एक ख़तरनाक किस: जब मोहब्बत ब्लैकमेल बन जाए

 


doctor Bakhsh ka besharm hona

बहुत बेशर्म इंसान हो गए हैं यह डॉक्टर बख्श भी। 

मुझे वह काम करने के लिए बोल रहे हैं जो मैंने सारी जिंदगी में कभी नहीं किया। 

कंदील ये बात अपने दिल में सोच रही थी। 

उसको डॉक्टर बख्श की बातों पर गुस्सा आ रहा था।

  कंदील गुस्से में थी वह एक झटके से उठकर डॉक्टर बख्श के नजदीक गई।

और डॉक्टर बख्श को गौर से देखने लगी। 

मतलब डॉक्टर बख्श अपने दिल में ठान लिया है ।

कि अगर जब तक मैं आपको किस नहीं करूंगी ।

आप मुझे मेरे घर पर नहीं जाने देंगे। 

कंदील अपनी बड़ी-बड़ी आंखों से डॉक्टर बख्श की तरफ देखते हुए उनसे पूछ रही थी। 

इस वक्त कंदील डॉक्टर बख्श को बहुत प्यारी लग रही थी।

जी हां बेगम साहिबा आप बिल्कुल ठीक समझ रही है। 

मैं ऐसा ही करूंगा। 

डॉ बख्श ने अपनी गर्दन को अकड़ाते हुए कहा।

यह कौन सा तरीका है ब्लैकमेल करने का?

कंदील ने कहा।

यह मेरा तरीका है मिसेज बख्श।

कंदील अपने होठों को डॉक्टर बख्श के फेस के नजदीक ले गई।

डॉ बख्श और कंदील एक दूसरे की आंखों में देख रहे थे। 

इस वक्त दोनों में फासला न की बराबर था। 

वह लोग इतने नजदीक थे, कि एक दूसरे की सांसों को भी सुन सकते थे।

अभी डॉक्टर बख्श कंदील को देखने में ही बिजी थे। 

के अचानक से कंदील ने अपने होठों से डॉक्टर बख्श के होठों को मिला दिया?

डॉक्टर बख्श की आंखें हैरानी से बड़ी हो गई थी।

कंदील ने डॉक्टर बख्श के होटो पर हल्का सा किस किया। 

और फिर डॉक्टर बख्श से अलग हो गई।

डॉक्टर बख्श को उम्मीद नहीं थी ,कि कंदील ऐसी हरकत कर सकती है। 

वह तो सिर्फ उससे मजाक कर रहे थे।

लेकिन कंदील ने  उस बात को हकीकत में करके दिखा दिया था।

ठीक है ना ,अब जा सकती हू ना अपने घर पर। 

कंदील ने एकदम बच्चो वाले लहजे में, डॉ बख्श से सवाल किया।

हां जा सकती हो,डॉक्टर बख्श को यकीन नही हो रहा था के कन्दील ने अभी उन्हे किस किया था।

डॉक्टर बख्श के चेहरे पर स्माइल आ गई थी।

कंदील सच में तुम बहुत भोली हो। 

डॉक्टर बख्श ने कहा ,और कंदील के माथे पर किस कर लिया। 

कन्दील हैरानी भरी नजरों से डॉक्टर बख्श की तरफ देखने लगी।

आपने यह तो नहीं कहा था कि आप भी मुझे किस करोगे। 

कंदील ने डॉक्टर बख्श के किस करने पर कहा। 

अब ऐसा जरूरी तो नहीं कि मैं किस करूं तो तुम्हें बताऊ पहले। 

मेरी मर्जी मेरा दिल किया तो मैं तुम्हें किस कर लिया।

डॉ बख्श मुस्कुराते हुए कंदील से कह रहे थे।

अगर आपकी इजाजत हो तो मैं तैयार हो जाऊ कंदील ने कहा। 

कंदील वैसे तुम्हारे लिए एक गिफ्ट लाया था मैं। 

डॉ बख्श के चेहरे पर शरारती स्माइल थी।

मुझे नहीं चाहिए आपका कोई गिफ्ट।

एक गिफ्ट तो आपने दे दिया है।

बस वही संभालना है ,मुझे सारी उम्र किसी और गिफ्ट की जरूरत नहीं है। 

कंदील अनन फनन में,  क्या बोल गई थी

उसकी इस बात का एहसास भी नहीं था?

क्या कहा कंदील तुमने फिर से कहो? 

डॉक्टर बख्श उसका मतलब समझ गए थे ।

इसलिए दोबारा  उन्होंने कंदील से कहा।

कंदील ने अपनी अकल पर मातम करते हुए अपने माथे पर हाथ मारा। 

वह मेरा मतलब है, डॉक्टर बख्श के मुझे गिफ्ट लेना अच्छे नहीं लगते हैं बस। 

कंदील ने बात को खत्म करना चाहि।

डॉक्टर बख्श समझ गए थे ,कंदील की बात का मतलब इसलिए वह सिर्फ मुस्कुरा रहे थे।

ओके कंदील तुम अपने घर जाने के लिए तैयार हो जाओ। लेट मत होना। 

डॉ बख्श कहकर कमरे से बाहर चले गए थे।

क्या यार कंदील तेरी जबान से , भी कुछ भी निकलने लगा है? 

तू भी डॉक्टर बख्श की तरह बेशर्म हो गई है।

अभी अगर वह तेरी बात का मतलब समझ जाते। 

तो तेरी क्लास ले लेते। 

कंदील खुद को डांटती हुई बोली।

वह अपने कपड़े और ज्वेलरी निकाल कर तैयार होने लगी।



घर पर सब लोग कंदील से मिलकर बहुत ज्यादा खुश थे। और कंदील भी सबसे मिलकर खुश थी।

कंदील मुझे तुम्हें एक बहुत जरूरी बात बतानी है। 

कंदील अभी बेगम साहिबा और ताइ जान से बातों में मगन थी।

जब लाएबा ने उसके कान में आकर कहा। 

अच्छा क्या बात बतानी है बोलो?

कंदील ने लाएबा से कहा।

यहां नहीं यार यहां पर सब लोग मौजूद है।

तुम्हारे या मेरे कमरे में चलकर बात करते हैं।

लाएबा ने कहा।

फिर वह दोनों कंदील के रूम में आ गई। 

हमममम ,मैडम बताइए आपको क्या कहना है मुझसे? कंदील ने कहा।

कंदील मै किसी को पसंद करने लगी हूं।

लाएबा ने कंदील से कहा। 

रियली कौन है वह? 

कंदील खुश होते हुए बोली।

समीर नाम है उसका बहुत हैंडसम है वह। 

और हम लोगों के पिछले एक महीने से बात हो रही है।

लाएबा ने कहा

क्या कहा तुमने पिछले 1 महीने से बात हो रही है।

और तुम अब मुझे बता रही हो?

यह तो बहुत गलत बात है ना, लाएबा जाओ मैं तुमसे बात नहीं करती। 

कंदील ने मुंह फूलते हुए कहा। 

ओहहो कंदील अब ये बच्चों की तरह मुंह फुलाना बंद करो पहले मेरी पूरी बात तो सुनो। 

हम लोगों की एक नॉर्मल सी दोस्ती हुई थी। 

लेकिन फिर बात यहां तक आगे बढ़ गई।

बात इतनी आगे बढ़ गई है कि वह मुझसे शादी करना चाहता है। 

लाएबा ने पूरी बात कंदील को बताते हुए कहा।

वाऊ यार ग्रेट, यह तो अच्छी बात है ना, कि वह तुमसे शादी करना चाहता है।

तुम्हें पसंद है ना वह। 

कंदील ने कहा। 

हां कंदील मुझे बहुत पसंद है वह। 

लाएबा की ऑखो मे चमक आ गई थी। 

उस शख्स के जिक्र करने पर 

सबसे बड़ कर  उसका नेचर बहुत अच्छा है ।

कंदील लाएबा ने मुस्कुराते हुए कहा।

लेकिन लाएबा एक महीने में इतना सब कुछ हो गया।

तुम्हें अजीब नहीं लगता ,कि इतनी फास्ट वह शादी के लिए भी तैयार हो गया। 

कंदील को कुछ दाल में काला नजर आया। 

अरे नहीं कंदील ऐसा कुछ नहीं है।

उसने कहा है कि वह आगा जान के पास अपने पेरेंट्स को भेजेगा मेरा रिश्ता लेकर।

बट कंदील एक प्रॉब्लम है। 

लाएबा ने कहा। 

क्या प्रॉब्लम है लाएबा?

कंदील बोली।

प्रॉब्लम यह है कि तुम अच्छी तरह से जानती हो।

कि आगा जान खानदान के बाहर किसी लड़की की शादी बहुत मुश्किल से करते हैं। 

तुमने खुद का मसाला ही देख लिया।

फिर मेरे लिए कैसे मानेंगे वो?

तुम तो अपने लिए खुद लड़ ली कंदील।

मगर मुझ में इतनी हिम्मत नहीं कि मैं लड़ सकूं।

यह कैसी बात लाएबा यह तो तुम्हें प्यार करने से पहले सोचना चाहिए था। 

जब इतनी हिम्मत ही नहीं थी तो प्यार किया क्यों? 

कंदील ने कहा।

इतना सब कुछ हो गया इतनी बातें हो गई बात शादी तक पहुंच गई। 

लेकिन ना तो तुमने मुझे कोई बात बताई। 

और ना ही अभी तक उसका फोटो दिखाया है। 

कंदील ने कहा।

1 मिनट रुको कंदील मैं अभी तुम्हें उसका पिक दिखाती हूं।

लाएबा ने झट से अपना फोन निकाला।

और कुछ लिखने लगी।

लिखने के बाद उसने फोन कंदील के हाथों में थमा दिया।

इस लड़के को पसंद करती हो तुम इसने तुमसे शादी के लिए कहा है।

कंदील उसे शख्स को देखकर हैरान हो गई थी।

हां कंदील यही है वह, लाएबा खुश होते हुए बोली।

लाएबा दूर हो जो इस शख्स से। 

तुम नहीं जानते हो किस तरह का इंसान है यह। 

कंदील ने कहा। 

यह क्या कह रही हो कंदील तुम? 

मैं इसको बहुत अच्छी तरह से जानती हूं ।

ये बहुत अच्छे नेचर का इंसान है। 

कंदील की बातों से लाएबा के माथे पर बल पड़ गए थे। लाएबा में तुमको बोल रही हूं ,ना यह अच्छा इंसान नहीं है बहुत बड़ा धोखेबाज है यह ,मैं इसे अच्छी तरह से जानती हूं।

कंदील ने कहा।

तुमसे अच्छी तरह से जानती हो इसे  कैसे कंदील? लाएबा हैरान हो गई थी।

यह सुनकर , कंदील ने कहा था कि वह उस को अच्छी तरह से जानती।

लाएबा इस शख्स ने। 

कंदील कहते कहते खामोश हो गई।




इस कहानी में आगे क्या हो सकता है

अगले भाग में कंदील आखिरकार लाएबा को बताएगी कि समीर कौन है — वही शख्स जिसने कभी उसकी ज़िंदगी बर्बाद कर दी थी। यह सच सुनकर लाएबा टूट जाएगी। अब कंदील के सामने दो रास्ते होंगे:

या तो वह सच बोलकर लाएबा का दिल तोड़ दे,

या चुप रहकर उसे एक खतरनाक इंसान के हवाले कर दे।

साथ ही डॉक्टर बख्श की नज़दीकियाँ भी धीरे-धीरे शक पैदा करेंगी — क्या उनका प्यार सच्चा है या वो भी किसी और मंशा से कंदील के करीब आ रहे हैं?

इस कहानी से हमें क्या सीख मिलती है

यह कहानी सिखाती है कि

जहाँ इज्ज़त नहीं होती, वहाँ प्यार भी नहीं होता।

जब कोई इंसान प्यार के नाम पर दबाव डालता है, ब्लैकमेल करता है या मजबूर करता है — वह मोहब्बत नहीं बल्कि ज़हर होता है।

सच चाहे जितना कड़वा हो, झूठ से कहीं बेहतर होता है।

अगला छोटा भाग (Next Short Part)

कंदील की आँखें भर आईं।

“लाएबा… यह लड़का,”

वह धीमे से बोली,

“जैसा तुम सोच रही हो, वैसा बिल्कुल नहीं है।”

लाएबा हैरान होकर बोली,

“क्या मतलब?”

कंदील का दिल ज़ोर-ज़ोर से धड़कने लगा।

“इसने किसी की ज़िंदगी तबाह की है…

झूठे वादों से, झूठी मोहब्बत से।”

“किसकी?” लाएबा ने कांपती आवाज़ में पूछा।

कंदील की जुबान से एक ही शब्द निकला—

“मेरी।”

Readers के लिए शुक्रिया 

इस कहानी को पढ़ने के लिए दिल से धन्यवाद।

आपका साथ और आपकी भावनाएँ ही इस कहानी की जान हैं।

कंदील और लाएबा की इस दर्द भरी यात्रा में हमारे साथ बने रहिए —

क्योंकि अब सच सामने आने वाला है… 💔


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