हम यह कुछ नहीं जानते हैं। 

हम बस इतना जानते हैं कि हम हरगिज तुम्हें सैफ हारून बख्श के साथ रुखसत नहीं कर सकते।

हम उस शख्स से बहुत नफरत करते हैं। 

आगा जान के चेहरे पर सख्ती आ गई थी। 

आगा जान समझने की कोशिश कीजिए।

अगर आपने  कुछ  गलत कर दिया तो सैफ पुलिस को यहां पर फिर से लेकर आ सकते हैं। 

क्योंकि उनके पास लीगल वजह है? 

वह शौहर है मेरे।

कंदील ने कहा।

कंदील ऐसी शादी को नहीं मानता हूं ,मैं जो जबरदस्ती बंदूक की नोक पर करवाई गई हो।

और फिर तुम भी उससे नफरत करती हो ।

तो तुम कैसे उस इंसान के साथ अपनी जिंदगी गुजार सकती हो।

जिससे तुम सख्त नफरत करती हो?

आगा जान ने कहा।

आगा जान प्लीज आप समझने की कोशिश कीजिए।

यह सब कुछ इतना आसान नहीं है ,जितना अपने समझ रखा है।

कंदील उन्हे समझा रही थी

हमने कह दिया ना, हम तुम्हें उस शख्स के साथ रुखसत हरगिज नहीं कर सकते।

आगा जान गुस्से में बोलते हुए खड़े हो गए थे।

सुन लीजिए आगा जान मैं कहना चाहती हूं, कि मैं उस शख्स के साथ रुखसत होकर इस हवेली से जाना चाहती हूं। 

तो आप मेहरबानी करके मेरे रस्ते में कांटे मत डालिए।

कंदील इस वक्त सिर्फ और सिर्फ अपने बच्चों के बारे में सोच रही थी।

कंदील को भी आगा जान की बात पर गुस्सा आ गया था। उसने भी उनकी बात के जवाब में कहा। 

हवेली के सब लोग कंदील को देखने लगे।

  क्योंकि पहली बार ऐसा हुआ था ,कि कंदील ने इस तरह से आगा जान से बात की थी?

आगा जान आप क्यों मेरा घर बसे हुए नहीं देखना चाहते हैं? 

आपने मुझसे बगैर पूछे उन  डायवोर्स पेपर्स पर साइन करवाए। 

जबकि आपको अच्छी तरह से पता था, कि मैं और सैफ एक दूसरे के नजदीक आ रहे हैं। 

हम लोगों की बॉन्डिंग अच्छी होने लगी है।

फिर भी आपने इतनी ओछी हरकत कि आगा जान।

जब से सैफ हारून बख्श अमेरिका से इंडिया आया था। 

तब से लगातार आप सैफ हारून बख्श के टच में थे आगा जान। 

लेकिन आपने एक बार भी इसके बारे में मुझसे बात नहीं की।

बात तो क्या आपने एक मर्तबा भी मुझे इस चीज की खबर नहीं होने दी।

कि आप और डॉक्टर हारून बक्श आपस में?

मेरे मुतालिक बातें भी करते हैं।

कंदील की आंखें झिलमिलाने लगी थी।

कंदील तुम्हारी इतनी हिम्मत कि तुम हमारे सामने इस तरह से जुबान लाडाओ।

आगा जान गुस्से में बहुत तेज चीखे थे। 

नहीं आगा जान मेरी इतनी हिम्मत नहीं है ,कि मैं आपके आगे जुबान चलाऊ। 

लेकिन आपने मेरी जिंदगी को तमाशा बनाकर रख दिया है। 

आपने बिना मुझसे पूछे बिना मेरी इजाजत के उन डायवर्स पेपर्स पर मेरे साइन ले लिए।

और फिर वह डाइवोर्स पेपर्स अपने से डॉक्टर बख्श  के पास भेज दिए।

यह बोलकर के कंदील ने इन डायवोर्स पेपर्स पर अपनी मर्जी से साइन कर दिया है।

आप जानते हैं आपकी इस गलती की वजह से मुझे कितनी बड़ी परेशानी का सामना करना पड़ा है। 

कंदील कैसे उन्हें बताती  कि आगा जान की उस हरकत की वजह से डॉक्टर बख्श ने उससे जबरदस्ती की थी? 

जिसका सिला यह हुआ कि अब कंदील प्रेग्नेंट थी।



आज कंदील यह सब कुछ भूल गई थी।

कि वह किस बात कर रही है।

क्योंकि कंदील को अपने लिए स्टैंड लेना बहुत जरूरी था? 

यहां पर बात कंदील के बच्चे की थी।

अगर अपने लिए स्टैंड लेती तो भी वह आगाजान की बात को मान लेती। 

जैसा कंदील ने हमेशा किया था हमेशा वो आगा जान की बात को आंखें मून्द कर मान लेती थी।

लेकिन वह नहीं चाहती थी ,कि उसके बच्चे को कोई गलत नाम से आवाज दे,उंगली उठाए।

हवेली के सारे लोग एक दूसरे के मुंह को चौककर देखने लगे।

किसी को भी यह ईल्म नहीं था कि आगा जान ने धोखे से कंदील से डाइवोर्स पेपर पर साइन करवाने के बाद डॉक्टर बख्श को  वह पेपर्स भिजवा दिए हैं।

कंदील चाहे तुम कितनी भी कोशिश कर लो लेकिन मैं तुम्हें डॉक्टर बख्श के साथ रुखसत करके नहीं भेजूंगा। 

आगा जान अपनी बात पर अड़े हुए थे।

आगा जान अगर यह आपकी जिद है ,तो आप भी एक बात सुन लीजिए।

मैं भी आप ही का खून हूं। 

और मुझे यह पता है ,कि गलत क्या है और सही क्या है? आप अगर ऐसा नहीं करेंगे।

तो मजबूरन मुझे कोई दूसरा कदम उठाना पड़ेगा। 

जिससे लोग आपकी इज्जत पर उंगलियां उठाएंगे। 

कंदील कि आंखों में आज बिल्कुल खौफ नहीं था। 

वो आगा जान से नजरे मिलाकर बात कर रही थी।

कंदील यह सिला दिया है, तुमने हमें हमारी परवरिश का। हमने इस दिन के लिए तुम्हें पाल पोस के बड़ा किया था। 

कि तुम बड़ी होकर इस तरह से अपनी मनमानी करोगी। 

और हमसे जुबान दाराजी करोगी।

आगा जान  अपना गुस्सा काबू में नहीं कर पा रहे थे।

हां आगा जान अपने पाल पोस के मुझे बड़ा किया। 

जानती हूं मैं यह बात। 

और मैं यह भी अच्छी तरह से जानती हूं कि आपकी वजह से ही मेरे वालिदैन मर गए।

आपने मुझे और जिल्ले हुमा को यतीम कर दिया आगा जान।

कंदील की आंखों से आंसू बहने लगे।

जरा सोचिए हम दोनों के बारे में, कि हमने किस तरह से अपनी जिंदगी गुजारी।

अपने मां-बाप के बगैर।

और मुझे तो प्यार करने वाले हवेली में सब लोग मौजूद थे ।

मैं मानती हूं इस बात को।

लेकिन जो जास्ती अपने जिल्ले हुमा के साथ की है।

उसके लिए अल्लाह भी आपको माफ नहीं करेगा।

आगा जान, कंदील कहकर। 

आगा जान की तरफ से मुंह फेर कर। 

वहां से चली गई। 

आगा जान गुस्से और गम की कैफियत में कंदील को जाते हुए देख रहे थे।

यह वही कंदील थी, जिसने कभी निगाह उठाकर आगा जान से बात नहीं की थी।

और आज वह इतना कुछ बोल गई थी, आगा जान को। आगा जान अपनी छड़ी से टिकते हुए सोफे पर बैठ गए। सब लोग आगाजान की तरफ देखने लगे।



ड्राइवर गाड़ी चलाओ।

कंदील ने गाड़ी में बैठते हुए ड्राइवर को हुक्म सुनाया। 

और ड्राइवर ने जैसे ही कंदील की बात सुनी वह गाड़ी को स्टार्ट करने लगा।

कंदील अपने आंसुओं को साफ कर रही थी।

आज जिस तरह से कंदील ने आगा जान से बात की थी। उसने कभी सोचा भी नहीं था, कि वह इस लहजे में अपने लिए आगा जान से बात करेगी।

लेकिन आगा जान ने ऐसी सिचुएशन क्रिएट कर दी थी। 

मजबूरन कंदील को उनसे इस तरह से बात करनी पड़ी थी? 

बात अगर कंदील  की होती तो वह मान लेती ।

लेकिन यहां उसके बच्चे की बात थी।

वह अपने बच्चों के लिए यह स्टैंड लेने को तैयार हो गई क्योंकि वह नहीं चाहती थी।

  उसके बच्चे पर कोई गलत इल्जाम लगाया या उंगली उठाए? 

वह उसका और डॉक्टर बख्श का जाईज बच्चा था।

भले ही दुनिया की नजरों में उनका निकाह छुपा हुआ था। लेकिन उनका बच्चा जाईज था।

कंदील सोच रही थी, कि अस्पताल जाकर सीधे डॉक्टर बख्श के केबिन में जाएगी।

जो उसने आज आगा जान से बात की है।

  अगर आगा जान नहीं मानते।

तो अपने निकाह को दोहरा कर, डॉक्टर बख्श के साथ उनके घर में रहने लगेगी।

कंदील ने फैसला कर लिया था।



🔹 आगे इस कहानी में क्या होगा? (What’s Next)

आने वाले हिस्सों में कहानी एक खतरनाक मोड़ लेगी—

कंदील सीधे अस्पताल पहुँचकर डॉक्टर बख्श के सामने सब सच रख देगी

डॉक्टर बख्श को पहली बार एहसास होगा कि कंदील अब कमजोर नहीं रही

आगा जान अपनी इज्जत और डर के बीच फँसते चले जाएंगे

हवेली में कंदील की प्रेग्नेंसी का सच सामने आने का खतरा बढ़ेगा

क्या डॉक्टर बख्श खुलेआम कंदील को अपनाएंगे?

या फिर समाज और हवेली की सोच उनके रास्ते में दीवार बन जाएगी?

🔹 इस कहानी से क्या सीख मिलती है? (Moral / Lesson)

जब बात औलाद की हो, तो एक औरत शेरनी बन जाती है

गलत रिश्तों से डरकर भागना नहीं, उन्हें सही तरीके से संभालना हिम्मत है

खामोशी हर बार सब्र नहीं होती, कभी-कभी वह ज़ुल्म बन जाती है

औरत का स्टैंड लेना बदतमीज़ी नहीं, उसका हक़ है

समाज से पहले इंसान और फिर रिश्ते आते हैं

🔹 Next Short Part (Teaser)

Next Part — “Hospital Corridor”

अस्पताल का कॉरिडोर शांत था

लेकिन कंदील का दिल तूफान बना हुआ था

जैसे ही वह डॉक्टर बख्श के केबिन के सामने रुकी

उसका हाथ अपने पेट पर चला गया

“अब पीछे हटने का कोई रास्ता नहीं…”

दरवाज़ा खुला—

और सामने खड़ा था वही शख़्स

जिससे उसकी ज़िंदगी जुड़ी भी थी

और उलझी भी…

🔹 Readers Ke Liye Shukriya SMS 💌

Dear Readers 🤍

दिल की गहराइयों से शुक्रिया

कि आप मेरी इस कहानी को इतना प्यार दे रहे हैं।

आज मेरी यह कहानी

दुनिया के 150 देशों में पढ़ी जा रही है—

यह सिर्फ़ एक आँकड़ा नहीं

बल्कि आप सबका भरोसा है।

अगर आपको कंदील की कहानी छू रही है,

तो कृपया मेरे ब्लॉग को share करें,

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— Writer’s Heart

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