Kandeel, part 36
डॉक्टर समीर की इतनी सारी मिस कॉल क्यों है, मेरे फोन में?
अभी कुछ देर पहले तो मुझे मिले थे वह।
कंदील डॉक्टर समीर के बारे मे सोच रही थी।
ओहहहह हां याद आ गया, वह उन्हें मुझे कुछ जरूरी बात करनी थी , कंदील में खुद से कहा।
कंदील ने डॉक्टर समीर को कॉल लगाई।
काफी देर रिन्ग होती रही, लेकिन दूसरी तरफ से कॉल रिसीव नहीं हुई।
कंदील ने मेज पर फोन रख दिया।
और फ्रेश होने लगी।
अभी कंदील अपने कपड़े चेंज करके अपने बिस्तर में लेटी ही थी।
उसका फोन बजने लगा।
और इस वक्त कंदील का बिल्कुल मूड नहीं हो रहा था। कि वह फोन पर किसी से बात करें।
क्योंकि सुबह से अब तक काफी थकान हो चुकी थी?
तो वह आराम करना चाह रही थी।
लेकिन फोन करने वाला भी बहुत ढीठ महसूस हो रहा था। एक बार फोन कट होने के बाद दोबारा रिंग बजने लगी। कन्दील बेदिली से उठी।
और मेज पर से फोन उठाया।
डॉ समीर की कॉल थी, उसने फोन रिसीव करके फोन को कान से लगाया?
जी डॉक्टर समीर। कंदील बोली।
कंदील मुझे आपसे कोई बहुत जरूरी बात करनी है। डॉ समीर ने कहा।
हां तो डॉक्टर समीर, सुबह कर लेते हैं ना बात अभी मुझे नींद आ रही है बहुत तेज वाली।
कंदील ने जवाई लेते हुए कहा।
नहीं डॉक्टर कंदील मुझे आप को यह बात बताना बहुत जरूरी है।
और मैं कई दिन से आपको यह बात बताना चाह रहा हूं लेकिन बता नहीं पा रहा हूं।
डॉ समीर ने कहा।
ठीक है फिर आप बता दीजिए क्या बात है?
कंदील उकता कर बोली।
कंदील वह बात मैं आपको इस तरह फोन पर नहीं बता सकता हूं।
समीर ने कहा।
तो फिर कैसे बताएंगे डॉक्टर समीर?
कंदील समझी नहीं थी।
के वे क्या कहना चाह रहे हैं?
आप टेन्ट के बाहर आ जाइए हम लोग बाहर मिलते हैं। बाहर मिलकर बात करेंगे।
डॉ समीर बोले।
बट, डॉक्टर समीर, रात काफी हो चुकी है।
इस वक्त हम लोगों का मिलना ठीक नहीं है ।
हम लोग सुबह बात कर लेंगे।
कंदील ने कहा ।
क्योंकि रात काफी हो चुकी थी ,और इस वक्त उनका मिलना ठीक नहीं था?
कंदील प्लीज कुछ देर के लिए आप बाहर आ जाइए मुझे आपसे बात करना बहुत जरूरी है।
समीर भी अपने दिल के हाथों मजबूर था।
उसने सोच लिया था ,कि आज वो कंदील को अपने दिल का हाल सुना देगा।
बट, डॉक्टर समीर इस वक्त काफी लेट हो चुका है 11:30 का वक्त हो रहा है।
कंदील ने टाइम पर जोर देते हुए कहा।
कन्दील प्लीज ज्यादा टाइम नहीं लूंगा, मैं आपका
प्लीज मेरी बात सुन लीजिए।
डॉ समीर रिक्वेस्ट करने लगे कन्दील से।
ठीक है मैं अभी टेन्ट से बाहर आती हूं।
कंदील ने कहा।
डॉक्टर समीर को इस वक्त मुझसे क्या बात करनी है? कौन सी ऐसी जरूरी बात है ,जो उन्हें सुबह तक का वेट नहीं हो रहा है?
कंदील सोच रही थी कंदील का इस वक्त बिल्कुल मूड नही था अपने बिस्तर से ऊठने का।
फिर भी डॉक्टर समीर के रिक्वेस्ट करने पर उसे ऊठना पड़ा था।
यह पहाड़ी इलाका था।
इसलिए टेन्ट से बाहर के मौसम में काफी ठंडक थी। कंदील ने नाइट सूट पर शॉल को ओड़ा।
और टेन्ट से बाहर निकल आई।
बहुत ही खूबसूरत मंजर नजर आ रहा था ।
टेन्ट के बाहर का।
बाहर पहाड़ी इलाके में, जगह-जगह टेन्ट में लाइट जलती हुई नजर आ रही थी।
जिससे यहां का मंजर और खूबसूरत लग रहा था।
कफी खूबसूरत मौसम हो रहा था ।
यह मौसम देखकर कंदील को, उस वक्त की याद आ गई जिस वक्त डॉक्टर बख्श ,कंदील के रूम में बिना इसकी इजाजत के आए थे।
और कन्दील ने बहुत तेज उनके हाथ पर कटा था।
यार बहुत तेज काटती हो तुम।
यह डॉक्टर बख्श ने कहा था।
कंदील को यह बात याद करके अचानक से उसके चेहरे पर स्माइल आ गई थी।
उस वक्त भी मौसम बहुत बेईमान और खूबसूरत हो रहा था।
और उस पर डॉक्टर बख्श की आमद।
कंदील को वह सब बातें आज याद आ रही थी।
कंदील ने पीछे मुड़कर देखा तो थोड़ी ही दूर पर डॉक्टर बख्श का टेंट भी था।
और उनके टेन्ट की लाइट को जली हुई देखकर अंदाजा लगाया जा सकता था।
कि डॉक्टर बख्श भी इस वक्त सोए नहीं है।
कंदील।
अभी वह डॉक्टर बख्श के मुताल्लिक ही सोच रही थी। कि पीछे से उसे डॉक्टर समीर ने आवाज लगाई।
तो कंदील डॉक्टर बख्श की यादों से बाहर आ गई थी।
जी,डॉक्टर समीर आपको कुछ बात करनी थी।
मुझसे।
कंदील के अंदर एक बार बहुत अच्छी आदत थी ।
वह पॉइंट पर अपनी बात को लाती थी।
कंदील को बात घुमा कर बात करनी नहीं आती थी।
इसलिए उसने डायरेक्ट डॉक्टर समीर से पूछा।
जी हां डॉक्टर कंदील एक बहुत जरूरी बात है ।
जो मैं कई दिन से सोच रहा हूं कि आपको बता दूं।
डॉ समीर कंदील के साथ चलने लगे थे।
डॉ समीर ने एक नजर कंदील पर डालीं।
वह इस मौसम में शाल को अपने ऊपर लपेटी हुई थी।
डॉक्टर समीर को बहुत हसीन लग रही थी।
ऐसे भी क्या जरूरी बात थी ,डॉक्टर समीर जो आपको आधी रात को वह बात मुझे करनी थी ।
हम कल सुबह भी बात कर सकते थे?
डॉक्टर कंदील ने मुस्कुराकर।
डॉ समीर की तरफ देखते हुए कहा।
मेरे दिल ने सोचा इस हसीन मौसम में यह बात आपको बता दूं तो बहुत अच्छा होगा।
आज कंदील को डॉक्टर समीर की बातें कुछ अलग ही नजर आ रही थी।
मैं समझी नहीं डॉक्टर समीर, के आप क्या कहना चाह रहे हैं?
कंदील जब से मैंने आपको देखा है ,उसे दिन से ही मेरे दिल में आपके लिए जो कैफियत है वह एक अलग तरीके की कैफियत है।
डॉ समीर ने कहा।
और उस वक्त मैंने सोचा था शायद मेरी यह कैफियत वक्ति कैफियत हो ,लेकिन ऐसा कुछ नहीं है वक्त के साथ-साथ मेरी यह कैफियत आपके लिए और बढ़ती हुई नजर आ रही है।
डॉक्टर समीर की आंखों में, कुछ अलग बात थी आज।
डॉ समीर प्लीज आप अच्छी तरह से जानते हैं, ना कि मुझे घूमो फिरा कर बात करना, बिल्कुल पसंद नहीं है।
आपको जो कुछ भी कहना है ,अब डायरेक्टर मुझे बोल सकते हैं।
कंदील ने कहा ।
उसकी समझ में नहीं आ रहा था, कि डॉक्टर समीर उससे क्या कहना चाह रहे हैं?
डॉ कंदील आई लाइक यू वेरी मच।
डॉ समीर ने कहा।
और बात सिर्फ लाइक तक ही नहीं है।
मोहब्बत करता हूं मैं आपसे।
यह बात डायरेक्ट डॉक्टर समीर, ने कन्दील की आंखों में देखते हुए कहा ही थी।
और कंदील अपनी आंखों को बड़ा करते हुए डॉक्टर समीर को देखने लगी ।
वो ख्वाब मे भी डॉक्टर समीर के बारे मे ऐसा नही सोच सकती थी।
कंदील को बहुत हैरानी हो रही थी डॉक्टर समीर की सोच पर



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