Kandeel, part 16
ठीक है मैं इस बात को समझ सकता हू।
बट आप अच्छी तरह से डॉक्टर बख्श को जानती है।
कि वह किस तरह की इंसान है।
किसी की परेशानी समझना उन्होंने सीखा नहीं है।
और पर्सनली उन्होंने मुझे बुलाकर यह कहा था कि आपका पता करें।
कि आपका फोन कॉल्स रिसीव क्यों नहीं हो रहे क्या प्रॉब्लम है?
फरहान ने डॉक्टर बख्श से हुई बात के बारे में कंदील को बताया था।
आई एग्री विद यू डॉक्टर फरहान।
के वो किस तरह के डॉक्टर हैं?
आप प्लीज उनको एसएमएस करके या कॉल करके बोल दीजिएगा।
मेरी तबीयत ठीक नहीं थी इसलिए मैं हॉस्पिटल नहीं आ पाई।
कंदील ने बेजारी से कहा।
कन्दील आर यू ओके।
फरहान को उसकी आवाज से कुछ ठीक नहीं लगी थी कंदील।
जी फाइन डॉ फरहान।
बट थोड़ी तबीयत ठीक नहीं है।
कन्दील ने फरहान की बात का जवाब देते हुए कहा।
ओके तो आप मेडिसिन वगैरह ले लो।
और अपना ख्याल रखो।
डॉ फरहान ने कहा और कॉल कट कर दिया ।
फोन कट करते ही कंदील डॉक्टर बख्श के बिहेवियर के बारे में सोचने लगी।
क्योंकि कल जो कुछ भी कंदील के साथ हुआ था उससे बहुत अच्छी तरह से अंदाजा लगाया जा सकता था। कि डॉक्टर बक्श किस हद तक रूड शख्स हैं?
और फिर उनका कंदील के इस तरह नजदीक आना और फिर कंदील को देखना।
इस बात से भी कन्दील और ज्यादा सोच में पड़ गई थी।
बट इस सोच को उसने जैहन से झटका ।
क्योंकि इस वक्त वह जिस प्रॉब्लम में मुब्तिला थी।
वह सिर्फ वही जान सकती थी।
एक शख्स जिसने उसे बेइंतहा दर्द दिया था।
उसके दर्द को वह कभी भूल नहीं सकती थी।
लेकिन कंदील को मजबूत बनना था ।
और उसे जालिम शख्स का सामना करना था।
क्योंकि इस तरह उसके सामने गुटने टेक ने से वो शख्स यह समझता ।
कि कंदील उसके सामने हार गई थी ।
और कंदील को उसके सामने ऐसा हरगिज नहीं होने देना था?
कंदील को अभी कुछ देर पहले आगा जान की, की हुई बातें याद आ गई थी।
सच कहा था आगा जान ने की वह अकेली नहीं है सब उसके साथ है।
उसे हिम्मत हारने की कोई जरूरत नहीं है।
और इन बातों से कंदील के अंदर हिम्मत पैदा हो गई थी। कंदील ने फैसला कर लिया था।
कि अब जो होगा वह देखा जाएगा उस जालिम को मुंहतोड़ जवाब दिया जाएगा।
वह यह सोचकर खुद को मुतमईन करने लगी थी।
उसके आगा जान और बेगम साहिबा ने उसे बहुत ही प्यार से पाला था ।
और हवेली के बाकी सारे लोग भी उसकी बहुत केयर करते थे।
इन सब की केयर और रिस्पेक्ट से उसे यह एहसास ही नहीं होने दिया कि उसके पेरेंट्स है नहीं।
और वह अपनी एक बहुत अच्छी जिंदगी गुजर रही थी।
के अचानक से उसकी जिंदगी पर सैफ नामी शख्स ने दस्तक दी?
और कंदील फिर उन पुरानी यादों में खो गई थी।
जो अब से कुछ साल पहले हुआ था।
कंदील को याद आ गया था कि उस दिन आगा जान कितने गुस्से में थे।
और सारी हवेली के लोग उनके इधर-उधर मौजूद थे।
जब बाबा जान को गुस्सा आता था तो उनके गुस्से की आवाज की वजह से सारे हवेली के लोग उनके आसपास मौजूद हो जाते थे।
आप उनको साफ समझा दीजिए कि ऐसा हरगिज नहीं हो सकता।
वह रिश्ता लाएबा के लिए लेकर आए थे।
और कंदील उनके लिए किसी भी लिहाज से ठीक नहीं है। कंदील और सैफ की उम्र में काफी फर्क है।
और यहां सिर्फ उम्र की बात भी नहीं है।
जब वह रिश्ता लाएबा के लिए लेकर आए थे,और पहले ही लाएबा को देख लिया था।
तो फिर अब कंदील के लिए रिश्ता हम कैसे कर सकते हैं?
यह तो हमारी इज्जत से खेलने वाली बात हो गई।
आगा जान अपने हाथों को पीछे करके गुस्से में इधर-उधर टहल रहे थे।
जी आगा जान मैंने उनसे यही कहा कि यह रिश्ता नहीं हो सकता।
लेकिन उनकी जिद थी के अगर आप एक बार आगा जान से पूछ ले तो शायद वो रिश्ते के लिए मान जाए?
और आप तो आगा जान अच्छी तरह से जानते हैं।
कि जैसे मेरे लिए लाएबा है उसे कहीं बढ़कर मेरे लिए कंदील है। लाएबा की वालिदा ने कहा।
बहु आप अच्छी तरह से जानती हो कि हम ऐसा हरगिज़ नहीं कर सकते थे।
हम ना लाएबा के साथ नाइंसाफी कर सकते हैं ।
और ना ही कंदील के साथ हमारे लिए दोनों ही बराबर है। आगा जान ने अपना हुकुम सुनते हुए कहा।
अब कंदील के समझ में सब कुछ आ रहा था ।
कि किस तरह से वह सैफ उसको बार-बार। नजरे बचा कर देख रहा था।
जो कंदील ने सोचा था वह सही साबित हुआ।
और कंदील को इस बात से कोई मतलब ही नहीं था।
लेकिन उसे भी इस बात का अफसोस था कि लाएबा के लिए जब सैफ का रिश्ता आया था तो वह काफी खुश थी ।
और सैफ लाएबा को पसंद भी आ गया था।
बात आपकी मोहब्बत की नहीं है बेटा लेकिन हम ऐसा नहीं कर सकते हमारे लिए सबसे पहले लाएबा का रिश्ता जरूर है
और कंदील के बारे में तो हमने अभी सोचा भी नहीं कंदील अभी बहुत छोटी है।
उन्होंने लाएबा की वालिदा से कहा।
लिहाजा आप मना करदे कि ना हम लाएबा का रिश्ता उन से करेंगे और ना ही कंदील का।
अब हमें किसी सूरत हाल उनके घर में अपनी बेटी को देना ही नहीं है।
आगा जान ने अपना हुक्म सुनाया।
और वहां से अपने कमरे की तरफ चले गए।
कंदील को तो वैसे भी, अभी इन सब बातों से कोई मतलब नहीं था।
उसका तो पूरा फोकस अपनी पढ़ाई की तरफ ही था।
उसके फ्यूचर का जो टारगेट था वह यह था।
कि वह एक बहुत अच्छी डॉक्टर बने।
और इससे आगे उसने अपनी लाइफ के बारे में कुछ नहीं सोचा था।
उसकी सोचो में, उसके ख्वाब में कोई राजकुमार जैसा शख्स था ही नहीं।
कंदील का जो ऐम, था वह डॉक्टर बनने का था।
उसने अपने ऐम, को अपने ऊपर हावी कर रखा था ।
उसे इन सब चीजों को सोचने की फुर्सत ही नहीं थी ।
वह इन सब चीजों से बचती थी।
मगर इस बात से लाएबा का दिल बहुत बुरी तरह टूटा था। क्योंकि वो सैफ को पसंद करने लगी थी?
उसने सोचा था कि शायद उसकी सैफ से ही उसकी शादी हो जाए।
लेकिन ऐसा होना नहीं था।
इसके उल्टा ही हो गया था।
मगर उसने इस बात का जिम्मेदार कंदील को नहीं ठहराया था।



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