कंदील kandil part-7
आगा जान ने बेगम साहिबा को अपने रूम में बुलाया था। बेगम साहिबा काफी देर से उनके रूम में खड़े होकर। उनके बोलने का इंतजार कर रही थी।
आज फिर नवाब साहब अपने रूम के बीचो-बीच। चक्कर काट रहे थे।
और उनके चेहरे को देखकर ऐसा लग रहा था ।
आज वह बहुत ज्यादा परेशान है।
बेगम साहिबा इंतजार करने लगी नवाबसाहाब? कुछ बोले।
बेगम साहिबा, बेगम साहिबा, वह कंदील के बहुत पास आ चुका है।
बहुत पास है वह कंदील के।
नवाब साहब चलते-चलते रुक गए थे।
और उन्होंने अपनी छड़ी को जान लगाकर जमीन में। टिकने की कोशिश की थी।
ऐसा लग रहा था कि आज वह जमीन में छेद कर देंगे।
यह आप क्या कह रहे हैं नवाब साहब?
वो कन्दील के नजदीक आ चुका है।
किसने कही आप से ये बात।
बेगम साहिबा यह बात सुनकर बहुत ज्यादा परेशान हो गई थी।
उन्होंने जिस दिन से सुना था।
कि सैफ हारून इंडिया आ गया है।
उस दिन से ही उनकी रातों की नींद गायब थी।
और अब नवाब साहब की बातों से पता चल रहा था। बिल्कुल कंदील के नजदीक आ चुका है।
यह देखिए।
इतने सारे फोटो सेंड किए हैं उसने।
नवाब साहब ने अपने शेरवानी की जेब से मोबाइल निकाल कर बेगम साहिबा की तरफ बढ़ते हुए कहा।
बेगम साहिबा ने जल्दी से वह फोन नवाब साहब के हाथ से अपने हाथ में लिया।
जैसे ही उन्होंने फोन को ऑन किया। कंदील के काफी सारे फोटोग्राफ्स उनके मोबाइल में शो होने लगे।
और वह आज सुबह के ही थे।
क्योकी कंदील आज यही कपडे पहने हुई थी
जैसे-जैसे बेगम साहिबा को फोटो देख रही थी। उनकी हैरानी बढ़ती ही जा रही थी।
नवाब साहब, नवाब साहब कुछ कीजिए।
हम नहीं चाहते कि किसी भी तरह से कंदील का सामना सैफ हारून से हो।
आप जानते हैं अगर वह सैफ हारून के सामने आई। तो कंदील की क्या हालत हो सकती है?
आप जानते हैं ना नवाब साहब यह बात अच्छी तरह से।
बेगम साहिबा नवाब साहब से रिक्वेस्ट कर रही थी।
हां बेगम साहिबा हम जानते हैं हम जानते हैं अच्छी तरह से।
अगर हमारी बच्ची का सामना उस सैफ हारून से हो गया। तो क्या हालत हो सकती है उसकी?
परेशानी नवाब साहब के चेहरे से साफ जाहिर हो रही थी।
वह कुछ कदम आगे बढ़े।
और कुर्सी पर जाकर बैठ गए।
कुर्सी से टेक लगाते हुए उन्होंने अपनी आंखों को मून्द लिया था।
बेगम साहिबा भी उनके सामने वाली कुर्सी पर बैठ गई ।
जब नवाब साहब बहुत ज्यादा परेशान होते थे ।
तो वह इस तरह से ही अपनी कुर्सी पर बैठते थे।
और आंखें बंद करके कुछ सोचने लगते थे।
हमें लगता है बेगम साहिबा हमें कंदील को सब कुछ बता देना चाहिए।
बता देना चाहिए कि सैफ हारून इंडिया वापस आ चुका है।
और क्या है उसकी चाहत यह भी हमें कंदील को बताना चाहिए?
नवाब साहब ने कहा।
नवाब साहब के लहजे से अंदाजा लगाया जा सकता ।
वह अब हार मान चुके हैं।
नवाब साहब यह क्या कह रहे हैं आप?
बेगम साहिबा की आवाज एकदम से तेज हो गई थी।
आप सोच भी कैसे सकते हैं यह सब?
कि हम कंदील को सब बता दें।
आज क्या हो गया है आपको नवाब साहब?
आप इस तरह हार मानने वालों में से तो नहीं है।
बेगम साहिबा की समझ में नहीं आ रहा था कि नवाब साहब इस तरह की बात क्यों कर रहे थे?
वह हर चीज में आखिर तक लड़ने कोशिश करते थे।
मगर इस बार तो उन्होंने पहले ही हाथ खड़े कर दिए थे।
बेगम साहिबा को।
उनके कहे हुए लफ्जों पर यकीन नहीं हो रहा था।
बेगम साहिबा आपने ठीक सुना है ।
हमें कंदील को सब बता देना चाहिए। बेहतर यही रहेगा उसके लिए।
यह कहकर नवाब साहब ने अपनी निगाहों को झुका लिया था।
नहीं नवाब साहब हम ऐसा हरगिज नहीं होने देंगे।
सैफ हारून को अपने मंसूबों में कामयाब हम नहीं होने देंगे।
बेगम साहिबा ने सख्त लहजे में कहा।
तो आप क्या चाहती है बेगम साहिबा?
हम अपनी बच्ची कंदील को।
मौत के हवाले कर दे खुद से जुदा कर दे उसे।
नवाब साहब गुस्से में तिल मिला गए थे।
बेगम साहिबा ने जब देखा कि नवाब साहब गुस्से में है तो उन्होंने खुद को नॉर्मल किया। अगर हमने कन्दील को नही बाताया के सैफ वापस आ चुका है ।
तो वो कन्दील को कुछ भी नुकसान पहुंचा सकता है
आप वाकिफ है सैफ के पागल पन से
आप उसे अच्छी तरह से जानती हैं बेगम साहिबा।
कंदील की एक तकलीफ हमें तड़पा जाती है।
हम उसकी आंखों में आंसू नहीं देख सकते हैं।
हम अपने जीते जी उसको दर्द नहीं होने देंगे।
नवाब साहब का गला रून्ध गया था।
मैं सब चीज से बाखबर हूं नवाब साहब।
इसलिए ही बोल रही हूं।
अगर आप कंदील को सब कुछ बताएंगे।
तो उसे बहुत तकलीफ होगी।
बहुत दर्द बर्दाश्त करना पड़ेगा उसे।
बेगम साहिबा की भी आंखों में आंसू आ गए थे।
ठीक है फिर हमें कंदील को छोड़कर। हवेली के सारे लोगों को यह बात बता देना चाहिए।
सैफ फ़ारुन। इंडिया आ चुका है।
और फिर हम देखते हैं। हवेली के बाकी लोग क्या फैसला करते हैं?
नवाब साहब ने कहा ।
और अपनी छड़ी को और मजबूती से पकड़ कर।
मुतमईन होने की कोशिश करने लगे।
ठीक है नवाब साहाब जैसा आपको ठीक लगे अब वैसा कीजिए।
बेगम साहिबा ने कहा।



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