बीता हुआ रिश्ता और बढ़ता हुआ ख़तरा | एक डार्क मेडिकल इमोशनल कहानी

 



डॉक्टर बख्श लैपटॉप पर कोई जरूरी काम कर रहे थे।

जब उनके केबिन के दरवाजे पर दस्तक हुई। 

येस कमिंग डॉक्टर बख्श बोले ।

डॉक्टर बख्श की नजरे अभी भी लैपटॉप पर ही टिकी हुई थी।

अस्सलामो आलेकुम सामने से किसी लड़की ने सलाम किया।

डॉक्टर बख्श ने अपने लैपटॉप पर से नजर हटाकर उस लड़की की तरफ देखा।

वालेकुम अस्सलाम आप की तारीफ।

डॉक्टर बख्श ने उस लड़की के सलाम का जवाब दिया। 

और उससे सवाल किया।

क्योंकि वह उस लड़की को पहचाने नहीं थे, कि वह कौन थी?

डॉ बख्श मुझे आप मुझे भूल गए।

वह लड़की हैरान होकर डॉक्टर बख्श से पूछ 

रही थी?

अपना तार्रूफ करवाइए की कौन है, आप मैंने आपको नहीं पहचाना? 

डॉ बख्श वाकिमे उस लड़की को नहीं पहचाने थे।

कि वह कौन है?

मैं मरियम जमाल हू डॉक्टर बख्श। 

वह डॉक्टर बख्श की मेज पर झुकती हुई बोली।

मरियम जमाल। 

डॉक्टर बख्श ने  अपने मुंह में दोहराया।

और उनकी आंखें हैरानी से फट गई।

तुम यहां ,यहां कैसे आई  तुम?

मैंने तुमसे मना कर दिया था कि तुम मुझसे मिलने कभी मत आना। 

फिर भी तुम यहां मुझसे मिलने के लिए आ गई।

डॉ बख्श का के होश फाख्ता हो गए थे इस वक्त ।

मरियम जमाल को अपने केबिन में देखकर।

डॉ बख्श प्लीज ट्राय टू अंडरस्टैंड मी।

मेरा आपसे मिलना बहुत जरूरी हो गया था। 

क्योंकि  सिचुएशन ऐसी आकर खड़ी हो गई है?

के अगर आपसे नहीं मिलती तो बहुत बड़ी परेशानी मेरे सामने आकर खड़ी हो जाती? 

मरियम जमाल की आंखों में आंसू आने लगे थे।

दुबले पतले कद की मरियम जमाल?

उसके हाईलाइट हुए बाल थे। 

जिसकी पोनी बनी हुई थी। 

वह देखने में एक कम  एज  की अन्गरेज लड़की लग रही थी।

बेईन्ताहा खूबसूरत थी मरियम जमाल 

मरियम जमाल मैंने तुम्हें उस वक्त ही बोल दिया था।

कि मैं तुम्हें इस मुलाकात के बाद दोबारा कांटेक्ट नहीं करूंगा। 

जो कुछ भी हुआ था हमारे दरमियां वह सिर्फ उस  एक रात की बात थी, उसके बाद सब खत्म हो गया था।

लेकिन तुमने इतने सालों बाद दोबारा मुझसे कांटेक्ट किया।

यह बात अच्छी तरह से जानते हुए।

कि मैं एक शादीशुदा इंसान हूं। 

dr.baksh उससे कह रहे थे।

डॉक्टर बख्श एक बार प्लीज मेरी बात सुन लीजिए आप आराम से उसके बाद मैं  चली जाऊंगी।

मैं कभी आपको कोई कांटेक्ट नहीं करूंगी। 

मरियम जमाल उनसे रिक्वेस्ट कर रही थी।

ठीक है मैं तुमसे आराम से बैठ कर बात कर लूंगा ।

लेकिन अभी तुम मेरे केबिन से बाहर जाओ। 

क्योंकि हमारा यहां पर बात करना ठीक नहीं है?

डॉ बख्श ने कहा।

तुम मुझे एड्रेस दे दो कि तुम कौन से होटल में रुकी हुई हो मैं वहां का आकार तुमसे मिल लूंगा? 

डॉ बख्श ने मरियम जमाल से कहा।

ठीक है डॉक्टर बख्श जैसा आप ठीक समझे।

मरियम जमाल ने डॉक्टर बख्श को अपने होटल का एड्रेस बता दिया। 

और डॉक्टर बख्श  की केबिन से बाहर निकल गई। 

उसके बाहर जाते ही डॉक्टर बख्श अपना सर पकड़ कर बैठ गए।

डॉक्टर बख्श को इस बात की बिल्कुल उम्मीद नहीं थी।

  मरियम जमाल इंडिया आकर डायरेक्ट उनके केबिन में आ जाएगी।

डॉक्टर बख्श सोचने लगे कि आगे करना क्या है? 


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जब कंदील ने अपना फोन हाथ में लिया।

और व्हाट्सएप ऑन करके देखा। 

तो कंदील  का खून खौल गया। 

उसका बस नहीं चल रहा था कि वह इन पिक्स में घुसकर डॉक्टर समीर का मुंह तोड़ दे।

क्योंकि डॉक्टर समीर ने अपने और लाएबा के बहुत क्लोज वाले फोटो?

कंदील को सेंड किए थे। 

उन फोटो में  देखा जा सकता था ,कि दोनों में नजदीकियां कितनी बढ़ गई है।

कंदील ने डॉक्टर समीर को कॉल लगाई।

हाए स्वीटहार्ट मुझे पता था कि तुम्हारी कॉल जरूर आएगी।

मैं तुम्हारी कॉल का हीं वेट कर रहा था। 

डॉ समीर ने फोन उठाते ही, कंदील से कहा। 

शेट यौर माउथ डॉक्टर समीर। 

आइंदा तुमने मुझसे इस तरह की बात की तो तुम्हारी सेहत के लिए बिल्कुल भी अच्छा नहीं होगा।

कंदील ने डॉक्टर  समीर को धमकी देते हुए कहा।

ओके, सॉरी मैं डर गया। 

डॉ समीर ने एक्टिंग करते हुए कहा।

डॉक्टर समीर तुम्हें शर्म नहीं आती इस तरीके की वालिहाना हरकत करते हुए।

तुम लाएबा के जज्बातों से खेल रहे हो।

उस बेचारी के दिल को दुखा रहे हो ,तुम डॉक्टर समीर क्यों?

कंदील को डॉक्टर समीर पर बहुत गुस्सा आ रहा था।

इसकी वजह तुम हो कंदील  सिर्फ तुम्हारी वजह से उसके साथ ऐसा कर रहा हूं मै । 

डॉ समीर ने कहा।

डॉक्टर समीर तुम क्यों इस तरह की हरकतें कर रहे हो?

तुम जानते हो ना कि मैं किसी की बीवी हूं।

क्यो मेरी इज्जत से खेल रहे हो तुम। 

कंदील ने कहा। 

तुम किसी की बीबी बाद में बनी थी कंदील। 

उससे पहले मैं तुम्हें चाहता था।

और दिलो जान से चाहता था। 

बस एक गलती हो गई मुझसे।

जिसकी तुमने मुझे इतनी बड़ी साजा दी कंदील। 

डॉ समीर ने कहा।

तुम नही जानते डॉक्टर समीर तुम से मिलने से पहले भी मै डॉक्टर बख्श की बीबी थी। 

कंदील अपने दिल मे सोचने लगी।

गलती नहीं थी डॉक्टर समीर  तुम्हारा वह रूप था जिसको तुमने छुपा के रखा था मुझसे।

अपने ऊपर एक खोल चढ़ा के रखा था।

अगर मैं तुम्हारा वह रूप नहीं देखती।

तो मैं तुम्हें अभी भी  अच्छी सीरत और नेचर वाला समीर समझती।

लेकिन यह मेरी गलती थी डॉक्टर समीर। 

जो तुम जैसे  इंसान को मैंने इतना अच्छा दोस्त समझ लिया। 

कंदील ने कहा।

ओह शट अप कंदील ज्यादा डायलॉग मत मारो। 

मुझे जो चाहिए वह तो मुझे दे दो ।

उसके बाद मैं तुम्हारी बहन का पीछा छोड़ दूंगा। 

अंडरस्टैंड।

डॉ समीर ने कहा।

ओके डॉक्टर समीर मैं अभी और इसी वक्त तुमसे मिलने आ रही हूं। 

कंदील  ने कह-कर फोन को कट कर दिया? 

आओ कंदील जफर ।

आई एम वेटिंग फॉर यू। 

कब से मुझे इस दिन का इंतजार है?

हाहाहाहाहाह। 

डॉक्टर समीर शैतानो की तरह हंसने लगा।






इस कहानी में आगे क्या हो सकता है (Next Plot Idea)

आगे कहानी और ज़्यादा गंभीर और रोमांचक मोड़ ले सकती है:

होटल में डॉक्टर बख्श और मरियम जमाल की मुलाक़ात के दौरान कोई ऐसा राज़ सामने आएगा जो डॉक्टर बख्श की शादीशुदा ज़िंदगी को हिला देगा।

मरियम का भारत आना सिर्फ़ मुलाक़ात के लिए नहीं, बल्कि किसी कानूनी या भावनात्मक मजबूरी की वजह से हो सकता है।

उधर, कंदील का डॉक्टर समीर से मिलने जाना उसे एक ख़तरनाक जाल में फंसा सकता है।

डॉक्टर समीर का असली चेहरा धीरे-धीरे और ज़्यादा बेरहम होकर सामने आएगा।

आगे चलकर दोनों कहानियाँ एक ही मोड़ पर टकरा सकती हैं, जहाँ इज़्ज़त, सच और ज़िंदगी दाँव पर लग जाएगी।

✅ इस कहानी से हमें क्या सीख मिलती है (Moral / Lesson)

यह कहानी हमें सिखाती है कि

हर मीठी बात करने वाला इंसान भरोसे के क़ाबिल नहीं होता।

कुछ लोग प्यार के नाम पर

सिर्फ़ कंट्रोल और डर पैदा करते हैं।

सबसे ज़रूरी सीख यह है कि

अपनी सीमाओं, इज़्ज़त और आत्मसम्मान की हिफ़ाज़त करना

किसी भी रिश्ते से ज़्यादा ज़रूरी होता है।

✅ Next Short Part (अगला छोटा हिस्सा)

अगला भाग:

होटल के कमरे में हल्की पीली रोशनी फैली हुई थी।

डॉक्टर बख्श कुर्सी पर बैठे हुए थे,

जब दरवाज़ा धीरे से खुला।

मरियम जमाल अंदर आई,

लेकिन इस बार उसके चेहरे पर वह आत्मविश्वास नहीं था

जो कभी उनकी मुलाक़ातों में हुआ करता था।

“डॉक्टर… अगर आज मैं आपसे नहीं मिलती,

तो शायद कल मेरी ज़िंदगी किसी और ही रास्ते पर चली जाती,”

मरियम की आवाज़ काँप रही थी।

डॉक्टर बख्श ने गहरी साँस ली।

उन्हें समझ आ गया था कि

यह मुलाक़ात सिर्फ़ अतीत की नहीं,

बल्कि आने वाले तूफ़ान की शुरुआत है।

उधर कंदील शीशे के सामने खड़ी थी,

अपनी आँखों के आँसू छुपाते हुए।

उसे नहीं पता था कि

जिस फ़ैसले की तरफ़ वह बढ़ रही है,

वह उसकी ज़िंदगी हमेशा के लिए बदल सकता है।

✅ Readers के लिए शुक्रिया संदेश

पाठकों के लिए धन्यवाद संदेश

इस कहानी को पढ़ने और

इसके किरदारों के दर्द को महसूस करने के लिए धन्यवाद।

अगर यह कहानी आपको बेचैन करती है,

सोचने पर मजबूर करती है —

तो यही इसका मक़सद है।

कुछ कहानियाँ दिल बहलाने के लिए नहीं होतीं,

बल्कि सच दिखाने और सावधान करने के लिए होती हैं।

आगे की कहानी के लिए जुड़े रहिए।

आपका साथ ही इस कहानी की असली ताक़त है। 🤍





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