Kandeel, part, 27
किस तरह की बात कर रहे हो तुम?
आगा जान ने कहा।
नवाब साहब प्लीज आप अपनी पोती को यहां बुलाएई।
हमारे पास इतना टाइम नहीं है।
जो अपने टाइम की बर्बादी करें।
उस ऑफिसर को इन दोनों की बातों पर ही गुस्सा आ रहा था।
यह आपका फैमिली मैटर है इसे आपस में निपट लेना आप।
उस पुलिस ऑफिसर ने कहा।
क्योंकि सैफ और आगा जन की बहस कम ही नहीं हो रही थी?
बहुत ही निडर किस्म का इंसान था ,सैफ जहां आगा जान से सब बात करते तक डरते थे लोग।
सैफ बिना डरे उनसे बहस कर रहा था।
जी ऑफिसर कहिए क्या बात करनी है, आपको मैं आ गई हूं?
कंदील सीढीओ पर से नीचे उतरती हुई बोली।
कंदील की आवाज पर, सब ने हीं कंदील की तरफ देखा था।
वो सीढियो से आहिस्ता आहिस्ता उतारते हुए।
सैफ के नजदीक आ गई।
जी हां सैफ साहब बताइए क्या बात करनी है ।
आपको मुझसे?
वह अपने दुपट्टे को बहुत ही सलीखे से ओड हुई थी।
सैफ कुछ देर खामोश नजरों से कंदील को देखता रहा।
बाला का भोलान पान था उसके चेहरे और
बातों में।
मिस कन्दील सैफ हारून का कहना है।
कि आपकी और उनकी शादी हो गई है।
आपके घर वाले आपको उनके साथ नहीं जाने दे रहे हैं।
यहां से यह पुलिस की हेल्प से आपको अपने साथ ले जाने के लिए आए हैं।
वह ऑफिसर आगे बढ़कर बोला। ऑफिसर साहब ।
जरा संभल के बात कीजिए। आप जानते हो आप क्या बोल रहे हो?
इस वक्त नवाब साहब का गुस्सा साथ वे आसमान पर था। वह इतनी तेज चीखे थे।
कि ऑफिसर के साथ और पुलिस वाले तक ,नवाब साहाब से डर गए थे।
मेरे कहने से कुछ नहीं होता है, यह फोटोग्राफ और यह पेपर्स देख लीजिए आप।
आपकी समझ में आ जाएगा कि क्या सही है, और क्या गलत है?
उन्होंने कुछ पेपर्स, फोटोग्राफ नवाब साहब की तरफ बढ़ाते हुए कहा।
नवाब साहब जैसे जैसे फोटो को देख रहे थे।
उनके चेहरे के तास्सुरात बदल रहे थे।
यह सारे फोटोस, सेल्फी ,सुबूत के तौर पर सैफ ने क्लिक किए थे।
सारे फोटोस देखने के बाद, नवाब साहब ने उन पेपर्स को पढ़ा, जो कांटेक्ट मैरिज था।
कंदील यह सब क्या है?
आगा जान ने कंदील से पूछा।
पहली बार ऐसा हुआ था, कि आगा जान ने कन्दील से इतने गुस्से में बात की थी।
उनकी इस तरह बात करने पर, कुछ सेकंड के लिए कंदील कापने लगी।
और आगा जान के बाद वह फोटोस सारे फैमिली के लोगों ने देखे।
सारे फैमिली के लोगों की आंखें फट गई थी ।
उन फोटोस को देखकर।
वो सैफ और कंदील की शादी के फोटो थे।
आगा जान मेरी बात सुनिए।
ये फोटोस गलत है।
और ये शादी भी धोखे से की गई है।
कंदील की आंखों से आंसू बहने लगे थे।
मगर कंदील इन फोटोस को देखकर कहीं से नहीं लग रहा है कि यह शादी धोखे से या जबरदस्ती की गई है।
कंदील अगर तुम्हें ऐसा ही करना था।
तो कम से कम एक बार अपने आगा जान से बोल कर तो देखती।
मैं हंसी खुशी तुम्हारी शादी सैफ से कर देता।
आगा जान की आवाज काटने लगी थी ।
उन्होंने अपने सीने पर हाथ रख लिया था
उन्हें हरगिज हरगिज़ कंदील से इस तरह की उम्मीद नहीं थी।
वो बिना बताए सैफ से शादी कर लेगी?
उनके लिए बहुत बड़ी बेइज्जती की बात थी।
हवेली में पुलिस का आना ?
वह भी उनके घर की लड़की को लेकर
जाने के लिए।
नवाब साहब हमें इजाजत दीजिए, कि हम कंदील को सैफ के साथ यहां से ले जा सके।
ऑफिसर ने नवाब साहब से कहा।
ऑफिसर आप अपना काम कीजिए।
हमारे पास इसको रोकने का कोई हक नहीं है अब।
जब अपना ही सिक्का खोटा हो, तो किसको कसूरवार ठहराएंगे।
आगा जान के लहजे से लग रहा था।
कंदील की हरकत ने उन्हें तोड़ कर रख
दिया है।
नहीं आगा जान मैं सैफ के साथ कभी नहीं जाऊंगी।
कंदील पीछे हटती हुई बोली।
यह तो तुम्हें उसे वक्त सोचना चाहिए था, जब तुमने निकहा नामे और एग्रीमेंट पर साइन किया था।
आगा जान ने कहा।
आगा जान ,आगा जान , प्लीज एक बार आप मेरी बात सुन लीजिए।
उसके बाद आप जो भी करेंगे वह मुझे मंजूर होगा।
कंदील आगा जान के सामने गिड़गिड़ाते हुए बोली?
बोलो जो कुछ बोलना है।
आगा जान ने कन्दील की तरफ से पीठ मोड़ते हुए कहा। और कंदील को इस बात से बहुत ही तकलीफ पहुंची थी। जब आगा जान ने उसकी तरफ से अपना मुंह पलट लिया था?
इस बात से साफ-जाहिर था के आगा जान कंदील से बहुत ज्यादा नाराज है?
आगा जान इस शख्स ने जबरदस्ती मुझसे शादी की। धमकाकर एग्रीमेंट पर साइन करवाया है, इन्होने मुझे कहा था कि अगर मैं एग्रीमेंट पर साइन नहीं करूंगी।
तो ये हॉस्पिटल के बेड पर ही आगा को मार देन्गे।
कंदील ने सैफ की तरफ इशारा करते हुए सब सच बताते हुए कहा।
कमल की बात है ना बेटा, तुम इतनी सी बात पर डर गई। और तुमने कोई जरूरी नहीं समझा किसी भी बड़े को यह बात बताना।
आगा जान कंदील से शिकवा करने लगे।
आगा जान मेरी बात को समझिए आप, उस वक्त इतना टाइम नहीं था।
कि मैं किसी को कुछ बता देती।
अगर मैं एक सेकंड के लिए भी देर करती, तो यह आपको मार देता।
और जब मैंने घर में कॉल करना चाहा।
तो इस शख्स ने मेरा फोन लेकर, जमीन में फेक कर तोड़ दिया।
कंदील को अपनी सफाई पेश करने के लिए।
सब कुछ सच बताना पड़ रहा था।
कन्दील के आंसू बह रहे थे।
सारे मामले में कंदील की कोई गलती नहीं थी।
उसके बावजूद भी, उसे यह साबित करना पड़ रहा था कि वह बिल्कुल बेकसूर है।
कंदील अब हम कुछ नहीं कर सकते।
लीगल तरीके से और शरीयत के कानून के हिसाब से तुम सैफ की बीवी हो।
अब हमारा हक नहीं बनता तुम्हें यहां रोकने का।
आगा जान ने कहा।
कंदील ने देखा सारे ही हवेली वालो के चेहरे, इस वक्त उसे अनजान नजर आ रहे थे।
सब लोग उसे कसूरवार समझ रहे थे।
बेटा अगर ऐसा ही करना था तो इतना ड्रामा करने की क्या जरूरत थी तुम्हें?
तुमने उस वक्त सैफ के रिश्ते के लिए मना क्यों किया? जब तुम्हें यह पसंद था तो उसे वक्त हमसे बोल देती।
हम सबके सामने तुम्हारी शादी करवा देते।
ताई अम्मा ने कहा।
हां कन्दील तुमने सैफ के पेरेंट्स के सामने भी हमें नीचा दिखाया।



Comments
Post a Comment