Kandeel, part ,18




 कंदील ने उसे डराने की कोशिश की

  मुझे मजबूरन प्रिंसिपल को यह बताना पड़ेगा कि आपसे मेरा कोई रिश्ता नहीं है। 

कंदील वार्निंग भरे लहजे में उससे बोली।

लेकिन दूसरी तरफ तो डीट पन की हद ही थी ।

वह मुस्कुरा रहा था ।कंदील की बातों को सुनके।

अगर आप चाहे तो आप प्रिंसिपल को जाकर सब कुछ बता सकती हैं ।

कि आपसे मेरा कोई रिश्ता नहीं है ,मुझे इस बात से कोई फर्क नहीं पड़ेगा।

सैफ ने कहा।

अगर मेरी पुलिस कंप्लेंट होगी तो थोड़ी गलत बात का इल्जाम आप पर भी आएगा।

मिस कंदील जफर। 

सैफ भी पीछे हटने वालों में से नहीं था।

फिलहाल मेरा आपको हर्ट करने का कोई इरादा नहीं है। मैं आपको सिर्फ दो दिन का वक्त देता हूं।

आप सोच कर बता दीजिए कब और किस वक्त शादी करना है आपको मुझसे? 

सैफ ने कहा। 

और जाने के लिए दरवाजे के हैन्डिल पर हाथ लगाया। दरवाजा खोलकर वह बाहर की तरफ जाने लगा।

कंदील ने शुक्र की सन्स ली।

बट मिस कंदील जफर 2 दिन बाद आपका जवाब हां में ही मिलना चाहिए मुझे। 

वह पलट कर दोबारा कंदील की तरफ देखकर बोला था। कंदील उसको आंखें फाड़ कर देखती रही।

जब तक सैफ उसकी नजरों से दूर नही हो गया।

अजीब तरीका  का डीट किस्म का इंसान है यह। 

कंदील मन ही मन बोल रही थी।

बेवजह की सैफ कंदील को अपने बारे में सोचने पर मजबूर कर रहा था। 

कंदील की समझ में नहीं आ रहा था ।

जब वो सैफ से साफ बात कर चुकी है ।

फिर भी वो बार-बार। कंदील को क्यों डिस्टर्ब कर रहा है?

  आज दो दिन पूरे हो गए थे ।

उस सनकी इंसान को, कंदील को वार्निंग दिए हुए।

कंदील को डर था। कि दोबारा वह कॉलेज में उससे मिलने ना आ जाए। 

अभी वह यही सोच कर कॉरिडोर की तरफ जाने के लिए मुडी थी।

उसके फोन पर रिंग होने लगी? 

उसने फोन निकाल कर देखा।

अंजाना नंबर था। 

उसने कॉल  रिसीव किया। 

दूसरी तरफ से अनजानी सी आवाज में, सलाम किया गया। 

कंदील ने सलाम का जवाब दे दिया। 

जी कौन सहाब बोल रहे हैं आप?

कंदील  ने पूछा।

अरे यार आप मुझे इतनी जल्दी कैसे भूल सकती हो?

लगता है आप भूल गई  आज 2 दिन पूरे हो गए हैं ।

जो टाइम मैने आपको दिया था उसका ?

सैफ ने कहा।

आप आपको मेरे फोन का नंबर कैसे मिला?

कंदील अपने बैग को अपने कंधे पर ठीक करते हुए बोली। कंदील हैरान हो रही थी सैफ के फोन करने पर

आप छोड़िए बात को, यह बताइए शादी कब और कहां करनी है? 

सैफ ने कहा।

अरे आप क्या बिल्कुल पागल है ।

यह आपकी समझ में कोई बात ही नहीं आती। 

कंदील को गुस्सा आने लगा था ।

उसकी बेतुकी की बातों पर।

जी मैं पागल हूं। 

और मुझे पागल आपने बनाया है।

सैफ की आवाज में मिठास घुलने लगी थी।

देखिए मिस्टर मुझे बेवजह परेशान करने की कोई जरूरत नहीं है। 

मैंने एक बार बोल दिया ना मुझे आपसे शादी नहीं करनी है नहीं करनी है ।

फिर आपकी समझ में क्यों नहीं आती है।

ये बात? 

वो तेज आवाज में बोलते हुए चल रही थी।

  आसपास के लोग उसे देखने लगे।

कंदील को जब इस बात का एहसास हुआ।

तो उसने अपनी आवाज को धीमा कर लिया।

मेहरबानी करके मेरा इस तरह से तमाशा मत बनाइए मुझे बार-बार परेशान करके। 

मैं आपकी बहुत शुक्रगुजार रहूंगी, आप की अगर आप मुझे दोबारा डिस्टर्ब ना करें। 

कंदील ने कहकर फोन को कट कर दिया।

उसका पूरा माइंड डिस्टर्ब हो चुका था। 

उसकी समझ में नहीं आ रहा था ।

कि वह क्या करें?

ये शख्स तो हाथ धोकर उसके पीछे ही पड़ 

गया था।

कंदील चेयर से टेक लगाकर बैठ गई। 

मुझे इस बात का जिक्र लाएबा से करना पड़ेगा

वह अपने सर को दोनों हाथों में पकड़ कर सोचने लगी।

क्योंकि इस शख्स की हरकतें थमने का नाम नहीं ले रही थी? 

उसका पागलपन बढ़ता ही चला जा रहा था।

घर जाकर कंदील ने लाएबा को सारी बात बता दी थी। 

और लाएबा को भी इस बात पर बहुत तेज गुस्सा आ रहा था। 

कि वह सैफ, बिना वजह ही कंदील के पीछे पड़ गया था।

उस शख्स से डरने की कोई जरूरत नहीं है।

कंदील मैं तुम्हारे साथ हूं।

अगर उसने अगली बार कोई ऐसी हरकत की। यह तुम्हें टच करने की कोशिश की।

फिर मैं उसका वह हश्र करुंगी कि ताहा कयामत तक याद रखेगा?

और अभी हमें अपने बड़ों को बताने की कोई जरूरत नहीं।

हम दोनों ही इस मैटर को अच्छी तरह हैंडल कर सकते हैं। 

मजाक बात थोड़ी है ।

नवाब साहब की पोती है  हम दोनों। 

डरने की तो जरूरत ही नहीं है।

लाएबा ने मुस्कुरा कर कंदील के हाथ पर हाथ रखते हुए कहा। 

कंदील ने भी उसके हां में हां मिला दी और मुस्कुराने लगी।

  कन्दील  लाएबा की बात पर काफी हद तक मुत्माईन हो गई थी। 

क्योंकि इससे पहले वह बहुत अकेलापन महसूस कर रही थी 

लेकिन अब लाएबा के साथ में उसे हिम्मत बक्शी थी?

अब कई दिन गुजर चुके थे।

इस बीच में सैफ ने कन्दील को परेशान नहीं किया था।

ना ही कॉलेज जाकर और ना ही कोई फोन कॉल करके। कंदील ने भी सुकून का सांस लिया था। 

वो रिलैक्स होकर अपना पूरा फोकस अपनी पढ़ाई पर ही लगा रही थी।

कंदील अपने रूम में स्टडी कर रही थी उसका रूम ऊपर की तरफ था। 

और उसके रूम में दो बड़ी-बड़ी विंडो थी।

उस विंडो के पास बैठकर कंदील को अपनी स्टडी करना बहुत अच्छा लगता था। 

रात काफी बीत चुकी थी।

अभी भी कन्दील अपनी स्टडी में मसरूफ थी ।

उसने आसमान की तरफ नजर दौड़ाई मौसम बहुत खूबसूरत हो गया था। 

कंदील ने अपनी बुक्स को बंद किया। 

और टेबल पर रखने के लिए आगे बड़ी। 

जैसे ही वह टेबल पर बुक रखने के लिए आगे बढ़ी थी। उसको ऐसा महसूस हुआ कि किसी ने उसे पीछे से पकड़ लिया हो। 

वह बहुत तेज चिखने वाली थी। 

की दूसरा हाथ उसके मुंह पर भी रख दिया गया।

जिससे उसकी चीख भी दब गई थी। 



कंदील इस वक्त बहुत घबरा गई थी। 

उसकी समझ में नहीं आ रहा था कि कौन है।

शख्स


https://fktr.in/t6HjsCr



Comments

Popular Posts