Kandeel, part, 24

 



कंदील की नजर गाड़ी से बाहर गई तो उसे यह रास्ता कुछ। अंजना सा नजर आया।

ड्राइवर या कौन से रास्ते से लेकर जा रहे हैं मुझे?

कंदील के बोलने पर ड्राइवर ने उसे कोई जवाब नहीं दिया बस गाड़ी को दौड़ता ही रहा।

आप सुन नहीं रहे हैं क्या, यह कौन से रास्ते से मुझे लेकर जा रहा है? 

कन्दील  थोड़ी तेज आवाज में बोली। 

लेकिन इधर गाड़ी की रफ्तार और ज्यादा तेज हो चुकी थी।

यह आप क्या कर रहे हैं गाड़ी ,किस साइड में लेकर जा रहे हो।

कंदील ने कहा।

लेकिन वहां से कोई जवाब ही नहीं आया वह ड्राइवर गाड़ी चलाने में इतना ज्यादा मसरूफ लग रहा था

ऐसा लग रहा था कि कंदील की उसने आवाज ही नहीं सुनी है।

क्या मेरी बात आपके कानों तक नहीं पहुंच रही है

स्टॉप डी कार ,कन्दील लगभग चीखते हुए बोली ।


तभी एक झटके से उस ड्राइवर ने गाड़ी को रोक लिया।

ये आप कहां लेकर आ गए मुझे?

उस ड्राइवर ने गाड़ी को एक अनजान सुनसान रास्ते पर रोक लिया था।

कंदील का दिल अंदर से डर रहा था।

ड्राइवर ने घूम कर कंदील की तरफ देखा। 

कंदील के चेहरे से हवाइयां उड़ रही थी।

आप, आप मेरी गाड़ी में क्या कर रही हैं? 

सैफ को अपनी गाड़ी में देखकर कंदील चौक गई थी।

आप तो सब कुछ भूल जाती हो ।

कंदील जफर लेकिन मुझे अच्छी तरह से याद है।

कि मैंने आज का वादा किया था आपसे। 

के आज के दिन आपसे शादी करूंगा?

सैफ ने अपनी वही पुरानी रटि रटाई हुई बात बोली।

देखिए मिस्टर सैफ इस वक्त मेरा दिमाग बहुत खराब है।   आप अपनी बातों से मेरा दिमाग और घूमाने की कोशिश मत कीजिए।

आप नहीं जानते हैं इस वक्त मेरा हॉस्पिटल जाना कितना जरूरी है।

कंदील सैफ से कह रही थी।

अच्छी तरह से जानता हूं कि आपका हॉस्पिटल में जाना क्यों जरूरी है?

सैफ रिलैक्स होकर बोला।

कंदील बे यकीनी के आलम में उनको देख रही थी। 

क्योंकि इस काम को अंजाम देने वाला शख्स में ही हूं?

सैफ ने कहा।

क्या कहना चाहते हैं?

कंदील ने सैफ से सवाल किया।

मतलब यह की नवाब साहब की गाड़ी का एक्सीडेंट मैंने ही करवाया था।

अपनी एक आदमी से बोलकर उनकी गाड़ी को टक्कर मैंने। लगवाई  थी।

सैफ ने कंदील के चेहरे को बहुत गौर से देखते हुए कहा।

क्या यह आपका काम है?

इतनी गिर गए ना आप। 

मैं तो कभी सपने में भी यह बात नहीं सोच सकती थी।

क्या आप जैसा इंसान इतना गिरा हुआ हो सकता है?

कंदील को बहुत गुस्सा आ रहा था सैफ पर।

आपने इतनी जलील हरकत क्यों की मिस्टर सैफ?

कंदील अपनी कुर्सी से थोड़ा सा आगे की साइड में आकर बोली।

इसकी वजह  आप अच्छी तरह से वाकिफ है कंदील।

कि मैंने यह कदम क्यों उठाया? 

और इसकी जिम्मेदार आप ही हो।

उसके चेहरे पर बड़ा सुकून था। 

उसे अपने किए पर जरा भी पछतावा नहीं हो रहा था।

लिसन मिस्टर सैफ। 

आपकी इतनी ओछी  और गिरी हुई हरकत, की वजह से अगर आप समझते हैं।

कि मैं आपसे शादी कर लूंगी।

तो यह सिर्फ आपकी गलतफहमी है। 

मैं हरगिज आपसे  से शादी नहीं करूंगी। 

कंदील ने बिना डरे सैफ की आंखों में देखते हुए कहा।

मुझे पता था कि आप ऐसा ही कुछ कहोगी। 

इसलिए इस चीज का भी मैं इंतजाम कर रखा है मैने,सैफ ने कहा। 

और अपना मुंह गाड़ी स्टार्ट करने के लिए घुमाया। और गाड़ी को स्टार्ट कर दिया।

कहा कहां लेकर जा रहे हैं ,आप मुझे, रॉकीए गाड़ी को? कंदील ने कहा। 

लेकिन वहां से कोई जवाब नहीं आया वह खामोशी से बस गाड़ी को ड्राइव कर रहा था। 

क्या आपकी समझ में नहीं आता मैंने कहा ,गाड़ी रोकिए ?

कंदील फिर बोली। 

लेकिन उसे ढीठ पर इस बात का कोई असर नहीं हो रहा था। 

वो और तेज गाड़ी को ड्राइव कर रहा था।

सैफ सहाब मैंने कहा गाड़ी को रोकिए ।

कंदील लगभग चीखते हुए बोली थी।

कंदील जफर खामोश हो जाओ, नहीं तो मैं गाड़ी को सामने ट्रक में भिढा दूंगा। 

और तुम और मैं, दोनों ही अभी इस वक्त खत्म हो जाएंगे। सैफ ने उसको धमकी देते हुए कहा।

वह मिरर में से बहुत गुस्सा होकर कंदील को देख रहा था।कंदील ने जब उसको इस तरह गुस्से में देखा। 

तो खामोशी  इख्तियार कर कर बैठ गई।


कंदील सैफ के इस तरह से चीखने पर डर गई थी। 

और खामोश होकर गाड़ी में बैठ गई थी।

मगर अभी उसका जहन इसी बात पर भटक रहा था।

कि इन लोगों को कितनी चोट आई होगी।

और कंदील की यह समझ में नहीं आ रहा था।

सैफ उसे कहां लेकर जा रहा है? 

क्योंकि अनजान रास्ता था।

कंदील इस रास्ते से वाकिफ नहीं थी?

करीब 15- 20 मिनट का सफर तय करने के बाद, सैफ ने गाड़ी शहर के बाहरी हिस्से मे लाकर,एक गेस्ट हाउस के बाहर रोकी। 

और बहुत ही गुस्से में, गाड़ी से बाहर निकाला था। 

सैफ ने गाड़ी का दरवाजा बहुत तेज बंद किया था ।

उतनी ही तेज स्पीड में, कंदील की तरफ का दरवाजा खोला। 

चलो उतारो गाड़ी से नीचे।

कंदील उसके बोलने से अंदाजा लगा सकती थी ।

कि इस वक्त सैफ बहुत ज्यादा गुस्से में है। 

इसलिए वह बिना कुछ बोले चुपचाप गाड़ी से नीचे उतर गई।

चलो गेस्ट हाउस के अंदर चलो। 

सैफ ने हुकुम सुनाने वाले अंदाज में कंदील से कहा।

जी नहीं मैं अंदर नहीं जाऊंगी।

कंदील की समझ में नहीं आ रहा था ।

कि वह उसको इस गेस्ट हाउस में क्यों लेकर आया है।

वह अकेली उसके साथ इतनी दूर तक आ गई थी।

और इस वक्त उसे सैफ से बहुत ही ज्यादा डर लग रहा था।

उसने साफ इनकार करते हुए ,गेस्ट हाउस में जाने से मना कर दिया?

सैफ ने एक नजर कंदील की तरफ डाली। 

और उसका हाथ पकड़ते हुए।

लगभग उसे खींचता हुआ गेस्ट रूम के अंदर ले जाने लगा?

सैफ यह क्या कर रहे है ।

आप प्लीज छोड़िए मुझे?

क्या बदतमीजी है? 

कंदील बोल रही थी। 

लेकिन सैफ उसकी सुन ही नहीं रहा था। 

वह अपनी धुन में उसका को खींचता हुआ।

गेस्ट रूम के अंदर लेकर आ गया।



Comments

Popular Posts