"डॉ. कंदील और डॉ. समीर का आमना-सामना — जब अतीत ने बस के सफर में दस्तक दी"

 

Kandeel


कंदील बिल्कुल बस के नजदीक पहुंच चुकी थी।

कंदील ने बिना देर किए बस के अंदर कदम रखा।

सारे डॉक्टर के फेस पर कंदील को देखकर स्माइल आ गई थी। 

कंदील ने भी रिप्लाई मे स्माइल किया।

कंदील अपने बैठने की जगह तलाश करने लगी।

फिर उसे अपने बैठने की जगह मिल गई।

एक खाली सीट।

वह जाकर उस सीट पर बैठ गई।

और जैसे ही कंदील बैठ गई थी बस स्टार्ट हो चुकी थी। ओहहहह अल्लाह तेरा शुक्र है। 

कंदील ने सुकून का सांस लेते हुए कहा।

कंदील की नजर अपने बराबर बैठे हुए शख्स पर गई। आप यहां पर।

कंदील के माथे पर बल पड़ गए थे।

जी हां कंदील मैं यहां पर और मैं आपका ही वेट कर रहा था यहां ।

समीर ने मुस्कुराते हुए कहा, डॉ समीर अगर मेरी नजर पहले आप पर पड़ जाती, तो मैं हरगिज आपकी बराबर वाली सीट पर नहीं बैठती। 

कंदील का मूड ऑफ हो चुका था, डॉक्टर समीर को देखकर।

कंदील उस दिन के लिए मैं बहुत शर्मिंदा हूं।

माफी मांगता हूं मैं आपसे ,उस  दिन बहुत बड़ी गलती हो गई मुझसे। 

डॉ समीर ने कहा।

प्लीज डॉक्टर समीर कुछ मत कहिए, मुझे आपसे बात नहीं करनी है। 

कंदील ने उनकी तरफ से मुंह दूसरी साइड पर फेर लिया था। 

अब कंदील ना तो उस जगह से उठ सकती थी।

क्योंकि अगर वह उस जगह से उड़ती तो सारे डॉक्टर्स सोचते कि इन लोगों के दरमियान तो बहुत अच्छी दोस्ती थी? 

आज क्या हुआ जो यह डॉक्टर समीर के साथ नहीं बैठना चाहती? 

इसलिए कंदील खामोश होकर बैठ गई थी।

कंदील प्लीज एक बार मेरी बात सुनने की तो कोशिश करो। 

डॉ समीर ने फिर कहा।

देखिए डॉक्टर समीर, अगर आपने और कोई बात की तो मैं यहां से उठकर दूसरी सीट पर बैठ जाऊंगी।

कंदील ने डॉक्टर समीर को धमकी देते हुए कहा।

प्लीज डॉक्टर कंदील एक लास्ट बार मेरी बात सुन लीजिए आप ।

डॉक्टर डॉ सामीर ने रिक्वेस्ट की।

डॉ समीर प्लीज कीप क्वाइट। 

कंदील ने गुस्सा होते हुए कहा।

समीर ने भी इस वक़्त खामोश होना बेहतर समझा। वो बस से बाहर देखने लगा।

सारा रास्ता ही कंदील ने समीर को इस तरह से इग्नोर किया था जैसे वह यहां पर मौजूद ही नहीं है।


और डॉक्टर समीर को अंदर ही अंदर इस बात पर बहुत गुस्सा आ रहा था ।

कि डॉक्टर कंदील उसको इग्नोर कर रही है।

वह सोचने लगा ,कि अगर कन्दील इस वक्त यहां अकेली होती।

फिर  फरार होने की रहा उसे नहीं मिलती।

और वह कंदील को सारी बात  कर ही लेता 

और कंदील को सुनना पड़ती। 

मगर इस वक्त यहां सब लोग मौजूद थे।

डॉ समीर कोशिश करने के बाद भी कुछ नहीं कर सकता था।

वह अपने दिल में मनसूबे  तैयार करने लगा। 

डॉक्टर कंदील तुम्हें इस बात का, इस गलती   की सजा जरूर चुकानी पड़ेगी।

डॉ समीर अपने दिल में सोच रहा था।


कंदील 3 दिन बाद हवेली वापस आई थी।

और बहुत खुशी थी, के सारे ही लोग उसका एक्साइटेड होकर इंतजार कर रहे होंगे।

लेकिन यहां तो उससे उलट ही था।

हवेली में कोई भी मौजूद नहीं था, मुलाजिम को छोड़कर। सारे लोग किसी शादी को अटेंड करने सिटी से बाहर गए हुए थे। 

कंदील का मूड बुरी तरह ऑफ हो चुका था।

एक तो पहले ही उसका मूड सारे रास्ते ऑफ रहा था डॉक्टर समीर को देखकर। 

और अब यहां हवेली में किसी के नहीं मिलने पर उसका मूड और ज्यादा ही ऑफ हो चुका था। 

वह मरे हुए कदमों से अपने कमरे में आ गई थी।

   बेदिली से अपने पर्स को लगभग फेंक दिया था बैड पर, गिरने के अंदाज में सीधी बेड पर लेट गई थी।।

आज उसे अकेलेपन का बहुत एहसास होने लगा था।

कंदील की आंखें भिग गई थी, उसने करवट लेकर अपने पर्स से अपना मोबाइल निकला।

मोबाइल में काफी सारे डॉक्टर बख्श और आगा जान के मिस कॉल  ,लाएबा और ताई अम्मा की भी मिस कॉल ऊपर ही नजर आ रही थी।

ओहहहहह बस मे शोर की वजह से कुछ एहसास नही हुआ। 

के जो उसके अपने थे, वह लगातार उसे कांटेक्ट करने की कोशिश कर रहे थे।

और उसे कांटेक्ट नहीं हो रहा था।

अब उसको तसल्ली हो गई थी, कि इन लोगों ने कॉल किया था।

यह बताने के लिए, के  वो लोग शहर से बाहर शादी अटेंड करने जा रहे हैं?

कंदील ने हीं फोन चेक नहीं किया था।

डॉक्टर बख्श के मिस कॉल के साथ-साथ टैक्स एसएमएस पर भी गुस्से के स्टीकर थे।

फिर कंदील ने अपना नेट ऑन किया।

उसमे डॉक्टर बख्श के एसएमएस थे।

कंदील बस में पहुंच गई तुम।

बस में पहुंचते ही मुझे एसएमएस करना।

और जब कंदील ने एसएमएस सीन नहीं किए थे फिर उसमें गुस्से के स्टीकर थे।

जिससे अंदाजा लगाया जा सकता था, कि डॉक्टर बक्श बहुत गुस्से में है।

कंदील के होठों पर स्माइल आ गई थी, डॉक्टर बख्श के स्टीकर को देखकर।

ओहहहहहो इतना गुस्सा सैफ सहाब। 

कंदील ने रिप्लाई एसएमएस किया।

और दूसरी तरफ से बिना देर किए एसएमएस सीन हो चुका था। 

मतलब डॉक्टर बख्श कंदील के इंतजार में ही बैठे थे।

कितना लेट रिप्लाई किया है तुमने। 

फिर से डॉक्टर बख्श का 🤨 स्टीकर के साथ एसएमएस था।

सॉरी। 

फोन अभी चेक किया था, तो एसएमएस भी अभी देखें तो आपको रिप्लाई किया। 

कंदील रिप्लाई एसएमएस किया।

ओ के  कॉल मी।

डॉक्टर बख्श ने लिखा।

बट वाए कंदील ने लिखा।

मिसेज बख्श 😡😡😡

कहा ना  कॉल मी।

कंदील को हंसी आने लगी थी ,डॉक्टर बख्श के गुस्से पर।

अगर ना करू  कॉल बैक तो 

कंदील ने रिप्लाई में कहा।

तो डॉक्टर कंदील जफर मै अभी इसी वक्त आप की हवेली मे आ रहा हू।

डॉ बख्श  ने कंदील को धमकी दी।

  और यह बात आप अच्छी तरह से जानती हो कि मैं किसी से नहीं डरता हूं।🦾🦾🦾

डॉक्टर बख्श की चैट पढ़कर कंदील को हंसी आ रही थी। कंदील को अच्छा लग रहा था, डॉक्टर बख्श को छेड़ना।

कंदील नेट ऑफ करके, फ्रेश होने के लिए वॉशरूम में चली गई ।

करीब 15 मिनट शावर के नीचे खड़े रहने के बाद कंदील को काफी अच्छा महसूस हो रहा था।

कंदील ने नाइट सूट पहन लिया ,और अपने बालों को टॉवल से रगड़ते हुए वॉशरूम से बाहर आई।

सैफ की चैट का ख्याल आते ही ,उसके होठों पर हंसी आ गई।

कंदील ने टॉवल को बेड पर रखा।

और मिरर के आगे खड़ी हो गई। अपनी नाइट सूट की फिटिंग को चेक करने लगी।

एक आदत होती है लड़कियों में के जब वह कपड़े पहनती हैं 

तो मिरर में देखती हैं ।

खुद को की किस तरह से उनके ऊपर कपड़े अच्छे लग रहे हैं। 


वह कभी तिरछी हो के अपने कपड़ों को चेक कर रही थी और कभी सीधी होकर। 

कभी मुस्कुराहा कर खुद को देख रही थी।

इस बात से बेखबर के कोई  उसकी सारी हरकतों को नोट कर रहा है।


✨ आगे क्या हो सकता है :


रात गहराने लगी थी — हवेली की हर दीवार खामोश थी, मगर उस खामोशी में कोई अनजानी हलचल थी।

कंदील मिरर के सामने खड़ी थी, उसे एहसास नहीं था कि उसके पीछे परदे की ओट में कोई मौजूद है — कोई जो बहुत देर से उसे देख रहा था।

धीरे-धीरे परदे के पीछे से एक परछाई हिली…

और अगले ही पल हवेली की बत्ती हल्की सी झपकी — कंदील का दिल धक से रह गया।



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