“कंदील जफर: साइलेंट चीखें एक डॉक्टर की”
doctor bakhsh ka gussa
कहां है कंदील जफर बुलाओ उनको?
जब पेशेंट को ठीक से ट्रीटमेंट नहीं दे सकती।
तो उन्हे छुट्टी करके अपने घर बैठ जाना चाहिए।
डॉक्टर बख्श काफी गुस्से में कंदील को कह रहे थे।
हुआ यू था के डॉक्टर कंदील ने एक पेशेंट को तेज स्पीड में ब्लड चढ़ा दिया था।
जिसका रद्दे अमल ये हुआ कि उसे पेशेंट के हाथ पैर ठंडे हो रहे थे।
और उसकी बॉडी में सन्सनाहट हो रही थी।
उस पेशेंट के घर वाले घबरा गए थे।
डॉक्टर बख्श के बुलाने पर कंदील वहां पर आ चुकी थी।
उस पेशेंट के रूम के बाहर सारे डॉक्टर के साथ डॉक्टर बख्श भी मौजूद थे।
और अब वहा कंदील भी आ चुकी थी।
सो डॉक्टर कंदील जफर आप अच्छी तरह से जानती हैं ।
यह बात की एक पेशेंट को अगर तेज स्पीड में ब्लड चढ़ाया जाए।
तो उसकी बॉडी में क्या नुकसान हो सकता है?
डॉक्टर बख्श ने गुस्से भरी नजरों से कंदील की तरफ देखते हुए कहा।
जी हां डॉक्टर बख्श ,मैं अच्छी तरह से जानती हूं ।
कि उसकी बॉडी में क्या नुकसान हो सकता है?
बट मैंने उस पेशेंट को तेज स्पीड में ब्लड चढ़ा ही नहीं था।
कंदील ने कहा।
ओह शट अप कंदील जफर।
आप अपनी गलती छुपाने के लिए झूठ बोल रही हैं।
डॉ बख्श ने कहा।
सारे डॉक्टर खामोशी से खड़े थे ,डॉक्टर बख्श और कंदील की तरफ देख रहे थे।
जी नहीं डॉक्टर बख्श मैं झूठ नहीं बोल रही हूं।
मैंने उसको तेज स्पीड से ब्लड नहीं चढ़ाया था।
कंदील ने खुद का बचाव करते हुए कहा।
तो आपके कहने का मतलब है ,कि उस ब्लड की स्पीड खुद ब खुद तेज हो गई थी।
डॉक्टर बख्श का गुस्सा किसी तरह कम नहीं हो रहा था।
और होता भी क्यों ,क्योंकि एक पेशेंट की सेहत का सवाल था ।
किसी की लापरवाही की वजह से किसी की जान भी जा सकती थी?
डॉ समीर अपने मुंह को नीचे करके मुस्कुरा रहा था।
यह सारी हरकत डॉक्टर समीर की ही थी।
वह कंदील को डॉक्टर को बख्श की नजरों में और ज्यादा गिराना चाहता था।
डॉ कंदील आप अपनी गलती को मान लीजिए वही बेहतर है।
एक पनिशमेंट के लिए तैयार हो जाइए।
आपको क्या लगता है आप गलती पर गलती करती रहेंगी। और साफ बच कर निकल जाएंगी ऐसा नहीं होगा डॉक्टर कंदील?
आपको पनिशमेंट दी जाएगी इस गलती की।
डॉ बक्श ने कंदील को धमकी दी।
बट डॉक्टर बख्श, जब मैंने कोई गलती की नहीं है ।
तो आप मुझे क्यों पनिशमेंट देंगे?
कंदील को डॉक्टर बख्श के इस इल्जाम लगाने पर बहुत गुस्सा आ रहा था।
डॉ बख्श पहले आप मेरा जुर्म साबित कीजिए।
उसके बाद मै आपकी पनिशमेंट के लिए तैयार हूं।
कंदील ने डॉक्टर बख्श की आंखों में गौर से देखते हुए कहा।
कंदील की आंखों में डॉक्टर बख्श के के लिए सिर्फ नफरत थी।
और डॉक्टर बख्श का भी यही हाल था।
वह भी नफरत और गुस्से के मिले-जुले तास्सुरात के साथ कंदील की तरफ देख रहे थे
उनकी मुठ्ठिया बंद थी।
शट योर माउथ कंदील, कंदील जफर खामोश हो जाओ यही तुम्हारे लिए बेहतर है।
डॉ बख्श गुस्से में बोले।
क्यों डॉक्टर बख्श, क्यों खामोश हो जाऊं मै।
क्यों आपको किसी का अपने सामने बोलना बर्दाश्त नहीं है?
जो सच है, वह सच है ,और मैं उसे चीख चीख कर कहूंगी। आपसे और आपकी धमकियों से डरती नहीं हूं।
मैं डॉक्टर बख्श।
कंदील ये कहते हुए, मुड़कर वहां से चली गई।
सारे डॉक्टर हैरानी से आंखें फाड़े, डॉ बख्श और कंदील को जाते हुए देख रहे थे।
हाउ डेर यू कंदील जफर, तुम्हारी हिम्मत कैसे हुई मेरे सामने जुबान चलाने की?
डॉ बख्श अपने मुंह में बड़बड़ा रहे थे।
जहा सॉरे डॉक्टर हैरान थे, वही डॉक्टर समीर बहुत खुश हो रहा था।
क्योंकि उसका प्लान कामयाब हो गया था।
वह चाह रहा था ,कि इस गलती की वजह से डॉक्टर बख्श कंदील को उल्टी साधी बाते सुनाएं?
और हुआ भी यही था, डॉक्टर बख्श ने काफी कुछ कंदील को सुना दिया था।
आज पहली बार उसके उलट कंदील ने भी डॉक्टर बख्श से काफी कुछ कह दिया था।
गुस्से में कंदील अपने केबिन में आकर बैठ गई।
आखिर समझता क्या यह शख्स खुद को?
क्यों मेरी हर जगह बेज्जती करता रहता है?
अब इसकी मनमानी नहीं चलने दूंगी।
मैं अपनी की गई बेइज्जती बर्दाश्त नहीं करूंगी।
और कितनी तकलीफ देगा यह शख्स मुझे।
मगर अब उसकी की एक तकलीफ को बर्दाश्त नहीं करूंगी।
चाहे कुछ भी हो जाए।
चाहे मुझे हॉस्पिटल छोड़कर क्यों न जाना पड़े?
लेकिन अब मैं डॉक्टर बख्श की एक गलत बात नहीं बर्दाश्त करूंगी।
कंदील सोच रही थी।
डॉ बख्श ने सारे डॉक्टर के सामने कितनी बार कंदील की इंसल्ट की थी।
उस वक्त कंदील खामोश हो गई थी।
लेकिन अब वह खामोश नहीं रह सकी।
उसे हद से ज्यादा नफरत हो गई थी, डॉक्टर बख्श
से।
कंदील सोच रही थी तभी उसके मोबाइल की रिंग बजने लगी।
उसने फोन के स्क्रीन पर नंबर देखा, तो डॉक्टर बख्श का नाम शो हो रहा था।
उसने कुछ सोचते हुए फोन रिसीव किया
,हैलो,
कंदील बोली।
हैलो डॉक्टर कंदील जफर।
आप अभी के अभी इसी वक्त मेरे केबिन में आ जाइए।
डॉ बक्श बोले।
क्यों डॉक्टर बख्श?
क्या काम है आपको मुझसे?
कंदील ने उल्टा जवाब देते हुए कहा।
मुझे आपसे कोई पर्सनल काम नहीं है कंदील जफर।
बस हॉस्पिटल के मुताल्लिक बात करनी है।
डॉ बख्श ने भी उसी अंदाज में जवाब दिया।
डॉ बख्श आपको जो कुछ कहना है फोन पर कह सकते हैं।
मैं आपके केबिन में नहीं आऊंगी।
कंदील ढिटाई से बोली।
क्यों तुम मेरे केबिन में क्यों नहीं आओगी।
क्या मैं तुम्हें गोली से मार दूंगा?
डॉ बक्श ने कहा।
जी नहीं डॉक्टर बख्श मुझे गोली के लगने से डर नहीं लगता है।
बस मुझे आपकी शक्ल से नफरत है डॉक्टर बख्श।
इसलिए मैं आपके केबिन में नहीं आऊंगी।
समझे आप।
कंदील ने कहा और फोन को कट कर दिया।
डॉ बख्श फोन कट होने पर फोन को ऐसे घूर कर गुस्सा से देख रहे थे।
जैसे वह फोन नही कंदील है ,और डॉक्टर बख्श कंदील को खा जाएंगे।
उनको यकीन नहीं हो रहा था, कि कंदील ने उनका फोन इस तरह से कट कर दिया है।
इसकी इतनी हिम्मत, इसने मेरा फोन कट किया।
डॉ बख्श गुस्से में अपनी सीट से उठे।
अभी निकलता हूं मैं इसकी साड़ी अकड़।
वह अपने हाथो से कोर्ट को कॉलर से ठीक करते हुए?
अपने केबिन के बाहर निकले।
और फिर, उन्होंने कंदील के केबिन की तरफ का रुख किया।
डॉ कंदील आपकी हिम्मत कैसे हुई मुझसे इस तरह बात करने की?
डॉ बख्श डायरेक्ट कंदील के केबिन में घुसते हुए बोले।
डॉ बख्श क्या आपके अंदर इतनी भी तमीज नहीं है।
किसी के केबिन में आने से पहले उससे इजाजत लेनी चाहिए?
कंदील को उन्हें यहां देखकर बहुत गुस्सा आ रहा था।
वह अपनी सीट पर से खड़ी होती हुई बोली।
मैं अच्छे से जानता हूं कंदील कि मुझे कब और क्या करना चाहिए?
डॉक्टर बख्श बोले।
जी नहीं डॉक्टर बख्श आपके अंदर बिल्कुल मैनर्स नहीं है।
आपको नहीं पता है कि कब क्या करना चाहिए?
इस तरह बिना मेरी इजाजत के आप मेरे केबिन में कैसे घुस कर आए?
कंदील इस वक्त उन पर गुस्से से साड़ी भारास निकाल रही थी।
जो इतने दिन थे उसके दिल में डॉक्टर बख्श के लिए नफरत और गुस्सा भरा था।
वह आज फूट चुका था।
कंदील जफर खामोश हो जाओ नहीं तो तुम्हारी सेहत के लिए ठीक नहीं रहेगा।
डॉ बख्श गुस्से में चलते हुए कंदील के नजदीक आए।
क्या कर लोगे आप मेरा?
ऐसा कोई मिस बिहेव नहीं है जो आपने मेरे साथ नहीं किया हो।
कंदील की आवाज कपकपा रही थी ।
और उसकी आंखों से आंसू निकलने लगे?
कंदील मुझसे तुम्हारी बदतमीजी बर्दाश्त नहीं हो रही है। खामोश हो जाओ नहीं तो।
डॉक्टर बख्श की आंखें लाल हो रही थी।
वह कंदील के बिल्कुल नजदीक आ चुके थे।
नहीं तो क्या डॉक्टर बख्श?
उस दिन की तरह मेरे साथ मनमानी करेंगे, जबरदस्ती करेंगे मेरे साथ फिर से रेप करेंगे मेरा।
कंदील ने एक-एक बात पर जोर देते हुए कहा।
खामोशशश कंदील।
चटाखख, एक जोरदार थप्पड़ कंदील के मुंह पर पड़ा।
कंदील ने हैरान और नफरत भरी आंखों से डॉक्टर बख्श की तरफ देखा।
हां डॉक्टर बख्श यही रह गया था, उसकी भी कसर आपने पूरी कर ली।
मैं नफरत करती हूं आपसे डॉक्टर बख्श।
नफरत है मुझे आपसे।
कंदील चीख चीख कर बोल रही थी।
डॉक्टर बख्श ने कंदील को थप्पड़ तो मार दिया था।
लेकिन अब खामोश नजरों से कंदील की तरफ देख रहे थे।
चले जाइए मेरे केबिन से बाहर डॉक्टर बख्श।
इससे पहले कि मैं खुद को नुकसान पहुंचाऊ ।
कंदील ने मेज पर रखा हुआ इंजेक्शन उठा लिया।
कंदील आज गुस्से से पागल हो रही थी।
यह क्या पागलपन है कंदील, क्या कर रही हो तुम?
डॉक्टर बख्श ने कंदील के हाथ से इंजेक्शन छीनने की कोशिश की।
डॉ बख्श अगर आप इसी वक्त मेरी नजरों के सामने से नहीं गए।
तो मै ये इंजेक्शन अपने भोप लूंगी।
कंदील ने अपनी कलाई की तरफ ईशारा करते हुए कहा।
कंदील ने डॉक्टर बख्श को धमकी दी ।
डॉ बख्श ने वह इंजेक्शन कंदील के हाथ से छीना।
और जमीन पर गिरा कर उसे अपने पैर से तोड़ डाला।
तुम क्या समझती हो, डॉक्टर कंदील की मुझे तुम्हारी शक्ल देखने का शौक है?
मुझे भी तुम्हारी शक्ल देखने का कोई शौक नहीं।
मुझे भी नफरत है तुमसे कंदील बहुत नफरत करता हूं मैं तुमसे।
तुम जैसी धोखेबाज लड़की, हमेशा धोखा देती है।
डॉक्टर बख्श की आंखों में पानी आ गया था।
और आइंदा मेरे सामने कभी आने की कोशिश मत करना तुम।
डॉ बख्श कंदील को वार्निंग देते हुए उस रूम से बाहर चले गए।
कंदील अपने सर को अपने हाथों से पकड़ कर।
चेयर पर बैठकर फूट-फूट कर रोने लगी।
✍️ Next Short Part
कंदील की सिसकियाँ कमरे की दीवारों से टकरा रही थीं।
उसके हाथ कांप रहे थे, सांसें बिखरी हुई थीं।
आज पहली बार उसे एहसास हुआ —
यह लड़ाई सिर्फ इज़्ज़त की नहीं,
ज़िंदा रहने की भी है।
उसने अपने आंसू पोंछे,
और आईने में खुद को देखा।
“अब चुप नहीं रहूंगी,”
उसने खुद से कहा।
जो सच दबाया गया था,
अब वह फाइलों में नहीं,
आवाज़ बनकर बाहर आएगा।
और उसी पल
उसके मोबाइल पर एक मैसेज चमका —
डॉ. समीर का नाम।
कंदील की आंखों में डर नहीं,
अब सिर्फ़ एक सवाल था…
क्या यह अगला वार है,
या इंसाफ़ की शुरुआत?
(जारी रहेगा…)
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मेरे अंदर लिखते रहने का हौसला जगाता है।
यह कहानी सिर्फ़ शब्द नहीं,
एक सच्चाई की चीख है।
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दिल से शुक्रिया 😊
आपका प्यार ही मेरी ताक़त है।
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