Kandeel, part, 32

 




ओहहहह डॉक्टर कंदील कितना एहसास है ,ना आपको खुद के दर्द का।

दूसरों को दर्द देते वक्त भूल जाती हैं, सब आप। 

डॉ बक्श ने कंदील को कंधो से छोड़ दिया था। 

और उसे पीछे धकेल दिया।

कंदील दीवार से जाकर टिक गई।

कंदील दीवार से टिककर अपने मुंह पर हाथ रख कर रोने लगी।

क्योंकि अभी जितनी बेदर्दी से डॉक्टर बख्श ने उसके कंधों पर हाथ रखा था।

उसे पकड़ा था उससे कंदील को दर्द होने लगा था?

डॉ बख्श वहा से जा चुके थे।

  जो दर्द तुमने मेरी रूह को दिया है, उस दर्द के आगे तुम्हारा यह दर्द कुछ भी नहीं है।

डॉक्टर कंदील।

डॉ बख्श चलते हुए सोच रहे थे।

क्योंकि अभी जिस तरह से उन्होंने कंदील को कंधों से पकड़ा था? 

वह जानते थे उससे दर्द तो कंदील को हुआ होगा।

लेकिन उस दर्द की भरपाई, नहीं हो सकती थी जो कंदील ने, पिछले 6 साल से डॉक्टर बख्श को दिया है।

मैं भी देखता हूं कब तक  तुम्हारा ये ड्रामा चालू रहेगा?

कब तक यू भागती रहोगी इस रिश्ते से? 

एग्रीमेंट तो पूरा हो चुका है। 

बस मुझे एक सही मौके की तलाश है। 

डॉक्टर बख्श अपने दिल में सोच रहे थे।

डॉक्टर बख्श आकर अपने केबिन में बैठ गए थे। 

वह आंखें बंद करके कुर्सी से टेक लगाकर रिलैक्स होने की कोशिश करने लगे।

के अचानक से उनके केबिन का दरवाजा बहुत जोर से खुला?

उन्होंने चौकते हुए ऑखे खोल कर  दरवाजे की तरफ देखा। 

क्योंकि इस केबिन का दरवाजा बिना उनकी इजाजत के नहीं खुल सकता था ।

जो कोई भी आता था, पहले इजाजत लेकर आता था? लेकिन इस वक्त दरवाजा खुला तो डॉक्टर बख्श सामने उस शख्सियत को अपने सामने देखकर चौंक गए थे। उम्मीद के खिलाफ डॉक्टर कंदील, दरवाजे पर खड़ी थी।

डॉक्टर सैफ हारून बख्श।

आप क्या समझते हैं ,खुद को? 

आप जब चाहे, जो चाहे कर सकते हैं।

जब आपका मन करेगा आप मुझे हर्ट कर सकते हैं ।

मुझे दर्द दे सकते हैं। 

क्यों डॉक्टर बख्श,क्यों करते हैं आप ऐसा मेरे साथ?

कंदील तेज आवाज में बोल रही थी ।

और उसकी आंखों से आंसू बह रहे थे।

डॉ बख्श  बिना कुछ बोले कंदील को देखते रहे उन्हें कंदील से इस बात की उम्मीद नहीं थी।

कि वह इस तरह से उनके केबिन में आकर उनसे तेज आवाज में बात करेगी।

बिहेव योरसेल्फ कंदील जफर, 

आपकी हिम्मत कैसे हुई इस तरह से मेरे केबिन में आने की? 

आप जानती हैं ना।

के आपकी इस गलती पर आपको पनिशमेंट मिल सकती है? 

डॉ बक्श ने कन्दील को धमकी देते हुए कहा।

जी हां डॉक्टर बख्श अच्छी तरह से जानती हूं ,कि आप मुझे पनिशमेंट दे सकते हैं।

लेकिन बावजूद इसके मैं आपसे पूछना चाहती हूं।

के आपने मेरी लाइफ को जहन्नम क्यों बना कर रख दिया है? 

क्यों इस तरह से पीछे पड़ गए आप मेरे?

मुझे जीने देते हैं ना मरने  देते हैं। 

सोते जागते हर वक्त मेरे दिल में आपका खौफ रहता है।

हर आहट में मुझे डर लगता है।

कैसी हालत बना दी है आपने मेरी।

कंदील ने कहा। 

डॉक्टर बख्श के चेहरे पर इस वक्त, अपनी जीत पर खुश होने वाली मुस्कुराहट थी।

लग रहा था कि डॉक्टर बख्श ने ,ये यह जंग जीत ली हो।

  क्यों मुझ पर इल्जाम लगा रही है आप, के आपकी लाइफ को  जहन्नुम मैंने बनाया है। 

माई डियर स्वीट वाईफ ,अभी तो आपको यह भी नहीं पता की लाइफ को जहन्नम कैसे बनाते हैं?

यह तो आपको तब पता चलेगा जब आप मेरे साथ आकर, मेरे घर में रहेंगी।

डॉ बख्श अपनी चेयर से खड़े होते हुए बोले।

नहीं डॉक्टर सैफ हारून बख्श, आप अपने दिल दिमाग से इस बात को निकाल दीजिए।

कि मैं आपके साथ आपके घर में रहूंगी।

कंदील को जाने इस वक्त क्या हो गया था।

वह बिना डरे? डॉक्टर बख्श से कह रही थी।

यह जो आपका एटीट्यूड है ,ना कंदील जफर ये मुझे बिल्कुल पसंद नहीं है।

आपकी जानकारी के मुताबिक मैं आपको बता दू।

जो एग्रीमेंट हम लोगों ने 6 साल पहले साईन किया था।   उस एग्रीमेंट का वक्त पूरा हो चुका है। 

आप अपनी खुशी से ना सहीं।

तो जबरदस्ती मेरे साथ रहने पर मजबूर हो जाएगी । 

माई डियर स्वीट वाईफ 

डॉ बख्श आहिस्ता आहिस्ता चलते हुए कंदील के नजदीक आ गए।

आपको क्या लगता है ,मैं जबर्दस्ती आपके साथ रहूंगी? बिल्कुल नहीं डॉक्टर बख्श मैं अपनी जान देना गवारा कर सकती हूं ।

लेकिन आपके साथ रहना गवारा नहीं कर सकती।

कंदील ने डॉ बख्श की तरफ से अपना मुंह फेरते हुए कहा। 

डॉक्टर बख्श की तरफ अब कंदील की पीठ थी।

आप इस बार किसी  खुशफहमी में मत रहिए।

डॉक्टर कंदील। 

इस बार मैं आपको अपने घर में ले जाकर रहूंगा।

और यह भी बाता कर रहूंगा की जिंदगी जहन्नम कैसे बनाई जाती है?

बहुत शौक है ना आपको जहन्नम देखने का। 

वह बिल्कुल कंदील के नजदीक आ चुके थे।

सैफ आप क्यों कर रहे हैं ऐसा बताइए ।

ऐसा मैंने आपके साथ क्या कर दिया है?

वह अब मुड़कर, डॉक्टर बख्श की तरफ देखते हुए बोली। 

डॉक्टर बख्श को इस वक्त कंदील का ,सैफ, कहना अच्छा लगा था।

   इतने सारे अजनबी लोगो में कोई अपना दिखाई पड़ा था।

नहीं तो यहां सब लोग डॉक्टर बख्श के नाम से उन्हें जानते थे।

कंदील अगर उस दिन तुम मेरे साथ मेरे घर चलती, तो आज यह नौबत नहीं आती।

डॉ बख्श बोले।

सैफ अपनी गलतियों पर गौर कीजिए आप। 

कंदील ने डॉक्टर बख्श को कंधों से पकड़ कर झुंझोढते हुए कहा।

सबसे पहली बात आपने आगा जान को और बेगम साहिबा को मारने की कोशिश की। 

मैं इस बात को कैसे भूल सकती हूं?

आप ईस तरह से मेरे घर पर पुलिस को लेकर क्यों आए थे?कौन सा जुर्म किया था मैने।

आपने एक कॉल करना भी मुझे गावारा नहीं समझा।

और डायरेक्ट मेरे घर पर पुलिस लेकर आ गए। 

उसके बाद आप यह चाहते थे, कि मैं आपके साथ आपके घर पर चलती।

आप हवेली में पुलिस लेकर आए थे।

  ताकि आप मेरी और मेरे घर वालों की बेइज्जती कर सके। 

आपको पुलिस को लेकर आने की क्या जरूरत थी?

इस वक्त कंदील का दिल कर  रहा था कि वह सारी भड़ास डॉक्टर बख्श के ऊपर निकाल दे।

डॉ बख्श कंदील के इस बात से लाजवाब हो गए थे।

जवाब दीजिए डॉक्टर बख्श आपके पास इस बात का जवाब 




                 


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