राज़, तनाव और जुदाई: क़ंदील का टूटना और आगा जान के बेरहम फ़ैसले
Doctor bakhsh ka kehna
डॉक्टर बख्श के कहने पर डॉक्टर इकरा कंदील का ट्रीटमेंट कर रही थी।
उन्होंने जरूरी टेस्ट कंदील के करवाए, और कंदील को इंजेक्शन लगा दिया।
इंजेक्शन लगाने के कुछ देर बाद ही कंदील को होश आ गया था।
कंदील ने देखा डॉक्टर इकरा उस को देखकर मुस्कुरा रही थी।
कंदील अपने सर पर हाथ रख कर उठने की कोशिश करने लगी।
अरे कंदील लेटी रहो उठने की जरूरत नहीं है।
डॉ इकरा मैं यहां कैसे मैं तो मीटिंग में थी ना?
कंदील ने डॉक्टर इकरा से पूछा।
हां तुम मीटिंग में थी अचानक से तुम्हें चक्कर आ गया।
और तुम गिरकर बेहोश हो गई।
डॉक्टर इकरा ने कहा।
ओहहह कंदील के मुंह से निकला।
तुम स्ट्रेस ले रही हो और वीकनेस इतनी ज्यादा है, कि उसकी वजह से तुम्हें चक्कर आ गए।
डॉक्टर इकरा कंदील से कह रही थी।
आज ब्रेकफास्ट भी नहीं किया मैंने, शायद इस वजह से और मुझे चक्कर आ गए।
कंदील ने कहा।
इतनी लापरवाही ठीक नहीं होती है, कंदील ब्रेकफास्ट करके आना चाहिए था तुम्हें।
डॉक्टर इकरा ने कंदील से कहा।
डॉक्टर इकरा की बात पर कंदील मुस्कुराने लगी थी ।
अब वह उनका क्या बताती की ब्रेकफास्ट उसने क्यों नहीं किया था?
ठीक है डॉक्टर कंदील आप आराम कीजिए ।
मैं मीटिंग वापस अटेंड करती हूं।
डॉ बख्श ने मुझे से कहा था, कि जैसे ही आप होश में आ जाए।
तो आप मीटिंग वापस अटेंड करने आ जाएईगा।
क्योंकि यह मीटिंग हर एक डॉक्टर्स के लिए बहुत इंपॉर्टेंट है?
डॉ इकरा अपने हाथों को अपने कोर्ट की जेब में डालते हुए बोली।
आप जाइए डॉक्टर इकरा मैं ठीक हूं।
कंदील ने कहा।
फिर डॉक्टर इकरा बाहर की तरफ जाने लगी।
और हां डॉक्टर कंदील 2 दिन बाद अपनी रिपोर्ट्स जरूर ले लेना, लैब से वह जाते-जाते पीछे मुड़कर कंदील से बोली।
ओके डॉक्टर इकरा कंदील ने अपने सर को
हा में हिलाया।
कंदील को डाउट हो रहा था ।
वह सोचने लग गई कि अगर ऐसा हुआ तो।
तो मै क्या करूंगी?
नहीं नहीं ऐसा नहीं हो सकता।
यह बस मेरी थिंकिंग है अभी मेरी तबीयत ठीक नहीं है इसलिए मेरे दिल में उल्टी सीधी ख्याल आ रहे हैं।
उसने अपने सर को झटकते हुए का सोचा।
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आगा जान डॉक्टर बख्श को बता दीजिए।
कि आपने धोखे से उन डिवोर्स पेपर्स पर कंदील के साइन लिए थे।
अगा जान बहुत कर गलत कर रहे हैं आप।
हाशिम आगा जान के रूम में आकर उनसे कह रहा था हाशिम को अब कंदील की बहुत ज्यादा फिक्र होने लगी थी।
क्योंकि आगा जान कन्दील और डॉक्टर बख्श दोनों को अलग करना चाहते थे?
और अपनी कोशिश में कामयाबी हो गए थे।
आप कंदील और डॉक्टर बख्श को अलग करके क्या जताना चाहते है।
क्या आप नहीं जानते हैं ।
कि कंदील डॉक्टर बख्श को पसंद करने लगी है?
क्यों आप उन दोनों को अलग करना चाहते हैं ।
आगा जान?
हाशिम आगा जान के सामने खड़े होकर उनसे सवाल कर रहा था।
और आगा जान बहुत गुस्से मे हाशिम की तरफ देख रहे थे।
बारखुरदार जो मनमानी तुमने कर ली वह कर ली है।
लेकिन तुम यह सोचना भी मत कि हम कंदील को डॉक्टर बख्श के साथ विदा कर देंगे।
हम हरगिज ऐसा नहीं करेंगे, हम कभी डॉक्टर बख्श को कंदील के साथ विदा नहीं करेंगे।
आगा जान ने अपनी गर्दन को अकड़ाते हुए कहा।
बस कीजिए, आज खत्म कर दिए इस खेल को।
आखिर क्या मिला आपको ये सब करके?
अब 20 साल पुरानी वाली हरकत दोबारा मत दौहराईये आगा जान, आपकी एक हरकत और एक गलती की वजह से कंदील और जिल्ले हुमा दोनों ही यतीम हो गई।
क्या आपको एहसास है इस बात का?
हाशिम आगा जान की जमीर को झीनझोड रहा था। लेकिन आगा जान के अंदर का इंसान तो मर चुका था।
तुमने जो किया अपनी मर्जी से क्या हाशिम लेकिन हम नही मानते जिल्ले हुमा को इस घर की बेटी और ना इस घर की बहू?
वह तुम्हारी बीवी है तुम्हारे जो इख्तियार में उसके लिए करो
लेकिन हम अपने दिल में उसको कभी जगह नहीं दे सकते।
आगा जान से अपने गर्दन को ऊपर करते
हुए कहा।
आगा जान बहुत कर लि आपने, अपनी मनमानी अब ऐसा ना हो।
के आपके सब अपने आप को अकेला छोड़ दें?
क्योंकि आज तक मुझे लगता था।
कि लोग आपकी इज्जत करते हैं इसलिए आपके साथ है।
नहीं आगा जान लोग आपकी इज्जत नहीं करते ,बल्कि लोग आपसे डरते है।
लेकिन डर की भी एक में मियाद होती आगा जान?
अब लोगों के दिल में से आपका डर निकालने लगा है।
बेहतर यही है आप टाइम रहते अपने आप को सुधार लीजिये
नहीं तो उसका अंजाम बहुत बुरा हो सकता है।
हाशिम आगा जान को समझा रहा था।
हाशिम खामोश हो जाओ।
अब हमारे सब्र का पैमाना भर चुका है।
हमें तुम्हारी कोई बात नहीं सुनानी है।
चले जाओ हमारे रूम के बाहर।
आइंदा कभी हमें अपनी शक्ल मत दिखाना।
आगा जान का चेहरा एकदम गुस्से में तमतमाने लगा।
उन्हे हाशिम की बातों पर बहुत तेज गुस्सा आ रहा था।
ठीक है आज मैं यहां से चला जाता हूं।
लेकिन आप मेरी बातों पर गौर कीजिए।
आपने जो भी मनमानी करनी थी, कर ली है।
अब ऐसा कुछ मत कीजिएगा आगा जान।
हाशिम ने कहा और उनके रूम से बाहर चला गया।
अभी यह समझाएगा हमें, कि हम क्या गलत कर रहे हैं।
और क्या सही कर रहे हैं?
हमें अपनी किसी भी फैसले पर कोई पछतावा नहीं है।
हमने हमेशा सही फैसले किए हैं।
आगा जान बड़बड़ाते हुए अपने रूम में टहल
रहे थे।
आगा जान ने कुछ सोचते हुए डॉक्टर बख्श को फोन लगाया।
कफी देर रिन्ग बजती रही मगर दूसरी तरफ से फोन नही उठा।
फिर आगा जान ने फोन कट कर दिया।
हाशिम तुमने जिल्ले हुमा से शादी करके मेरे अरमानो पर पानी फिर दिया है।
अब मै तुम्हारा दूसरा मकसद कामयाब नही होने दूंगा।
मै उस सैफ हारून बख्श के साथ कंदील को कभी रूक्सत नही करूंगा।
आगा जान अपनी छड़ी जमीन पर टिकाते हुए अपनी पुशतैनी कुर्सी पर बैठते हुए बोले।
Next Short Part
क़ंदील बिस्तर पर लेटी हुई छत को घूर रही थी।
डॉक्टर इकरा की बातें उसके कानों में अब भी गूंज रही थीं — “इतना स्ट्रेस ठीक नहीं है…”
उसने धीरे-से अपनी मुट्ठी बंद की।
दिल के अंदर एक अनजाना डर करवटें बदल रहा था।
“अगर मेरे शक़ सच निकले तो…?”
उसकी आँखें नम हो गईं।
उधर हवेली में
आगा जान अपनी कुर्सी पर बैठे छड़ी को कसकर पकड़े हुए थे।
उनकी आँखों में पछतावे की जगह ज़िद थी —
वही ज़िद जो एक बार फिर किसी रिश्ते को कुचल देने वाली थी।
और हाशिम…
हाशिम पहली बार समझ चुका था कि
इस घर में सच बोलने की कीमत बहुत भारी होती है।
आने वाले दिनों में
या तो मोहब्बत जीतेगी
या फिर एक और कहानी अधूरी रह जाएगी…
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मेरी इस कहानी को इतना प्यार देने के लिए
आप सभी का दिल से बहुत-बहुत शुक्रिया 🤍
आज मेरी ये कहानी 50 देशों में पढ़ी जा रही है —
ये सिर्फ़ मेरी मेहनत नहीं,
बल्कि आप सबकी मोहब्बत और दुआओं का नतीजा है 🌍✨
मेरी आप सभी से एक छोटी-सी गुज़ारिश है 🙏
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आपके हर शेयर और कमेंट से
मेरे अंदर और बेहतर लिखने का हौसला बढ़ता है 🥰
एक बार फिर दिल से शुक्रिया ❤️
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