Dr. Kandeel and Dr. Sameer: A Night of Love, Shock, and Betrayal")



Kandeel  dr samir 


उसके तो वहमो गुमान में भी यह बात नहीं थी।

कि डॉक्टर समीर उससे इस तरह की बात करेंगे।

वह तो उन्हें अपना एक बहुत अच्छा दोस्त समझती थी। लेकिन आज।

डॉ समीर ने यह बात बोल कर  कंदील को हैरान कर दिया था।

डॉक्टर समीर आप जानते हैं ,आप क्या कह रहे हैं? कंदील के माथे पर बल आ चुके थे।

जी हां डॉक्टर कंदील में अच्छी तरह से जानता हूं ,कि मैं क्या कह रहा हूं ।

मैं अपने पूरे होशो आवाज में हूं, इसलिए मैं आपसे कह रहा हूं ।

आई लव यू वेरी मच कंदील जफर?

अचानक से डॉक्टर समीर ने कन्दील के कंधों को पकड़ लिया था।

यह क्या कर रहे हैं आप छोड़िए मुझे?डॉक्टर समीर के इस तरह पकड़ने पर कंदील डर गई थी।

कंदील को तो उम्मीद भी नहीं थी कि डॉक्टर समीर इस तरह की हरकत करेंगे।


कंदील आज मै खुद को रोक नहीं सकता ।

तुम्हारी खूबसूरती मुझे पागल बना रही है।

आज मुझे अपने दिल की बात तुमसे कहने दो,और जो मेरा दिल करे करने दो 

आज कन्दील को महसूस हो रहा था, कि डॉक्टर समीर नहीं बल्कि कोई और ही शख्स है जो अपनी धुन में बोले जा रहे हैं।

बिहेव योरसेल्फ डॉक्टर समीर। 

आपका दिमाग तो खराब नहीं हुआ है 

आप क्या कर रहे है ,इस तरह मुझे क्यों पकड़ा है आपने? कंदील  ने ,डॉक्टर समीर का हाथ को झटकते हुए उन्हें अपने दूर धक्का दिया।

कंदील को उनका टच करना बहुत ही बुरा लग रहा था उसे बहुत तेज गुस्सा आ रहा था, कि डॉक्टर समीर ने उसको टच किया है।

डॉक्टर समीर आप जानते हैं ,आप क्या कह रहे हैं।

आप होश  में  हो  अपने ? कन्दील ने कहा। 

जी हां डॉक्टर कंदील में अच्छी तरह से जानता हूं।

कि मैं क्या कह रहा हूं? 


डॉक्टर समीर ने रिलैक्स होकर जवाब देते हुए कहा।

मगर मैंने कभी इस बारे में नहीं सोचा ।

कभी इस नजर से आपको नहीं देखा।

डॉक्टर कंदील ने कहा।

कोई बात नहीं कंदील ,कभी इस नजर से मुझे नहीं देखा नहीं सोचा, लेकिन आज मेरे बारे में इस नजर से देख लो और सोच लो।

अचानक से वह कंदील के गले जाकर लग गए।

देखो आज मौसम कितना हसीन हो रहा है। 

आज के दिन हम अपनी मोहब्बत को अमर कर देना चाहिए। 

आज डॉक्टर समीर पागलों जैसी बातें कर रहे थे।

कंदील को वहशत हो रही थी ।

डॉक्टर सामीर ने उन्हें इस तरह से दबोच के रखा है।

  कंदील बहुत कोशिश कर रही थी ,कि डॉक्टर समीर उसे छोड़ दें।

लेकिन कंदील की हर कोशिश नाकामयाब हो रही थी इस वक्त।


और यह मंजर डॉक्टर बख्श थोड़ी दूर  से  खढे होकर देख रहे थे।

डॉक्टर बख्श ने जब कंदील को डॉक्टर समीर की बाहों में देखा तो उनकी मुठ्ठिया भिच गई थी ।

डॉक्टर बख्श का सारा खून उनकी आंखों में समा गया था।

कंदीललल

  डॉक्टर बख्श की गुस्से में कड़कती हुई आवाज निकली थी।

और यह आवाज समीर और कंदील के कानों तक पहुंची थी समीर ने जैसे ही यह आवाज सुनी। 

तो उसने कंदील को छोड़ दिया।

और कंदील ने अल्लाह का शुक्र अदा किया  

के समीर ने उसे छोड़ दिया ,क्योंकि वह इतनी देर से कोशिश कर रही थी ।

समीर उसे छोड़ दे लेकिन? 

उसने इतनी टाइट करके कंदील को पकड़ लिया था ।

चाहने के बावजूद भी वह अपने आप को छोड़ा नहीं पा रही थी।

समीर ने हक्का-बक्का होते हुए डॉक्टर बख्श की तरफ देखा।

समीर के छोडते ही कंदील, जमीन पर गिर गई थी

क्योकी वो इतनी देर से पूरी ताकत लगाकर अपने आप को समीर से छुड़ाने की कोशिश कर रही थी।

इसलिए डॉक्टर समीर ने जैसे ही उसे छोड़ा वह पीछे जाकर जमीन पर गिर गई।


डॉ बक्श ने जब देखा के डॉक्टर समीर ने कंदील को छोड़ा और  कंदील जमीन पर गिर गई है। 

तो डॉक्टर बख्श तेज तेज कदम बढ़ाते हुए कंदील के नजदीक आए।

और कंदील को जमीन से उठाने की कोशिश करना लगे। लेकिन वह  कंदील को उठाने में नाकामयाब रहे, क्योंकि कंदील इस वक्त बेहोश हो चुकी थी?

उन्होंने बिना देर किए कंदील को अपनी बाहों में उठाया। और एक तेज तरार गुस्से वाली नजर डॉक्टर समीर के ऊपर डाली।

तुमसे तो मैं बाद में बात करूंगा ,डॉक्टर समीर इस वक्त मुझे कंदील की सेहत का बहुत ख्याल है। 

वह कंदील को गोद में उठाकर तेज तेज चलते हुए। अपने टेन्ट की तरफ ले जाने लगे।

डॉक्टर समीर हक्का-बक्का होकर यह मंजर देख रहा था। 

उसकी समझ में नहीं आ रहा था, कि आज उसे क्या हो गया था ।

उसने इतनी ओछी और गिरी हुई हरकत कंदील के साथ  की थी? 

उसे इस बात का अफसोस हो रहा था।

मगर अब डॉक्टर समीर के अफसोस करने से कोई फायदा नहीं था।

क्योंकि अब जो रूप कंदील के सामने डॉक्टर समीर का आया था?

कंदील ने तो कभी ख्वाब में भी उसके बारे में नहीं सोचा था।

कंदील कंदील  उठो ,कंदील उठो, डॉक्टर बख्श 

कंदील को अपने बिस्तर पर लिटाया और फिर उसे उठाने की कोशिश की।

लेकिन इस वक्त कंदील बेहोश थी, डॉक्टर बख्श के उठाने का उस पर कोई असर नही हो रहा था।

डॉक्टर बख्श फौरन अपना, डॉक्टर वाला बैग उठाकर ले आए।

उन्होंने कंदील की नब्ज और बीपी चेक किया।

कंदील की नब्ज बहुत धीमी चल रही थी।

बीपी हाई हुआ  था।

डॉ बख्श ने अंदाजा लगाया, कि कंदील बहुत ज्यादा डर गई थी।

क्योंकि समीर जो हरकत कंदील के साथ कर रहा था।

और अब कंदील का इस तरह से बेहोश होना

डॉक्टर बख्श का मन कर रहा था।

अभी जाकर डॉक्टर समीर का मुंह तोड़ दे।

मगर इस वक्त उससे कुछ कहना ठीक नही था।


वह डॉक्टर बख्श दूर से देख रहे थे? 

और डॉक्टर बख्श को गुस्सा आ रहा था कि इतनी रात में कंदील डॉक्टर समीर के साथ टेन्ट के बाहर क्या कर रही थी?

उन्होंने बिना देर किए अपने बैग में से इंजेक्शन निकाल कर कंदील को लगा दिया। 

ताकि वह जल्दी होश में आ सके।

डॉक्टर बख्श का  गुस्सा  कम ही नही हो रहा था ।

डॉक्टर समीर पर।

पहले तो डॉक्टर समीर ने जिस तरह कंदील को टच किया था।

डॉक्टर बख्श का मन कर रहा था वो जान ले ले उसकी

Ye kahani jari h abhi 



Comments

Popular Posts