Dr. Bakhsh Aur Kandeel Ki Mohabbat Ka Khubsurat Anjaam | Hindi Novel Ending

 




डॉक्टर बख्श को मरियम जमाल पर इस वक्त इतना तेज गुस्सा आ रहा था ।

के अगर यहा पुलिस नही होती और पुलिस स्टेशन नहीं होता।

तो डॉक्टर बख्श मरियम जमाल की वह हालत करते के मरियम जमाल सारी जिंदगी याद रखती?

मरियम जमाल को उन्होंने बहुत भोला भाला समझ लिया था।

लेकिन मरियम जमाल तो बहुत ज्यादा शातिर निकली। उनको पाने के खातिर उसने कंदील को चोट पहुंचाई थी।

और यह डॉक्टर बख्श बिल्कुल बर्दाश्त नहीं कर सकते थे। अपने चोट को तो डॉक्टर बख्श एक बार को बर्दाश्त भी कर सकते थे ।

लेकिन उसने कंदील को चोट  पहुंचाई थी जो उनकी बर्दाश्त से बाहर हो रही थी अब।

शुक्र करो मरियम जमाल के तुम्हें पुलिस के हवाले करके जिंदा छोड़ रहा हूं।

नहीं तो जो हरकत थी तुम्हारी तुम्हें गोली मारने का हौसला रखता हूं मैं।

डॉक्टर बख्श की आंखें गुस्से से लाल हो रही थी।

डॉक्टर बख्श यह कहकर बाहर जाने लगे थे।

डॉक्टर बख्श प्लीज मुझे छोड़कर मत जाइए ।

डॉक्टर बख्श मैने कहा ना ये मेरी लास्ट गलती थी।

इसके बाद में कभी कोई गलती नहीं करूंगी।

आपकी वाइफ और आपके साथ आराम से रहूंगी।

प्रॉमिस करती हूं मैं डॉक्टर बख्श  मरियम जमाल डॉक्टर बख्श के कंधे को झिंझोडते हुए बोली।

मरियम जमाल मेरे सब्र की इम्तिहा खत्म हो रही है अब।

दूर हो जाओ मेरी पहुंच से नहीं तो ठीक नहीं होगा तुम्हारे लिए।

डॉ बख्श ने मरियम जमाल से कहा।

डॉ बख्श गुस्से से अपनी मुट्ठियों को बंद किए हुए थे।

प्लीज डॉक्टर बख्श आप इस तरह मुझे अकेला छोड़कर नहीं जा सकते ।

आपकी बीवी हूं मैं, तो कोई अपनी बीवी को  अकेला छोड़कर नहीं जाता है।

डॉक्टर बख्श को उसकी बातों से ऐसा लग रहा था।

कि उसके दिमाग पर असर हुआ है।

वह पागलों की तरह डॉक्टर बख्श से बातें कर रही थी।

जस्ट शट अप मरियम जमाल मेरी सिर्फ एक ही बीवी है।

वह है कंदील।

तुमसे मेरा कोई रिश्ता नहीं है।

आज तुम्हारे इस वहम को भी तुम्हारे दिमाग से दूर कर देता हूं कि तुम मेरी बीवी हो।

डॉ बख्श ने अपनी जेब से डाइवोर्स पेपर्स निकाल कर मरियम जमाल के हाथ में पकड़ाते हुए कहा।

मरियम जमाल ने जैसे ही डायवर्स पेपर्स को पकड़ा उसकी आंखें फटी के फटी रह गई।

डॉक्टर बख्श उसे तलाक दे चुके थे।

जबरदस्ती के रिश्ते को वह कई महीनो से निभा रहे थे। लेकिन अब उनकी बर्दाश्त से बाहर था।

  वह इस रिश्ते को और आगे निभाते।

डॉक्टर बख्श 1 कागज का टुकड़ा इस कागज के टुकड़े के कोई मायने नहीं  है  मेरे सामने  मैं आपकी बीवी हूं और हमेशा रहूंगी।

मरियम जमाल दहाड़े मारकर रोने लगी थी।

अकेले ही जीती रहो इस गलतफहमी मरियम जमाल।

मेरा तुमसे कोई वास्ता नहीं है ।

इसलिए मैं आज तुम्हें छोड़कर जा रहा हूं।

डॉक्टर बख्श कहकर एक झटके से उसके हाथों से अपने कंधे को छुड़ाया और आगे बढ़ गए।

रुक जाइए डॉक्टर बख्श प्लीज रुक जाइए।

पीछे से  मरियम जमाल के चीखने की आवाजे आ रही  थी।

लेकिन डॉक्टर बख्श के पैरों में जो झूठे रिश्ते की बेडिया डाल रही थी।

उस बात को ही डॉक्टर बख्श ने खत्म कर दिया था।

मरियम जमाल से जो एक कागजी रिश्ता डॉक्टर बख्श का था वह डॉक्टर बख्श खत्म कर चुके थे।

और इस रिश्ते को खत्म करके डॉक्टर बख्श को बहुत सुकून मिल रहा था।

पिछले कई महीनो से मरियम जमाल डॉक्टर बख्श को  इमोशनल ब्लैकमेल कर रही थी।

जिससे डॉक्टर बख्श बेसुकून होकर रह गए थे।

वो बार-बार यही सोच रहे थे के कन्दील  को जब इस बात का पता चलेगा तो वह क्या सोचेगी?

यही सोचेगी वह की डॉक्टर बख्श ने के  उसको धोखे में रखा था।

शुक्र है अल्लाह का के मरियम जमाल की ऐसी हरकत की वजह से डॉक्टर बख्श को उसे डायवर्स देने की वजह मिल गई थी।

डॉ बख्श अल्लाह का शुक्र अदा कर रहे थे ।

कि  मरियम जमाल के जाल में फंसने से पहले अल्लाह ताला ने उसे बाहर निकाल दिया था।

डॉक्टर बख्श के लिए कोई गुनाह से कम वाली बात नहीं थी कि वह कंदील के अलावा किसी दूसरी लेडी के बारे में सोचते।

वह कंदील से बेइंतहा प्यार करते थे।

कंदील से उनकी प्यार करने की कोई इम्तिहान नहीं थी।

अब डॉक्टर बख्श बहुत रिलैक्स महसूस कर

रहे थे।

यूं ही वक्त गुजरने लगा था डॉक्टर बख्श की लाइफ से मरियम जमाल बिल्कुल जा चुकी थी।

अब डॉक्टर बख्श का फोकस सिर्फ अपनी वाइफ और अपने हॉस्पिटल के प्रोजेक्ट पर ही था।

डॉ बख्श दिन और रात में और ज्यादा मेहनत करने लगे थे ।

अपने प्रोजेक्ट पर कभी-कभी थे तो वह अस्पताल से घर दिन में भी नहीं आते थे ।

जल्दी उनका देखा हुआ बहुत बड़ा ख्वाब मुकम्मल  होने वाला था।

उसको पूरा करने के लिए वह दिल जान से अपनी मेहनत और लगन से अपने काम को अंजाम दे रहे थे

डॉक्टर फरहान हमारी मेहनत और लगन अब रंग ला रही है।

हमारी मेहनत की वजह से इतनी कम टाइम में इतना बड़ा प्रोजेक्ट अब लगभग तैयार हो चुका है।

डॉ बख्श अपने केबिन की विंडो से अपना तैयार किया हुआ कैंसर स्पेशल हॉस्पिटल देख रहे थे।

उनके जस्ट बराबर में डॉक्टर फरहान  खड़े थे।

यू आर राइट डॉक्टर बख्श और ये आप ही की वजह से हुआ है।

नहीं तो इस प्रोजेक्ट को तैयार होने में इस अस्पताल को बनने में कई साल लग जाते हैं।

वो डॉक्टर बख्श की तारीफ कर रहे थे।

इन सब की सबसे बड़ी वजह कंदील है ,डॉक्टर फरहान से डॉक्टर बख्श ने कंदील का जिक्र किया।

क्योंकि  जिस जमीन पर यह हॉस्पिटल तैयार किया हुआ है वह जमीन कंदील की है?

आप बिल्कुल ठीक कह रहे हैं डॉक्टर बख्श।

क्योंकि अभी हमने जो प्रोजेक्ट तैयार किया था ।

उसमें हमारे पास जितना हमारा अमाउंट था ।

लगभग सब खत्म हो चुका था?

तो हम कोई नई जमीन खरीदते उसके लिए हमें बहुत अमाउंट की जरूरत पड़ती।

लेकिन यहां ये जमीन कंदील की थी तो उसने ये जमीन। चैरेटिरी के नाम करदी थी।

डॉ फरहान ने कहा।

एनीवे जो कुछ भी होना था हो गया और बहुत अच्छा हुआ।

मुझे बहुत ज्यादा खुशी हो रही है इस प्रोजेक्ट को बिल्कुल तैयार देखकर।

डॉ बख्श डॉक्टर फरहान से कह रहे थे।


डॉ बख्श डॉक्टर फरहान के साथ खड़े हुए थे तभी उनके फोन की बेल बजने लगी।

उन्होंने पॉकेट से फोन निकाल कर फोन की स्क्रीन पर नाम शो होते हुए देखा।

उनकी फोन की स्क्रीन पर मॉम नाम शो हो रहा था।

उन्होंने बिना देर किए फोन को रिसीव कर लिया था।

जी मॉम फरमाइए।

डॉक्टर बख्श ने बहुत ही प्यार से अपनी मॉम से कहा था। सैफ जल्द से जल्द तुम घर पर आ जाओ।

मॉम ने हेलो भी नहीं कहा डायरेक्ट फोन उठाते ही डॉक्टर बख्श से यही कहा।

क्या हुआ मॉम एवरीथिंग इस ऑल राइट नाउ?

डॉ बक्श परेशान हो गए उनके इस तरह बात करने पर?

सैफ कंदील की तबीयत बिगड़ रही है।

उसे अभी के अभी हॉस्पिटल में एडमिट करना बहुत जरूरी है।

मॉम ने कहा।

ओके  मैं अभी घर पहुंचता हूं।

डॉक्टर बख्श ने कहकर फोन को कट कर दिया।

क्या हुआ डॉक्टर बख्श सब ठीक है ना?

फरहान ने देखा डॉक्टर बख्श के चेहरे के तास्सुरात बिगड़े हुए थे।

और वह जल्दी से अपने घर जा रहे थे।

डॉ फरहान कंदील की तबीयत बिगड़ रही है।

आई मीन उसकी डिलीवरी का वक्त बिलकुल नजदीक है। मॉम ने मुझे अभी के अभी घर बुलाया है।

डॉ बख्श ने पूरी बात डॉक्टर फरहान को बताई।

ओके डॉक्टर बख्श आप जल्दी से अपने घर पर जाइए।

डॉ फरहान ने कहा।

डॉक्टर बख्श ने अपने कोर्ट को एक साइड कन्धे पर डाला।

और जल्दी-जल्दी कदम उठाते हुए। पार्किंग एरिया की तरफ आ गए।

पार्किंग एरिया में आकर वो जल्दी अपनी गाड़ी में बैठे और गाड़ी को स्टार्ट कर दिया।

उन्हें लग रहा था किसी भी तरह वह जल्दी से घर पहुंच जाए।

कंदील की हालात खराब होने की  बात सुनकर उन्हें अजीब सी फीलिंग हो रही थी।

थे तो वह  एक डॉक्टर, मगर किसी अपने के दर्द पर डॉक्टर को भी तकलीफ होती है।

डॉ बख्श का रास्ता पार करना मुश्किल हो

रहा था।

डॉक्टर बख्श घर पहुंच चुके थे ।

डॉक्टर बख्श ने घर के बाहर एक झटके से अपनी गाड़ी को रोका।

और तेज तेज कदम बढ़ाते हुए घर के अंदर गए

मॉम मॉम डॉक्टर बख्श  आवाज लगाते हुए आगे बढ़े।

मॉम उन्हें हाल में नजर नहीं आई फिर डायरेक्ट वह अपने रूम में चले गए।

वहा मॉम कंदील के सिरहाने खड़ी थी।

और कंदील दर्द से तड़प रही थी।

जब कंदील की नजर डॉक्टर बख्श पर पड़ी।

उसकी आंखों से आंसू बहने लगे थे।

क्या हुआ कंदील पेन हो रहा है?

डॉक्टर बख्श कंदील  के नजदीक आकर कंदील को देखते हुए बोले।

दर्द की शिद्दत की वजह से इस वक्त कंदील की आवाज भी नहीं निकल रही थी।

उसने अपनी गर्दन को हां में हिलाया।

डरने की जरूरत नहीं है कंदील सब ठीक हो जाएगा।

डॉ बख्श ने कंदील को अपनी बाहों में उठाया।

और दरवाजे से बाहर निकल गये।

डॉक्टर बख्श  के पीछे पीछे उनकी मॉम भी आ रही थी।

डॉक्टर बख्श कंदील को गाड़ी के नजदीक ले।

और एक हाथ के सहारे से पीछे का दरवाजा खुला।

दरवाजा खोलने के बाद कंदील को आराम से गाड़ी में लिटा दिया।

और खुद ड्राइवर वाली सीट पर आकर बैठ गए।

उनके बराबर वाले सीट पर उनकी मॉम बैठी हुई थी।

डॉक्टर बख्श में एक नजर कंदील पर डालकर देखा।

कंदील अपने चीखो को दबाती हुई अपने सर को ईधर उधर हिला रही थी।

वो बहुत बुरी तरह दर्द से तड़प रही थी।

कंदील की ये हालत कब से हो रही है?

डॉ बख्श गाड़ी स्टार्ट कर चुके थे।

उन्होंने गाड़ी स्टार्ट करने के दरमियान अपनी मॉम से पूछा।

बेटा शाम से कंदील की ऐसी हालत हो रही थी।

मॉम ने डॉक्टर बख्श सेकहा।

आपको पहले मुझे कॉल करना चाहिए था ना।

डॉक्टर बख्श ने कहा ।

क्योंकि इस वक्त डॉक्टर बख्श को कंदील की बहुत फिक्र हो रही थी?

बेटा मैं तुम्हें कॉल करने वाली थी लेकिन कंदील ने मुझे मना कर दिया था।

उसने कहा था अभी लेवर पेन ज्यादा तेज शुरू हो जाए।

तब तुम्हें बताऊ।

मॉम ने पूरी बात तफसील से डॉक्टर बख्श को बताते हुए कहा।

ओहहहहह डॉक्टर बख्श के मुंह से निकला।

डॉ बख्श गाडी को तेज स्पीड में चला रहे थे।

वह जल्द से जल्द हॉस्पिटल पहुंचाना चाह रहे थे।

गाड़ी चलाते हुए वह बार-बार पीछे मुड़कर भी देख रहे थे।उन्हे कंदील का दर्द में तड़पता  हुआ नहीं देखा जा रहा था।

हॉस्पिटल आ चुका था डॉक्टर बख्श ने गाड़ी को अस्पताल के बाहर रोका।

और गाड़ी के पीछे का दरवाजा खोलकर कंदील को बाहों में उठाया।

कंदील को अस्पताल के अंदर ले गए।

मॉम गाड़ी का दरवाजा खोलकर खुद बाहर आ चुकी थी। अस्पताल के अंदर दाखिल होते ही डॉक्टर बख्श ने नर्स नर्स को आवाज लगाना शुरू की।

डॉक्टर बख्श के आवाज लगाने पर काफी नर्स और बेड बॉय वहां पर आ चुके थे।

  डॉक्टर इकरा डॉक्टर फरहान भी वहां पहले से मौजूद  थे।

बैड बॉय जल्दी से स्टेचर लेकर आया।

dr. बख्श ने कंदील  स्ट्रेचर पर लिताया।

कंदील ने डॉक्टर बख्श के हाथ को तेज पकड़ लिया था। घबराने की जरूरत नहीं है कंदील।

मैं हूं ना तुम्हारे साथ।

डॉ बख्श ने कहा।

डॉक्टर इकरा।

डॉक्टर बख्श ने डॉक्टर इकरा को इशारा करते हुए कहा।

क्योकी डॉक्टर इकरा गाइना लॅजिस्ट थी

और वह स्ट्रेचर को चलाते हुए ऑपरेशन रूम की तरफ ले गए।

डॉ इकरा और नर्स भी डॉक्टर बख्श के साथ थे।

प्लीज आप बाहर ही रही है मैं हैंडल कर लूंगी है।

डॉ इकरा ने ऑपरेशन थिएटर के बाहर डॉक्टर बख्श को रोकते हुए कहा।

वह डॉक्टर इकरा कंदील।

डॉ बख्श के मुंह से सिर्फ यही अल्फाज निकला था।

डरने की जरूरत नहीं है डॉक्टर बख्श मैं हूं ना ,मैं हैंडिल कर लूंगी इस केस को आप घबराइए नही।

डॉ इकरा मुस्कुराते हुए बोली डॉक्टर इकरा अच्छी तरह से डॉक्टर बख्श की हालत को समझ रही थी।

प्लीज आप बाहर जाकर वेट कीजिए।

डॉक्टर बख्श

डॉ इकरा ने डॉक्टर बख्श से कहा।

डॉक्टर बख्श डॉक्टर इकरा की बात मानकर।

बहार चेयर पर आकर बैठ गए थे।

उनकी मॉम उनके बराबर में ही बैठी थी।

आधा घंटा हो गया था कंदील को ऑपरेशन थिएटर के अंदर।

डॉ बख्श बार-बार अपने मोबाइल पर टाइम देख रहे थे।

उनके लिए यह वक्त गुजारना मुश्किल पड़ रहा था।

सैफ सब अल्लाह पर छोड़ दो इतना परेशान होने की जरूरत नहीं अल्लाह ताला सब ठीक कर देगा।

मॉम डॉक्टर बख्श के कंधे पर हाथ रखते हुए बोली।

डॉ बख्श ने बस अपनी गर्दन को हां में हिला दिया।

क्योंकि इस वक्त जो उनके दिल की हालत हो रही थी ।

वह सिर्फ डॉक्टर बख्श ही जान सकते थे?

करीब 1 घंटे बाद ऑपरेशन थिएटर का दरवाजा खुला।

वहां से डॉक्टर इकरा मुस्कुराती हुई अपने कोर्ट की पॉकेट में हाथ डालकर डॉक्टर बख्श की तरफ बढ़ रही थी।

डॉक्टर बख्श ने जैसे ही डॉक्टर इकरा को देखा।

वह अपनी जगह से खड़े हो गए।

मुबारक हो डॉक्टर बख्श।

आपका प्यारा सा बेटा हुआ है।




डॉक्टर इकरा ने मुस्कुराकर, डॉक्टर बख्श की तरफ हाथ बढ़ाते हुए कहा।

थैंक यू वेरी मच डॉक्टर  इकरा डॉक्टर बख्श ने भी अपना हाथ डॉक्टर इकरा के हाथ से मिलाया डॉक्टर बख्श के चेहरे पर एक दिल फरेब मुस्कुराहट आ गई थी।

कंदील कैसी है अब।

डॉ बख्श ने कहा।

बिल्कुल ठीक है वह 10 मिनट बाद हम उसे रूम में शिफ्ट कर देंगे तब आप उससे मिल सकते हैं।

डॉ इकरा ने कहा।

तभी नर्स टॉवल में लपेटकर डॉक्टर बख्श के बच्चे को। डॉक्टर बख्श की गोद में देने लगी।

डॉक्टर बख्श ने देखा डॉक्टर बख्श का बेबी गोलू मोनू सा बहुत प्यारा लग रहा था।

उसको देखकर डॉक्टर बख्श स्माइल करने लगे।

मॉम देखिए कितना प्यारा है ये।

डॉक्टर बख्श उसको मॉम की तरह बढ़ते हुए बोले।

हां सैफ यह बिल्कुल तुम्हारी तरह है।

मॉम ने उसे अपनी गोद में लेते हुए कहा।

मॉम भी बहुत खुश नजर आ रही थी।

कंदील  थैंक यू वेरी मच कंदील।

मुझे इतना प्यारा तोहफा देने के लिए।

जब कंदील को रूम में शिफ्ट कर दिया था।

तो डॉक्टर बख्श कंदील के पास आए और उसका हाथ पकड़ के कहा।

उसके माथे पर किस किया उसको थैंक्स बोला।

मॉम इस वक्त कमरे में मौजूद नहीं थी।

वह किसी काम से रूम से बाहर गई हुई थी।

डॉ बख्श यह बेबी बिल्कुल आप जैसा है।

कंदील ने अपने बगल में लेटे हुए बच्चे को देखकर कहा। डॉक्टर बख्श ने देखा कि कंदील के चेहरे पर इस वक्त खुशी की चमक झलक रही थी।

अरे नहीं कंदील ये तुम्हारी तरह है।

इसकी आंखों देखो बिल्कुल तुम्हारी तरह प्यारी है।

डॉ बख्श ने कहा।

नहीं डॉक्टर बख्श ये बिल्कुल आपके जैसा है।

कंदील ने मुंह फूलाते हुए कहा।

ओके माय डिअर वाइफ तुम्हारी बात मान लेता हूं ।

यह मेरी तरह है।

डॉक्टर बख्श ने कंदील के हाथ पर किस करते हुए कहा।

डॉक्टर बख्श ने देखा कि अचानक से हंसते-हंसते कंदील की हंसी गायब हो गई थी।

क्या हुआ कन्दील तुम उदास क्यों हो गई?

वह लेटी हुई थी डॉक्टर बख्श ने उस के माथे पर हाथ फिराते हुए बोले।

डॉक्टर बख्श आज अगर आगा जान होते। तो इस बच्चे को देखकर बहुत खुश होते हैं।

कंदील ने उदास होते हुए कहा।

कन्दील ऐसी बात नहीं करते  आज अल्लाह ताला ने तुम्हें इतनी बड़ी नेमत से नवाजा है।

तो अल्लाह का शुक्रिया अदा करो।

इस तरह अगर उदास होगी तो अल्लाह को भी बुरा लगेगा। अल्लाह को यही मंजूर  था।

आगा जान की जिन्दगी बस यही तक थी।

  इसलिए पहले ही चले गए। डॉक्टर बख्श कंदील को समझने लगे।

तभी दरवाजे  से डॉक्टर बख्श के डैड की चहकती हुई आवाज आई थी।

और उनके पीछे हवेली के सारे लोग भी आ गए

दोनो ताया अब्बू दोनो ताई अम्मी हाशिम जिल्ले हुमा लाएबा जेबा सबको एक साथ देखकर कंदील बहुत खुश हो गई थी।

माशाल्लाह माशाल्लाह कितना प्यारा बेबी है ताई अम्मा ने अपने हाथ की सोने की रिन्ग से बेबी की नजर उतारते हुए कहा।

नर्स नर्स उन्होंने नर्स को आवाज लगाई नर्स दौड़कर आई जी आपने बुलाया नर्स ने रूम मे आकर कहा।

ये लो तुम्हारा ईनाम ताई अम्मा ने वो सोने की रिन्ग नर्स को देते हुए कहा।

जी शुक्रिया नर्स खुश हो गई थी सोने की रिन्ग मिलने पर।

वो बाहर जाने लगी तो ताया अब्बू ने कहा और बाकी की नर्स को भी भेज देना।

जी सर वो कहकर बाहर निकल गई।

फिर ताया अब्बू ने नोटो की गड्डी लेकिन बेबी की नजर उतारी।

सबने अपनी अपनी किमती चीजो से कंदील के बेबी की नजर उतार कर सब चीजे नर्स और बैड बॉय को दे दी वो लोग बेबी को ढेर सारी दुआए देने लगे थे।

कंदील अपने बेबी के लिए अपनो की मोहब्बत देख रही थी।

उसकी ऑखो से आसू निकल ने लगे।

सब बारी बारी बेबी को अपनी गोद मे ऊठा रहे थे।

सबका कहना था बेबी हू बा हू डॉक्टर बख्श जैसा है कंदील को ये सुनकर बहुत खुशी हो रही थी।

डैड की खुशी को देखकर अन्दाजा लगाया जा सकता था।

कि इस वक्त तो कितने ज्यादा खुश है।

डॉक्टर बख्श ने कंदील का हाथ छोड़ा और दूसरी साइड पर जाकर?

अपने बच्चे को उठाकर अपने दादा की गोद में दे दिया।

सब लोग मुस्कुराकर डॉक्टर बख्श के डैड को देख रहे थे।

माशाल्लाह माशाल्लाह बहुत प्यारा है हमारा पोता

उन्होने बेबी के माथे पर किस करते हुए कहा।

डॉक्टर बख्श की फैमली इस वक्त बहुत खुश नजर आ रही थी।

स्टाफ के सारे डॉक्टर्स ने कंदील और डॉक्टर बख्श को बधाई दी।

कंदील और डॉक्टर बख्श की लाइफ और ज्यादा खूबसूरत हो गई थी उनके बेबी के आने से😇😇😊😊


चार महीने बाद


कंदील बाहर से अपने रूम मे दाखिल हुई सैफ सैफ  कंदील ने आवाज लगाना शुरू की।

इस वक्त कंदील रेड कलर का लॉन्ग सूट पहनी हुई बहुत स्मार्ट लग रही थी।

कंदील की नजर बैड पर लेटे हुए डॉक्टर बख्श और अपने बेबी पर गई।

डॉक्टर बख्श वाईट कलर का लोअर और ब्लैक टी-शर्ट पहने काफी हैंडसम लग रहे थे।

डॉक्टर बख्श बेबी को अपने सीने पर लिटा कर उसे आहिस्ता आहिस्ता थपक रहे थे ।

वो क्यूट सा बाबू डार्क ब्लू कलर की टी-शर्ट  और ओरेंज कलर का शोर्ट निकर पहने बहुत क्यूट लग रहा था।

शीशशीशशीशशीशी   डॉक्टर बख्श ने ऊंगली अपने होठो पर रखकर कंदील को चुप रहने का ईशारा किया।

नही ती बाबू उठ जाता इतनी देर से जो मेहनत डॉक्टर बख्श उसे सुलाने के लिए कर रहे थे ।

सब मेहनत खराब हो जाती।

सो स्वीट, कंदील ने सामने के मन्जर को देखकर हल्के से कहा  कंदील के होठों पर स्माइल आ गई थी ।

यह देखकर केडॉक्टरबख्श किस तरह बेबी को सुलाने की कोशिश कर रहे थे।

कंदील ने अपना मोबाइल उठाया।

और उन लोगों की पिक क्लिक करना शुरू कर

दी।

डॉक्टर बख्श ने ईशारे से कहा बेबी सो गया।

ओ ,के, कंदील ने भी ईशारे से कहा।

डॉक्टर बख्श ने बहुत आराम से बेबी को उसके बिस्तर पर लिटाया।

और खुद कोहनी के बल लेट कर बेबी को देखने लगे।

डॉक्टर बख्श ने हल्के से बेबी के मोटे मोटे गुलाबी गाल पर किस किया।

जैसे ही डॉक्टर बख्श ने उसे किस किया वो नीन्द से जाग गया और रोने लगा।😜😜

ओहहहह यार कंदील इतनी देर मेहनत करने के बाद सुलाया था इसे।

अब ऊठ गया ये डॉक्टर बख्श बोले।

कंदील बैड के दूसरी साइड से बेबी के नजदीक आ चुकी थी।

क्या हुआ बेबी को कंदील ने उसे गोद मे ऊठाते हुए कहा।

कंदील ने जैसे ही उसे गोद मे ऊठाया वो मासूम खिलखिलाकर हंसने लगा☺️☺️☺️☺️

ये चिटिन्ग है बेटा मेरे बहलाने पर तो हसी नही आ रही थी तुम्हे अब अपनी मम्मा के गोद मे लेने से ही हसने

लगे ।

डॉक्टर बख्श उसके गाल को छेड़ते हुए बोले।

हममम हमममम बेबी ने हुन्कारे भरते हुए अपने मुंह को कंदील के सीने मे छुपा लिया।

डॉ बख्श उसकी हरकत देखकर मुस्कुराने लगे

थे।

कंदील मैंने तुमसे कहा था ना यह बिल्कुल तुम्हारे जैसा है। अब खुद देखो उसकी क्यूट हरकते है तुम्हारी तरह हरकतें करता है।

डॉक्टर बख्श ने कंदील के घुटने पर सर रखते हुए कहा।

कंदील आलती पालती मार कर बैड पर बैठी हुई थी।

बेबी को कन्धे से लगाए हुए थी ।

डॉक्टर बख्श कंदील के घुटने पर सर रखे हुए थे।

जी नहीं डॉक्टर बख्श इसकी सारी शरारती मुझे अभी से नजर आती है ,कि आपकी तरह है।

कंदील ने कहा।

कंदील ने फिर बाबू को बैड पर उसके बिस्तर पर लेटा दिया।

हू हू हू  करके बाबू हंस रहा था।

डॉक्टर बख्श और कंदील दोनों उसके इधर-उधर बैठ गए थे। और उससे बातें करने लगे थे।

बाबू  तुम अपनी मम्मा की तरह होना।

डॉक्टर बख्श कोनी से अपनी थोड़ी को टिकाकर अपने बच्चे से बात कर रहे थे।

हू हू  बेबी हंसकर बोला।

देखो माय डिअर वाइफ यह खुद बोल रहा है, कि अपनी मां की तरह है।

अच्छा, कंदील मुस्कुराने लगी।

बाबू आप बिल्कुल अपने पापा की तरह होना।

कंदील अपनी गर्दन हिला कर हंसते हुए बाबू से पूछ रही थी।

हू हू हू बाबू ने इस बार तीन बार हू किया था।

देख लिया आपने डॉक्टर बख्श यह क्या बोल रहा है।

कंदील ने कहा।

इतनी छोटी सी उम्र में बच्चों से जो सवाल किया जाता है ।उसे पर वह हूं ही बोलते हैं।🤣🤣🤣🤣🥰🥰🥰

कंदील मेरी जिंदगी में आने के लिए और मुझे इतना खूबसूरत तोहफा देने के लिए मैं तुम्हारा दिल से शुक्रगुजार हूं।

डॉक्टर बख्श और कंदील दोनों का एक-एक हाथ बाबू के। गाल को टच कर रहा था।

नहीं डॉक्टर बख्श मेरा शुक्रिया अदा मत कीजिए ।

बस  अल्लाह के  शुक्रगुजार रहिए ।

इतनी परेशानी और आफत आने के बाद वजूद भी अल्लाह ताला ने हम लोगों को जुदा नहीं किया।

कभी-कभी मुझे वह लम्हे याद आते हैं जब हम लोग जुदा हो रहे थे।

तो मेरा दिल अंदर से कांपने लगता है।

कंदील ने कहा।

लेकिन अल्लाह को यह मन्जूर नहीं था।

उसे हमे मिलाना था।

मैं तो हर वक्त अल्लाह का शुक्र अदा करती हूं, कि अल्लाह ताला ने मुझे आप जैसा हमसफ़र दिया।

जो इतना प्यार और केयर करने वाला है।

और इतनी बड़ी नेमत इस प्यारे से बच्चे से नवादा।

कंदील ने बाबू के गाल पर किस किया तो बाबू फिर खिलखिलाकर हंसने लगा।

वह दोनों बातें कर रहे थे तो उनका बेबी कभी इधर कभी उधर देख रहा था।

और हू करके बहुत तेज हंस रहा था।

डॉक्टर बख्श और कंदील की लाइफ बहुत खूबसूरत हो गई थी।

दोनो ने ही बढी मुश्किल का सामना किया था।

एक दूसरे की जुदाई को लम्बे टाइम तक बर्दाश्त किया था।

अब डॉक्टर बख्श और कंदील की लाइफ खूबसूरत बन गई थी।

उनके प्यारे से बेबी ने उनकी लाइफ को और खूबसूरत बना दिया था।😇😊😊😊🥰🥰🥰🥰🥰


🌸 इस कहानी से हमें क्या सीख मिलती है?

"राहे बिस्मिल्ल" सिर्फ एक मोहब्बत की कहानी नहीं, बल्कि सब्र, भरोसे, रिश्तों की अहमियत और अल्लाह पर यकीन की कहानी है।

इस कहानी से हमें यह सीख मिलती है कि—

सच्ची मोहब्बत कभी किसी का हक़ नहीं छीनती, बल्कि हर हाल में उसकी हिफाज़त करती है।

रिश्ते ज़बरदस्ती से नहीं, बल्कि भरोसे, इज़्ज़त और मोहब्बत से निभाए जाते हैं।

मुश्किलें चाहे कितनी भी बड़ी क्यों न हों, अगर इंसान सब्र करे और अल्लाह पर यकीन रखे, तो हर अंधेरे के बाद रोशनी ज़रूर आती है।

लालच, धोखा और गलत इरादे कभी भी इंसान को सच्ची खुशी नहीं दे सकते।

अपने वालिदैन, परिवार और अपनों की दुआएँ इंसान की सबसे बड़ी दौलत होती हैं।

इंसान को हर नेमत पर अल्लाह का शुक्र अदा करना चाहिए, क्योंकि वही बेहतर फैसला करने वाला है।

उम्मीद है कि "kandeel" का हर किरदार, हर मोड़ और हर एहसास आपके दिल को छू पाया होगा और आपको कुछ न कुछ अच्छा ज़रूर सिखा गया होगा।

Readers के लिए Thank You Message

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🌸 मेरी प्यारी रीडर्स के नाम...

अल्हम्दुलिल्लाह!

यहीं पर "kandeel" का सफर अपने खूबसूरत अंजाम तक पहुँचता है।

सबसे पहले मैं दिल की गहराइयों से आप सभी का शुक्रिया अदा करना चाहती हूँ। आपने इस कहानी के हर किरदार को अपनाया, उनके दर्द में आँसू बहाए, उनकी खुशियों में मुस्कुराए और शुरू से आखिर तक मेरा साथ निभाया।

एक लेखक के लिए इससे बड़ी खुशी कोई नहीं होती कि उसकी लिखी हुई कहानी किसी के दिल तक पहुँच जाए।

अगर इस कहानी ने आपको मोहब्बत, सब्र, भरोसे और अल्लाह पर यकीन की अहमियत का एहसास कराया है, तो मेरी मेहनत कामयाब हो गई।

आपकी हर दुआ, हर कमेंट, हर प्यार और हर सपोर्ट मेरे लिए बहुत कीमती है। उम्मीद करती हूँ कि आप आगे भी मेरी आने वाली कहानियों को इसी तरह अपना प्यार देते रहेंगे।

आप सभी का दिल से शुक्रिया। ❤️

यहीं पर "राहे बिस्मिल्ल" की कहानी खत्म होती है।

अल्लाह तआला आप सभी को हमेशा खुश, सलामत और अपनी रहमतों में रखे। आमीन। 🤲✨

— आपकी राइटर,

Afsana Wahid ❤️



माई डियर फ्रेंड ये कहानी यहा खत्म होती है🥰🥰🥰


मेरी नई आने वाली कहानी ,,,राहे बिस्मिल्ल,,,




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