“Dil Ki Ghalti Aur Maafi: Dr. Bakhsh aur Kandeel Ki Adhoori Shikayat”

 



डॉ बख्श उसे बैड पर लिटा कर आगे बढ़ने लगे थे ।

तभी कंदील ने उनका हाथ पकड़ लिया।

डॉक्टर बख्श पहले अपने हाथ को कंदील  के हाथ में पड़ा हुआ देखने लगे। 

फिर सवालिया नजर से कंदील की तरफ देखने लगे।

  सैफ आप मुझे छोड़ कर तो नहीं जाएंगे।

जाने किस बात का डर लग रहा था ,कंदील को जो उसने डॉक्टर बख्श से सवाल किया था।

कंदील तुम्हारे बिना मेरा वजूद ही नहीं है। 

मैं कहां जाऊंगा तुम्हें छोड़कर?

डॉक्टर बख्श को इस वक्त कंदील पर बेइंतहा प्यार आ रहा था। 

कन्दील डॉक्टर बख्श से बच्चों के मानिंद सवाल कर रही थी।

क्या बात है कंदील इतनी अपसेट क्यों हो तुम ।

डॉक्टर बख्श कंदील के नजदीक बैठ गए थे?

और कंदील दिन अभी भी उनके हाथ को बहुत कसके पकड़े हुई थी।

डॉक्टर बख्श जाने क्यो  ऐसा लग रहा है।

के आप मुझे छोड़कर कहीं चले जाओगे? 

आज क्यों इस तरह के बसबसे मेरे दिल में आ रहे हैं?

कंदील ने डॉक्टर बख्श से कहा।

वह इतने दिनों से डॉक्टर बख्श के साथ दिखावे की नफरत कर रही थी। 

लेकिन वह और इस नफरत को कायम नहीं कर सकती थी। 

क्योंकि यह वह भी अच्छी तरह से जानती थी।

कि डॉक्टर बख्श ने कुछ गलत नहीं कहा किया था? 

हां कन्दील की रजामंदी उस वक्त नहीं थी ,वह सब कुछ करने की। 

लेकिन वह गलत नहीं थे।

उस वक्त कंदील बहुत हर्ट हुई थी। 

उसकी ईगो भी हर्ट हुई थी।

डॉक्टर बख्श।

चाहते तो पहले उसके साथ ऐसा कर सकते थे ।

लेकिन डॉक्टर बख्श ने कभी कुछ ऐसा कंदील के साथ नहीं किया।

क्योंकि डॉक्टर बख्श का कहना था ,कि जब कंदील की मर्जी होगी?

तभी हम वह सब कुछ करेंगे।

लेकिन हालात ऐसे बन गए थे कि डॉक्टर बख्श उस वक्त खुद को रोक नहीं पाए।

कंदील मेरे सीने मे जो दिल धड़कता है ना उसकी धड़कन हो तुम 😘😘

डॉ बख्श ने कन्दील के हाथ पर बोसा देते हुए कहा। 

तो अगर दिल धड़कना भूल जाता है।

फिर इंसान जिंदा नहीं रह सकता। 

डॉ बख्श बहुत गौर से उसको देखने लगे थे।

कंदील की बात से एकदम से डॉक्टर बख्श के दिल में मरियम का ख्याल आ गया था।

डॉक्टर बख्श सोच रहे थे कि इतने सालों बाद मरियम वापस कैसे आ गई?

वो तो उसे भूल चुके थे।

लेकिन आज उसकी कॉल करने पर, डॉ बख्श को याद आया।

के मरियम जमाल कौन थी?

कंदील मेरी गलती को माफ कर देना और उस गलती के लिए बहुत शर्मिंदा हूं मै। 

और मैं तुमसे प्रॉमिस करता हूं कि अबसे मैं दिल से पूरी कोशिश करूंगा ,कि तुम्हें कोई शिकायत का मौका ना मिले मेरी तरफ से। 

डॉक्टर बख्श का हाथ कंदील के हाथ में ही था।

डॉक्टर बख्श ने कंदील से माफी मांगी।

तो कंदील ने अपना मुंह बनावटी गुस्से के साथ, दूसरी तरफ घुमा लिया।

डॉक्टर बख्श मैं नाराज हूं ,आपसे उस बात के लिए अभी तक। 

आपने ऐसा क्यों किया? 

आप अच्छी तरह से जानते थे। 

अगर आप प्यार से मुझे किसी काम के लिए बोलोगे।

तो मै उसके लिए हरगिज मना नहीं करूंगी। 

लेकिन आपने वह सब कुछ मेरे साथ जबरदस्ती।

कंदील ने अपनी बात को अधूरा छोड़ दिया था।

कंदील ट्राय टू अंडरस्टैंड यार। 

मुझसे उस वक्त गलती हो गई। 

डायवर्स पेपर पर तुम्हारे साइन देखकर। 

मैं पागल हो गया था।

मैंने सोचा तुमने और आगा जान ने मिलकर मेरे खिलाफ साजिश रची है।

और तुम भी मेरे साथ धोखा कर रही हो। 

मैं इस बात से वाकिफ नहीं था, की आगा जान ने धोखे से उन पेपर्स पर तुमसे साइन करवाए थे।

डॉ बख्श ने कहा।

और प्लीज कंदील तुम मुझसे नाराज मत हो।

क्योंकि अगर तुम मुझसे नाराज हो जाओगी ।

तो मेरे लिए दुनिया में कुछ भी बाकी नहीं रहेगा?

डॉ बख्श ने अपने दूसरे हाथ से कंदील का चेहरा अपनी तरफ। मोड़ते हुए कहां?

सॉरी यार।

डॉ बख्श ने एक हाथ से अपना कान पकढ़ते हुए कहा।

कंदील का मुंह फुला हुआ था ,और वो डॉक्टर बख्श की तरफ देख रही थी।

उसके बाद आप मुझे अकेला छोड़ कर चले गए थे ।

उस फार्म हाउस में। 

कंदील  ने फिर डॉक्टर बख्श से शिकवा किया। 

हां कन्दील  क्योंकि उसके बाद मुझमे हिम्मत नहीं थी ।

कि मैं तुम्हारी नजरों का सामना करता ?

मैं बहुत ज्यादा गिल्टी फील कर रहा था उस वक्त । 

डॉ बख्श ने कन्दील को सच्चाई बताते हुए कहा।

कंदील ने देखा डॉक्टर बख्श सीरियस हो गए थे ।

इस बात पर 

बट सैफ मैं आपसे अभी भी नाराज हूं।

कंदील में मुंह बनाते हुए कहा।

  तो कंदील मैं तुम्हारी नराजगी  दूर करना अच्छी तरह से जानता हूं। 

डॉ बख्श ने कहा। 

और अपना फेस कंदील के फेस के नजदीक लाने लगे।

नही सैफ, कंदील ने  अपने हाथों से अपने चेहरे को छुपा लिया।

दोनों के फेस के दरमियान कंदील के हाथ आ गए।

डॉ बख्श अपनी गर्दन को झटकते हुए मुस्कुराने लगे।

ये क्या हरकत है कंदील?

डॉ बख्श ने अपने हाथ से कंदील के हाथों को हटाया।

कंदील की आंखें बंद थी।

डॉ बख्श ने उसके चेहरे पर झुककर।  

उसकी दोनों आंखों पर बारी-बारी किस किया। 

उन्होंने देखा कि कंदील के चेहरे के तास्सुरात  बदल रहे थे। 

फिर उन्होंने उसके माथे पर किस किया।

नहीं कंदील अब कुछ भी जबरदस्ती नहीं करूंगा। 

जिस चीज में तुम्हारी इजाजत नहीं होगी।

या जिस चीज के लिए तुम्हारा दिल राजी नहीं होगा। 

उसको मैं करने के लिए तुमसे कभी नहीं बोलूंगा।

डॉ बक्श ने कंदील की नाक को छेड़ते हुए कहा।

कंदील  की बातों से और उसके रिएक्शन से ऐसा महसूस हो रहा था।

कि उसने डॉक्टर बख्श की गलती को माफ कर दिया है। क्योंकि? 

अब डॉक्टर बख्श को वो पहले वाली कंदील नजर आ रही थी। 

जो उसके साथ सेव महसूस करती थी। 

डॉक्टर बख्श के दिल को तसल्ली हो गई थी।

क्योकी डॉक्टर बख्श का दिल बेचैन सा हो गया था। 

कंदील के साथ जबरदस्ती करके

डॉक्टर बख्श कंदील को तकलीफ नही देना चाहते। 

बस उस वक्त अपना गुस्सा कंट्रोल नही कर पाए थे। 

इस वक्त डॉक्टर बख्श को बहुत रिलैक्स फील हो रहा था। 

कंदील का हाथ अपने हाथ मे लेकर 





🌱 Is Kahani Se Hume Kya Seekh Milti Hai?

Pyar me ghalti ho sakti hai, lekin maafi sirf sachai se milti hai.

Zabardasti se mila rishta kabhi sukoon nahi deta.

Agar mohabbat sachchi ho, toh insaan apni ego tod kar jhuk sakta hai.

Narazgi sirf tab tak hoti hai, jab tak dil me pyar zinda hota hai.

Aurat ka “haan” aur “naa” dono barabar ahmiyat rakhte hain.

🔮 Is Kahani Me Aage Kya Ho Sakta Hai?

🌙 1. Maryam Ka Track

Maryam ka wapas aana sirf ek call nahi tha

Shayad wo Dr. Bakhsh ki zindagi me phir se dakhil hone wali hai

Is se Kandeel ke dil me insecurity paida hogi

👉 Past vs Present ka clash shuru hoga

💔 2. Kandeel Ka Emotional Test

Kandeel bahar se strong, andar se tootne lagegi

Wo dekhegi:

“Kya main sirf maafi ka nateeja hoon?”

Wo apni izzat aur boundaries aur zyada clear karegi

☕ 3. Dr. Bakhsh Ka Sabse Bada Imtihan

Unhe choose karna hoga:

Past (Maryam)

Ya Present & Future (Kandeel)

Is baar decision sirf jazbaat se nahi, zimmedari se hoga

✍️ Next Short Part (Continuation)

Next Part: “Ek Call, Ek Khamoshi”

Kandeel ne apni aankhen band ki hui thi,

lekin Dr. Bakhsh ka phone achanak vibrate kar utha।

Screen par naam chamak raha tha —

Maryam Jamal.

Dr. Bakhsh ek pal ke liye ruk gaye।

Kandeel ne dheere se aankhen kholi

aur screen par likha naam dekh liya।

“Utha lijiye,”

usne bahut shaant awaaz me kaha,

“jo aapki zindagi ka hissa raha hai…

use ignore karna bhi ek faisla hota hai.”

Dr. Bakhsh ne phone ki taraf dekha…

phir Kandeel ki aankhon me jhanka।

Is baar faisla sirf call ka nahi tha —

poori zindagi ka tha।

(To be continued…)

💌 Readers Ke Liye Shukriya SMS / Message
🌸 Short & Sweet

Is kahani ko padhne ke liye shukriya.

Aapka waqt aur ehsaas hi meri likhai ki asli taqat hai. 🤍

🌙 Emotional Version

Jo log sirf kahani nahi,

uske dard aur maafi ko mehsoos karte hain…

woh readers nahi,

is safar ke humsafar hote hain.

Dil se shukriya. 🌙



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