Kandeel, part 17

 


मगर इस बात से लाएबा का दिल बहुत बुरी तरह टूटा था। क्योंकि वो सैफ को पसंद करने लगी थी?
उसने सोचा था कि शायद सैफ  से ही उसकी शादी हो जाए।
लेकिन ऐसा होना नहीं था।
इसके उल्टा ही हो गया था।
मगर उसने इस बात का जिम्मेदार कंदील को नहीं ठहराया था।
बट फिर लाएबा भी खुद को मुतमईन करने लगी थी ।
यह सोच करके यह फैसला अल्लाह का है।
और जो  अल्लाह करता है वही बेहतर होता है।
कंदील कॉलेज के रूम में, अपने प्रोफेसर से लेक्चर सुनने में बहुत ही मसरूफ थी।
एक लड़की ने रूम में आकर बताया कि कंदील जफर को प्रिंसिपल  जस्ट अभी पर बुला रहे हैं ।
इमरजेंसी में।
उनका कोई कजिन उनसे मिलने आया है।
यह कंदील के लिए बहुत ही इंपॉर्टेंट लेक्चर था।
लेकिन प्रिन्सिपल के बुलाने पर और उनके ये कहने पर के कंदील क कजिन आया है।
कंदील को अपना लेक्चर छोड़कर क्लासरूम से बाहर जाना पड़ा
लेकिन  कंदील अभी  भी यही सोच  यही सोच रही थी।
कि मेरा कौन सा कजिन है।
जो इस वक्त मेरे कॉलेज में आया है?
क्योंकि उसके तीनों ही कजिन हाई एजुकेशन हासिल करने के लिए कंट्री से बाहर गए हुए थे?
मे आई कम इन।
कंदील ने प्रिंसिपल के रूम के बाहर से पूछा था।
  कमिंग। प्रिंसिपल ने कहा।
और जैसे ही कंदील प्रिंसिपल रूम के अंदर आई।
सैफ  को देखकर उसकी आंखें चौड़ी हो गई।
आप यहां पर
कंदील ने सैफ को देखकर कहा।
जी हां मैं यहां। वह कंदील को देखकर मुस्कुराया।

आप लोग चाहे तो वेटिंग में रूम में जाकर बात कर सकते हैं।
प्रिंसिपल मैम हंसते हुए बोली।
ऐस मेम कंदील ने कहा
और  रूम से बाहर निकल आई।
उसके पीछे-पीछे। सैफ भी आ गया।
कंदील को बहुत अजीब लग रहा था उसका कंदील के कॉलेज में आना।
उसे नहीं पता था कि वह यहां पर क्यों आया है?
  दोनो वेटिंग रूम में आ चुके थे।
और सैफ ने वेटिंग रूम का  दरवाजे को लॉक कर लिया। वेटिंग रूम के मिरर से प्रिंसिपल को सब कुछ दिखाई पड़ रहा था।
सिर्फ वो उन लोगों की आवाज नहीं सुन सकती थी।
आपका यहां पर इस तरह से आना ,और मुझे यहां बुलाना।
क्या वजह है इस बात की?
कंदील ने बिना देरी किए पॉइन्ट वाली बात पर आते हुए कहा ।
बहुत समझदार है आप  जो आपने बिना बात घुमाए सिर्फ  पॉइन्ट वाली बात की।
सैफ बहुत गौर से कंदील को देख रहा था।
जीन्स और लूज टॉप पहने हुई बालो की पोनी बनाए हुए
वो इस वक्त भी बहुत प्यारी लग रही थी
जी हां क्योंकि मेरा आपसे मिलना  इस बात का यही मतलब है ना कि आपको मुझसे कोई काम है
तभी आप मेरे पास आए हैं।
कंदील ने कहा।
जी हां मतलब ही है मुझे आपसे इसलिए मैं आपके पास आया हूं।
और ऐसा पहली बार मेरी लाइफ में हुआ है।
कि मैं किसी के पास मतलब से अपने काम के लिए गया हूं।
सैफ तो उसके चेहरे से नजर ही नहीं हटा रहा था।
और कंदील को बड़ा ही अजीब महसूस हो रहा था सैफ का इस तरह देखना।
वह बातें करते हुए  अपनी नजरों को इधर-उधर घुमा  रही थी।
ओके फाइन तो आप मुझे जल्दी से बताइए कि आपको मुझसे क्या काम है ।
क्योंकि मेरे पास इतना टाइम नहीं है?
जो आपको और टाइम दे सकूं।
कंदील ने बड़ा ही रूड बिहेव किया था सैफ से ।
ठीक है मैं आपसे सीधी ही बात बोलता हूं ।
मेरे पास भी इतना टाइम नहीं है।
जो आपके आसपास घूमता हुआ नजर आऊ।
सीधे-साधे लफ्जो में अगर सुनना चाह तो मैं कहना चाहूंगा।
सैफ कुछ सेकेंड के लिए खामोश हुआ।
फिर दोबारा उसने अपनी बात शुरू की।
कि मुझे आपसे शादी करनी है।
उसने बिना डरे कंदील की तरफ देखते हुए कहा।
और कंदील को उससे इस बात की उम्मीद नहीं थी।
इसलिए वह आंखें फाड़कर  सैफ की तरफ देखने लगी।
मगर मेरा और मेरे घर वालों का फैसला आप तक पहुँच चुका है।
कंदील ने कहा।
जी हां मैं उनका फैसला सुन चुका हूं ।
लेकिन मैं आपके मुंह से भी यह लफ्ज सुनना चाहता हूं। वह ढीटपन से बोला।
मेरा फैसला भी वही है जो उनका फैसला है।
मैं आपसे शादी नहीं करना चाहती हू।

कंदील ने कहा। क्योंकि मैं अपनी पढ़ाई के अलावा इस वक्त किसी चीज के बारे में सोचा ही नहीं है?
कंदील बोली।कन्दील ने एक टुक अंदाज मे सैफ से कहा।
कोई बात नही कन्दील मुझे कोई दिक्कत नही है।
आपकी पढ़ाई से आप फ्री माईन्ड होकर अपने फ्यूचर पर फोकस किजिए।
मै आपका ईन्तेजार कर सकता हू।
सैफ ने कहा कन्दील ने देखा कि उसकी आंखों में एक अलग ही चमक नजर आ रही थी।
मैं ऐसा कुछ नहीं बोल रही हूं मिस्टर सैफ आपको मेरा इंतजार करने की कोई जरूरत नहीं है।
  जब मेरे घर वालों ने इस रिश्ते के लिए मना कर दिया है।
फिर मैं कैसे हां कर सकती हूं?
कंदील ने कहा ।
और दरवाजे की तरफ जाने के लिए दरवाजा खोलने के लिए हाथ आगे बढ़ाया।
इससे पहले कंदील का हाथ दरवाजे के हैन्डिल तक पहुंचता।
सैफ ने उसके हाथ पर अपना हाथ रख दिया था।
कंदील को इस बात की बिल्कुल उम्मीद नहीं थी ।
कि वह सैफ ऐसी हरकत कर सकता है।
उसने गुस्से भरी निगाह से सैफ की तरफ देखा।
यह क्या बदतमीजी है मिस्टर सैफ?
कंदील बोली।
यह बदतमीजी नहीं है कन्दील,यह मेरा प्यार है।
आपके लिए।
सैफ ने अपनी मोहब्बत का इजहार करते हुए कंदील से कहा।
आप हद से आगे बढ़ रहे हैं  सैफ साहब।
कंदील को  सैफ की इस हरकत पर बड़ा ही गुस्सा आ रहा था।
ऐसा करते हैं कंदील हम लोग कांटेक्ट मैरिज कर लेते हैं। सैफ ऐसे बात कर रहा था।
जैसे कंदील को उसकी बात सुनने में बहुत ही इंटरेस्ट हो।
लगता है मिस्टर सैफ  आपके दिमाग में कोई कमी है जो आपको सीधी-सादी बात ठीक से समझ में नहीं आ रही है।
कन्दील ने अपने हाथ पर से उसके हाथ को झटकते हुए कहा।
कंदील ने दोनों हाथों को सीने पर बांधते हुए। उस सैफ नामी शख्स को देखकर रही थी ।
जो उसे ईन्तेहाई बेशर्म नजर आ रहा था।
देखिए सैफ साहब मैं आपको समझाने की कोशिश कर रही हूं ।
और  आपके समझ में एक लफ्ज नहीं आ रहा है।
मैं आपको क्लीयरली एक बार समझता हूं।
आप यहां मुझसे मिलने झूठ बोलकर आए है।
अपने प्रिंसिपल से कहा कि आप मेरे कजिन है।
अगर मैं प्रिंसिपल से ये बोल दूं कि आपसे मेरा कोई रिश्ता नहीं है।

तो आप की पुलिस कंप्लेंट हो सकती है।
मैने वहां सिर्फ इसलिए कुछ नहीं कहा।
क्योकी आप ताई अम्मी के जानने वाले हैं ।
लिहाजा मुझे आपकी ईन्सलट करना ठीक नही लगा कंदील ने सैफ को जताते हुए कहा


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