Kandeel, part, 31

 



डॉ साहिबा यह सब कुछ मैं नहीं जानता हूं ।

बस आपको दोनों को बचाना है।

नहीं तो अगर दोनों में से किसी की भी जान को कोई खतरा हुआ।

या किसी की सेहत को कोई नुकसान हुआ।

तो इस  पिस्तौल से निकली हुई गोली आपके माथे पर

पढ़ सकती है।

उस शख्स की ऑखो मे कंदील को वहशत दिख रही थी ।वो एक ,साईको किलर, मालूम पढ़ रहा था

उस शख्स का यह बात सुनकर दिमाग खराब हो गया था ।

कि दोनों में से किसी एक की जान बचाई जा सकती है। कंदील का हलक सूखने लगा।

वह सोचने लगी के, वह क्या करें?

देखिए सर आपकी इन हरकत की वजह से आप मेरा टाइम खराब कर रहे हो ,मेरे पास इतना टाइम नहीं है ।

और आपके पेशेंट की जान और खतरे में आ सकती है । अगर थोड़ी  भी देर की गई ट्रीटमेंट करने में।

कंदील हर तरह से समझने की कोशिश कर रही थी।

ओके आप मेरी बीबी का ट्रीटमेंट करो।

  मगर मेरी बात अपने जैहन में बसा कर रखना  दोनों मुझे सलामत चाहिए।

वो शख्स वार्निंग भरे लहजे में कंदील से बोल रहा था। 

कंदील सोच रही थी,के अपनी हेल्प के लिए किस डॉक्टर को बुलाए ।

क्योंकि सारे ही जूनियर डॉक्टर हॉस्पिटल से जा चुके थे? 

यहां सिर्फ डॉक्टर बख्श मौजूद थे।

डॉक्टर बख्श ने जब रिसेप्शन  का मंजर कैमरे में देखा ।

एक शख्स कंदील के माथे पर पिस्तौल टीकाएं हुआ था। 

तो डॉक्टर बख्श के माथे पर शिकन आ गई। 

उन्होंने बिना देर किए पुलिस को इन्फॉर्म किया।

और अपने केबिन से लगभग तेज चलते हुए, कंदील के पास आने लगे।

व्हाट हैपेंड कंदील, क्या प्रॉब्लम हो गई?

डॉ बक्श ने आकर कंदील से पूछा।

कंदील ने कुछ  कहने के लिए अपना मुंह खोला था। 

तभी वह शख्स बोला। 

डॉक्टर साहब आप भी कान खोल कर सुन लो ,कि मुझे अपना बच्चा और बीवी दोनों सलामत चाहिए।

उसने वह  पिस्टल कंदील के माथे से हटाकर डॉक्टर बख्श की तरफ टेकते हुए कहा।

मिस्टर क्या आपको पता है, कि आप यह गैरकानूनी काम कर रहे हैं? 

इस तरह हॉस्पिटल में रिवाल्वर लेकर आना।

डॉक्टर को धमकी देना। 

जानते हो आप जेल जा सकते हो उसके लिए। 

डॉक्टर बख्श उसकी बंदूक से बिल्कुल नहीं डरे थे।

उन्होंने अपने सीने पर हाथ बनाकर उस शख्स की आंखों में देखकर कहा।

ईतमीनान  रखिए मिस्टर हम पूरी कोशिश करेंगे कि दोनों को ही सलामत बचा सके।

डॉ बख्श ने कहा।

वह शख्स कुछ और का कहता  इससे पहले ही, पुलिस आ गई थी । 

और पुलिस के सिपाहियों ,ने उस शख्स को पकड़ लिया। उसकी बंदूक जो  उस शख्स के हाथ में थी, वह नीचे गिर चुकी थी।

डॉक्टर आपने अच्छा नहीं किया पुलिस को बुलाकर। 

वह शख्स बढ़बढ़ाने लगा। 

पुलिस ने बिना देरी किए। 

उसको अपने साथ ले गई।

डॉक्टर कंदील क्या कॉम्प्लिकेशन है इनके केसेस में?

पहली बार डॉक्टर बक्श ने इतने नरम लहजे में कंदील से बात की थी।

सर डिलीवरी का केस है लेडी छत की सीढ़ी से नीचे गिर गई हैं। 

अभी डिलीवरी में टाइम है लिहाजा लीवर पेन्ट हो रहे हैं। 

इस वक्त बच्चे की जान भी खतरे में है ,और लेडी की भी। कंदील ने पूरी बात डॉक्टर बख्श को बताई। 

डॉ बख्श और कंदील दोनों ऑपरेशन थिएटर की जानिब   चलने लगे।

आपने किसी और डॉक्टर को क्यों नहीं बुलाया ,आप अकेले इसके केस को हैंडल कैसे कर रही थी? 

वह चलते-चलते कंदील से पूछ रहे थे। 

सर इस वक्त अस्पताल में कोई भी डॉक्टर मौजूद नहीं है।

सब लोग हॉलीडे पर जा चुके हैं। 

क्योंकि आज संडे है? 

कंदील ने पूरी बार डॉक्टर बख्श को समझाते हुए कहा था। 

पहली बार ऐसा हुआ था ,कि डॉक्टर बख्श और कंदील दोनों ही नॉर्मल लहजे में बात कर रहे थे। 

डॉक्टर बख्श ईस वजह से भी कंदील से नॉर्मल लहजे में बात कर रहे थे ।

क्योंकि वह देख चुके थे कंदील के सर पर उस शख्स ने बंदूक टिका दी थी ।


तो कंदील पूरी तरह डर गई थी।

  कंदील के चेहरे पर से साफ जाहिर हो रही थी यह बात?

कोई डॉक्टर हॉस्पिटल में मौजूद नहीं था ।

तो आप मुझे इत्तिल कर सकती थी। 

डॉ बक्श ने शिकवा भरी नजरों से कंदील की तरफ देखा। सॉरी सर। 

मैंने सोचा इस केस को शायद मैं ही हैंडल कर लूंगी ।

आपको बताने की कोई जरूरत नहीं होगी।

कंदील ने अपनी निगाहों को नीचे कर लिया।

आप अपनी इस तरह की सोच को बदले कंदील ,क्योंकि एक साइको टाइप का शख्स अभी आपके माथे पर बंदूक टेक रहा था? 

सोचिए वह साइको हो गया था ,अगर आपको गोली मार देता फिर क्या करते हम सब? 

डॉक्टर बख्श कंदील को डरा रहे थे। 

कंदील ने कोई जवाब नहीं दिया।

वह दोनों ही ऑपरेशन थिएटर के अंदर आ गए।

काफी देर। स्ट्रगल करने के बाद। कंदील और डॉक्टर बख्श ने  बच्चे  और उसकी मां की जान बचा ली थी। 

अल्लाह तेरा शुक्र है दोनों ही सेव है। 

कंदील ने अल्लाह का शुक्र अदा करते हुए कहा। 

कंदील को दिल से बहुत खुशी हुई थी दोनों की जान बचाकर। 

डॉ बक्श ने एक निगाह कंदील की तरफ डाली। 

और मुस्कुरा कर अपने गर्दन को हिलाने लगे।


डॉ कन्दील आपकी बातों से ऐसा लगता है ,कि आपके दिल को लोगों की फिलिंग्स की बहुत परवाह है।

  कंदील को ऐसा महसूस हो रहा था ,डॉक्टर बख्श ने जैसे यह बात कंदील से तंज में कहीं हो।

जी हा डॉक्टर बख्श आप बिल्कुल सही कह रहे हैं।

मुझे  लोगों की फीलिंग और दर्द की बहुत परवाह है।

मुझे ऐसा लगता है, कि अगर मेरी वजह से किसी की प्रॉब्लम दूर हो सकती है ।

तो मैं उसकी पूरी कोशिश करुंगी, कि उसकी प्रॉब्लम दूर हो जाए।

कंदील ने बिना डॉक्टर बख्श की तरफ देखते हुए कहा।

ओहहहह ,कन्दील क्या सच में ऐसा है ।

कि आपको लोगों के दर्द की परवाह है?

लोगों की फीलिंग से आपको बहुत फर्क पड़ता है। 

डॉक्टर बख्श ने कहा।

अगर ऐसा है तो आपको मेरी फिलिंग्स का क्यों ख्याल नहीं आया?

क्यों आपने यह बात उस वक्त नहीं सोची कि मुझे दर्द होगा?

डॉ बक्श ने कन्दील को कंधों से  पकडकर झिन्झुढते हुए उसका रूख अपनी तरफ किया।

मेरी फीलिंग से क्यों खेला आपने, डॉक्टर कंदील क्यो  धोखा दिया बताइए मुझे?

अचानक हुए इस हमले से कंदील घबरा गई थी ।

उसे तो उम्मीद भी नहीं थी ,कि डॉक्टर बख्श इस वक्त ऐसा कुछ कर सकते हैं।

डॉ बख्श बिहेव योरसेल्फ।

दर्द हो रहा है मेरे।

कंदील ने डॉक्टर बख्श के बिहेवियर को देखकर उनसे यह बात कही।

  

 



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