Kandil part-10

 


प्लीज कंदील मुझे जाने कैसे-कैसे बसबसे  आ रहे हैं ।

बताओ क्या बात है ।

क्या हुआ है तुम्हें ,तुम इस तरह क्यों रो रही हो? 

लाएबा ने कांदील को अपने गले से हटाते हुए झिंझोड कर कहा।

लाएबा। 

वह वापस आ गया ,लाएबा वह वापस आ गया।

उसने तो कहा था कि वह वापस नहीं आएगा ।

फिर भी वह वापस आ गया। 

लाएबा ने देखा कि कंदील की आंखों में बहुत डर था। 

कौन वापस आ गया।

कंदील किसकी बात कर रही हो तुम? 

लाएबा समझ चुकी थी ।

कि वह क्या कहना चाह रही है?

उसकी समझ में आ चुका था कि आगा जान के कमरे में हुई सारी बात कन्दील  सुन चुकी थी। 

इसलिए वह बिना किसी को कुछ बोले अपने कमरे में जाकर बंद हो गई थी।

फिर भी वह कंदील के मुंह से यह  लफ्ज सुनना चाहती थी।

वह ,वह सैफ वापस आ गया लाएबा। 

कंदील ने सैफ का नाम लिया।

और दोबारा लाएबा से लिपटकर होने लगी। 

वो  क्यों वापस आ गया? 

उसे मेरी जिंदगी में वापस नहीं आना था ।

फिर भी वह वापस आ गया। 

उसने अपना किया हुआ वादा तोड़ दिया लाएबा। 

भूल गया वह ,के उसने मुझसे क्या वादा किया था?

कंदील का रोना अभी  भी जारी था।

चुप हो जाओ कंदील पहले तो खुद को संभालो तुम अगर खुद को नहीं संभालोगी तो आने वाली परेशानियों को कैसे फेस करोगी? 

लाएबा ने उसे बेड पर बिठाया। 

लाएबा ने बैड के बराबर वाली टेबिल पर  पानी का जग उठाकर गिलास में पानी निकाल कर कंदील के हाथ मे दे दिया। 

कंदील एक ही सान्स में उस पानी के भरे हुए गिलास को गटागट पी गई।

अब कंदील को कुछ रिलैक्स महसूस हो रहा था

लाएबा क्या होगा वह दोबारा वापस आ गया है मेरी जिंदगी में? 

मेरी कुछ समझ में नहीं आ रहा क्या मैं क्या करूं?

कन्दील  दोनों हाथों से अपने  सर को पकड़ते हुए बोली।

कंदील रिलैक्स हो जाओ रिलैक्स हो जाओ बिल्कुल।

तुम्हें घबराने की बिलकुल जरुरत नहीं है।

हम सब लोग तुम्हारे साथ हैं कुछ नहीं होगा। 

लाएबा कंदील को तसल्ली देने लगी।

फिर भी लाएबा अगर उसने जबर्दस्ती किया तो तो क्या होगा 

क्योंकि  वो मुझसे जबरदस्ती कर सकता है?

इसलिए क्योंकि उसके पास?

कंदील बोलते बोलते खामोश हो गई। 

लीगल वजह है।

लीगल वजह है उसके पास 

लाएबा ने देखा कंदील की आंखें इस वक्त।

बहुत डरी हुई थी।

कंदील वो लीगल नहीं इल्लीगल है ।

हम लोग साबित कर देंगे इस बात को।

कभी भी वह शख्स अपनी मनमानी नहीं कर सकता हम हरगिज उसको अपनी मनमानी नहीं करने देंगे।

नहीं लाएबा नहीं वह इलीगल नहीं लीगल है।

हम सब जानते हैं कि वह लीगल है। 

वह सबकुछ हम सबके सामने हुआ था। 

और उसमें उसकी और मेरी रजामंदी शामिल थी। 

और सारे घर वालों की रजामंदी शामिल थी।

तो वह इलीगल कैसे हो गया लाएबा?

आप मुझे बहलाने की कोशिश मत कीजिए। 

सब क्लियर बात है।

इसमें इल्लीगल कुछ नहीं है ।

कंदील अपने बेड के इधर-उधर घूसे मारने लगी। 

इस वक्त समझ में नहीं आ रहा था कि वह क्या करेगी?

कम डाउन कन्दील, कम डाउन संभालो खुद को। 

इस तरह मदहोश हो जाओगी तो खुद को कैसे संभालोगी।

उसने कंदील को अपनी बाहों में जकड़ते हुए कहा।

लाएबा आपको नहीं पता वह किस तरह शातिर दिमाग का इंसान है। 

हर मुश्किल से मुश्किल काम उसके लिए बहुत आसान हो जाता है करना। 

हम लोगों में से किसी को ईल्म भी नहीं होगा और वह अपना काम कर लेगा। 

कंदील की हिचकियां दोबारा जारी हो चुकी थी।

कंदील पागल मत बनो संभालो खुद को। 

आगा जान है वह सब कुछ खुद संभाल लेंगे।

आगा जान का नाम सुनकर कंदील का रोना एकदम बंद हो चुका था।

आगा जान ,आगा जान हा वही  कुछ कर सकते हैं ।

वहीं इस परेशानी से निकलेंगे।

कंदील ने आंसू पूछते हुए का।

लाएबा कंदील को अपनी सीने से लगाकर उसके बालों को सहलाने लगी।


आगा जान बड़ी बेचैनी के आलम में अपने रूम में इधर-उधर टहल रहे थे ।

उनकी समझ में यह नहीं आ रहा था ।

कि वह अब कंदील का सामना किस तरह से करेंगे।

उन्होंने तो सोचा था ।

कि इस मामले को रफा दफा कर देंगे ।

और कंदील को इल्म भी नहीं होगा इस बात का। 

कि सैफ  यहां पर आया है। 

मगर यह सब कुछ इतना आसान भी नहीं था।

जो आगा जान ने जैसा सोचा था उससे बिल्कुल ही उलट होकर रह गया था सब कुछ।

और इस वक्त जो कंदील की हालत थी। 

लाएबा ने आगा जान को सब बात से आगाह कर दिया था। 

वह इसी बात की  सोच में गुम  की वह कंदील को क्या जवाब देंगे?

हमने सोच लिया है ।

बेगम साहिबा हम उस बच्ची के साथ कुछ गलत नहीं होने देंगे। 

चाहे उसके लिए हमें अपनी जान ही क्यों ना देने पड़ जाए?

हम उसके साथ कुछ बुरा नहीं होने देंगे। 

हमने उसके वालिदैन से वादा किया था। 

हम कंदील को हमेशा खुश रखेंगे।

और हम यही करने की कोशिश करेंगे कि उसको कोई तकलीफ ना पहुंचे।

ऐसा लग रहा था कि आगा जान किसी मुद्दे पर पहुंच चुके हो।

बेगम साहिबा भी आगा जान की बात सुनकर कुछ मुतमईन सी नजर आ रही थी।

वह समझ चुकी थी कि आगा जान अब किसी फैसले पर पहुंच चुके हैं।

तभी दरवाजे पर खटखटा की आवाज सुनाई पड़ी।

कौन है अंदर आ जाओ?

आगा जान की कडकदार आवाज। निकली थी।

जिससे हर शख्स डरता था।

उन्होंने दरवाजे की जानिब देखा।

गुस्ताखी माफ हो नवाब साहब। 

वह बाहर वकील साहब आए हैं। 

एक मुलाजिम  डरते डरते अंदर आया था।

क्योंकि आगा जान से सभी बहुत डरते थे?

ठीक है तुम उन्हे अंदर आने को बोल दो। 

आगा जान ने अपना हुकुम सुनते हुए कहा। 

वो मुलाजिम बड़े ही तमीज से अपने सर को नीचे झुकाकर वापस जाने के लिए मुड़ गया।

कुछ देर बाद दरवाजे के बीचो-बीच वकील साहब खड़े थे जो अंदर आने की इजाजत मांग रहे थे। 

यह नवाब साहब के खानदानी वकील थे ।

इसलिए वह सब चीज से वाकिफ थे।


वकील साहब खामोश खड़े थे

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