“बिना मर्ज़ी के रिश्ते: कंदील की ज़िंदगी का सबसे मुश्किल फैसला”

 



Kandeel ka hashim per gussa


कंदील के लिए दिन-ब-दिन मुश्किलें बढ़ती ही जा रही थी। और उन मुश्किलों से निकलने का कंदील को कोई रास्ता नजर नहीं आ रहा था। 

कंदील के लिए ये खबर हैरान और परेशानी करने वाली थी?

कंदील को पता चला था, कि आगा जान उसकी शादी हाशिम के साथ करवाना चाहते हैं।

कंदील को यह बात सुनकर बहुत गुस्सा आ रहा था ।

की आगा जान ने बिना उसकी मर्जी जाने उसका रिश्ता हाशिम के साथ जोड़ दिया था।

आगा जान से वह कुछ बोल नहीं सकती थी।

इसलिए वह सीधा हाशिम के रूम के  बहार आ कर दरवाजा खटखटाना लगी।

कौन है  अंदर से हाशिम की आवाज आई।

मैं हूं कंदील।

दरवाजा खोलिए।

कंदील ने हुक्म भरे लहजे मे  कहा ।

हाशिम ने दरवाजा खोल दिया। 

और ऊपर से नीचे तक सवालिया नजरों से कंदील को देखने लगा।

कंदील के माथे पर बाल बड़े हुए थे।

हाशिम को समझने में देर नहीं लगी कि वह इस वक्त गुस्से में है।

जी फरमाइए मोहतरमा क्या काम है आपको मुझसे? 

हाशिम ने कहा।

आप को तो पता होगा आगा जान के नए फैसले के बारे में।

कंदील बोली।

कौन सा फैसला? 

हाशिम ने कहा। 

आप जानते नहीं हो, या नहीं जानने का नाटक कर रहे हो। कंदील को न जाने क्यों इस वक्त हाशिम पर ही गुस्सा आ रहा था है?

क्या बदतमीजी है।

मुझे नहीं पता आगा जान के फासले के बारे में।

और मैं क्यों नाटक करूंगा?

हाशिम को कंदील की बात बुरी लगी थी।

कमाल की बात है ना ,हवेली के सारे लोग इस बात से वाकिफ है और आपको तो पता ही नहीं।

की आगा जान का क्या फैसला है?

कंदील ना जाने क्यों हाशिम के सामने पहेलियां बुझा रही थी?

आपको जो कहना है साफ-साफ कहिए मोहतरमा।

आपकी मोटी मोटी बातें मेरे दिमाग में नहीं आ रही है।

हाशिम उक्ताते हुए बोला।

लंबे चौड़े हाशिम के सामने कन्दील बिल्कुल छोटा बच्चा लग रही थी।

आगा जान आपकी और मेरी शादी करना चाहते हैं।

कंदील ने कहा।

तो, हाशिम के मुंह से निकला ।

तो, तो क्या मतलब आपको कोई प्रॉब्लम नहीं है।

मुझसे शादी करने में?

कंदील को उसके, तो करने पर हैरानी हो

रही थी।

इसमें हैरानी की क्या बात है ,आप एक लड़की हो और मैं एक लड़का हूं।

तो शादी तो करनी है दोनों को?

आगा जान ने सोचा होगा ,कि आपस में ही कर देते हैं। हाशिम जानबूझकर यह बात बोल रहा था।

ताकि वह कंदील को चिढ़ा सके।

मुझे नहीं करनी आपसे शादी। 

कंदील ने गुस्से में अपनी पीठ मोड़ते हुए कहा।

और इस तरह पीठ मोड़ने पर।

हाशिम को हंसी आ रही थी।

अरे आपको मुझसे शादी क्यों नहीं करनी है ।

देखिए क्या बुराई है मुझ में?

काफी स्मार्ट हैंडसम, और गुड लुकिंग ,नजर आता हूं। 

वो कंदील के सामने आता हुआ बोला।

जानती हूं मैं, के आप मे सारी क्वालिटी मौजूद है?

मगर मैं आपसे शादी नहीं कर सकती, हाशिम साहब। 

कंदील बोली।

अरे यार कंदील ऐसा मत करो नहीं तो मेरा दिल टूट जाएगा।

हाशिम ने अपने दिल पर हाथ रखकर  एक्टिंग करते हुए कहा।

हाशिम आप जानते हो मै मेरिड हू

कंदील ने कहा।

व्हाट हाशिम चौकते हुए बोला।

कब हुई तुम्हारी शादी।

आगा जान से बोल दीजिए ,कि आप मुझसे शादी नहीं करना चाहते हैं बस। 

कंदील ने हाशिम से कहा। 

मैं क्यों बोलूं  आगा जान से के मुझे आपसे शादी नही करनी है  कंदील?

यह आपकी लाइफ है आप भी मना कर सकती हो के आपको मुझसे शादी नहीं करनी है?

हाशिम ने कहा।

और जब आप शादीशुदा हैं तो आगा जाना आपकी शादी मुझसे क्यों करवाना चाहते हैं?

हाशिम को अपने सवाल का जवाब चाहिए था।

ओ के,मत मना किजिए आप मुझे ही कुछ करना पढ़ेगा

कंदील जाने लगी।

कंदील रूको। 

हाशिम  उसे पीछे से आवाज लगाते हुए कहा।

अगर पूरे मसले के बारे में मुझे जानकारी ही नहीं होगी। 

तो मैं आगा जान से किस चीज पर मना करूंगा।

कि मुझे तुमसे शादी नहीं करनी। 

पहले तुम्हें मुझे पूरी बात बतानी पड़ेगी।

हाशिम ने कंदील से कहा।

कंदील ने तिरछी निगाह करके हाशिम

की तरफ देखा।

कंदील ने डॉक्टर बख्श की शादी से लेकर डाइवोर्स पेपर तक की सारी बात हाशिम को बता दी।

मतलब आगा जान ने बिना तुम्हारी मर्जी के डायवर्स पेपर पर साइन करवा लिए।

हाशिम ने कहा।

उसमें गलती मेरी ही थी, हाशिम मैंने ही सारे पेपर्स को ठीक से नहीं पड़ा।

कंदील ने अपनी गलती मानते हुए कहा।

तुम डॉक्टर बख्श के पास वापस जाना चाहती हो कंदील  राइट न। 

हाशिम ने कंदील के चेहरे को गौर से देखते

हुए कहा।

कंदील ने खामोश होकर अपने सर को नीचे झुकी लिया

हाशिम डॉक्टर बख्श ने सब कुछ खत्म कर दिया।

कंदील की ऑखो से ऑसू निकलने लगे थे।

कंदील शादी बच्चो का खेल नही जो खत्म कर दिया जाए ।

हाशिम ने पहली बार कंदील की आंखों में आंसू देखे थे।

हाशिम  डॉक्टर बख्श को मेरी बात पर बिल्कुल यकीन नहीं है।

उन्हे लगता है मैंने आगा जान के साथ मिलकर उनके साथ धोखा किया था।

कंदील ने कहा।

हाशिम मेरी लाइफ का नहीं पता आगे क्या होगा।

क्या नहीं? 

अब मैं और डॉक्टर बख्श कभी नहीं मिल सकते।

हम लोगों में बहुत बड़ी दूरियां बन गई है।

कंदील के साथ की गई डॉक्टर बख्श की जबरदस्ती का सीन किसी फिल्म की तरह कंदील के सामने फिर से लहरा गया था।

जिससे उसके जख्म दोबारा हरे हो गए थे।

बट मैं यह चाहती हूं, कि आप आगा जान से मना कर दे के आप मुझसे शादी नहीं करना चाहते हैं?

कंदील ने  रिक्वेस्ट भरें अंदाज में हाशिम से कहा।

कंदील अगर तुम नहीं भी कहती, तब भी आगा जान से मै इस शादी के लिए इन्कार कर देता। 

क्योंकि मैं किसी और से शादी करना चाहता हूं?

जिल्ले हुमा का खूबसूरत।

सरापा हाशिम के सामने लहराने लगा।

आपको आपकी आने वाली जिन्दगी की खुशिया मुबारक हो।

कंदील ने मुस्कुरा कर हाशिम की तरफ हाथ बढ़ाते हुए कहा।

शुक्रिया कंदील।

हाशिम ने भी हाथ बढ़ाने में देर नहीं की।

कांदिर अगर तुम चाहो तो मैं तुम्हारी मदद कर सकता हूं।

डॉ बक्श और तुम्हारी लाइफ में जो भी मिसअंडरस्टैंडिंग  हो गई है।

आगा जान की वजह से।

उसे मैं क्लियर कर सकता हूं। 

हाशिम ने कहा। 

नहीं हाशिम अब सब कुछ खत्म हो गया है।

बात हद से आगे बढ़ गई है। 

हम दोनों अलग हो चुके हैं चाहे किसी गलतफहमी के सबब  क्यों ना हुए हो?

हमारा मिलना नामुमकिन है, कंदील ने कहा।

  कंदील फिर से सोच लो क्योंकि यह तुम्हारी 

लाइफ है? 

सिर्फ एक गलतफहमी की वजह से तुम अपना रिश्ता खत्म मत करो कंदील। 

हाशिम कंदील को समझा रहा था।

वो हाशिम को क्या बताती  कि डॉक्टर बख्श ने उसे समझाने का मौका ही नहीं दिया था? 

अगर डॉक्टर बख्श वो घिनौनी हरकत ना करते।

तो कंदील बार-बार उन्हें समझती। 

लेकिन उस एक हरकत ने कंदील को डॉक्टर बख्श से बहुत दूर कर दिया था।

कंदील उनसे बहुत दूर हो गई थी।

मै चलती हू हाशिम साहब कुछ काम है जरूरी।

कंदील ने कहा ।

और हाशिम के पास से चली गई ।

हाशिम आगा जान के बारे मे सोचने लगा।

वह जैसा आगा जान को समझता था, आगा जान बिल्कुल भी वैसे नहीं थे।

उसके मन में आगा जान के लिए एक जेंटलमैन की इमेज क्रिएट थी।

लेकिन आगा जान तो उससे उलट ही थे। 

वह हिटलर से काम नहीं थे। 

उन्होंने अपनी जिंदगी में बहुत गलत गलत फैसले किए थे। जिसको करके उन्हें सुकून नहीं मिला था।

तो अब दोबारा फिर वह अपनी हरकत दोहरा रहे थे। 

लेकिन इस बार उनकी हरकत कामयाब नहीं होने वाली थी।

हाशिम ने सोच लिया था आगा जान को मुह तोड़ जवाब देना है।

वो ना अपने साथ गलत होने देगा 

और ना कन्दील के साथ। ।





✨ Next Short Part 

“आगा जान — जिनका फैसला अब चुनौती बनने वाला था”

कंदील के जाते ही हाशिम देर तक उसी जगह खड़ा रहा।
उसके कानों में अब भी कंदील की टूटी हुई आवाज़ गूंज रही थी।

“हमारा मिलना नामुमकिन है…”

हाशिम की मुट्ठियाँ अनजाने में भींच गईं।
उसे पहली बार एहसास हुआ कि यह सिर्फ एक शादी का मामला नहीं था —
यह एक लड़की की ज़िंदगी थी, जिसे बार-बार फैसलों की भेंट चढ़ाया जा रहा था।

उस शाम आगा जान ड्राइंग रूम में बैठे थे।
चेहरे पर वही सख़्त रौब।

हाशिम ने सलाम किया —
लेकिन इस बार झुके बिना।

“आगा जान, मैं कंदील से शादी नहीं करूंगा।”

कमरे में सन्नाटा छा गया।

आगा जान की आंखों में हैरानी थी…
और हाशिम की आंखों में फैसला।

यह पहली बार था
जब किसी ने आगा जान के फैसले के सामने
ना कहा था।

और कंदील —
अपने कमरे में बैठी, पहली बार खुद के लिए दुआ मांग रही थी।


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