Kandeel, part, 26

 



तो आप मेरे आगा जान को मार डालोगे।

जहर का इंजेक्शन देकर।

पटपट आसु कंदील की आंखों से गिरने लगे थे।

क्योंकि कंदील ने अपने पेरेंट्स को नहीं देखा था?

आगा जान और बेगम साहिबा ने उसे बहुत प्यार से पाला था।

और उनकी जान उसके लिए बहुत इंपॉर्टेंट थी।

ठीक है सैफ अब मैं आपके आगे हार मानती हूं।

मैं तैयार हूं आपसे शादी करने के लिए। 

मगर मेरी एक शर्त है।

कंदील ने कहा।

कंदील ने देखा, सैफ के चेहरे पर एक बहुत ही प्यारी स्माइल आई थी।

वह शेरवानी उस पर बहुत जच रही थी।

बहुत स्मार्ट लग रहा था सैफ।

मुझे हर शर्त मंजूर है आपकी। 

सैफ दिल से कंदील के आगे हार चुका था।

मैं आपसे शादी करने के लिए तैयार हूं।

लेकिन मैं आपके साथ रहूंगी नहीं। 

कंदील ने अपने आंसू साफ करते हुए कहा।


यह क्या बेतुकी सी  बात है ।

कंदील की आप मुझसे शादी करने के बाद मेरे साथ नहीं रहोगी?

सैफ के माथे पर बल पड़ गए थे।

आपने बिल्कुल ठीक सुना है ,सैफ साहब।

यह कांटेक्ट मैरिज होगी। 

मैं शादी तो आपसे कर लूंगी आपके कहने पर।

लेकिन,कंदील कुछ देर के लिए खामोश हो गई। 

इस सिचुएशन में मुझे लाकर खड़ा कर दिया है।

कंदील ने फिर बोलना शुरू किया।


  मुझे राजी राजी नहीं जबरदस्ती ही शादी आपसे करनी ही पड़ेगी?


बट जब तक मैं डॉक्टर नहीं बन जाती, मैं आपके साथ नहीं रहूंगी।

उसने साफ लफ्जों में यह कहा था।


मुझे आपकी यह शर्त मंजूर है।

लेकिन आपको भी मेरी एक शर्त  माननी पड़ेगी। 

सैफ ने अपनी शर्त को कंदील के आगे रखते हुए कहा।


क्या शर्त है आपकी बताइए?

  अभी हमारी शादी हो जाएगी , मैं शादी करने के बाद आपको आपकी हवेली छोड़ दूंगा।

लेकिन ठीक एक हफ्ते बाद, मैं आपको लेने के लिए आऊंगा अपने पेरेंट्स के साथ। 

और उस वक्त आपको मेरे साथ चलना पड़ेगा। 

मैं कुछ दिन के लिए आपको, अपने साथ अमेरिका ले जाना चाहता हूं। 

सैफ ने कहा।

कंदील खामोश होकर कुछ सोचने लगी।

ठीक है मुझे मंजूर है ,आपके साथ, यह कांटेक्ट मैरिज है। और मुझे भी आपकी शर्त माननी पड़ेगी। कंदील ने कहा।


मैं आपसे शादी तो जरूर कर लूंगी सैफ साहब। 

लेकिन आपके साथ हरगिज मैं अमेरिका नहीं जाऊंगी।

इस वक्त आपकी बात मानना मेरी मजबूरी है। 

क्योंकि मुझे आपकी कैद, से बाहर निकलना है? 

कंदील अपने दिल में सोच रही थी।

ठीक है कंदील,सैफ ने भी उसकी शर्त मान ली , और दरवाजे से बाहर निकल गया।

कुछ देर बाद ही कंदील, शादी के जोड़े और ज्वेलरी में तैयार होकर बाहर आई। 

सैफ ने जब कंदील की तरफ देखा।

तो कुछ लम्हे के लिए तो पलके झपकाना ही भूल गया था। कंदील खूबसूरत लग रही थी।

सैफ ने अपना हाथ आगे किया ,कंदील का हाथ पकड़ने के लिए।

कंदील ने  ना चाहते हुए ,सैफ के हाथ पर अपना हाथ रख दिया। 

वह दोनों हाथ थाम कर आगे चलने लगे। 

हाल में काजी साहब, और तीन लोग और मौजूद थे।

उन लोगों की मौजूदगी में, सैफ और कंदील का निकाह हो गया था।

और जो कांटेक्ट मैरिज की शर्तें थी। 

उस पर भी दोनों ने साइन कर दिए थे।

निकाह के बाद, सैफ ने अपनी और कंदील की, काफी  सेल्फी ली। 

कंदील ने देखा। वो दोनों साथ में बहुत जच रहे थे।

लेकिन कंदील इन बातों को इग्नोर करने लगी।

क्योंकि आज के बाद?

कंदील के लिए सैफ का मतलब सिर्फ नफरत था।

उसके दिल में सैफ के लिए कोई जगह नहीं थी।

सैफ की इस हरकत से कंदील बहुत हर्ट हो चुकी थी। 

मगर उसके आगे कोई रास्ता नहीं था ।

सैफ के आगे झुकने के सिवा।


सैफ से कहा था, कि वह चार दिन तक अपने घर रह सकती है। 

उसके बाद कंदील को उसके साथ उसके पेरेंट्स के घर में कुछ दिन रहना पड़ेगा।

कन्दील ने इस बात पर एग्रीमेंट  साइन कर दिया था।


  सैफ निकाह की जरूरी रसमे  अदा करने के बाद कंदील को हॉस्पिटल छोड़कर आ गया था।


जब कंदील ने आगा जान को अस्पताल के बेड पर लेटा हुआ देखा। 

तो कंदील  सिसक सिसक कर रोने लगी।

आगा जान अभी बेहोश थे।

बेगम साहिबा और लाएबा को ज्यादा चोट नहीं आई थी। इसलिए उन्हें ड्रेसिंग के बाद घर भेज दिया गया था।


वो आगा जान के सिरहाने बैठकर उनके सर को सहलाने लगी।

मुझे माफ कर दीजिएगा आगा जान। 

मगर यह जो कुछ भी मैंने किया है। 

यह आपकी जिंदगी बचाने के लिए किया है। 

कंदील आगा जान से माफी मांग रही थी।

सैफ हारून तुम्हें हर चीज का हिसाब देना पड़ेगा।

जो कुछ भी तुमने  मेंरे, और मेरी फैमिली के साथ किया है।

मैं चाहकर भी इस बात को भूल नहीं सकती हूं। 

कंदील अपने आंसू साफ कर रही थी। 

जो नतरत उसके दिल में सैफ के लिए मौजूद थी।

वो भुलाना नमुमकिन  बात थी।

पूरी हवेली में हंगामा हो चुका था। 


सैफ अपने साथ पुलिस फोर्स को लेकर आया था। 

उसका कहना था। 

कन्दील  को बाहर बुलाए आपकी सब समझ में आ जाएगा।

सभी इस बात से हैरान थे, किसी की समझ में कुछ नहीं आ रहा था। 

यह वही सैफ था जिससे कुछ दिन पहले लाएबा से रिश्ता करने के लिए मना कर दिया गया था।

उसकी इतनी हिम्मत हो गई थी, कि वह पुलिस फोर्स के साथ हवेली में आया था।

नवाब साहब को दो दिन पहले ही अस्पताल से डिस्चार्ज मिला था। 

नवाब साहब ने जब सैफ को देखा।

तो गुस्से से उनकी आंखें लाल हो गई थी।


हमारे घर की लड़कियां गैर मर्दों से इस तरह बात नहीं करती हैं।

तुम्हें जो बात करनी है हमसे कर सकते हो ।

यहां हम सब बड़े मौजूद है कंदील के ,हम कंदील को हरगिज  तुम्हारे सामने नहीं बुलाएंगे।

आगा जान ने अपना फरमान सुनाया।

आगा जान आप कंदील को यहां पर बुलाईये।

आपकी सब समझ में आएगा कि मामला क्या है?

सैफ ने आगा जान के गुस्से की परवाह किए बिना। 

बहुत ही खुलुस से जवाब दिया।

बारखुरदार इस नाम से  हमें हमारी हवेली के लोग बुलाते हैं। 

जो मेरे ,अपने और खास है।

हमारी फैमली का हिस्सा है।

तुमने इस नाम से मुझे बुलाने की हिम्मत कैसे की? 

नवाब साहब को सैफ का आगा जान कहना बिल्कुल भी अच्छा नहीं लगा था।

जानता हूं आगा जान,  कि आपकी फैमिली के लोग ही आपको आगा जान कहकर बुलाते हैं।

मैं भी आपकी फैमिली का ही हास्सा हूं ।

इसलिए मैं आपको आगा जान बोल रहा हूं। 

सैफ के होटो पर हल्की सी स्माइल आ गई थी।


यह क्या मजाक है ।

आगा जान ने कहा



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