कंदील की हवेली — अजनबी नवाबज़ादा का आगमन | रोमांचक हिंदी कहानी
कंदील ने सवालिया नजरों से देखते हुए उस शख्स से पूछा।
यही सवाल अगर मैं आपसे पूछूं मैडम की आप कौन है तो?
उसे शख्स ने कंदील को उल्टा जवाब देते हुए कहा।
क्या बेतूकी बात है, सर आप मेरी हवेली में खड़े हैं मेरी प्रोपर्टी पर खडे और मुझसे ही सवाल कर रहे हैं कि मैं कौन हूं?
कंदील को उसके बेतूके के सवाल पर गुस्सा आ गया था। यही तो मैं आपसे कहना चाह रहा हूं , कि आप मेरी हवेली पर खड़ी है मेरी प्रोपर्टीज पर खड़ी है और मुझे यह सवाल कर रही है कि कौन हूं मैं?
अब उस हैंडसम शख्स के माथे पर भी बल पड़ गए थे।
कंदील ने ऊपर से नीचे तक उस शख्स को बहुत गौर से देखा और उसका जायजा लेने लगी।
हैंडसम स्मार्ट लंबा चौड़ा शख्स था वह।
उसकी पर्सनालिटी भी माइंड ब्लोइंग थी।
ब्लैक टी-शर्ट। और व्हाइट ट्राउजर में।
आंखों पर ग्लासेस लगाए हुए।
और ज्यादा स्मार्ट लग रहा था।
उसके एक हाथ में, उसकी व्हाइट कलर की जैकेट थी।
ओ हलो मैडम मेरा एक्स-रे खींचना बंद कीजिए।
उसे शख्स ने कन्दील के आगे हाथ लहराते हुए कहा।
कंदील उसकी इस हरकत पर झेप गई थी।
आपकी जानकारी के लिए बता दू कि मैं आगे जान की सबसे छोटा पोटी हूं।
लेकिन आप कौन हो, जिसे मैंने कभी हवेली में नहीं देखा और जो यह बोल रहा है कि वह भी इस हवेली का मालिक है?
कंदील के माथे में बल पड़ चुके थे, की वो शख्स कंदील की हवेली को अपनी हवेली कह रहा था।
मैडम मेरा टाइम खराब मत करिए, रास्ते से हटिया और मुझे अपने रूम में जाने दीजिए।
उसने कंदील की बात का जवाब नहीं दिया।
कंदील को रास्ते से हटाने की कोशिश करने लगा।
अरे वाह यह कैसी बात है ,मेरी हवेली में घुसकर मुझको ही हटा रहे हैं।
और मैं कैसे आपको अंदर जाने दू?
किसी भी अनजान शख्स को इस हवेली में जाने आने का ऑर्डर नहीं है।
कंदील अपनी काली काली बाड़ी आंखों से उसे शख्स को घूर रही थी।
वो शख्स भी कंदील को घूर कर देख रहा था।
मैडम आप रास्ते से हट रही है, या फिर मैं आपको हटाकर फेंक दूं।
उसने कंदील को धमकी देते हुए कहा।
कंदील उसकी धमकी से डरी नही थी।
शरफू, रहमत बाबा ,कंदील ने बहुत तेज इन दोनों मुलाजिमों को आवाज़ लगाई थी।
और वह बिना देरी किए , कंदील की आवाज पर दौड़े चले आए थे।
ज़ी बीबी जी ,जो हुकुम।
वह दोनों मुलाजिम कंदील के सामने अपनी नजरों को झुका के खड़े हुए थे।
दोनों ही मुलाजिम देखने में किसी पहलवान से काम नहीं थे।
देखिए इस शख्स को।
चोरी करने का नया धंधा शुरू कर दिया है।
जबरदस्ती से हवेली में घुसना चाहता है ।
और हवेली को अपना बोल रहा है।
इसको निकाल कर हवेली से बाहर कर दीजिए।
कंदील ने दोनों मुलाजिमो को ,अपना हुकुम सुनते हुए कहा।
दोनों मुलाजिम कंदील के हुकुम की दावेदारी करने के लिए उसे शख्स की तरफ मुंढे।
सोच भी मत लेना मुझे हाथ लगाने के बारे में, नहीं तो तुम्हारी हड्डियों का सुरमा तक नहीं दिखाई पड़ेगा।
उस शख्स ने उन दोनों मुलाजिमो को धमकी देते हुए ।
उन दोनों के पास से और कंदील के पास से निकलकर , वह शख्स आगे बढ़ गया।
कंदील ने गुस्से भरी नजर दोनों मुलाजिमो के ऊपर डाली। दोनों ही मुलाजिमों ने ,अपनी गर्दन को झुका लिया था।
इतना एटीट्यूड है इस शख्स में, मेरी हवेली में खड़ा है मेरी प्रॉपर्टी पर खड़ा है ,उस पर मुझे ही मेरी प्रॉपर्टी से हटाने की धमकी दे रहा है।
आखिर है कौन यह शख्स?
कंदील के दिमाग में तरह-तरह के सवाल आ रहे थे।
कंदील ने देखा वह शख्स ऊपर सीडीओ की तरफ जाने लगा था।
कंदील की निगाहें बराबर उसका पीछा कर रही थी।
मुलाजिम भी उसके पीछे-पीछे ही चल रहा था ।
उस शख्स का सामान लेकर।
कंदील ने देखा जस्ट कंदील के रूम की बराबर में ही।
दूसरे रूम में उसने अपना सामान रखवाया था।
कंदील खुद से बड़बड़ा रही थी।
पता नही कि कौन है वह?
कंदील सोचने लगी।
इधर आओ , वह मुलाजिम जब उस शख्स का सामान रखकर सीडीओ से नीचे उतर कर आया।
तो कंदील ने उसे आवाज लगाते हुए कहा।
कौन है ये शख्स तुम जानते हो इन्हें?
कंदील ने उस मुलाजिम से पूछा।
जी बीबी ,जी मैं जानता तो नहीं इन्हें ,मगर नवाब साहब ने फोन करके कह दिया था।
कि एक रूम आपके बराबर वाला खाली है उसमे सफाई करके रखें।
कोई आ रहा है उसके लिए।
अभी यह जैसे ही गाड़ी से नीचे उतरे थे, इन्होंने नवाब साहब की मुझसे बात करवा दी थी।
वह मुलाजिम अपनी गर्दन झुका के कंदील को सारी बात बता रहा था।
ठीक है तुम जोओ अपना काम करो ,कंदील ने उससे कहा।
कौन है यह शख्स जिसके लिए आगा जान ने स्पेशली रूम की सफाई करवा कर रखी है?
और वह भी मेरे बराबर वाला रूम, इसको दे रहे हैं।
काफी सारे सवाल कंदील के मन में टहल रहे थे।
कंदील ने अपनी रिस्ट वॉच पर नजर डाली। जो 10:00 का ऐलान कर रही थी।
उसने बिना देरी किए अपने कदमों को दरवाजे की तरफ बढ़ाया।
क्योंकि वह हॉस्पिटल जाने के लिए लेट हो रही थी?
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कुछ ज्यादा ही एटीट्यूड है इस कंदील जफर में।
मैं भी देखता हूं इसका एटीट्यूड मेरे सामने कितने दिन टिकता है।
उसे अपने सामने कंदील को इस तरह देखकर बहुत गुस्सा आ रहा था।
वह नहीं जानता था ,की सबसे पहले कंदील से उसका सामना हो जाएगा।
इस बात की तो उसे खबर थी कि इस वक्त हवेली में कोई नहीं है ,मुलाजिमों के अलावा।
लेकिन वह यह नहीं जानता था ,कि कंदील इस वक्त हवेली में मौजूद है।
उसने रूम में घुसते ही अपने कपड़ों को अपने सामान को इधर-उधर फेंकना शुरू कर दिया।
क्योंकि कंदील के लहजे से और कंदील की बातों से उसको बहुत तेज गुस्सा आ रहा था?
जाने क्या समझती है खुद को?
मैंने भी इसका एटीट्यूड मिट्टी में नहीं मिलाया।
तो मैं भी नवाब साहब का पोता नहीं।
उसने एक हाथ से अपने दूसरे हाथ पर हाथ से मुक्का मारते हुए कहा।
उसने अपनी शर्ट के बटन को उल्टा सीधा खोला और बेड पर फेंका।
और अपने जूते को भी उतार कर उल्टा सीधा बेड पर फेंका।
मिरर के सामने अपना एक हाथ से ,अपने सर को उस मारर पर टिका लिया।
और तेज तेज सांस लेने लगा।
हाउ डेयर यू कंदील जफर।
तुम्हारी हिम्मत कैसे हुई मेरे?
मेरे सामने अपनी जुबान चलाने की।
तुम जानती नहीं हो हाशिम नवाबजादे के सामने कोई भी मुंह नहीं चलाता है।
नही तो उसका मुंह तोड़ दिया जाता है।
वो अपने मुंह मे बड़बड़ा रहा था।
अगला पार्ट — छोटा प्रीव्यू
वह शख्स बिना किसी झिझक के हवेली में अपने कदम जमा चुका था — जैसे वह यहाँ पैदा हुआ हो। कंदील के हर सवाल पर उसका जवाब न केवल घमंडी था बल्कि किसी पुराने राज़ की खुशबू लिये था। नवाब-बेटे की असलियत क्या है — आना मात्र एक साधारण आगमन है या हवेली के पुराने खफ़ों का उद्घाटन? तभी सीडीओ के कमरे से एक फोन आया, और हर वह चीज़ जो कंदील समझती थी — पल भर में बदलने वाली थी…
(अगला भाग: जब दस्तावेज़ खुलेंगे — और हवेली का एक छुपा सच बाहर आएगा।)



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