हवेली का सबसे बड़ा राज़ | जिल्‍ले हुमा की पहचान और हाशिम का सच सामने आया

 





Agaa jaan ki sachchai


हवेली के सारे ही लोग हाशिम को देखकर बहुत हैरान हो रहे थे जिल्ले हुमा  का हाथ  हाशिम के हाथ मे था।

वो पिन्क कलर के कपड़ों में हाशिम के साथ थी।

हाशिम ने वाईट कलर का कुर्ता पायजामा पहन रखा था।

हाशिम ने  जिल्ले हुमा से निकाह कर लिया था।

हाशिम कौन है यह लड़की, और तुमने हमें बिना बताए कैसे निकाह कर लिया? 

हाशिम के वालिद उस पर गुस्सा हो रहे थे।

बड़े कमाल की बात है ना पापा यह बचपन से आपके हवेली में रही और आपको यह नहीं पता कि यह लड़की कौन है?

हाशिम ने अपने वालिद पर तन्ज करते हुए कहा। 

क्या मतलब बचपन से ये लड़की हवेली में रही है?

इस बार चौकने की बरी हाशिम की वालिदा की थी। 

जी हां अम्मी जान बचपन से यह लड़की हवेली में रही है। बड़ी अजीब सी बात है कि आपने इसका चेहरा नहीं देखा। हाशिम ने कहा।

हाशिम की वालिदा उस लड़की को दिल ही दिल में निहारने लगी थी।

क्योंकि वह बहुत प्यारी लड़की लग रही थी?

उनके बेटे के साथ 

बस आगा जान की वजह से उन्हें हाशिम के खिलाफ बोलना पड़ रहा था।

साफ-साफ बताओ हाशिम आखिर माजरा क्या है? 

इस बार लाएबा के पापा ने कहा था।

आगा जान हाल के बीचो-बीच खड़े गुस्से से हाशिम को घूर रहे थे। 

उनकी समझ में नहीं आ रहा था, कि हाशिम ने इतनी बड़ी बचकाना हरकत कर कैसे दी?

आगा जान आप सबको बताते हैं, कि क्या माजरा है या फिर मैं बताऊं? 

हाशिम ने आगा जान को धमकी देते हुए कहा। 

अब सब की तवज्जौह आगा जान की तरफ हो गई।

जिल्ले हुमा डरी हुई सहमी हुई सी हाशिम के साथ में खड़ी थी।

हालांकि इस वक्त उसे आगा जन से बहुत डर लग रहा था।

जोओ हाशिम नवाजाबदे नहीं मानता मैं इस शादी को। 

आगा जान की तेज तरार आवाज उस हाल में गूंज रही थी।

आगा जान आपके मानने ,या ना मानने से कुछ नहीं होता है।

मेरे पास सारे लीगल कागज है।

हाशिम ने उनसे कहा।

यह लड़की यह लड़की कभी भी इस घर की बहू बनने लायक नहीं है।

तुमने सोच भी कैसे लिया हाशिम की तुम इसको लेकर आओगे शादी करके और मैं इसे अपनी हवेली में रहने के लिए जगह दे दूंगा? 

आगा जान ने जिल्ले हुमा को घूरते हुए कहा। 

जैसे ही आगा जान ने जिल्ले हुमा पर नजर डाली।

जिल्ले हुमा हाशिम के पीछे छुप गई।

नहीं जिल्ले हुमा डरने की जरूरत नहीं है।

सामने आओ।

हाशिम साहब आगा जान, जान से मार देंगे मुझे।

जिल्ले हुमा ने कहा

हाशिम ने उसका हाथ पकड़ा कर फिर अपने बराबर खड़े होते हुए कहा।

मै हू ना कुछ नही होने दूंगा तुम्हे।

  तुम्हे  बिलकुल डरने की जरूरत नहीं है।

डरते वह लोग हैं जिल्ले हुमा, जो अपना किया हुआ गुनाह छुपा देते हैं।

जिन्होंने इतने कुछ गलत काम किए होते हैं, और गुनाह किया होता है।

और उस गुनाहा को छुपाने की पूरी कोशिश करते हैं।

और उन्हें लगता है कि किसी को कुछ पता नहीं चलेगा।

  हाशिम ने एक नजर हुमा पर, और फिर दूसरी नजर आगा जान पर डालते हुए कहा।

हाशिम तुम्हारी बातें हम में से किसी की समझ में नहीं आ रही है।

क्लियर क्लियर बताओ कि यह लड़की कौन है ।

और तुमने इससे शादी क्यों की है? 

हाशिम के वालिद ने कहा।

अगा जान मैं फिर अपनी बात दोहरा रहा हूं ।

आप बताते हैं सब सच्चाई के जिल्ले हुमा कौन है?

या फिर शुरू से लेकर आखिर तक में हवेली वालो को सारी सच्चाई से आगाह करवा दू। 

उन बातों से आगाह कराऊ जो हकीकत में हवेली के किसी भी शख्स को पता ही नहीं है।

हाशिम बेखौफ होकर आगा जान से कह रहा था।

हाशिम हम अभी के अभी तुम्हें अपनी जायदाद से बेदखल करते हैं।

तुम्हें हमारी हवेली में से, और हमारी जायदाद में से एक बूटी कौड़ी भी नहीं मिलेगी। 

आगा जान ने अपने पैसों का रौप जमाते हुए कहा।

ठीक इसी तरह से अपने जफ़र चाचा को भी धमकी दी थी।

हाशिम ने कहा।

आगा जान आप अच्छी तरीके से जानते हैं मुझे इन चीप हरकतों से, कोई फर्क नहीं पड़ता है।

मुझे आपकी किसी भी चीज की कोई जरूरत नहीं है। 

मैं अपनी बीवी को लेकर वापस अमेरिका चला जाऊंगा। मैंने अपना बिजनेस वहां अच्छे से सेट कर रखा है। 

हाशिम ने कहा।

सब चौंकते हुए हाशिम की तरफ देख रहे थे।

सबको बहुत हैरानी हो रही थी, कि हाशिम इस तरह से आगा जान से बात कर रहा था। 

आज तक हवेली के किसी भी शख्स में इतनी हिम्मत नहीं थी।

कि वह आगा जान से आंख से आंख मिलाकर बात कर सके।

हाशिम चले जाओ हमारी नजरों के सामने से और सोच लेना कि इस हवेली के दरवाजे तुम्हारे लिए हमेशा के लिए बंद हो गए हैं। 

आगा जान ने अपने हाथ के इशारे से हाशिम को बाहर जाने के लिए कहा।

हां आगा जान में चला जाऊंगा मैं चला जाऊंगा यहां से मुझे आपका कुछ नहीं चाहिए ना आपकी जायदाद में हिस्सा चाहिए।

ना ही आपकी हवेली में रहने के लिए जगह चाहिए। 

लेकिन जाते-जाते में इस हवेली के लोगों की आंखों पर जो पट्टी बनी है ना आपके लिए। 

वह अच्छाई की पट्टी उसे मैं खोल कर जाऊंगा। 

जो बरसों से सच्चाई छुपा रखी है, अपने अपने दरमियां। 

वो इस हवेली के हर शख्स को पता चलेगी। 

हाशिम ने कहा।

हाशिम बकवास बंद करो। 

और हमारी नजरों के सामने से दूर हो जाओ। 

आगा जान का गुस्सा किसी तरह काम नहीं हो रहा था।

इतनी भी क्या जल्दी आगा जान? 

पहले मैं अपना काम तो कर लू।

हाशिम भी उन्ही का पोता था कहां मानने वाला था?


यहां खड़े किसी भी शख्स को यह बात नहीं मालूम होगी। के जफर चाचा ने दो शादियां की थी।

हाशिम ने कहा। 

हाशिम की बात पर हवेली के सारे लोग एक दूसरे के चेहरे देखने लगे। 

हाशिम क्या बेतूकी बात बोले जा रहे हो ,जो तुम्हारे मुंह में आ रहा है? 

हाशिम के वालिद ने कहा। 

नहीं पापा  मैं बेतूकी बात नहीं बोल रहा हूं। 

क्यों, आगा जान यह सच है ना ,कि जफर चाचा ने दो शादियां की थी? 

इस बार हाशिम ने डायरेक्ट आगा जान से कहा।

अगा जान खामोश रहे।

बताइए नवाब साहब क्या ये सच है जफर ने दो शादियां की थी। 

बेगम साहिबा आगा जान के पास आते हुए बोली।

  हवेली के सारे लोगों की नजर आगा जान पर हि टिकी हुई थी।

आगा जान ने सब लोगों की तरफ देखा ,और फिर हां में अपनी गर्दन को हिला दिया।

मगर नवाब साहब आपने कभी मुझे यह बात नहीं बताई। बेगम साहिबा ने शिकवा किया।

मुझे इतनी जरूरी नहीं लगी थी यह बात की मैं सबको बताता।

आगा जान थोड़ा नरम हो गए थे।

वाह  आगा जान  यह बात आपको जरूरी नहीं लगी। जफर चाचा पहले से शादीशुदा थे ,और उनकी एक प्यारी सी बच्ची थी। 

उसके बारे में बताना आपको जरूरी नहीं लगा।

यह हाशिम का दूसरा बम था जो हवेली वालो के ऊपर गिरा था।

  जफर  चाचा की शादी होने के बाद और एक बच्ची होने के बाद फिर?

आगा जान ने उनकी नूर चाची से शादी करवाई थी। 

बेगम साहिबा बहुत हैरान हो रही थी। 

और हवेली के बाकी लोग भी हैरान हो रहे थे।

मगर आगा जान आपने ऐसा क्यों किया?

जफर शादीशुदा था एक बच्ची का बाप था।

तो आपने किसी और की जिंदगी क्यों खराब की?

बेगम साहिबा को बरसों पुरानी वह बात याद आ गई।

जब जफर उस लड़की के लिए आगा जान से बगावत कर रहा था। 

तभी बेगम साहिब ने हीं उसे अपनी मोहब्बत का वास्ता देकर यहां रोका था नूर से मन्गनी करने के लिए।


खामोश हो जाइए बेगम साहिबा ,हमने किसी को हक नहीं दिया कि वह हमारे फैसले में टांग अढ़ाएं। आगा जान ने बेगम साहिबा से कहा।

हाशिम जब तुम इतनी सारी बातें जानते हो ,फिर तुम यह भी जानते होंगे की जफर की बीवी और वह बच्ची कहां है? 

बेगम साहिबा ने एक आस भरी नजर हाशिम के ऊपर डालते हुए कहा।

जी हां बेगम साहिबा मैं यह भी जानता हूं। 

हाशिम ने कहा।

जफर चाचा की जो पहली बीवी थी उनका तो जफर चाचा के साथ इंतकाल हो गया था। 

आगा जान ने कहा था कि प्लेन में आते वक्त, जफर चाचा का प्लेन क्रैश हो गया था। 

जबकि हकीकत तो यह थी, के आगा जान  जफर चाचा की बच्ची उनके हाथों से छीन कर ला रहे थे? 

वह दोनों हसबेंड वाइफ आगा जान के पीछे अपनी गाड़ी से आ रहे थे। 

तो रास्ते में उनकी ट्रक से टक्कर हो गई और वह दोनों वहीं पर मर गए। 

क्या? बेगम साहिबा के साथ बाकी सब की आंखें भी फटी की फटी रह गई।

आगा जान आपने, आपकी वजह से मेरे जफर का इंतकाल हुआ था।

क्यो किया आपने आगा जान ऐसा? 

बेगम साहिबा रोते हुए आगा जान का कंधा झिंझोड रही थी।

हाशिम मुझे बताओ वह बच्ची कहां है अभी?

बेगम साहिबा उस बच्ची के लिए बहुत बेचैन हो रही थी।

बेगम साहिबा।

हाशिम ने सब की तरफ देखते हुए कहा।

वह बच्ची कोई और नहीं जिल्ले हुमा है। 

जिससे मैंने अभी कुछ देर पहले निकाह किया है। 

हाशिम की इस चौका देने वाली बात सुनकर सब लोग हैरान हो गए थे।

दूसरी तरफ जिल्ले हुमा भी आंखें फाड़ कर हाशिम को देख रही थी।

हाशिम साहब यह क्या कह रहे हैं आप? 

आपको अच्छी तरह से पता है ना कि मैं एक मुलाजिमा हूं। जिल्ले हुमा ने कहा।

नई जिल्ले हुमा तुम मुलाजिमा  नहीं हो। 

तुम इस घर की बेटी हो। 

और अब तुम मेरी बीवी  बन गई हो। 

हाशिम ने कहा। 

हाशिम साहब क्यों मजाक बना रहे हैं आप मेरी गरीबी का? 

आप सब कुछ अच्छी तरह से जानते हैं मेरे बारे में फिर हवेली को लोगों को झूठ क्यों बोल रहे हैं? 

सब लोग जिल्ले हुमा की बात को सुन रहे थे।

जिल्ले हुमा में कोई झूठ नहीं बोल रहा।

मैं सच बोल रहा हूं। 

बताइए नवाब साहब सच्चाई क्या है? 

आज आपको सबके सामने जिल्ले हुमा की सच्चाई का बताना ही पड़ेगी। 

हाशिम ने कहा।

हां जिल्ले हुमा  जफर की बड़ी बेटी है।

और मैं जिल्ले हुमा को जफर और उसकी बीवी से छीन कर हवेली लेकर आया था।

क्योंकि इन दोनों की वजह से ही नूर की जिंदगी बर्बाद हुई थी?

और मैंने इसकी परवरिश को रहमत बीवी से करवाई थी। 

मैंने उनसे कहा था कि इसके बारे में कभी किसी को पता नहीं चलना चाहिए। 

हुआ भी यही जिल्ले हुमा की सच्चाई आज तक किसी को नहीं पता थी।

  आगे भी नहीं पता चलता अगर मैं खुद हाशिम को इस बात से आगाह नहीं करता।

जिल्ले हुमा बचपन से इस हवेली में रही। 

लेकिन हवेली के किसी शख्स में उसको नहीं देखा। 

क्योंकि मेरे कहने के मुताबिक जिल्ले हुमा  को काले कपड़ों के अलावा दूसरे कोई कपड़े पहनने की इजाजत नहीं थी? 

नहीं मेरी तरफ से इसको ये इजाजत थी कि वह अपना मुंह खोलकर किसी के सामने आती। 

आगा जान, सबको यह बात बता रहे थे।

जिल्ले हुमा की समझ में नहीं आ रहा था।

कि कैसा मजाक किया था कुदरत ने उसके  साथ?

वह अपने ही घर में एक नौकरानी बनकर रह रही थी बचपन से। 

और उसके ही दादा ने उस पर इतना बड़ा 

जुल्म किया था।

जिल्ले हुमा को उसकी ही पहचान छुपाने पर मजबूर किया उसके ही दादा जान ने।



🔹 Next Short Part

जिल्ले हुमा की आँखों से आँसू बिना रुके बह रहे थे।

उसकी पूरी ज़िंदगी एक झूठ पर टिकी थी।

जिस हवेली को वह अपना घर समझती रही,

वहीं उसे उसकी पहचान से महरूम रखा गया।

हाशिम ने उसका हाथ मज़बूती से थाम लिया।

“अब कोई तुम्हें छुपा नहीं सकता हुमा,

अब तुम सिर्फ़ मेरी बीवी नहीं,

बल्कि इस हवेली की सबसे बड़ी सच्चाई हो।”

हवेली में सन्नाटा था…

लेकिन तूफ़ान अभी आना बाकी था।

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