“इजाज़त, मोहब्बत और ज़िम्मेदारी: कंदील और डॉक्टर बख्श की नई शुरुआत”

 



कंदील  डॉक्टर बख्श दोनों ही एक दूसरे की निगाहों में खोने लगे थे। 

डॉ बख्श ने कंदील के बिखरे हुए बालों को कन्धे के एक साइड कर दिया। 

और अपना फेस उसके और नजदीक लाने लगे।

डॉ बख्श महसूस कर रहे थे कि कंदील की सासे बहुत तेज तेज चल रही थी।

कंदील ने डॉक्टर बख्श की थाईस पर से उठने की कोशिश की।

लेकिन अगले ही लम्हे डॉक्टर बख्श की पकड़ कंदील की कमर पर और सख्त हो गई।

डॉक्टर बख्श ने अपनी गर्दन को ना मे हिलाया।

कंदील घबराई हुई नजरो से डॉक्टर बख्श की तरफ देखने लगी।

डॉक्टर बख्श ने फिर कंदील को अपनी बाहों में उठाया और बैड की तरफ बढ़ने लगे।

कंदील खामोशी से उनकी तरफ देखने लगी। 

डॉक्टर बख्श भी उसकी तरफ देखते हुए आगे बढ़ रहे थे। फिर उन्होंने कंदील को बैड पर लिटा दिया।

डॉ बख्श मुस्कुराकर कंदील की तरफ देखने लगे।

आज सच में डॉक्टर बख्श को एहसास हो रहा था, कि उन्होंने कंदील को पा लिया है।

डॉक्टर बख्श कंदील के ऊपर झुकते हुए बोले। 

कंदील इजाजत है मुझे।

कंदील ने अपनी गर्दन को हां में हिला दिया।

डॉक्टर बख्श ने हाथ बढ़ाकर रूम की लाइट को ऑफ कर दिया।


सुबह जब कंदील की आंख खुली तो डॉक्टर बख्श और कंदील इतने करीब थे। 

दोनों के ही दरमियां में बिल्कुल जगह नहीं थी।

कंदील कुछ लम्हे मुस्कुरा कर यूं ही डॉक्टर बख्श को देखने लगी।

डॉक्टर बख्श सोते हुए बहुत क्यूट नजर आ रहे थे। 

डॉक्टर बख्श के माथे पर आए हुए बाल उनकी क्यूटनेस को और ज्यादा बड़ा रहे थे।

कंदील ने डॉक्टर बख्श के माथे पर से बालों को हटाया।

तभी कंदील की निगाह डॉक्टर बख्श के सीने पर गई। 

जहां लिपस्टिक के निशान थे।

ओह नो अगर यह किसी ने देख लिया तो बहुत खराब लगेगा।

कंदील खुद से बोली।

सैफ सैफ उठिए ना।

कंदील डॉक्टर बख्श को उठाने लगी।

क्या हुआ है यार कंदील कितनी सुबह-सुबह क्यों उठा रही हो? 

डॉ बख्श नींद में बड़बड़ाने लगे  उन्होंने दोबारा से कंदील को अपनी बाहों में भर लिया।

सैफ प्लीज उठिए  तो सही। 

यह देखिए क्या हुआ है? 

कंदील दोबारा उन्हें उठाने लगी।

क्या यार मिसेज बख्श आज तो इतनी सुबह-सुबह मत उठाओ? 

आज  तो बहुत अच्छी नींद आ रही है मुझे। 

डॉक्टर बख्श ऑखे खोलकर कंदील को देखते हुए बोले।

डॉ बख्श उठिए प्लीज और जाकर मिरर में देखिए। 

कंदील  डॉक्टर बख्श के बाहो के घेरे  से खुद को छुड़ाते हुए बोली। 

क्या यार कंदील ऐसा भी क्या हो गया ।

कि सुबह-सुबह उठकर सीधा मिरर में जाकर देखू? 

डॉक्टर बख्श का बिल्कुल भी दिल नहीं कर रहा था ।

इस वक्त उठने का।

कंदील के इतना फोर्स करने पर आखिर डॉक्टर बख्श को उठाना ही पड़ा। 

डॉक्टर बख्श सीधे मिरर के सामने जाकर खड़े हो गए।

डॉक्टर बख्श की नजर मिरर से होती हुई सीधी अपने सीने पर पड़ी। 

जहां लिपस्टिक के निशान थे। 

डॉक्टर बख्श के फेस पर खुद बा खुद स्माइल आ गई। 

उन्होंने मुड़कर कंदील की तरफ देखा। 

कंदील में अपने मुंह को  ब्लैन्कीट मे छुपा लिया।

डॉ बख्श बहुत तेज स्पीड में कंदील के पास वापस आए। और कंदील के ऊपर से ब्लैंकेट को हटाया।

कंदील ये क्या किया तुमने 

डॉक्टर बख्श  कंदील को छोड़ते हुए बोले।

मैं नहीं किया  वो तो बस।

कंदील खामोश हो गई। 

डॉ बख्श ने देखा कंदील का चेहरा शर्म से लाल पड़ चुका था।

कंदील ने अपने मुंह को डॉक्टर बख्श के सीने

छुपा दिया?

थैंक यू सो मच कंदील मेरी जिंदगी में दोबारा आने के लिए। 

डॉ बख्श कंदील के सर पर हाथ फिराने लगे।

चलो उठकर फ्रेश हो जाओ। 

आज तुम्हें हॉस्पिटल भी जाना है तुम्हारा चेकअप करवाने के लिए। 

डॉक्टर बख्श ने कंदील से कहा।

मतलब सिर्फ अपना चेकअप करवाने के लिए मैं आज हॉस्पिटल जाऊं।

हॉस्पिटल दोबारा से ज्वाइन कब तक करना है? 

कंदील डॉक्टर बख्श से पूछने लगी। 

कंदील यह तुम पर डिपेंड करता है ।

जब चाहे दोबारा से हॉस्पिटल ज्वाइन कर सकती हो।

मेरी तरफ से कोई रोक-टोक नहीं है।

डॉक्टर बक्श ने कहा। 

फिर कंदील अपने कपड़े निकाल कर वॉशरूम में घुस गई।

डॉक्टर बख्श ने अपने सीने पर जो कंदील के लिपस्टिक के निशान थे।

उनको हाथ से छुआ और मुस्कुरा ने लगे।


डॉक्टर बख्श एक प्रॉब्लम है अगर हम आपके हॉस्पिटल में चेकअप करवाएंगे तो यह क्लियर पता चल जाएगा।  

के मै डेढ़ महीने की प्रेग्नेंट हू।

और हमारी शादी तो अभी 2 दिन पहले ही हुई है। 

लोगों की नजर में।

डॉक्टर बख्श कार ड्राइव कर रहे थे।

और कंदील उनके बराबर में बैठी हुई थी।

तुम बिल्कुल ठीक कह रही हो कंदील। 

इस तरह से लोग हमें गलत नजर से देखेंगे और तरह-तरह के सवाल हमारे बारे में करेंगे।

ऐसा करते हैं हम किसी दूसरे अस्पताल में तुम्हारा चेकअप करवा लेते हैं।

डॉक्टर बख्श ने कहा। 

जी हां यही बेहतर रहेगा।

कंदील बोली।

डी बख्श  कंदील को लेकर दूसरे अस्पताल में चले गए। उन्होंने वहां पर उसका फुल चेकअप करवाया।

लेडी डॉक्टर ने बताया वैसे तो कन्दील बिल्कुल ठीक है सारे चेकअप परफेक्ट है।

लेकिन यह बहुत ज्यादा कमजोर है

इसलिए इन्हे फुल रेस्ट की जरूरत है। 

डॉक्टर बख्श मुझे उम्मीद है आपसे कि आप इनका पूरी तरह से ख्याल रखेंगे। 

इनके खाने पीने और इनकी दवाई का

क्योकी आप  खुद  भी एक डॉक्टर है समझदार है।

अपना ख्याल पूरी तरह से रख सकती है। 

डॉक्टर ने मुस्कुराते हुए कंदील और डॉक्टर बख्श दोनों से कहा। 

जी हां हम लोग पूरा ख्याल रखेंगे इन बातो का

डॉक्टर थैंक यू सो मच। 

डॉक्टर बख्श ने उस डॉक्टर का शुक्रिया अदा किया।

  कंदील और डॉक्टर बख्श उसके केबिन से बाहर निकाल कर आ गए।

कंदील मुझे पता है कि तुम बहुत समझदार हो तुम्हें समझाने की जरूरत नहीं है। 

क्योंकि तुम खुद भी डॉक्टर हो? 

और अब तुम एक बच्चे की मॉम बनने वाली हो।

तो अपना ख्याल अच्छे से रख सकती हो। 

डॉक्टर बख्श गाड़ी में बैठकर कंदील से बोले। 

जी हां डॉक्टर बख्श मैं पूरी कोशिश करूंगी ।

अपनी तरीके से अपना और अपनी बेबी का ख्याल रख सकूं?

आफ्टर ऑल सैफ ये हमारा बेबी है।

कंदील ने अपने पेट पर हाथ रखते हुए कहा।

वेरी गुड कंदील डॉक्टर बख्श  कंदील कि तरफ देखकर मुस्कुराए और गाड़ी को स्टार्ट कर दिया।





🔮 Is Kahani Mein Aage Kya Ho Sakta Hai? (Future Plot Hook)

आगे की कहानी में—

कंदील की प्रेग्नेंसी डॉक्टर बख्श की ज़िंदगी को और ज़िम्मेदार बना देगी

समाज की नज़रें और सवाल दोनों को एक इम्तिहान में डालेंगी

हॉस्पिटल में कंदील की वापसी होगी, लेकिन एक नई पहचान के साथ

क्या कंदील अपने अतीत के डर से बाहर निकल पाएगी?

और क्या डॉक्टर बख्श हर हाल में उसका साथ निभा पाएँगे?

👉 आने वाले हिस्सों में प्यार सिर्फ एहसास नहीं, इम्तिहान बन जाएगा।

🌱 Is Kahani Se Kya Seekh Milti Hai? (Moral / Lesson)

सच्चा प्यार सिर्फ पास आने का नाम नहीं, ज़िम्मेदारी निभाने का नाम है

रिश्तों में इजाज़त, भरोसा और सम्मान सबसे ज़रूरी होते हैं

बीते हुए कल से ज़्यादा ज़रूरी होता है आने वाला कल

जब दो लोग एक-दूसरे का साथ थाम लें, तो हर डर छोटा लगने लगता है

✍️ Next Short Part (Teaser / Short Continuation)

कार घर के गेट पर रुकी।

डॉक्टर बख्श ने उतरकर कंदील के लिए दरवाज़ा खोला।

कंदील ने हल्की-सी मुस्कान के साथ उनका हाथ थाम लिया।

“डर तो लग रहा है,” कंदील ने धीरे से कहा।

डॉक्टर बख्श ने उसका हाथ और मज़बूती से थाम लिया—

“जब तक मैं हूँ, डर को पास मत आने देना।”

कंदील ने पहली बार सुकून की साँस ली।

शायद अब ज़िंदगी वाकई एक नई शुरुआत देने वाली थी…

💌 Readers Ke Liye Shukriya Message (SMS Style)

“इस कहानी को अपना वक्त और एहसास देने के लिए दिल से शुक्रिया 💙

आपका प्यार ही मेरी लिखावट की ताक़त है।

दुआओं में याद रखिए—कहानी अभी बाकी है…”


https://www.indiapulsedaily.com/2026/01/when-snow-brings-back-the-past-winter-love-story.html




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