“Ek Bhooli Hui Raat Aur Ek Anjaan Call”

 


डॉक्टर बख्श  अकेले अपने रूम में बैड पर लेटे।

मुस्कुरा रहे थे।

बार-बार उन्हें कन्दील का ख्याल आ रहा था ।

उनके होठों पर खुद-ब-खुद हंसी आ  रही थी।

भले ही इस वक्त कंदील उनके साथ उनके रूम में मौजूद नहीं थी।

लेकिन उसका एहसास और यादें इस कमरे में मौजूद थी।   कंदील की बातों को याद करके डॉक्टर बख्श के चेहरे पर हंसी आ रही थी।

जितना प्यार डॉक्टर बख्श से पहले कंदील को करते थे।

अब उनके प्यार की शिद्दत और बढ़ती हुई  महसूस हो रही थी डॉक्टर बख्श को।

और होती भी क्यो नही वो उनके बेबी की मॉम जो बनने वाली थी।

मैं जानता हूं कन्दील  कि तुम मुझसे नफरत नहीं करती हो।

बस मेरी एक  गलती की वजह से तुम नाराज हो मुझसे। 

डॉ बक्श अपने दिल में सोच रहे थे।

इस वक्त उन्हे अपने रूम में कंदील की कमी बहुत खल रही थी।

उन्होंने अपना मोबाइल उठाया। 

और फोन का नेट ऑन करके। 

कंदील को एसएमएस किया।

व्हाट आर यू डूइंग मिसेज बख्श 😘😘

डॉक्टर बख्श के लहजे में बहुत प्यार था।

  फोन  कंदील के हाथ में ही था ।

मैसेज पहुंचते ही कंदील ने मैसेज को सीन

कर लिया था।

ओफ्फफो डॉक्टर बख्श आप यहा भी😔

कंदील उकताते हुए रिप्लाई किया।

व्हाट डू यू मीन मैं यहां भी 🤨🤨 डॉक्टर बख्श ने इस स्टीकर के साथ आंसर दिया।

मेरा मतलब है आपने इस वक्त एसएमएस किया😬😬। कंदील बात को संभालते हुए बोली।

वाइफी मुझसे तुम्हारी जुदाई बर्दाश्त नहीं हो रही है😔🫣 दिल कर रहा है अभी वहां पर आ जाऊं तुम्हारे पास। 

डॉक्टर बख्श ने  कंदील की बात पर रिप्लाई किया।

अरे डॉक्टर बख्श अभी कुछ देर पहले तो मैं आपके घर से यहां आई हूं😳😳

इतनी जल्दी आपको मेरी याद आ रही है।

कंदील ने हैरानी वाले स्टीकर के साथ रिप्लाई

किया।

वाईफी आई मिस यू 😘😘

डॉ बख्श ने फिर स्टीकर के साथ लिखा।

डॉक्टर बख्श मैं बाद में बात करती हूं आपसे।

कोई जरूरी काम है मुझे। 

कंदील ने कहकर नेट ऑफ कर दिया।

ऊफफफफ कंदील तुम क्यो मेरी  मोहब्बत के इम्तिहान को बड़ा रही हूं। 

तुम क्यों मेरी फीलिंग को नहीं समझाना चाह रही हो?

डॉ बख्श का मूड खराब हो गया था।

कंदील ऑफलाइन हो गई थी तो। 

उन्होंने भी नेट ऑफ करके फोन को साइड पर रखा। 

जैसे उन्होंने फोन को साइड पर रखा ही था।

  उस पर किसी की कॉल आने लगी। 

डॉक्टर बख्श ने फोन को उठाया। 

उसे पर कोई नाम सेव नहीं था।

मतलब अन्जान नंबर से कॉल थी।

हेलो डॉक्टर बख्श ने फोन रिसीव करके कहा।

थैंक गॉड आखिर इतने अरसे बाद आपकी आवाज सुनने को मिली मुझे।

वह लड़की डॉक्टर बख्श की आवाज सुनकर बहुत ज्यादा खुश हो गई थी। 

हेलो कौन बोल रही हैं आप?

डॉक्टर बख्श ने पहचाना नहीं था कि वह कौन है?

मुझे पता था कि आप भूल गए होंगे मुझे।

मेरी आवाज भी याद नहीं होगी आपको। 

उस लड़की ने कहा।

सॉरी बट मैंने आपको नहीं पहचाना कि आप कौन है।

तो प्लीज  आप अपना ताररूफ करवाइए? 

डॉ बख्श ने कहा।

डॉ बख्श में मरियम जमाल हू। 

वही मरियम जमाल जिसकी आपने मदद की थी।

जो आपकी मदद करने से आपकी इस तरह से कायल हो गई थी। 

की सब कुछ अपना,आप पर निछावर करने के लिए तैयार थी। 

उस लड़की ने कहा।

मरियम जमाल। 

मगर तुम्हें मेरा नंबर कैसे मिला? 

डॉक्टर बख्श हैरान होते हुए उससे बोले।

डॉ बख्श अमेरिका में जिस हॉस्पिटल में आप प्रैक्टिस कर रहे थे।

उस अस्पताल से मुझे आपका नंबर मिला है।

और आप यकीन मानिए डॉक्टर बख्श के आपकी जुदाई में मेरी क्या हालत हो गई है?

यह आप नहीं समझ सकते।

उस लड़की की आवाज रून्ध गई थी।

मरियम प्लीज मेरी बात समझने की कोशिश करो।

मैंने तुम्हें  पहले ही सब क्लीयरली बता दिया था।

कि तुम्हारे लिए मेरे दिल में रत्ती भर जगह नहीं है।

और वह सब कुछ जो मैंने तुम्हारे साथ किया। 

वह एक मजबूरी के तहत किया था।

उस वक्त मुझे तुम्हारी जान बचाना बहुत जरूरी थी मरियम।

तो मुझे उस वक्त वही ठीक लगा। 

डॉ बख्श ने कहा।

आपका कहना सही है डॉक्टर बख्श। 

लेकिन प्लीज थोड़ा सा मेरे बारे में सोचिए। 

मैं नहीं रह सकती हूं आपके बगैर। 

उसकी आंखों से आंसू पट-पट बहने लगे थे।

मरियम प्लीज तुम मेरी बात समझने की कोशिश करो।

मैंने तुम्हें उस वक्त भी बोला था। 

और मैं तुम्हें आज भी बोल रहा हूं।

कि मेरे इस दिल में तुम्हारे लिए बिल्कुल जगह नहीं है। 

इस दिल पर तो पहले से ही कोई और राज करता है। 

कंदील का खूबसूरत और भोला चेहरा एकदम डॉक्टर बख्श की आंखों के सामने लहराने लगा।

तो यहां कोई दूसरा दावेदार हो ही नहीं सकता है।

डॉ बख्श ने उसको साफ बात बताते हुए कहा।

मगर डॉक्टर बख्श मेरी जिंदगी भी आपके बिना अधूरी है।

उसने कहा। 

तुम एक बहुत समझदार लेडी हो अच्छी तरह से जानती हो इसलिए मैं तुम्हें समझा रहा हूं। 

कि मेरे पीछे आने की कोई जरूरत नहीं है।

मेरे पीछे आने से तुम्हारा मुस्तकबिल खराब हो जाएगा? क्योंकि मैं पलट कर नहीं देखूंगा?

डॉ बक्श ने  एकटूक लहजे में कहा।

मगर डॉक्टर बख्श मैं वह रात नहीं भूल पाती हूं। 

चाहकर भी मैं उस रात को नहीं भूल सकती हूं।

वह रो रही थी।

सिर्फ एक बार डॉक्टर बख्श एक बार मुझसे मिल लीजिए आप। 

उसके लहजे मिन्नते थी। 

मरियम मैं तुमसे नहीं मिल सकता हूं।

क्योंकि मैं वापस कभी अमेरिका नहीं आऊंगा? 

डॉ बख्श ने कहा।

आप अमेरिका नहीं आएंगे डॉक्टर बख्श लेकिन मैं इंडिया  आ सकती हूं। 

आपसे मिलने के लिए मैं कुछ भी करने को तैयार हूं ।

और कहीं पर भी जाने के लिए तैयार हूं।

मरियम ने कहा।

लेकिन मरियम मैं तुमसे नहीं मिलना चाहता हूं ।

तुम क्यों नहीं समझ रही हो मेरी बात को?

सिर्फ एक बार डॉक्टर बख्श सिर्फ एक बार मुझसे मिल लीजिए।

उसके बाद ना मैं कभी आपसे मिलेगी और ना ही मैं कभी आपको कॉल करूंगी।

मरियम ने कहा। 

ठीक है मैं देखता हूं कि मैं तुमसे कब मिल सकता हूं ओके? 

डॉ बख्श ने कहा।

थैंक्स डॉक्टर बख्श थैंक यू वेरी मच। 

उस लेडी ने कहा।

और फोन को कट कर दिया।

फोन कट होते ही डॉक्टर बख्श अपना सर पकड़ कर बैठ गए। 

इसको मेरा नंबर कहा से मिल गया। 

और इसकी इतनी हिम्मत कि इसने मुझे कॉल भी की। जबकि पहली बार ही मैंने इसको सब कुछ बोल दिया था।

तो भी इसने ये हरकत की।

डॉ बख्श मरियम जमाल की  कॉल से अपसेट हो गए थे। उनकी समझ में नहीं आ रहा था कि उन्हें आगे क्या करना है?


कौन थी ये मरियम जमाल जिससे बात करके डॉक्टर बख्श परेशान हो गए थे।




🔮 इस कहानी में आगे क्या हो सकता है

1️⃣ मरियम जमाल का अतीत सामने आएगा

– वह रात क्या थी,

– और डॉक्टर बख्श ने ऐसा क्या किया था

जो मरियम आज तक भूल नहीं पाई।

2️⃣ कंदील को सच्चाई का आभास होगा

– उसे डॉक्टर बख्श के व्यवहार में बदलाव महसूस होगा,

– और शक धीरे-धीरे सवाल बन जाएगा।

3️⃣ डॉक्टर बख्श का सबसे बड़ा इम्तिहान

– क्या वह खुद चलकर कंदील को सब सच बताएंगे?

– या सच छुपाकर हालात बिगाड़ देंगे?

4️⃣ मरियम की ज़िद और दर्द

– वह सिर्फ़ प्यार नहीं,

बल्कि उस रात का जवाब चाहती है।

5️⃣ एक फैसला जो सब कुछ बदल देगा

– सच सामने आएगा,

– किसी का दिल टूटेगा,

– लेकिन कोई रिश्ता और मज़बूत होगा।


🌱 इस कहानी से हमें क्या सीख मिलती है

अगर अतीत साफ़ न हो,

तो वह भविष्य को भी परेशान कर देता है।

मजबूरी या एहसान में लिए गए फैसले,

किसी के लिए ज़िंदगी भर का दर्द बन सकते हैं।

प्यार सिर्फ़ पाने का नाम नहीं,

बल्कि हदें (boundaries) समझने का नाम भी है।

हर उस इंसान को,

जिसे हम बचा लेते हैं —

यह ज़रूरी नहीं कि वह हमें भूल ही पाए।

सच छुपाना ठीक नहीं होता,

क्योंकि एक अनजान कॉल भी

पूरी ज़िंदगी हिला सकता है।

✨ NEXT SHORT PART (आगे की झलक)

डॉक्टर बख्श खिड़की के पास आकर खड़े हो गए।

बाहर रात और भी गहरी होती जा रही थी,

लेकिन उनके दिल के भीतर

एक पुरानी रात फिर से ज़िंदा हो चुकी थी।

मरियम जमाल…

एक ऐसा नाम,

जिसे उन्होंने कभी अपनी ज़िंदगी का हिस्सा नहीं माना,

लेकिन आज वही नाम

उनके सुकून के दरवाज़े पर दस्तक दे रहा था।

उनका दिल सीधा

कंदील के ख़याल पर जा अटका।

“अगर कंदील को इस कॉल के बारे में पता चल गया…

तो क्या वह मुझे वैसे ही समझ पाएगी,

जैसे मैं खुद को समझता हूँ?”

डॉक्टर बख्श ने गहरी साँस ली।

यह सिर्फ़ एक कॉल नहीं थी —

यह एक इम्तिहान था।

मोहब्बत का,

सच का,

और वफ़ादारी का।

और इस बार…

उन्हें फ़ैसला

सिर्फ़ दिल से नहीं,

ज़िम्मेदारी से भी लेना था।


💌Readers ke liye SMS 

“उन सभी पाठकों का दिल से शुक्रिया 🤍

जो डॉक्टर बख्श और कंदील की कहानी को

सिर्फ़ पढ़ते नहीं, महसूस करते हैं।

आपका प्यार, आपके कमेंट्स और आपका साथ

ही इस कहानी की असली जान है।

अगर इस कहानी के किसी मोड़ पर

आपका दिल थोड़ा-सा भी भर आया हो…

तो समझ लीजिए —

यह कहानी सिर्फ़ लिखी नहीं गई,

दिल से निकली है।

अल्लाह आप सभी को सुकून

और सही फैसलों की ताक़त अता करे। 🤍”





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