डॉ. बख्श और कंदील का एक्सीडेंट करवाने वाली निकली मरियम जमाल | मोहब्बत, नफ़रत और धोखे की दर्दनाक दास्तान
कंदील तुम इन वालिहाना सोचो को अपने जैहन से बिल्कुल निकाल दो।
पागल हो यार तुम ऐसे सोच भी कैसे सकती हो।
कि मैं तुम्हें छोड़कर कहीं चला जाऊंगा?
माय डियर स्वीट वाइफ कंदील अगर मैं तुमसे किसी।
बात के सबब भी जुदा हो गया ना।
तुम्हारे बगैर जी नहीं पाऊंगा।
मुझको ऐसा महसूस होता है जैसे मेरी सांसे तुम मे चलती हो।
डॉक्टर बख्श कंदील के चेहरे को अपने दोनों हाथों से पकड़ कर गौर से देखते हुए बोले।
डॉ बख्श जाने क्यों जब से आगा जान का इंतकाल हुआ है?
तब से मुझे यह बात परेशान करने लगी है, कि जो मुझसे बेइंतहा मोहब्बत करते हैं ।
वह कहीं मुझे छोड़कर ना चले जाए।
कंदील ने अपना सर दोबारा डॉक्टर बख्श के सीने से लगा लिया था।
जब ऐसे बसबसे मन में आए ना।
तो सब कुछ अल्लाह पर छोड़ देना चाहिए कंदील, डॉक्टर बख्श उसके सर को थपथपाने लगे थे।
और अगर इस वक्त तुम अपने दिल में इस तरह की सोचो को जगह दोगी।
तो आने वाले बच्चे और तुम्हारे लिए बिल्कुल अच्छा नहीं होगा कंदील।
डॉक्टर बख्श कंदील को समझ रहे थे।
आज से इस तरह की सोचो को अपने जैहन से झटक दूंगी ,मैं डॉक्टर बख्श कभी अपने माइन्ड में इस तरह की सोचो को जगह नहीं दूंगी।
कंदील डॉक्टर बख्श से बोली।
डॉ बख्श कंदील को बड़े प्यार से गले से लगाए हुए थे ।
कि उनके फोन की रिंग बजने लगी।
फिर उन्होंने कंदील को खुद से अलग करके फोन उठाकर स्क्रीन पर नंबर देखा।
उस नंबर पर कोई नाम सेव नहीं था।
डॉ बक्श ने फोन को रिसीव करके अपने कान से लगाया।
जी हैलो कौन बोल रहे हैं ,डॉक्टर बख्श ने सवाल किया? ऑफिसर आप है।
दूसरी तरफ पुलिस ऑफिसर थे।
जी ठीक है मैं अभी 10 मिनट में पुलिस स्टेशन आता हूं।
डॉ बख्श ने यह कहकर फोन को कट कर दिया था।
क्या हुआ डॉक्टर बख्श एवरीथिंग इस फाइन ना?
कंदील पुलिस स्टेशन का नाम सुनकर थोड़ा घबरा गई थी।
उसने देखा दूसरी तरफ से कुछ ऐसा कहा गया था के डॉक्टर बख्श के चेहरे के तास्सुरात बदल गए थे।म
हां स्वीटहार्ट एवरीथिंग इस फाइन कोई बात नहीं है।
बस किसी केस के सिलसिले में ऑफिसर ने मुझे पुलिस स्टेशन बुलाया है।
डॉक्टर बख्श ने कुछ बात कंदील से छुपाते हुए।
कहा था।
ओके डॉक्टर बख्श कंदील ने कहा।
डॉक्टर बख्श जल्दी-जल्दी अपनी शर्ट पहनते हुए रूम से बाहर निकले थे।
क्योंकि पुलिस ऑफिसर ने उनको ऐसी बात बताई थी ।
जिससे उनके घर पर रुकना नामुमकिन सा हो गया था?
जिस इंसान ने डॉक्टर बख्श और कंदील का एक्सीडेंट करवाया था ।
असल में वह इंसान पुलिस के हत्ते लग गया था।
इसीलिए ऑफिसर ने डॉक्टर बख्श के पास कॉल किया था।
और डॉक्टर बख्श को यह जानकर बहुत ज्यादा हैरानी हो रही थी।
कि वह कोई लड़की थी।
अब डॉक्टर बख्श जल्दी से जल्दी यह देखना चाहते थे।
कि आखिर वह लड़की है कौन जो कंदील को और उनको नुकसान पहुंचाना चाहती थी।
जिसे उन दोनों का एक्सीडेंट करवाया था?
डॉ बक्श अपनी गाड़ी में बैठकर बहुत तेज गाड़ी की स्पीड को चलते हुए।
जल्द से जल्द पुलिस स्टेशन पहुंचाना चाहते थे।
पुलिस स्टेशन की दूरी 25 मिनट की थी, लेकिन बहुत तेज गाड़ी चलाने की वजह से डॉक्टर बख्श वहां पर 15 मिनट में हाजिर हो गए थे।
और वह सीधा उस ऑफिसर के पास पहुंचे थे,
जिसने उन्हें बुलाया था।
और डॉक्टर बख्श की आंखें हैरानी से फटी के फटी रह गई।
जब उन्होंने अपने सामने मरियम जमाल को दिखा।
उन्हें यकीन नहीं हो रहा था कि उनके और कंदील के एक्सीडेंट के पीछे मरियम जमाल का हाथ था।
अहोह तो तुम थी वह शख्स जिसने हम दोनों को एक्सीडेंट करवाया था।
हमें मारने की कोशिश की थी।
वाह मरियम जमाल वाह क्या मोहब्बत निभाई है तुमने।
तुम इतना गिर गई कि तुमने यह भी नहीं देखा?
अपनी मोहब्बत के आगे कंदील को नुकसान पहुंचाऊंगी तो नुकसान मुझे भी होगा।
जवाब नहीं तुम्हारी मोहब्बत का भी हमममम जवाब नहीं।
डॉक्टर बख्श ने मरियम जमाल के आगे ताली बजाते हुए कहा।
और इस वक्त जो मरियम जमाल की हालत थी, वह देखने लायक थी।
क्योंकि डॉक्टर बख्श का जो उस पर भरोसा था, वह टूट चुका था?
जितना भोला और सीधा डॉक्टर बख्श उसे समझते थे ।असल में वह वैसी बिल्कुल नहीं थी।
उसकी असलियत अब डॉक्टर बख्श के सामने खुलकर आ गई थी।
डॉ बख्श मुझे माफ कर दीजिए लेकिन सच में मैं आपसे बहुत ज्यादा मोहब्बत करती हूं।
आपकी मोहब्बत में ही, मैंने यह कदम उठाया था।
मैं कंदील से नफरत करती हूं इसलिए, क्योंकि वह आपकी बीवी है?
और मुझे यह बिल्कुल बर्दाश्त नहीं होता था ।
कि कोई आपके नजदीक रह कर आपको मोहब्बत करें और मैं दूर रहकर आपकी याद में, आपकी मोहब्बत के लिए तड़पू।
मुझे बर्दाश्त नहीं होता था ,डॉक्टर बख्श इसलिए मैंने सोच लिया था ।
कि मैं कंदील को अपने रास्ते से हटा दूंगी।
और जब कंदील रास्ते से हट जाएगी तो आप तो खुद-ब-खुद ही मेरे हो जाएंगे।
मरियम जमाल रोते हुए डॉक्टर बख्श से कह रही थी।
यह तुम्हारी घटिया सोच थी मरियम जमाल।
तुम्हारे रास्ते में कंदील नहीं आई है ,बल्कि कंदील के रास्ते में तुम आई हो।
और उसे तो तुम्हारे बारे में कोई जानकारी ही नहीं है।
और अगर होती भी ना तो मैं इतना जानता हूं।
कि वह तुमसे इतनी नफरत नहीं करती।
इस तरह की सोच रखने वाली इंसान नहीं है कंदील।
भले ही वह मुझे छोड़ कर चली जाती।
यह जानने के बाद कि मैंने तुमसे निकाह किया था।
लेकिन तुम्हें नुकसान के बारे में सोच भी नहीं सकती थी वह।
अचानक से कंदील का सरापा डॉक्टर बख्श की आंखों के सामने लहर गया था।
कहां कंदील का नेचर था ,और कहां इस मरियम जमाल की शख्सियत थी?
दोनों ही एक दूसरे से बिल्कुल जुदा थी।
डॉक्टर बख्श इस गलती को मेरी छोटी सी गलती समझ कर आप माफ कर दीजिए।
आईन्दा में ऐसा कुछ नहीं करूंगी जिससे आपको या आपकी वाइफ को कुछ तकलीफ हो।
मरियम जमाल ने फिर से ड्रामा करना स्टार्ट कर दिया था। ओह शट अप मरियम जमाल।
अपने मगरमच्छ वाले आंसू बचा के रखो।
मुझे अब तुम्हारी किसी भी बात पर यकीन नहीं है।
क्योंकि मैं यह अच्छी तरह से समझ चुका हूं कि तुम किस तरह की इंसान हो?
डॉक्टर बख्श को इस वक्त मरियम जमाल पर बहुत गुस्सा आ रहा था।
इस कहानी से हमें क्या सीख मिलती है?
सच्ची मोहब्बत कभी किसी को नुकसान पहुँचाने की इजाज़त नहीं देती।
जलन और नफ़रत इंसान को गलत रास्ते पर ले जाती है।
भरोसा टूट जाए तो रिश्तों को फिर से जोड़ना बहुत मुश्किल हो जाता है।
हर फैसला गुस्से या जुनून में नहीं लेना चाहिए, क्योंकि उसके नतीजे बहुत खतरनाक हो सकते हैं।
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पुलिस स्टेशन में मरियम जमाल के आँसू लगातार बह रहे थे, लेकिन डॉक्टर बख्श का दिल अब उसके लिए बिल्कुल पत्थर बन चुका था।
तभी पुलिस ऑफिसर ने एक फाइल डॉक्टर बख्श के सामने रख दी।
"डॉक्टर साहब, यह मामला सिर्फ एक्सीडेंट तक सीमित नहीं है... हमें कुछ ऐसे सबूत मिले हैं, जिनसे लगता है कि मरियम जमाल काफी समय से आपकी और कंदील की हर गतिविधि पर नज़र रख रही थी।"
डॉक्टर बख्श की आँखें हैरानी से फैल गईं।
उन्होंने मरियम की तरफ देखा, लेकिन इस बार मरियम ने अपनी नज़रें झुका लीं।
क्या मरियम जमाल ने सिर्फ एक्सीडेंट ही करवाया था... या उसके पीछे कोई और बड़ा राज़ भी छुपा था?
जानने के लिए पढ़िए कहानी का अगला हिस्सा...
Readers ke liye Shukriya SMS
मेरे प्यारे रीडर्स, आप सबकी मोहब्बत, दुआओं और सपोर्ट का दिल से शुक्रिया। आपके हर कमेंट और हर इंतज़ार से लिखने का हौसला मिलता है। उम्मीद है कि आपको कहानी का यह हिस्सा पसंद आया होगा। अपना प्यार और सपोर्ट ऐसे ही बनाए रखिए। बहुत-बहुत शुक्रिया! ❤️📚
आपकी अपनी,
अफ़साना वाहिद ✍️



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