कंदील/ kandil part -6


 

बहुत तड़पाया है मुझे तुमने कंदील जफर। 

और अपने हर लम्हा तड़पने का बदला मैं तुमसे लूंगा। 

तुम्हें एक-एक लम्हे का हिसाब देना होगा डॉक्टर कंदील। डॉक्टर बख्श के चेहरे पर सख़्ती आ गई। 

उन्होंने अपने दोनों हाथों की मिट्टियों को कस के बंद किया।

और उनकी आंखें भी हल्की नम हो गई थी।

उन्होंने अपनी पॉकेट से अपना मोबाइल निकला। 

जिसमें एक खूबसूरत लड़की की फोटो थी। 

जो बहुत ही प्यारी और भोली दिख रही थी।

आई लव यू आई रियली लव यू सो मच।

डॉ बख्श ने मोबाइल को हल्का सा टच करते हुए कहा।

और तुम घबराना नहीं बहुत जल्द में तुम्हारे नजदीक आ जाऊगा।

जितने लोगों ने भी मुझे तुमसे दूर करने की कोशिश की थी।

सबको इसका हिसाब देना पड़ेगा।

डॉ बख्श ने कहा।

फिर अपनी आंखों में आई हुई हल्की नमी को। अपने हाथों से साफ किया।

और मोबाइल को ऑफ करके। वापस अपनी पॉकेट में रख लिया।

वह इतनी तेजी से डॉक्टर बख्श के केबिन से निकली थी।

कि उसे सामने से आते हुए डॉक्टर खान दिख ही नहीं पाये। और वह डॉक्टर खान से टकरा गई। 

ओ ओ आर यू ओके। कंदील।

डॉ समीर खान ने अपने माथे को सहलाते हुए कहा। क्योंकि कंदील का माथा सिधे डॉक्टर खान के माथे से टकराया था?

ओह आई एम वेरी सॉरी डॉक्टर समीर। 

कंदील ने माजरत चाहि। 

डॉ समीर को कंदील का फेस देखकर हंसी आने लगी।

डॉक्टर कंदील आपको देखकर ऐसा  रहा है कि अभी-अभी। आप फांसी के फंदे से बचकर निकल हो। 

डॉ समीर ने अपनी हंसी को दबाया।

बस क्या बोलूं डॉक्टर खान ,की डॉक्टर बख्श? ऐसा लग रहा था कि मेरी जान ही ले लेंगे। 

कंदील को वह सारी बातें याद आ गई ।

जो अभी-अभी डॉक्टर। बख्श के केबिन में हुई थी।

  किस तरह से वह कंदील के कानों के पास आकर सरगोशी कर रहे थे। 

और किस तरह से उन्होंने कंदील के कंधों पर हाथ रखा था।

बोल तो आप ठीक रही हो डॉक्टर कंदील ।

यह डॉक्टर बख्श किसी हिटलर से कम नहीं लगते हैं।

चलिए कोई बात नहीं रिलैक्स रहिए और खुद  को इतना मजबूत बनाई ।

आप डॉक्टर बख्श को फेस कर सके ।

वह दोनों साथ चल रहे थे।

साथ चलते हुए समीर की निगाह बार-बार डॉक्टर कंदील पर जा रही थी। 

समीर डॉक्टर कंदील को बहुत पसंद करता था। 

मगर यह पसंद उसके दिल में ही थी उसने कभी कुछ डॉक्टर कंदील से कहा नहीं था।

क्योंकि कंदील जिस नेचर की थी? 

अगर वह उसे अपनी पसंद  का इजहार करता।

तो डॉक्टर समीर जानता था ।

कि कंदील उससे दूरियां बना लेगी।

और यह डॉक्टर समीर हरगिज नहीं चाहता था ।

कंदील उससे दूर रहे। 

भले ही वह उसके साथ फ्रेंडशिप में रहे। 

मगर वह उससे बात कर सके ।

उसे देख सके, इसलिए डॉक्टर समीर अपने दिल के जज्बातों को दिल में ही दबा कर रखता था।


वह दोनों चलते-चलते अस्पताल की कैंटीन तक पहुंच गए।

चलिए चलकर कॉफी पीते हैं डॉक्टर कंदील। 

समीर ने कहा।

कंदील ने भी मुस्कुरा  कर सर को हा में हिला दिया। 

और कैंटीन के अंदर जाकर।

दोनों कुर्सियों पर बैठ गए।

आपको पता है डॉक्टर कंदील।

डॉक्टर बख्श के हवाले से काफी पुरानी बातें जुड़ी हुई है। जिसका जिक्र कल सारे डॉक्टर ही कर रहे थे। 

डॉक्टर समीर ने कॉफी का कप अपने होठों से लगाते हुए कहा।


अच्छा किस तरीके की बातें।

डॉक्टर कंदील भी कॉफी पीने लगी थी।

वह उनके पास्ट की बातें हैं। 

सब लोगों को इसकी खबर नहीं है।

मगर हां मैंने इतना जरूर सुना था ।

डॉक्टर को कहते हुए। 

के उनके साथ कुछ ऐसा हुआ था? 

जिससे वह इतने रूड और हिटलर टाइप बन गए। 

जबकि ऐसे वह पहले नहीं थे। 

डॉ समीर ने। कॉफी का कप मेज पर रखते हुए 

कहा।

अच्छा ऐसा भी क्या हुआ था उनके साथ? 

कंदील ने अपने कॉफी के कप को अपने होठों से नीचे करते हुए कहा। 

इतना तो मैं भी नहीं जानता हूं ।

कंदील क्योंकि मुझे भी डिटेल से सब कुछ डॉक्टर बक्श बारे में पता नहीं है? 

हां मगर इतना जरूर जानता हूं।  

के  उनके पास्ट में काफी कुछ ऐसा हुआ है।

जिस डॉक्टर बख्श की लाइफ पुरी की पूरी चेंज हो गई है। समीर बहुत गौर से कंदील को देख रहा था।

बड़ी-बड़ी सुनहरी पलके। उस पर  कंदील की चोटी से निकले हुए बाल उसके फेस पर बिखर रहे थे। 

जो उसे और दिलकश बना रहे थे। 

उसके होंठ का वो तिल। वह उसकी खूबसूरती को चार-चान्द लगाता था।

ओके डॉक्टर समीर मैं चलती हूं।

मुझे डॉक्टर बख्श ने कुछ केसेज को रीड करने के लिए कहा है।

और उनकी डिटेल कल की कल उन्हें बतानी है।

आप जानते हो अगर मैंने थोड़ी सी भी गलती की। 

या कुछ काम मुझे गलत हो गया।

तो इससे बड़ी पनिशमेंट में मुझे मिल सकती है।

कंदील अपनी जगह पर से उठाते हुए बोली। 

वो  नहीं चाहती थी कि दोबारा से ऐसी गलती करें। जिससे दोबारा से उसे पनिशमेंट मिले।

समीर मुस्कुराते हुए कंदील को जाते देख रहा था।


To be continued......


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