“Doctor Samir Ka Jaal – Jab Pyaar Ek Khatarnak Saazish Ban Jaye”
कंदील डॉक्टर समीर का फोटो देखकर हैरान हो रही थी।
उस को बहुत हैरानी हो रही थी उसका फोटो देखकर
कंदील को नहीं पता था यह नई चाल चल सकता है वह शख्स।
उसने उसकी भोली भाली बहन को अपने प्यार के जाल में फसाया था।
लाएबा यह शख्स ठीक नहीं है दूर रहो तुम उससे मैं तुमसे बोल रही हूं।
यह तुम्हारे दिल के साथ खेल रहा है इसे कोई तुमसे प्यार व्यार नहीं है।
कंदील लाएबा को समझाने लगी।
नहीं कंदील ऐसा नहीं है यह शख्स बहुत अच्छा है।
बहुत भरोसा है मुझे इस पर।
लाएबा को उस शख्स के मुताल्लिक सुनना अच्छा नहीं लग रहा था।
अब कंदील उसको कैसे डॉक्टर समीर की हरकतों के बारे मे बताती?
वह तो उसकी बात मानने को ही तैयार नहीं थी।
लाएबा मैं इसको कई सालों से जानती हूं ।
और इससे मेरी पहले बहुत अच्छी दोस्ती और बॉन्डिंग थी।
तो मुझे भी ऐसा लगता था यह शख्स बहुत अच्छा इंसान है।
लेकिन इसने अपने ऊपर खोल चढ़ा रखा था।
हकीकत में इससे गिरा हुआ इंसान कोई नहीं है।
कंदील लाएबा से बोल रही थी।
वाह कंदील वाह कमाल कर दिया तुमने।
लाएबा दोनों हाथों से ताली बजाते हुए।
तन्ज भरे लहजे में कंदील से बोली।
यहां भी तुम मेरे बीच में आ गई।
लाएबा ने कहा।
क्या मतलब लाएबा मैं तुम्हारे बीच में आ गई?
कंदील लाएबा की बातों का मतलब नहीं समझी थी।
मतलब यह कंदील के जब डॉक्टर बख्श के लिए मेरा रिश्ता आया था।
उस वक्त भी तुम बीच में आ गई थी
डॉक्टर बख्श ने तुम्हें देखा तो मुझसे शादी करने से इनकार कर दिया।
जबकि डॉक्टर बख्श पहले मुझसे शादी करने के लिए बिल्कुल तैयार थे।
मम्मा ने उनसे पहले उनकी राय मालूम कर ली थी ।उन्होंने मेरा फोटो भी देख लिया था।
लेकिन फिर तुम सामने आ गई ,उनकी नजर तुम पर पड़ गई।
और उन्होंने मुझसे शादी करने से इनकार कर दिया।
और आज भी जब मैं इस शख्स के मुतालिक तुमसे बात कर रही हूं।
तो तुम कह रही हो कि तुम पहले से जानती हो समीर को ।
यू नो व्हाट कंदील।
कि तुम मुझे कभी खुश देखना ही नहीं चाहती हो।
लाएबा कंदील से कह रही थी।
लाएबा की आंखों में आंसू आ गए।
लाएबा कैसी बातें कर रही हैं तुम।
सब कुछ अच्छी तरह से जानती हो फिर भी ऐसा बोल बोल रही हो तुम।
डॉक्टर बख्श से मैं हरगिज शादी नहीं करना चाहती थी।
इस बात से भी तुम वाकिफ हो।
और डॉक्टर बख्श ने किस हद तक मेरा पीछा किया था।
यह बात भी तुम से बेहतर कोई नहीं जानता है।
आज लाएबा तुम ऐसी बात कर रही हो ,आई कांट बिलीव इट।
के तुम ने मुझे इतनी छोटी सी सोच का मालिक समझा? कंदील का गला रून्ध गया था।
वह तो कभी सपने में भी यह बात नहीं सोच सकती थी ।
की लाएबा उसके लिए ऐसी बात सोच सकती है।
मै तुमसे बड़ी हूं कंदील लेकिन अभी तक मेरी शादी नहीं हुई है।
शादी तो क्या? अब मेरे रिश्ते भी नहीं आते हैं।
कंदील ने पहली बार महसूस किया था कि लाएबा की आवाज में बहुत दर्द था।
लेकिन, इन सब बातों में कहीं से कहीं तक कन्दील की कोई गलती नहीं थी।
और कंदील तो स्टार्टिंग से ही यही चाहती थी।
डॉक्टर बख्श लाएबा से शादी कर ले।
मगर डॉक्टर बख्श को कंदील के अलावा किसी से शादी ही नहीं करनी थी।
सॉरी लाएबा तुम्हें लगता है ना कि मै तुम्हारी लाइफ के बीच में आ रही हूं।
तो ठीक है तुम्हारी जैसी मर्जी हो तुम उस काम को करो मैं तुमसे कुछ नहीं कहूंगी।
लेकिन हां एक लास्ट वार्निंग दे रही हूं तुम्हें।
कि यह शख्स तुम्हारा यूज कर रहा है।
और बहुत हद तक नीचे गिरा हुआ इंसान है यह।
कंदील ने कहा।
लाएबा कंदील की बात सुनकर, मुंह बनाती हुई कंदील के रूम से बाहर निकल गई थी।
कंदील लाएबा को जाते हुए देख रही थी।
कंदील के दिमाग में यह बात आ रही थी।
जिस शख्स को वह बचपन से अपनी सारी बात बताती थी सब कुछ शेयर करती आई थी।
उसके दिल और दिमाग में कंदील के लिए यह बाते थी ।
जो आज जाहिर हो गई।
मतलब वह डॉक्टर बख्श को पसंद करती थी।
और बीच में कंदील आ गई थी।
लाएबा के अल्फाज कंदील के कानों में गूंज रहे थे।
कंदील को रह रहकर अफसोस हो रहा था ।
लाएबा की कन्दील बारे में यह राय कायम कर
रखी थी।
डॉ समीर कितने चीप इंसान हो तुम।
इस दर्जे की घटिया हरकत की है तुमने।
इतना गिर जाओगे तुम।
मुझे नहीं पता था।
कंदील फोन पर डॉक्टर समीर से कह रही थी।
हाहाहाहाहाहा
बेबी क्या हुआ क्या किया मैने।
डॉ समीर बेशर्मो की तरह हंसते हुए कंदील से बोला।
तुम अच्छी तरह से जानते हो कि तुमने क्या किया?
और मेरा इशारा किस बात पर है।
कंदील का दिल कर रहा था ,कि फोन में घुसकर उसके मुंह पर तमाचे मारे।
ओहह तो तुम्हारी बहन ने तुम्हें सब कुछ बता दिया।
ग्रेट
वैसे कंदील तुम्हारी बहन बहुत बड़ी बेवकूफ है।
डॉ समीर कंदील से कह रहा था।
तुम्हारी इतनी गिरी हुई हरकत करने की वजह क्या है।
डॉक्टर समीर? क्या चाहते हो तुम?
कंदील ने कहा।
मेरी चाहत तो तुम हो कंदील वो बेगैरती का सुबूत देते हुए बोला।
शेट यौर माऊथ डॉक्टर समीर कंदील को उसकी बात पर गुस्सा आया था।
सीधी बात कहो डॉक्टर समीर कंदील बोली।
मैं क्या चाहता हूं ये तुम बहुत अच्छी तरह से जानती हो कंदील?
और मैं ये जानता हूं जिसको मैंने मोहरा बनाकर चाल खेली है।
वह तुम्हें मात दे ही देगी।
हाहाहाहाहाह।
समीर जानवरों की तरह हंसने लगा।
बंद करो अपनी शैतानी हंसी और सीधा लाइन पर आओ। उसकी हंसी कंदील के कानों में इस वक्त किलो की तरह चुभ रही थी।
ओहहहहहह,, मेरी बेबी कितनी समझदार हो ना तुम
जो डायरेक्ट अपनी बात पर आ गई।
डॉ समीर ने कन्दील से कहा।
मै तुमसे मिलना चाहता हू ,एक बार कंदील बस एक बार
डॉक्टर समीर ने कहा।
ठीक है मै तय्यार हू तुमसे मिलने के लिए
कंदील ने कहा।
कहा मिलना है मुझे कन्दील बोली।
मेरे घर पर समीर ने कहा
ठीक है मुझे मिलना पढ़ेगा तुमसे।
कंदील ने कहकर फोन को काट दिया।
हां बेबी तुम्हें मिलना पड़ेगा मुझसे।
क्योंकि जब तक तुम मुझसे नहीं मिलेगी?
मेरी वह फीलिंग तुम्हारे लिए खत्म ही नहीं होगी।
फोन कट होने के बाद समीर फोन को देखकर बोल रहा था।
एक बार तुम मुझे मेरे घर पर मिल जाओ, डॉक्टर कंदील जफर।
फिर देखना मेरी यह मुलाकात तुम्हें जिंदगी भर याद रहेगी।
और बदला लेना है मुझे उस डॉक्टर बख्श से भी।
उसने सारे हॉस्पिटल के सामने मेरी इंसल्ट की थी।
लेकिन वाह कंदील तुमने मेरी, इतनी बड़ी परेशानी को यू सॉल्व कर दिया।
समीर ने चुटकी बजाते हुए कहा।
एक तो तुझसे मिलने की लगन कंदील हाए।
समीर आहे भारता हुआ बोला।
फिर डॉक्टर बख्श से बदला लेना।
यह दोनों काम एक साथ हो सकते हैं।
हाहाहाहाहाह
वह शैतानो की तरह हंसने लगा।
इस कहानी में आगे क्या हो सकता है?
आगे कहानी तीन खतरनाक दिशाओं में जा सकती है:
समीर का असली चेहरा धीरे-धीरे सामने आएगा —
वह कंदील को एक जाल में फँसाना चाहता है ताकि
डॉक्टर बख्श से बदला ले सके
और लाएबा को भावनात्मक रूप से बंधक बनाकर उस पर काबू रख सके
लाएबा को धीरे-धीरे एहसास होगा कि समीर उसका इस्तेमाल कर रहा है,
और जब सच्चाई सामने आएगी,
तब सबसे बड़ा भावनात्मक विस्फोट होगा —
दो बहनों के बीच और समीर के खिलाफ।
🕯️ इस कहानी से हमें क्या सीख मिलती है
हर मीठी बात मोहब्बत नहीं होती।
जो आदमी किसी औरत को “मोहरा” बना सकता है,
वह किसी का सगा नहीं होता।
जलन और असुरक्षा इंसान को अपने ही अपनों का दुश्मन बना देती है।
जो चेतावनी देता है, वही अक्सर सबसे ज़्यादा परवाह करता है।
✨ अगला छोटा हिस्सा
– “समीर का घर”
कंदील रात के अंधेरे में अपनी गाड़ी से उतरकर
समीर के घर के सामने खड़ी थी।
उसका दिल बार-बार कह रहा था —
“यह जगह ठीक नहीं है।”
दरवाज़ा खुला हुआ था।
अंदर से हल्की पीली रोशनी आ रही थी।
जैसे ही उसने एक कदम अंदर रखा,
समीर की आवाज़ गूंजी…
“वेलकम, डॉक्टर कंदील…
तुम मेरी ज़िंदगी का सबसे खूबसूरत जाल हो।”
उस पल कंदील को एहसास हुआ —
वह यहाँ बात करने नहीं,
बल्कि किसी बड़ी साज़िश का हिस्सा बनने आई है…
💌रिडर्स के लिए एस एम एस
“इस कहानी के हर शब्द में आपका साथ महसूस होता है।
आप पढ़ते रहिए —
क्योंकि हर पाठक किसी लेखक की हिम्मत होता है।
दिल से धन्यवाद ❤️”
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