Kandeel, part 33
इस वक्त कंदील का दिल कर रहा था कि वह सारी भड़ास डॉक्टर बख्श के ऊपर निकाल दे।
डॉ बख्श कंदील की इस बात से लाजवाब हो गए थे।
जवाब दीजिए डॉक्टर बख्श ,आपके पास इस बात का जवाब है।
क्यों आप पुलिस को हवेली पर लेकर आए थे?
इस डॉक्टर बख्श की निगाह नीचे थी।
इस वक्त कंदील के सवालों का उनके पास कोई जवाब नहीं था।
नहीं है ना आपके पास इस सवाल का जवाब ,होगा भी नहीं मैं जानती थी।
सैफ साहाब मुझे कसूरवा ठहरना बंद कर दीजिए।
मैंने कोई धोखा नहीं किया था आपके साथ।
उस वक्त गलती आपकी थी।
आप कॉल करके मुझे कम से कम पूछ तो सकते थे।
कि मैं तुम्हें लेने के लिए आ जाऊं।
अगर मैं उस वक्त आपको इंकार करती।
तो आप यकीनन पुलिस को मेरी हवेली पर लेकर आ जाते हैं।
लेकिन सैफ साहाब ,उस वक्त आपने ऐसा कुछ भी नहीं किया था।
तो ,मै अपने घर वालों की इतनी बड़ी बेइज्जती करवा कर आपके साथ कैसे जा सकती थी?
मुझे आपको आइना दिखाना बहुत जरूरी था।
इस वक्त कंदील को, डॉक्टर बख्श से बिल्कुल डर नहीं लग रहा था।
जब मैं इस बात के लिए तैयार हो गई थी, मैं आपके साथ कुछ दिन आपके पैरेंट्स के घर में रहने को तैयार हूं।
उसके बावजूद आपने ऐसा किया।
फिर मैं अपकी बात कैसे मान सकती थी ।
आपने मेरी इज्जत के साथ और मेरे घर वालों की इज्जत के साथ खिलवाड़ किया, सैफ साहब?
कंदील ने एक झटके से डॉक्टर बख्श के कन्धो छोड़ दिया जो गुस्से की वजह से काफी देर से कंदील ने पकड रखे थे।
और बिना कुछ कहे। तेज़ तेज चलती हुई। दरवाजे से बाहर निकल गई।
और डॉक्टर बख्श उसको जाते हुए देखने लगे।
क्योंकि डॉ बख्श के पास कंदील की इन बातों का कोई जवाब नहीं था।
कंदील डॉक्टर बख्श को लाजवाब करके चली गई थी।
वह जो पिछले 6 साल से कंदील को धोखेबाज ठहरा रहे थे।
आज उन्हें अपनी इस गलती का अच्छी तरह से एहसास हो रहा था।
कि गलत कन्दील नहीं थी।
गलत डॉक्टर बख्श थे।
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आज डॉक्टर समीर बहुत ही खुश थे।
उन्होंने सोच लिया था, के अपने दिल का हाल कंदील को बाता कर रहेंगे।
अखिर कब तक ऐसा चलता, कि वह अपने दिल की बात दिल में ही दबाते रहते?
उसे बाहर तो लाना था ना।
डॉक्टर कंदील कहां है ,आप इस वक्त?
डॉ समीर ने कन्दील के फोन पर कॉल करके उनसे पूछा। ओके डॉक्टर कन्दील 5 मिनट में मुझे हॉस्पिटल की कैंटीन में मिलिए आप,कोई बहुत जरूरी बात करनी है आपसे।
डॉक्टर समीर ने कन्दील से कहा।
और फोन को कट कर दिया।
डॉ समीर ने अपने बालों को अपने हाथ से ठीक किया। और अपने वाइट कोर्ट के कॉलर को ठीक किया।
और अपनी मंजिल की जानिब कंदील को अपना हाले दिल सुनाने के लिए कैंटीन की तरफ चल दिए।
कंदील डॉक्टर समीर को सामने ही बैठी नजर आ गई।
डॉ समीर फुल कॉन्फिडेंस के साथ कंदील की तरफ बड़े।
हेलो डॉक्टर कंदील।
कंदील का जैहन दूसरी तरफ था।
तब डॉक्टर समीर ने उनके नजदीक आकर हेलो किया। कंदील ने डॉक्टर समीर की तरफ देखा और मुस्कुराने लगी।
क्या बात है ,डॉक्टर समीर आज तो आप बहुत स्मार्ट लग रहे हैं?
कंदील ने कहा।
डॉ समीर के अंदर कंदील की इस बात से और कॉन्फिडेंस जागने लगा।
थैंक्स डॉक्टर कंदील।
डॉ समीर चेयर को खींच कर बैठते हुए बोले।
सो डॉक्टर कंदील ,क्या पीना पसंद करेंगी आप चाय या कॉफी?
डॉ समीर ने कन्दील से पूछा ।
आप अच्छी तरह से जानते हैं ,डॉक्टर समीर कि मुझे चाय पीना बहुत पसंद है?
कंदील मुस्कुराकर उनकी तरफ देखते हुए बोली।
हालाकि कल वाली डॉक्टर बख्श की बातों से कंदील का माईन्ड बहुत डिस्टर्ब था।
लेकिन वह किसी पर यह बात जाहिर नहीं करना चाहती थी।
कंदील को आज डॉक्टर समीर कुछ बदले बदले से नजर आ रहे थे।
कॉफी स्मार्ट थे डॉक्टर समीर।
डॉ समीर ने दो चाय का ऑर्डर दे दिया।
तो बताइए डॉक्टर समीर आपको मुझसे क्या बात करनी है?
कंदील अब सीधा पॉइंट पर आई।
क्योंकि कंदील को घुमा फिरा कर बात करना पसंद नहीं था?
डॉक्टर कंदील मैं आपसे जो कुछ भी कहना चाहता हूं।
उससे पहले मैं एक बात आपसे कहना चाहूंगा।
कि मैं आपको अपना बहुत अच्छा दोस्त समझता हूं।
मैं जो कुछ भी कहूं उससे अगर आप हर्ट होती हैं ।
या कोई तकलीफ होती है आपको।
तो आप मुझसे बोल सकती हैं।
क्योंकि मैं आपको बहुत अच्छा दोस्त समझता हूं अपना? कंदील ने देखा कि आज डॉक्टर समीर कुछ ज्यादा ही सीरियस नजर आ रहे थे।
उनकी बातों में कोई ऐसी बात मौजूद थी।
जिससे कंदील को कुछ अजीब सा महसूस हो रहा था।
जी बिल्कुल डॉक्टर समीर
आप और मैं बहुत अच्छे दोस्त हैं।
कंदील ने मुस्कुरा कर उनकी बात का जवाब देते हुए कहा।
डॉक्टर कंदील मेरे दिल में काफी वक्त से एक बात है।
जो आपसे कहते हुए डरता हूं।
डॉ समीर भी अब मुद्दे की बात पर आ गए थे।
अब ऐसी भी क्या बात है डॉक्टर समीर जो आप मुझसे कहते हुए डरते हैं?
कंदील ने कहा।
वह बात यह है डॉक्टर कंदील।
डॉ समीर ने बहुत हिम्मत जुटाते हुए बोलने की कोशिश की।
डॉक्टर कंदील मैं आपसे।
मुझे आपसे, डॉक्टर समीर बहुत ज्यादा कंफ्यूज नजर आ रहे थे कंदील को।
डॉक्टर कन्दील में यह कहना चाहता हूं।
डॉ समीर ने अपनी बात को खत्म नहीं किया था ।
कि इससे पहले ही।
डॉ समीर के फोन पर रिंग बजने लगी।
डॉ समीर ने जैसे ही फोन की तरफ ध्यान किया।
उस पर डॉक्टर बख्श ,का नाम शो हो रहा था।
डॉ समीर ने बिना देर किए फोन को रिसीव करके अपने कान से लगाया।
जी सर समीर ने कहा।
डॉक्टर समीर आप अभी इस वक्त मुझे मेरे केबिन में मिलिए इमरजेंसी है।
डॉ बक्श ने कहा।
ओके सर आता हूं मैं, डॉ समीर बोले ।
डॉ बख्श ने डॉक्टर समीर का जवाब सुनते ही।
फोन कट कर दिया।
ओके कंदील में चलता हूं।
आपसे बाद में बात होगी।
डॉ समीर अपने चेयर से उठाते हुए बोले।
क्या बात है, डॉक्टर समीर खैरियत तो है?
कंदील ने जब उन्हें इस तरह उठते हुए देखा तो पूछा।
जी हां कंदील खैरियत तो है।
बस डॉक्टर बख्श ने इमरजेंसी में मुझे भी बुलाया है।
डॉ समीर ने कहा।
ओहहहहह कंदील के मुंह से निकला।
डॉ समीर आप बिना देरी किए यहां से जाइए नहीं तो आपको पनिशमेंट मिल सकती है।
डॉक्टर कंदील ने मुस्कुराकर कहा।
डॉ समीर ने हा मे गर्दन को हिलाया।
और वहां से चले गए।
सबके दिलों में डॉक्टर बख्श का कितना खौफ है।
हलाकू खान से काम नहीं है ,डॉक्टर बख्श।
कंदील सोचने लगी।



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