“छुपे रिश्ते, टूटी सच्चाइयाँ और खामोश मोहब्बत”
कंदील को सारी बात ताई अम्मी ने सच बतायी तो उसको यकीन नहीं हुआ?
उसको ऐसा लगा कि उसको कुछ सुनाई नहीं पड़ रहा है।
बस हवाएं साए साए उस के कानों के आगे चल रही हैं। बहुत हैरानी की बात थी , यह कंदील के लिए उसके वालिद ने दो शादियां की थी।
और किसी को भी इस बारे में नहीं पता था।
अब से पहले।
सारी सच्चाई सुनने के बाद कंदील को अफसोस भी हो रहा था।
और गुस्सा भी आ रहा था।
अफसोस उसे जल्ले हुमा और अपनी किस्मत पर हो रहा था।
और गुस्सा आगा जान पर आ रहा था।
जिनकी वजह से जिल्ले हुमा और कंदील दोनों ही यतीम हो गई थी।
आगा जान बहुत कुछ ऐसा कर चुके थे।
जिससे कंदील को उनसे चिड़ सी होने लगी थी।
कंदील अच्छी तरह से समझ चुकी थी ,कि उसके और डॉक्टर बख्श की डाइवोर्स के पेपर्स भी आगा जान ने धोखे से उससे साइन करवाए थे।
लेकिन कंदील ने अभी तक आगाजान से कुछ नहीं कहा था।
सबसे ज्यादा अफसोस कंदील को जिल्ले हुमा के बारे में जानकार हो रहा था।
जो बचपन से लेकर अब तक अपनी हवेली में एक मुलाजिमा की जिंदगी गुजर रही थी।
आगा जान ने जिल्ले हुमा की जिंदगी को बद से बेदतर बना दिया था।
कंदील का दिल कर रहा था कि वह अभी के अभी जाकर जिल्ले हुमा से मिले और उसे अपने गले से लगा ले।
न जाने क्यों जिल्ले हुमा को देखने की और ज्यादा ख्वाहिश हो रही थी कंदील के दिल में?
पहले तो हाशिम की बीवी थी।
इस वजह से जिल्ले हुमा को देखने ख्वाहिश थी कंदील को।
मगर अब उसे अपनी बहन से मिलने की और ज्यादा ख्वाहिश हो रही थी उसे।
सारी रात कंदील इन सब बातों के बारे में ही सोचती रही थी।
और सुबह उठते उठते, कंदील को एकदम से चक्कर आने लगे।
उसे अपनी बॉडी में कमजोरी महसूस हो रही थी।
कंदील समझ चुकी थी ,की रात भर जागने की वजह से उसका सर दर्द कर रहा है ।
और इस वजह से चक्कर आने लगे हैं।
फिर वह फ्रेश होने के लिए वॉशरूम में चली गई थी।
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सुबह जब हाशिम कि ऑख खुली तो उसने देखा जिल्ले हुमा उसके बराबर में नहीं थी।
हाशिम समझ गया वह शायद वॉशरूम में होगी।
हाशिम ने मुस्कुराते हुए अपने सर के नीचे, हाथ रखा और अपनी कोनी के बल सर को टिका दिया।
वह बैड पर पड़ी जिल्ले हुमा की चूड़ियों को देखने लगा।
तभी ही वॉशरूम के दरवाजा खोलने की आवाज आई।
जिल्ले हुमा ने पर्पल कलर का पाकिस्तानी सूट पहन रखा था।
और उसके गिले बाल बिखरे हुए थे।
जिन्हें वह तौलिया से रगड़ रही थी।
अचानक से उसकी नजर।
हाशिम की तरफ चली गई।
हाशिम ने इस वक्त शर्ट नहीं पहना हुआ था ।
और वह बहुत शरारत भरी नजरों से जिल्ले हुमा की तरफ देख रहा था।
जल्ले हुमा ने मुस्कुरा कर अपनी नजरों को झुका लिया।
इस वक्त पर्पल कलर के सूट में गीले बालों को टॉवल से रगड़ते हुए जिल्ले हुमा हाशिम को बहुत ज्यादा।
हसीन लग रही थी।
जिल्ले हुमा ने तिरछी निगाह करके फिर हाशिम की तरफ देखा ।
और मिरर के सामने जाकर कंघी उठाकर बाल बनाने लगी।
हाशिम ने बैड पर पड़ी हुई जल्ले हुमा की चूड़ियों को उठाया।
और बैड से उतर कर जिल्ले हुमा के नजदीक आ गया। जिल्ले हुमा मिरर के सामने खड़ी हुई थी।
और उसके ठीक पीछे हाशिम खड़ा हुआ था।
गुड मॉर्निंग जिल्ले हुमा।
हाशिम ने उसके कान में सरगोशी की।
गुड मॉर्निंग हाशिम साहब ,वह अपनी धड़कनों को संभालते हुए बोली।
तभी हाशिम ने उसका हाथ पकड़ा, और जो उसके हाथ में चूड़ीया थी।
उसने जिल्ले हुमा को पहना दी।
तभी दरवाजे पर से लाएबा और जेबा की चीखने की आवाज आई।
हाशिम भाई दरवाजा खोलिए हाशिम भाई।
दोनों मिलकर हाशिम को आवाज लग रही थी।
अल्लाह खैर करे सुबह-सुबह क्या हुआ है यह लोग इस तरह क्यों चीख रही है?
हाशिम दरवाजा खोलने के लिए आगे बढ़ा।
वह हड़बड़ाहट में यह भी भूल गया था, कि उसने अपनी शर्ट नहीं पहनी है।
वह सिर्फ नीचे लोअर पहना हुआ था।
हाशिम ने जल्दी से दरवाजा खोला।
क्या हुआ यार तुम लोग इस तरह क्यों चीख रही हो?
हाशिम ने दरवाजा खोलकर उन दोनों को देखते हुए कहा। उसके कहने पर दोनों अपने दांत दिखाकर हंसने लगी। हाशिम भाई जरा घड़ी में टाइम देखिए।
आप अभी तक नीचे नहीं आए।
दोनों हाशिम को देखकर खिलखिला रही थी।
फिर दोनों ने अपनी नजरों को नीचे कर लिया।
क्योंकि हाशिम ने इस वक्त शर्ट नहीं पहनी थी?
लाएबा लगता है हाशिम भाई वॉशरूम में जा रहे थे।
जेबा ने लाएबा को कंधा मारते हुए कहा।
फिर जैसे हाशिम को अपनी गलती का एहसास हुआ।
उसने देखा कि उसने शर्ट नहीं पहनी है।
तुम लोग जाओ मैं अभी नीचे आता हूं।
हाशिम को बहुत ज्यादा हिचकिचाहट लग रही थी ।
उन दोनों के सामने बिना शर्ट के खड़े होने पर।
जी भाई हम नीचे जाते हैं।
और हां आप भाभी को भी नीचे लेकर आइएगा।
ताई अम्मी ने कहा है जेबा बोली।
ठीक है
हाशिम ने उन दोनों के मुंह पर दरवाजा बंद कर दिया?
क्या हुआ आपने इस तरह दरवाजा क्यों बंद किया?
जिल्ले हुमा उन्हीं की तरफ देख रही थी।
कुछ नही जिल्ले हुमा मैं अभी फ्रेश होकर आता हूं।
मम्मा हम दोनों को नाश्ते के लिए नीचे बुला रही हैं।
हाशिम ने कहा और फ्रेश होने के लिए वॉशरूम में चला गया।
लाएबा और जेबा हाशिम के दरवाजे के बाहर खड़ी थी।
और अपनी हंसी दबाने की कोशिश कर रही थी।
तभी कंदील अपने रूम से निकली।
और उन दोनों को इस तरह हंसता हुआ देखकर वहीं रुक गई।
क्या बात है यार तुम दोनों इस तरह क्यों हंस रही हो?
कंदील ने बारी-बारी दोनों को देखते हुए पूछा।
जवाब में उसने हाशिम की टीशर्ट वाली बात कंदील को बता दी।
शेम ऑन यू यार कितनी बदतमीज हो तुम लोग।
शर्म नहीं आती अपने भाई की मजाक बनाते हुए।
कंदील ने कहा।
नहीं कन्दील, हम उनकी मजाक नहीं बना रहे हैं ।
बस हमें हंसी आ गई कुछ सोच कर।
अगर हाशिम ने तुम दोनो को इस तरह हसते हुए देख लिया फिर खैर नही है तुम्हारी ।
कंदील ने उन्हे डाटते हुए कहा।
चलो अब नीचे चलो।
नहीं तो नाश्ते के लिए हम लोग लेट हो जाएंगे।
कंदील बोली
फिर वो तीनो ही एक साथ नीचे आ गई।
✨ Next Short Part
कंदील वॉशरूम में खड़ी आईने में खुद को देख रही थी।
चेहरा पीला था… आँखों के नीचे गहरी थकान उतर आई थी।
वह जानती थी कि यह सिर्फ जागने की थकान नहीं थी,
यह उन सच्चाइयों का बोझ था
जो एक ही रात में उसकी रूह पर उतर आई थीं।
उसने ठंडे पानी से चेहरा धोया,
मगर दिल की जलन कम न हुई।
उधर नीचे,
जिल्ले हुमा सीढ़ियों से उतरते हुए
हर कदम पर खुद को समेट रही थी।
वह नहीं जानती थी
कि ऊपर किसी दिल में
उसे गले लगाने की तड़प जन्म ले चुकी है।
दोनों बहनें
एक ही हवेली में थीं…
मगर दर्द की दीवारें
अब भी उनके बीच खड़ी थीं।
(जारी है…)
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